हैलो दोस्तों कैसे हो आप सब कानपुर स्टेशन पर मिली एक आंटी की गांड का मजा मैंने उनके घर जाकर कैसे लिया पढ़े इस chudai kahani में ट्रेन में आंटी से दोस्ती हो गयी थी और थोड़ा मजा मैंने ट्रेन में ले लिया था
Sexy Aunty Ki Chudai Ki Kahani
मेरे chudai kahani com के दोस्तो मैं आप लोगों के साथ अपनी chudai ki kahani शेयर करने जा रहा हूं
जब मैं ग्रेजुएशन कर रहा था उसी बीच मैंने एक सरकारी नौकरी के लिए एग्जाम दिया था मैं उसका एग्जाम देने कोलकाता गया था जब मैं पेपर देकर वापस आया तो मैंने हावड़ा से दिल्ली के लिए टिकट ली हुई थी मैं ट्रेन में बैठ गया
मेरा सफर मस्ती से चल रहा था जैसे ही मेरी ट्रेन ने बिहार को क्रॉस किया और मैं यूपी में घुसकर यूपी के कानपुर के पास आया तभी ट्रेन की गति धीमी हो गई ट्रेन इधर रुक गई इस ट्रेन का आखिरी स्टेशन कानपुर ही था
मैं कानपुर स्टेशन पर उतर गया मुझे काफी भूख भी लग रही थी क्योंकि मैं बिना कुछ खाए पिए कोलकाता से दिल्ली के लिए चला था
जैसे ही मैं कानपुर स्टेशन पर उतरा तो मुझे काफी सारी दुकानें दिखी आप लोगों ने देखा होगा स्टेशन के पास चाय कॉफी की दुकानें बनी रहती हैं तो मैं पास में ही एक दुकान पर चला गया मैंने वहां से एक चाय ली और चाय पीने के लिए वहीं पड़ी एक कुर्सी पर बैठ गया
वहां पर काफी भीड़ थी बहुत यात्री जाने के लिए बैठे थे मैं चाय पीते पीते इधर उधर घूमने लगा उसमें से एक आंटी मुझे दिखी वह बहुत गोरी और लंबी थीं उनकी गांड एकदम बड़ी बड़ी अलग से दिख रही थीं
उनकी भी नजर मेरे पर पड़ी और वे मुझे देख कर ना जाने क्यों मुस्कुरा दीं मैंने भी हल्की सी मुस्कान बिखेर दी और कुर्सी पर चाय पीते हुए बैठ गया
आंटी भी शायद अकेली थीं वे भी घूमते हुए वहीं एक कुर्सी खाली थी वहीं पास में बैठ गई उन्होंने मुझसे पूछा- बेटा यहां दिल्ली के लिए अभी कोई ट्रेन है?
मैंने बताया कि हां आंटी अभी आएगी
थोड़ी देर में उन्होंने मुझसे पूछा- आपको कहां जाना है?
मैंने बताया- मैं आंटी पेपर देकर आ रहा हूं मुझे भी दिल्ली जाना था
आंटी बोलीं- आप किस ट्रेन से जाओगे?
