आंटी की ट्रेन में चुदाई

नमस्कार दोस्तों कैसे हो आप सब अब मैं आप सब को एक नई sex stories hindi aunty बताता हूं उम्मीद हैं आपको ये मेरी aunty hindi sex story उत्तेजित कर देगी आप मेरी इस hindi sex story aunty में पढ़ेगे कैसे मैंने ट्रेन में आंटी की चुदाई की

Sex Stories Hindi Aunty

आंटी की चुदाई तो बड़ी ही साधारण सी थी जब मैं बिलासपुर से तिरुवनन्तपुरम ट्रेन में यात्रा कर रहा था मैं 22 वर्षीय युवक हूं यह आंटी रायपुर से ट्रेन में चढ़ी थी आंटी बहुत ही सेक्सी थी उसके चूचे बहुत ही बड़े थे और आंटी का शरीर भरा हुआ था

वह अपनी 2 वर्ष की बेटी के साथ इस कम्पार्टमेंट में चढ़ गई उसकी सीट बिल्कुल मेरे साथ की थी यह सीट मात्र दो जनों के लिए प्रयाप्त थी मतलब आप समझ सकते है मैं जब रायपुर स्टेशन पर उतरा तो उसके पति से मिला उसके पति ने मेरा मोबाइल नम्बर लिया और मुझे कहा कि प्लीज मेरी बात मेरी बीवी से समय समय पर करवाना

मैं मान गया और अपना मोबाइल नम्बर उसे दे दिया उसका नाम सुरेश था वो उतना सुंदर नहीं था पर उसकी बीवी का नाम रूपाली था और मां कसम बिल्कुल डेयरी मिल्क की तरह वो साफ सुथरी थी उसने उसी समय अपनी बीवी से मेरा परिचय करवाया उसकी मुस्कान में जादू था

जैसे कि एक नया फूल बाग में खिल रहा हो ठीक 12 बजे ट्रेन वहां से चल दी और उसके पति ने मुझे धन्यवाद कहा अब होना क्या था मैंने उसकी बेटी को अपनी गोद में लिया और खूब प्यार करने लगा फिर रूपाली आंटी ने कहा कि मैं कपड़े बदल कर आती हूं तब तक आप मेरी बेटी ख्याल रखना

जब वो कपड़े बदलकर आई तब मैंने देखा कि उसकी ब्रा थोड़ी पारदर्शी थी मैं उसके बूब्स को देखता रह गया थोड़ी देर बाद मुझे जब होश आया तो मैंने उसका पूरा परिचय लिया तब जाना कि वो चेन्नई में रहती है और उसके पति रायपुर के किसी बैंक में काम करते हैं और छुट्टी के वक्त वो चेन्नई आते थे

मैंने तब तुरंत सोचा कि यह शायद ज्यादा सेक्स नहीं करती होगी अचानक उसकी बेटी ने मेरे लिप्स को किस किया जिसका मैंने भी उसे प्यार से उत्तर दिया वो हम दोनों के किस को बड़े प्यार से देख रही थी जब सोने का वक्त आया तो मैंने देखा उसकी बेटी मेरे साथ सोने की जिद्द कर रही है तो रूपाली आंटी ने मुझे अपनी बेटी दे दिया

मैं ऊपर सो रहा था और रूपाली आंटी नीचे सो रही थी पर मैं कहां सो पाता उसकी मस्त जवानी को देख देख कर मैं उसकी दो साल की बेटी को किस पे किस किए जा रहा था तब आधे घंटे बाद रूपाली उठकर अपनी बेटी को उठा रही थी कि तभी मैंने थोड़ा सा उदास होने का नाटक करने लगा

मैंने कहा कि प्लीज अपनी बेटी को मेरे पास सोने दे तभी उसने तुरंत मुझे अपनी बेटी दे दी और वो नीचे थोड़ी देर बैठ कर चुपके से रोने लगी मैं तुरंत नीचे उतरकर उनसे पूछने लगा क्या हुआ आप रो क्यों रही हो वो बोली मेरे पति मुझसे प्यार नही करते मैंने आंटी को सॉरी कहा तो उसने कुछ नहीं कहा

