सविता भाभी की चुदाई- 1

हैलो दोस्तों क्या हाल है आप सभी का मैं आपके लिए अपनी savita bhabhi sex stories लेकर आया हूं उम्मीद है आपको यह मेरी bhabhi sex story उत्तेजित कर देगी अब मैं आपका ज्यादा समय ना लेते हुए अपनी savita bhabhi sex stories शुरू करता हूं

Savita Bhabhi Sex Stories 1

मेरा नाम नरेश है मेरी उमर इस समय 25 साल की है शादी के 5 साल बाद ही एक रोड दुर्घटना में भईया का स्वर्गवास हो गया था मैं भाभी के साथ अकेला ही रहता था मेरी भाभी का नाम सविता है हमारा अपना खुद का बिजनेस था भईया के स्वर्गवास होने के बाद मैं ही बिजनेस की देखभाल करता था

भाभी बहुत ही खूबसूरत थी वो मुझे नरेश कह कर ही बुलाती थी पापा और मम्मी का स्वर्गवास बहुत पहले ही हो चुका था मैं एक दम हट्टा कट्टा नौजवान था और बहुत ही ताकतवर भी था भाभी उमर में मुझसे 2 साल छोटी थी वो मुझे बहुत प्यार करती थी

भईया के गुजर जाने के बाद मैं भाभी की पूरी देखभाल करता था और वो भी मेरा बहुत ख्याल रखती थी मैं सुबह 10 बजे ही घर से चला जाता था और फिर मैं रात के 8 बजे ही घर वापस आता था

ये उस समय की बात है जब भईया को गुजरे हुए 6 महीने ही हुए थे एक दिन मेरी तबियत खराब हो गई तो मैंने मेनेजर से दुकान सम्भालने को कहा और दोपहर के 2 बजे ही अपने घर वापस आ गया

भाभी ने पूछा क्या हुआ नरेश? मैंने कहा मेरा सारा बदन दुख रहा है और लग रहा है की कुछ फीवर भी है मेरी बात सुनकर वो परेशान हो गई उन्होने मुझसे कहा तुम मेरे साथ डाक्टर के पास चलो

मैंने कहा मैंने मेडीकल स्टोर से कुछ मेडिसिन ले ली है मुझे थोड़ा आराम कर लेने दो वो बोली ठीक है तुम आराम करो मैं तुम्हारे बदन पर तेल लगा कर मालिश कर देती हूं

मैंने कहा नहीं रहने दो मैं ऐसे ही ठीक हूं वो बोली चुप चाप अपने क्मरे में जा कर लेट जाओ मैं अभी तेल ले कर आती हूं मैं कभी भी भाभी की बात से इन्कार नहीं करता था

मैं अपने कमरे में आ गया मैंने अपनी शर्ट और पेन्ट उतार दी और केवल बनियान और निकर पहने हुए ही लेट गया मेरा निकर एक दम ढीला था और थोड़ा छोटा निकर ही पहनता था

भाभी तेल लेकर आई उन्होने मेरे सिर पर तेल लगाया और मेरा सिर दबाने लगी उसके बाद उन्होने मेरे हाथ सीने और पीठ पर भी तेल लगा कर मालिश किया आखिर में वो मेरे पैर पर तेल लगा कर मालिश करने लगी

आखिर मैं भी आदमी ही था उनके हाथ लगने से मुझे जोश आने लगा जोश के मारे मेरा लंड खड़ा होने लगा और मेरा निकर तम्बू की तरह से उपर उठने लगा धीरे धीरे मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया और मेरा निकर एक दम तम्बू की तरह हो गया मैं जानता था की निकर के छोटा होने की वजह से भाभी को मेरा लंड थोड़ा सा दिखायी दे रहा होगा

वो मेरे पैरों की मालिश करते हुए मेरे लंड को भी देख रही थी और उनकी आंखे थोड़ा गुलाबी सी होने लगी थी उनके चेहरे पर हलकी सी मुस्कान भी थी मालिश करने के बाद वो चली गई उसके बाद मैं सो गया शाम के 6 बजे मेरी नींद खुली और मैं उठ गया

भाभी चाय लेकर आई मैंने चाय पी उसके बाद मैं बाथरूम चला गया बाथरूम से जब मैं वापस आया तो भाभी ने कहा अब लेट जाओ मैं तुम्हारे बदन की फिर से मालिश कर देती हूं मैंने कहा अब रहने दो ना भाभी

वो बोली क्या मालिश करने से कुछ आराम नहीं मिला मैंने कहा बहुत आराम मिला है वो बोली फिर क्यों मना कर रहे हो मैंने कहा ठीक है तुम केवल मेरे पैर की ही मालिश कर दो वो खुश हो गई उन्होने मेरे पैर की मालिश शुरु कर दी मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया

इस बार मेरा निकर थोड़ा पीछे की तरफ खिसक गया था जिस से भाभी को मेरा लंड इस बार कुछ ज्यादा ही दिखायी दे रहा था भाभी मेरे लंड को देखते हुए मेरे पैरों की मालिश करती रही मुझे साफ पता चल रहा था कि मेरे लंड को देख कर वो भी जोश में आने लगी थी

थोड़ी देर बाद वो बोली मैं जब तेरे पैर की मालिश करती हूं तो तुझे क्या हो जाता है मैं कहा कुछ भी तो नहीं हुआ है मुझे उन्होने मेरे लंड पर हलकी सी चपत लगाते हुए कहा फिर यह क्या है मैंने कहा जब तुम मालिश करती हो तो मुझे गुदगुदी सी होने लगती है इसी लिए तो मैं मना कर रहा था

उन्होने जोश में आकर मेरे लंड पर फिर से चपत लगाते हुए कहा इसे काबू में रखा कर मैंने कहा जब तुम मालिश करती हो तो यह मेरे काबू में नहीं रहता वो बोली तुम भी अपने भईया की तरह ही हो मैं जब उनके पैर की मालिश करती थी तो वो भी इसे काबू में नहीं रख पाते थे

मैंने मज़ाक करते हुए कहा फिर वो क्या करते थे वो बोली बदमाश कहीं का मैंने कहा बताओ ना भाभी फिर वो क्या करते थे भाभी शरमाते हुए बोली वही जो सभी मर्द अपनी बीवी के साथ करते है मैंने कहा तब तो तुम्हें भईया के पैरों की मालिश नहीं करनी चाहिए थी

उन्होने पूछा क्यों मैंने कहा आखिर बाद में परेशानी भी तुम्हें ही उठानी पड़ती थी वो बोली परेशानी किस बात की आखिर मेरा मन भी तो करता था मैंने कहा मेरा भी मन काबू में नहीं है अब तुम ही बताओ कि मैं क्या करूं

वो बोली शादी कर लो मैंने कहा मैं अभी शादी नहीं करना चाहता उन्होने मुस्कराते हुए कहा फिर बाथरूम में जा कर मुठ मार लो मैंने अनजान बनते हुए पूछा वो क्या होता है? वो बोली क्या सच में तुझे नहीं मालूम है कि मुठ मारना किसे कहते हैं? मैंने कहा नहीं

उन्होने मेरे लंड की तरफ इशारा करते हुए कहा इसे अपने हाथ में पकड़ कर अपना हाथ तेजी से आगे पीछे करना थोड़ी ही देर में इस में से ज्यूस निकल जायेगा और यह शान्त हो जायेगा मैंने कहा तुम मुझे थोड़ा सा कर के बता दो भाभी जोश में तो आ ही चुकी थी वो बोली तू बहुत ही बदमाश है अपने लंड को बाहर निकाल

मैं बता देती हूं की कैसे करना है मैंने कहा तुम खुद ही लंड को बाहर निकाल कर बताओ की कैसे करना है उन्होने शरमाते हुए मेरे लंड को पकड़ कर निकर से बाहर निकाल लिया जैसे ही मेरा 9 इंच लम्बा लंड बाहर आया तो वो बोली बाप रे तेरा तो बहुत ही लम्बा है और मोटा भी मैंने पूछा अच्छा नहीं है क्या

वो शरमाते हुए बोली बहुत ही अच्छा है मैंने पूछा भईया का कैसा था वो बोली उनका भी अच्छा था लेकिन तेरे जैसा लम्बा और मोटा नहीं था मैंने कहा अब बताओ कि कैसे करना है उन्होने मेरे लंड को पकड़ कर अपना हाथ आगे पीछे करना शुरु कर दिया मुझे बहुत मज़ा आने लगा वो भी जोश में आने लगी

2 मिनट मुठ मारने के बाद वो बोली ऐसे ही कर लेना अब जा बाथरूम में मैंने कहा बाथरूम में क्यों अगर मैं यहीं कर लेता हूं तो इसमें क्या बुराई है वो बोली तेरा जूस यहां गिरेगा और मुझे ही साफ करना पड़ेगा

मैंने कहा मैं ही साफ कर दूंगा वो बोली ठीक है यहीं कर ले मैं जाती हूं मैंने उनका हाथ पकड़ कर कहा तुम यहीं बैठो ना वो बोली तेरे लंड पर हाथ लगने से मुझे पहले ही थोड़ा सा जोश आ चुका है अगर मैं तुझे मुठ मारते हुए देखूंगी तो मुझे और ज्यादा जोश आ जायेगा