मैंने कहा- देखता हूं जो भी मिल जाए
आंटी बोलीं- मैं अकेली हूं और पहली बार ट्रेन से दिल्ली के लिए जा रही हूं तो जिस ट्रेन से आप जाओ मुझे भी बता देना मैं भी उसी ट्रेन से चली जाऊंगी
मैंने कहा- ठीक है आंटी आप मेरे साथ चले चलना
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आंटी ने कहा- ठीक है
फिर वो आंटी बैठ गई और चाय पीने लगीं हम में दोनों बात करने लगे जैसे ही एक ट्रेन आने का अनाउंसमेंट हुआ
मैंने कहा- चलो आंटी ट्रेन आ रही है हम उसी में बैठते हैं
आंटी ने कहा- ठीक है मेरा बैग आप पकड़ लो
मैंने आंटी का बैग उठा लिया
ट्रेन आई तो आंटी चढ़ने लगीं और बोलीं- पहले मैं ट्रेन में चली जाती हूं
मैंने उनको सहारा दिया और वे ट्रेन में चढ़ गई
अंदर आंटी एक सीट पर बैठ गई मैं भी उनका बैग लेकर उनके पीछे पीछे आ गया और मैं भी बैठ गया हम दोनों पास पास ही बैठे हुए थे और भीड़ भी काफी थी हम दोनों को जैसे तैसे ही सीट मिल पाई थी
फिर 10 मिनट बाद ट्रेन चली थोड़ी देर बाद शाम हो गई अब करीब 9 बज गए थे ट्रेन में लाइट भी बंद हो गई थी
मैंने आंटी को टच किया तो उन्होंने कुछ नहीं बोला मैंने आंटी की जांघ पर हाथ रख दिया अब भी आंटी ने कुछ नहीं कहा फिर मैंने अपने हाथ की एक उंगली से आंटी की जांघ को कुरेद सा दिया
आंटी ने सिसकारी ले ली मैं समझ गया कि मामला फिट है आंटी जल्दी ही गरम हो जाएंगी अगर मैंने दोबारा फिर से कुछ किया
अब मैंने आंटी से पूछा- आंटी आपके घर में कौन कौन रहता है?
आंटी ने बताया कि वो रहती हैं और उनके पति और 2 छोटे बच्चे हैं दोनों बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं
मैंने हम्म कहा
फिर आंटी ने बोला- आप दिल्ली में कहां रहते हो?
मैंने आंटी को जहां मैं रहता हूं वहां का एड्रेस बताया कि मैं दिल्ली में यहां पर रहता हूं
आंटी ने मेरे से बोला- अरे मैं भी आपके पास ही रहती हूं आपके बगल में जो कॉलोनी है उसी में
आंटी ने कॉलोनी का नाम बताया मैं समझ गया कि ये तो बिल्कुल पास का ही पता है हम दोनों हंसने लगे
मैंने आंटी की जांघ सहलाते हुए कहा- आंटी यह तो बहुत अच्छी बात है हम लोग मिल गए हैं और आप भी मेरे पास ही रहती हो क्या हम लोग दोस्त बन सकते हैं?
आंटी मेरे बात का मतलब समझ गई उन्होंने कहा- हां बिल्कुल बन सकते हैं आप ने मेरी मदद भी की है
मैंने आंटी को बोला- अरे आंटी ऐसी कोई बात नहीं है ये तो मेरा फर्ज था मैं तो ऐसा करता ही रहता हूं
आंटी ने भी हंस कर कहा- ठीक है इस मदद को चैक करना पड़ेगा अब तो हमारा स्टेशन आ ही गया है अब चलते हैं
मैंने आंटी से बोला- आंटी अब तो रात हो गई 11 बज चुके हैं आप क्या करोगी आप थक भी गई होंगी थोड़ी देर आराम कर लीजिए
आंटी ने कहा- नहीं नहीं मेरे हस्बैंड आ जाएंगे
मैंने पूछा- कब आएंगे?
आंटी ने बताया- वह बच्चों को लेकर दादा दादी के यहां पर गए हैं परसों आएंगे
मैंने पूछा- आंटी क्यों ना आप मेरे रूम पर चलो या मैं आपके रूम पर चले चलता हूं
आंटी ने कहा- ठीक है आप मेरे घर चलो वहीं कुछ बातें करेंगे
आंटी भी खुल चुकी थीं हम दोनों आंटी के घर चल दिए और घर में बैठ कर बिस्तर पर कुछ ऐसे ही इधर उधर की बातें करने लगे
मैंने पूछा- आंटी आप तो बहुत गर्म लग रही हो आपके हस्बैंड इतने दिन तक बाहर रहते हैं
आंटी ने बोला- नहीं नहीं बाहर नहीं रहते वह दादा दादी के यहां पर गए हैं बच्चों को लेकर बस 2 दिन बाद आ जाएंगे
मैंने बोला- आंटी तब तक आप अकेली रहोगी?