फिर मैंने थोड़ी सी हिम्मत करके उनका हाथ पकड़ लिया तो आंटी ने मेरे गाल पर थोड़ा जोर से थप्पड़ मारा तो वो मुझे कहने लगी कि यह क्या कर रहे हो मैंने कहा कि अगर मैं आपकी बेटी अपने साथ ना सुलाऊं तो ठीक है मुझे माफ करना तो वो थोड़ा और रोने लगी

मैं उस कम्पार्टमेंट के बारे में बता दूं वैसे तो हमारे बगल वाली सीट खाली थी और हम एसी में यात्रा कर रहे थें तो उसमें परदे लगे होते है जिससे कोई हमें देख नहीं सकता था मैंने उसका हाथ पकड़कर पूछा कि वो क्यों रो रही है तो उसने बताया कि उसके पति उससे प्यार नहीं करते हैं और ना ही उसकी बेटी से

तो मैंने कहा ऐसा ना कहे वो आपको जरुर याद करते होंगे फिर वह और रोने लगी मैंने और थोड़ी सी हिम्मत करके उनके आंसू पोंछे तो उसने मेरे हाथ को पकड़ कर किस किया जिससे मैं कुछ ना कह सका मैंने धीरे से उसके कान के पास जाकर कहा कि मैं उसकी बेटी से और उसकी खूबसुरत मां से बहुत प्यार करता हूं

तो वो आंखें बंद करकर मुझसे लिपट गई मैं उसके बूब्स को फील कर रहा था तो उसने भी धीरे से जवाब दिया कि चलो अब बेटी से प्यार खत्म हो गया हो तो उसकी मां को प्यार करो मैंने पहले उसके माथे पर किस किया फिर मैं उसके कानों को फिर नाक को फिर उसके गालों को

मैंने अच्छी तरह से चाटा और फिर उसके मुलायम से होंठ को किस करने लगा वो थोड़ी गर्म हो गई थी मैंने उससे कहा कि तुम सो जाओ तो उसने कहा क्यों मैंने कहा तुम पहले लेट जाओ फिर देखो मेरा जादू

आंटी तुरंत मुस्कुराई और लेट गई मैं तुरंत बाथरूम गया और अपनी चड्डी निकाल कर सिर्फ अपना पजामा पहनकर वापस आया वो मेरा बेसब्री से इंतजार कर रही थी

मैं उसकी आंखों में प्यार की प्यास देख सकता था और मैं अंदर बैठकर परदा गिरा दिया ताकि हमें कोई ना देख सके मैं अब धीरे से उसके बूब्स को मसल रहा था वो बेचारी जोर जोर से चिल्लाना चाहती थी पर वो चिल्ला ना सकी और अपनी आवाज पर उसने कन्ट्रोल किया

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मैंने धीरे से उसके चूड़ीदार के अंदर हाथ डालकर उसकी ब्रा खोल दी उसने कहा कि मुझे नंगी कर दो यह बात सुनकर और गर्म हो गया मैंने बड़े आराम से उसकी चूड़ीदार को उतारा और उसके बूब्स और उसके लिप्स के साथ प्यार करता रहा

मैंने भी अपने कपड़े उतारे तब मैं सिर्फ बनियान और अपने पजामे में था और वो सिर्फ अपने पजामे और पैंटी के साथ थी मैं उसके बूब्स के साथ 15 मिनट तक प्यार करता रहा फिर मैंने अपना हाथ उसके पजामे के अंदर डालकर उसकी चूत को पैंटी के बाहर से सहला रहा था वो मुझे पागलो की तरह देख रही थी