फिर मेरे लिए बरदाश्त करना मुश्किल हो जायेगा आखिर मैं भी तो औरत हूं और अभी जवान भी हूं मैंने कहा मुझ पर भरोसा रखो मैं तुम्हारे साथ कुछ भी नहीं करुंगा वो बोली मुझे पूरा भरोसा है तभी तो मैंने तेरे लंड को पकड़ कर तुझे मुठ मारना बताया है मैंने पूछा निकर उतार दू या ऐसे ही मुठ मार लू

भाभी बोली क्या निकर भी खराब करेगा उतार दे इसे मैंने अपना निकर उतार दिया और मुठ मारने लगा भाभी मुझे मुठ मारते हुए देखती रही मैं भाभी को देखता हुआ मुठ मार रहा था धीरे धीरे वो और ज्यादा जोश में आ गई जोश के मारे मेरे मुंह से आह्ह्ह आह्ह्ह ओह्ह्ह आह्ह्ह की आवाज निकाल रही थी

वो मुझे और कभी मेरे लंड को देख रही थी उन्होने अपना एक हाथ अपनी चूत पर रख लिया और सहलाने लगी मैंने पूछा क्या हुआ वो बोली तू मुझे एक दम पागल कर देगा मैं जा रही हूं

मैंने उनका हाथ पकड़ लिया और कहा बैठो ना मेरे पास वो चुप चाप बैठ गई मैं मुठ मारता रहा भाभी जोश के मारे पागल सी हो चुकी थी थोड़ी ही देर में उन्होने मेरा लंड पकड़ लिया और बोली अब रहने दे अब मुझसे बरदाश्त नहीं हो रहा है

मैंने पूछा क्या हुआ उन्होने अपना पेटीकोट उपर कर दिया और बोली देख मेरी चूत भी एक दम गीली हो गई तूने तो मुझे पागल सा कर दिया है अब मुझे बर्दाश्त नहीं हो रहा है तू मेरी चूत को सहला दे मैं तेरा लंड सहला देती हूं मैंने कहा केवल सहलाना ही है या कुछ और करना है

वो बोली अगर तेरा मन करे तो मेरी चूत को थोड़ा सा चाट ले जिस से मुझे भी थोड़ा आराम मिल जायेगा मैंने कहा कपड़े तो उतार दो वो बोली तू खुद ही उतार दे

मैंने भाभी के कपड़े उतार दिए अब वो एक दम नंगी हो गई उनकी चूत एक दम साफ थी मैंने कहा तुम्हारी चूत तो एक दम साफ है वो बोली मुझे चूत पर बाल बिलकुल भी पसंद नहीं हैं इसी लिए मैं इसे हमेशा ही साफ रखती हूं

तेरा भी तो एक दम साफ है मैंने कहा मुझे भी बाल पसंद नहीं है वो लेट गई तो मैंने उनकी चूत पर अपनी जीभ फेरना शुरु कर दिया वो बोली ऐसे नहीं मैंने कहा फिर कैसे? वो बोली मुझे भी तो तेरा चूसना है तू मेरे उपर उल्टा लेट जा और अपना लंड मेरे मुंह के पास कर दे फिर चाट मेरी चूत को

मैं भाभी के उपर 69 की पोजीशन में लेट गया मैंने उनकी चूत पर जीभ फेरना शुरु किया तो उन्होने मेरे लंड का सुपाड़ा अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी मुझे खूब मज़ा आने लगा भाभी भी जोश के मारे सिसकारियां भरने लगी मैंने उनकी चूत की दरार को अपने होंठो से दबाना शुरु कर दिया तो उन्होने जोर की सिसकारी ली

मैंने पूछा क्या हुआ वो बोली बहुत मज़ा आ रहा है और जोर जोर से दबा मैंने उनकी चूत की दरार को और ज्यादा जोर से दबाना शुरु कर दिया तो उन्होने मेरा लंड अपने मुंह में और ज्यादा अंदर तक ले लिया और तेजी के साथ चूसने लगी मैंने एक अंगुली उनकी चूत में डाल दी और अंदर बाहर करने लगा

थोड़ी ही देर में भाभी की चूत से जूस निकाल आया वो बोली चाट ले इसे मैंने उनकी चूत का सारा जूस चाट लिया थोड़ी ही देर में मेरे लंड का जूस भी निकालने लगा तो भाभी सारा का सारा जूस निगल गई उसके बाद मैं हट गया और उनके बगल में लेट गया भाभी मेरा लंड सहलने लगी थोड़ी देर बाद वो बोली आज तो वो हो गया जो कि नहीं होना चाहिये था