आंटी ने बोला- अकेली कहां हूं अब तुम आ गए हो ना
इतना कहते हुए वो मेरे ऊपर झुक सी गई उसी समय मैंने आंटी को गर्दन पर किस कर दिया
आंटी ने एकदम आह भरी और बोलीं- बहुत जोर से करो
आंटी अब इतनी अधिक खुल चुकी थीं और बहुत प्यारी लग रही थीं
मैंने कहा- आंटी आप चिंता मत करो मैं आपको अभी मस्त कर देता हूं
मैं उठा और आंटी की गर्दन पर किस करने लगा और उनके कान में जीभ डाल कर चाटने लगा
थोड़ी देर बाद आंटी बहुत गर्म हो गई और वह मेरा लंड पकड़ रही थीं
मैंने कहा- आंटी रुको तो सही मैं आपको चोद दूंगा हमारे पास सारी रात है आप चिंता मत करो इतनी जल्दी क्या है
आंटी ने कहा- अब रुका नहीं जाता जल्दी से एक बार कर दो
मैंने कहा- नहीं आंटी पूरी रात पड़ी है पूरा मजा तो लेने दो
आंटी बोलीं कि ठीक है
अब मैं खड़ा हुआ और आंटी को भी खड़ा कर दिया मैं उनकी साड़ी खोलने लगा
मैं आपको एक बात बताना भूल गया कि आंटी की उम्र 45 साल की रही होगी लेकिन वो देखने में 30-32 से ज्यादा की नहीं लग रही थीं
आंटी की गांड बहुत मोटी और चौड़ी थी स्टेशन पर तो उनकी भरी पूरी गांड ही देखकर मेरे मुंह में पानी आ गया था मुझे तो ऐसा लग रहा था कि इनको अभी ही गिराकर इनके ऊपर चढ़ जाऊं इनकी गांड में जीभ डाल दूं और चाटने में लग जाऊं
मैंने आंटी की साड़ी उतारने के बाद उनका पेटीकोट उतारा जैसे ही मैंने पेटीकोट उतारा और देखा तो पाया कि उन्होंने नीचे पैंटी ही नहीं पहन रखी थी ऊपर ब्लाउज को ध्यान से देखा तो आंटी ने ब्रा भी नहीं पहनी हुई थी
फिर मैंने उनका ब्लाउज उतारा अब आंटी मेरे सामने बिल्कुल नंगी हो गई थीं आंटी खुद को मेरे सामने नंगा पाकर एकदम से शर्माने लगीं
मैंने आंटी से कहा- आंटी आप शरमाओ मत यार आप खुलकर मजा करोगी तो ज्यादा अच्छा लगेगा
आंटी ने मेरे सीने पर हाथ फेरते हुए कहा- ठीक है
लेकिन आप भी नंगे हो जाओ तो हम दोनों बराबर हो जाएंगे कोई दिक्कत भी नहीं होगी और मुझे शर्म भी नहीं लगेगी
मैंने कहा- आंटी आप ही खुद ही उतार दो ना
आंटी ने पहले मेरा पैंट उतारा और अंडरवियर उतारा आंटी ने जैसे ही मेरा 8 इंच लंबा और काला मोटा लंड देखा वो एकदम से घबरा गई और पीछे हट गई
आंटी बोलीं- बाप रे इतना बड़ा यह तो मैं कभी नहीं घुसवा पाऊंगी मैं तो बस इसको चूस ही सकती हूं ये चूत में नहीं घुसवा पाऊंगी मैंने इतना बड़ा अभी तक कभी नहीं लिया
मैंने कहा- आंटी आप चिंता मत करो अभी जब मैं आपकी चुदाई करूंगा तो आपको बहुत मजा आएगा देखती जाओ आप मैं इससे आपकी गांड भी मारूंगा
आंटी ने डरते हुए मेरे लंड को छुआ तो लंड ने एकदम से फुंफकार मारी जिससे आंटी ने घबरा कर लंड छोड़ दिया मुझे हंसी आ गई मुझे हंसता देख कर आंटी भी हंस दीं