फिर उसने मेरे लिप्स को प्यार से काटा जिससे मैं और मेरा नटराज पेन्सिल और गर्म हो गए मैंने अपने हाथों से उसका नाड़ा खोला और उसकी पैंटी को थोड़ा नीचे कर दिया और अब धीरे धीरे उसकी चूत के अंदर अपनी उंगली घुसा रहा था उसकी चूत तो पहले से हाय गीली थी

अब मैं अपनी दोनों उंगली से उसके क्लिंट को टटोला तो उसकी सांसे तेज हो गई और मुझे वो नजारा देखने में बड़ा मज़ा आ रहा था मैंने अचानक तीन उंगलियां उसकी चूत में जोर जोर से अंदर बाहर करने लगा अब तो वो बेकाबू हो गई थी वो मेरा साथ देने लगी थी

मैं उसे किस भी कर रहा था और एक हाथ से उसके बूब्स और निप्पल्स को मसल रहा था और दूसरा हाथ उसके चूत में जोर जोर से घुसा रहा था ठीक 5 मिनट के बाद उसने अपना जूस बाहर निकाला और मैं उसके सामने उसे चाटने लगा तो उसने कहा ऐसे तो मेरे पति भी नहीं करते है

तो मैंने कहा प्लीज इस वक्त अपने पति को मत याद करो तो वो थोड़ा मुस्कुराई और मैंने उसे कहा अब मेरा क्या होगा तो उसने कहा चलो बाथरूम में चले मैंने आंटी से कहा पहले आप जाओ बाथरूम में फिर मैं आता हूं आपके पीछे तो आंटी उठकर बाथरूम में चली गई थोड़ी देर बाद मैं भी उसके पीछे चला गया

बाथरूम में जाकर मैंने आंटी को नंगा कर दिया और मैं भी नंगा हो गया और मैं नीचे बैठकर आंटी की चूत को चाटने लगा और आंटी उफ्फफ ओह्ह्ह आह्ह्ह आह्ह्ह करने लगी

मैंने 5 मिनट आंटी की चूत को चाटा और फिर खड़ा हो गया और आंटी की एक टांग उठाकर टॉयलेट सीट पर रख दी और मैं थोड़ा झुक कर आंटी की चूत में लंड डालने की कोशिश करने लगा

मेरा लंड आंटी की चूत से जा नही रहा था फिर मैंने आंटी को और टांगे फैलाने को बोला आंटी ने अपनी टांगे और फैला दी और मैंने फिर आंटी की चूत पर अपना लंड रखा और एक जोरदार धक्का मारा तो मेरा लंड आंटी की चूत में चला गया और आंटी ने मुझे कसकर पकड़ लिया

मैंने भी आंटी को अपनी बाहों में कसकर पकड़ लिया और आंटी की चूत में अपना लंड अंदर बाहर करने लगा आंटी आह्ह्ह ओह्ह्ह उफ्फफ आह्ह्ह और जोर से करो बहुत प्यासी हूं मैं फिर मैंने आंटी को उल्टा किया और पीछे से आंटी की चूत में लंड डाल दिया और आंटी के चूचों को पकड़कर जोर जोर से धक्के मारने लगा

आंटी पूरी मस्ती में आह्ह्ह आह्ह्ह ऊहह्ह उफ्फफ ओह्ह्ह आह्ह्ह आह्ह्ह करने लगी मैंने चलती ट्रेन में आंटी की बाथरूम में जम कर चुदाई की थोड़ी देर बाद मैंने अपना वीर्य आंटी के चूतड़ों पर निकाल दिया आंटी की बाथरूम में चुदाई करने के बाद हम दोनों वापिस सीट पर आकर बैठ गए और आंटी ने मेरा नंबर ले लिया

कैसी लगी यह sex stories hindi aunty आपको उम्मीद हैं मेरी ये hindi sex story aunty पढ़कर आपको मज़ा आया होगा और aunty hindi sex story पढ़ने के लिए आप chudai kahani com पर आते रहे यहां पर आपको बहुत सारी hindi sex story aunty पढ़ने को मिलेगी