मैंने कहा मैंने ऐसा क्या कर दिया वो बोली तूने मुझे अपना लंड दिखा कर आज मुझे पागल सा कर दिया मैंने कहा मैंने तो नहीं दिखाया था वो बोली तेरी निकर ही इतनी छोटी और ढीली थी कि मुझे तेरा लंड दिखाई दे गया मैं अपने आप को काबू में नहीं रख पायी इसी लिये मैंने तुझसे पैर की दोबारा मालिश करने के लिए कहा था

मैं तेरा लंड देखना चाहती थी क्योंकि मुझे तेरा लंड बहुत ही लम्बा और मोटा दिख रहा था मैंने कहा अब तो देख लिया ना वो बोली हा देख भी लिया और पसंद भी कर लिया मैंने कहा अब क्या इरादा है वो बोली तू भी वही कर जो तेरे भईया मेरे साथ करते थे

मैंने कहा ये ठीक नहीं है वो बोली क्या ठीक है क्या नहीं मैं कुछ नहीं जानती अगर तू मेरे साथ नहीं करेगा तो मैं मर जाऊगी मैंने पूछा मैं तुम्हारे साथ क्या करूं वो बोली जो तेरे भईया मेरे साथ करते थे मैंने कहा मैंने तो कभी देखा ही नहीं कि भईया तुम्हारे साथ क्या करते थे भाभी ने मेरे गालो को जोर से काट लिया और बोली अब चोद दे मुझे मैंने कहा दर्द होगा

वो बोली तो मैं क्या करूं होने दे जो होगा देखा जायेगा मैंने कहा तुम मेरी भाभी हो मैं तुम्हें कैसे चोद सकता हूं? भाभी का तो जोश के मारे बुरा हाल था वो बोली तू मुझे नहीं चोदेगा लेकिन मैं तो तुझे चोद सकती हूं मैंने कहा फिर तुम ही चोदो

मेरा लंड फिर से खड़ा हो चुका था भाभी मेरे उपर आ गई उन्होने मेरे लंड के सुपाड़े को अपनी चूत के बीच रखा और दबाने लगी उनके चेहरे पर दर्द की झलक साफ दिख रही थी फिर भी वो रुकी नहीं मेरा लंड धीरे धीरे उनकी चूत में घुसता ही जा रहा था उनकी चूत बहुत ही टाईट थी उन्होने दबाना जारी रखा तो थोड़ी ही देर में उनकी आंखों से आंसू भी आ गए

मैंने पूछा क्या हुआ वो बोली दर्द बहुत हो रहा है मैंने कहा फिर रुक जाओ ना क्यों इतना दर्द बर्दाश्त कर रही हो वो बोली मैं पागल हो गई हूं अब तक मेरा लंड भाभी की चूत में 7 इंच तक घुस चुका था दर्द के मारे भाभी का बुरा हाल हो रहा था तभी वो अपने बदन का सारा जोर देते हुए अचनक मेरे लंड पर बैठ गई

मेरा पूरे का पूरा लंड उनकी चूत में समा गया उनके मुंह से जोर की चीख निकाली उनका सारा बदन थर थर कांपने लगा उनके चेहरे पर पसीना आ गया उनकी सांसे बहुत तेज चल रही थी वो मेरे उपर लेट गई और मेरे होंठो को चूमने लगी मैं उनकी कमर और चूतड़ को सहलने लगा

तभी मुझे बदमाशी सूझी मैंने उनकी गांड के छेद पर अपनी अंगुली फिरानी शुरु कर दी तो उन्हें मज़ा आने लगा अचनक मैंने अपनी अंगुली उनकी गांड में डाल दी तो उन्होने जोर की सिसकारी ली और बोली बदमाश कहीं का पहले तो कह रहा था कि तुम मेरी भाभी हो मैं तुम्हें कैसे चोद सकता हूं अब मेरी गांड में अंगुली डाल रहा है क्या मैं अब तेरी भाभी नहीं रह गई

मैंने कहा बिलकुल नहीं अब तो तुमने मेरा लंड तुमने अपनी चूत में डाल लिया है अब तुम मेरी भाभी नहीं रह गई हो वो बोली फिर मैं अब तेरी क्या लगती हूं मैंने कहा बीवी वो बोली फिर चोद दे ना अपनी बीवी को क्यों तरसा रहा है मुझे अब तो मैंने तेरा पूरे का पूरा लंड अपनी चूत के अंदर ले लिया है

मेरी अंगुली अभी तक भाभी की गांड में थी मैंने फिर शरारत की और कहा मैं तुम्हें एक ही शर्त पर चोद सकता हूं वो बोली कैसी शर्त मैंने कहा मैं तुम्हारी गांड भी मारुंगा वो बोली अपनी बीवी से भी पूछना पड़ता है क्या मैंने कहा मुझे नहीं मालूम

बाकी कहानी bhabhi sex story के अगले भाग सविता भाभी की चुदाई- 2 में पढ़े