अब आंटी को मैंने बिस्तर पर लेटाया और उनकी गांड पर टूट पड़ा मैं उनकी टांगों को हवा में उठा कर आंटी की गांड के छेद को अपनी जीभ से चाटने लगा
मैं काफी देर तक उनकी गांड का छेद चाटता रहा मैंने आंटी की गांड को चाट चाट कर लाल कर दिया था उसके बाद मैंने आंटी को डॉगी स्टाइल में होने को बोला आंटी झट से कुतिया बन गई
मैंने अपने दोनों हाथों से उनकी गांड को फैला दिया फिर मैं उनकी गांड के छेद में अपनी लंबी जीभ पूरी घुसा घुसा कर चाटने लगा मैं जीभ को गांड के अंदर बाहर करके चाट रहा था मुझे बहुत मजा आ रहा था
मुझे औरतों की गांड में जीभ डाल कर चाटने में बहुत अच्छा लगता है और मैं यह सब लगातार काफी देर तक कर सकता हूं
जैसे ही मेरी जीभ आंटी की गांड के छेद में पूरी घुसती थी आंटी को बहुत मजा आता था आंटी मस्ती में आहा आहा कर रही थीं
कुछ देर बाद आंटी ने बोला- इससे पहले ऐसा अनुभव मैंने कभी नहीं किया मेरी गांड में आज तक किसी ने भी इस तरह कभी नहीं किया
मैंने पूछा- क्यों आपके पति आपकी गांड नहीं मारते?
आंटी ने कहा- मेरे पति मेरी चूत में ही सिर्फ 2 मिनट में झड़ जाते हैं गांड लायक उनका कड़क ही नहीं हो पाता
मैंने आंटी से कहा- आंटी मुझे औरतों में सबसे ज्यादा उनका बदन चाटने में बहुत अच्छा लगता है खासकर उनकी गांड में जीभ डाल कर चाटने में तो मेरा मजा चौगुना हो जाता है
आंटी ने कहा- तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो तुम मेरी चूत को भी इसी तरह चाटना
मैंने आंटी से कहा- आंटी मैं नीचे लेट जाता हूं आप मेरे मुंह पर अपनी चूत रखकर चटवाओ मुझसे जब तक आपका दिल ना भर जाए आप उठना मत जबरदस्ती से पूरी ताकत से मेरे मुंह पर बैठी रहना
आंटी मेरे मुंह पर अपनी चुत लगा कर बैठने लगीं आंटी ने अपनी चूत को अपने दोनों हाथों से खोल कर मेरे मुंह पर लगा दी और बैठ गई
मुझसे आंटी ने चूत चाटने को बोला मैं अपनी लंबी जीभ से उनकी चूत चाटने लगा था लगातार कई मिनट तक चूत चटवाने के बाद आंटी मेरे मुंह में झड़ गई उनका नमकीन माल मेरे मुंह में आ गया और मैं उसे सारा पी गया
आंटी के चेहरे पर एक मुस्कान थी
तब आंटी ने मुझको खड़ा किया और कहा कि अब तुम बिस्तर पर लेट जाओ मैं तुम्हारे मुंह पर गांड रख कर चटवाऊंगी
मैं फिर से बिस्तर पर लेट गया आंटी मेरे मुंह पर अपनी गांड रखकर बैठ गई और उन्होंने मुझसे बोला- तुम मेरी गांड चाटते रहो तब तक मैं अपने बच्चों से फोन पर बात कर लेती हूं
आंटी ने बहुत देर तक फोन पर बात की इस दौरान उनकी गांड मेरे मुंह पर आगे पीछे होती रही और मैं लगातार उनका छेद चाटता रहा
फिर उन्होंने फोन काटा और मेरे से बोलीं- कैसा लगा मेरी गांड का स्वाद?
मैंने बताया- आंटी बहुत अच्छा लगा मैं तो हमेशा आपकी गांड के नीचे रहना चाहता हूं
आंटी ने कहा- तुम चिंता मत करो तुम किराए पर ही रहते हो ना मैं अपने घर पर तुमको कभी भी बुला लूंगी बल्कि मैं तुमको अपने घर में ही एक कमरा किराए पर दे दूंगी फिर तुम ऐसे ही गांड और चूत चाटते रहना
मैंने खुश होकर कहा- ठीक है आंटी
अब आंटी ने मेरा लंड पकड़ा और अपने मुंह में डाल कर चूसने लगीं आंटी ने काफी देर तक लंड चूसा
तब मैंने कहा- आंटी अब आपकी पहले गांड की चुदाई होगी फिर चूत की
आंटी गांड मरवाने को तैयार नहीं थीं मैंने जैसे तैसे उनको मनाया थोड़ी देर बाद आंटी तैयार हो गई
मैं आंटी की गांड में फिर से जीभ डाल कर चूसने लगा 2 मिनट तक गांड चाटी और फिर उनकी गांड मारने के लिए मैंने आंटी को घोड़ी बना दिया मैंने अपने लंड में थूक लगाया और उनकी गांड पर रख दिया
मैं धीरे धीरे लंड अंदर डालने लगा अभी मेरे लंड का टोपा ही अंदर घुस पाया था कि आंटी दर्द से चिल्लाने लगीं
मैंने कहा- आंटी आप चिंता मत करो धीरे धीरे ही अंदर डालूंगा
आंटी ने कहा- ठीक है धीरे धीरे ही डालना मैंने कभी गांड नहीं मरवाई है
मैं आंटी के चूचे सहलाते हुए धीरे धीरे लंड अंदर डालने लगा कुछ ही देर में लंड पूरा अंदर चला गया था
मैं आंटी की गांड को चोदने लगा आंटी को मजा आने लगा फिर मैंने धक्के तेज लगाना शुरू कर दिए 20 मिनट बाद मैं उनकी गांड में ही झड़ गया
आंटी बहुत कामुक हो चुकी थीं उन्होंने कहा- तू तो गांड में ही झड़ गया मेरी चूत कैसे शांत होगी?
फिर मैंने उनको बोला- आंटी अब आप अपनी चूत चटवा लो तब तक मेरा लंड फिर से खड़ा हो जाएगा तब मैं आपकी चूत मारूंगा
तो आंटी ने कहा- ठीक है
फिर मैंने आंटी को बोला- आप लेट जाइए इस बार मैं लेट कर आपकी चूत चाट लूंगा
आंटी ने कहा- ठीक है
मैं नीचे बैठ गया आंटी को लेटाया और उनकी चूत की खुशबू लेने लगा फिर उसके बाद मैंने उनकी चूत में जीभ लगाई और चूत चाटने लगा मैं पूरी जीभ अंदर तक घुसा रहा था और लगातार चाट रहा था मैंने देर तक आंटी की चूत चाटी फिर मेरा लंड खड़ा हो गया
मैंने आंटी को डॉगी स्टाइल में उल्टा लिटा दिया और पीछे से लंड को उनकी चूत में लगाकर एक झटके में पूरा घुसा दिया आंटी की मीठी आह निकल गई मेरा लंड बड़ा था इसलिए आंटी को दर्द हो रहा था कुछ देर बाद आंटी की चूत ने लंड को सैट कर लिया था और वे भी चूत चुदवाने के मजे लेने लगी थीं
मैं आंटी की लगातार चुदाई कर रहा था कुछ देर बाद मेरा माल निकल गया और हम दोनों एक दूसरे से चिपक कर लेट गए
फिर थोड़ी देर बाद जब मैं उठा तो मैंने उनसे पूछा- आपको कैसा लगा?
आंटी ने बताया- बहुत अच्छा लगा
फिर मैंने बोला- आंटी अब मैं आपके घर आता रहूंगा जब आपके पति नहीं होंगे
आंटी ने कहा- हां मैं तुमको बुला लिया करूंगी
इस तरह मैंने इन आंटी की गांड चोदी और गांड में जीभ और चूत चाटी बाद में आंटी ने मुझे अपने घर में ही एक कमरा दे दिया अब मुझे आंटी को चोदने का मौका मिलता रहता है
ये थी मेरी chudai ki kahani कैसी लगी आपको उमीद है ये chudai kahani पढ़कर आपको मजा आया होगा