हैलो दोस्तों इस sex story hindi bhai behan में आप सभी स्वागत है ये bhai behan sex story आपको पढ़कर मज़ा आने लगेगा इस sex story hindi bhai behan में पढ़ेगे कैसे भाई ने बहन की चूत सूजा दी
Sex Story Hindi Bhai Behan
आज मैं आपको एक अपनी जिंदगी के खूबसूरत पल का एहसास आपके सामने प्रस्तुत कर रही हूं इसमें कोई बनावटी बात नहीं है सिर्फ मैंने अपने एहसास को शब्दों के माधयम से आप के सामने ला रही हूं सभी की जिंदगी में कुछ ऐसे पल आते है जहां रिश्तों की मर्यादा टूट जाती है मेरे साथ भी यही हुआ
मैंने रिश्तों की मर्यादा को तार तार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी करती भी क्या कुछ रास्ता भी नहीं था जवानी की दहलीज़ पे बड़ी सी बड़ी गलतियां आसानी से हो जाती है chudai kahani com पे मैं आपके लिए शेयर कर रही हूं
मैं बिहार से हूं मेरी उम्र उस समय 24 साल की थी मैं अपनी दादी के साथ रहती थी क्योंकि मेरे पापा मां और भाई बहन सारे जमशेदपुर में रहते थे क्योंकि उसकी उम्र मेरे से काफी छोटी थी वो रोज मेरे घर आया करता है मेरे घर के बगल में उसका घर था
मैं खाना बनाती थी वो मेरे चूल्हे के पास ही बैठा रहता था मैंने रेडियो में गाना सुनती और वो गाने का विश्लेषण करता वो मेरे से काफी गूला मिला रहता था मैं भी उसके साथ अपनी मन की बात को शेयर किया करती थी मैं भरपूर जवानी की दहलीज़ पे थी
मेरी चूचियां भी काफी बड़ी बड़ी ब्रा से बांध के रखती पर कमबख्त जवानी छलक ही जाती थी जब मैं चूल्हे को फूक रही होती उस समय मेरी आधी चूचियां बहार आ जाती और मुकेश मेरी चूचियों को देखकर मज़ा लेता जब मैं मटक के आंगन में चलती तो वो मेरी चूतड़ को निहारते रहता मुझे भी अच्छा लगता
मेरी दादी शाम के करीब 7 बजे तक खाना खाके सो जाती थी मैं विविध भारती पे गाने सुनकर करीब 9 बजे तक सोती एक मुकेश रात को करीब 8 बजे आया और बैठ के अपनी एग्जाम के बारे में बातचीत करने लगा दादी घर के बाहर बगल में एक कमरा था वही सोती थी
गांव में विजली बड़ी मुस्किल से आती थी सार काम लालटेन से ही होता था हम दोनों बैठ के बात कर रहे थे तभी जोर से आंधी चलने लगी आंगन में पड़े सामान को मैं कमरे में रखने लगी वो भी मेरी मदद कर रहा था और कुछ देर में बारिश होने लगी मैं भीग गयी थी
मेरा कपड़ा मेरे बदन पे चिपक गया था उस दिन मैं ढीला ढाला सूट पहन रखा था ब्रा भी नहीं पहनी थी भीगने की वजह से मेरे कपड़े बदन में में चिपक गए था मेरी दोनों चूचियां साफ साफ दिखाई दे रही थी मेरे गांड भी वैसे ही दिखाई दे रहे थे
जब मैं लालटेन की रौशनी में आती मेरा भाई मुकेश भूखी निगाहों से मुझे देख रहा था मैंने देखा की उनका लंड खड़ा हो रहा था उसने ट्रैक सूट पहन रखा था मेरा भी मन डोल रहा था पर रिश्तों की मर्यादा का भी ख्याल था क्यों की वो मेरा चचेरा भाई था
अचानक से मुकेश मुझे पीछे से पकड़ लिया उसके दोनों हाथ मेरे चूचों पे थे वो कह रहा था माफ करना दीदी अब बर्दास्त के बाहर है अगर मैं अपनी वासना की भूख नहीं मिटाऊंगा तो मैं पागल हो जाऊंगा मैंने उसके दोनों हाथ को पकड़ के हटाने की कोशिश की पर वो जोर से पकड़ रखा था
मैंने कहा मुकेश ये गलत बात है मैं तुम्हारी दीदी हूं तुम मेरे साथ ऐसे नहीं कर सकते हमारा रिश्ता भाई बहन का है उसपर मुकेश बोला मैं आपका भाई हूं और रहूंगा भी हमेशा लेकिन ये किसी को भी पता नहीं चलेगा मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं
मैं आपके साथ सेक्स करना चाहता हूं उसकी मजबूत बाहों ने मुझे भी पिघला दिया मुझे भी वो जकड़न अच्छा लगने लगा फिर मैं बड़े ही शांत स्वर में मुकेश से कहा मुकेश पता है ये बात किसी को पता चल गया तो क्या हाल होगा मुकेश ने कहा मां कसम दीदी मैं कभी भी किसी को नहीं बताऊंगा
मैंने कहा ठीक है पर बस एक बार ही दूंगी पहले प्रोमिस करो मुकेश ने प्रोमिस किया की एक ही बार वो मुझसे सम्भोग करेगा मैंने उसके तरफ घूम गयी वो अब चूचियों को छोड़ कर मेरे बड़े-बड़े चूतड़ को दोनों हाथ से दबा के अपने लंड के पास मेरे चूत को सटा लिया और धक्का मारने लगा
मैंने उसके होठ को अपने होठ से चूमना सुरु कर दी आंधी तेज चल रही थी ठंडा मौसम में गरम एहसास हो रहा था मेरा शरीर गरम हो चुका था मैं मुकेश का लंड लेने के लिए काफी व्याकुल थी मैं चुद जाना चाह रही था तभी मुकेश ने मेरे ऊपर के गीले कपड़े को उतार दिया
मेरा बड़ा-बड़ा चूच उसके सामने जैसे ही पड़ा वो बच्चो की तरह पीने लगा मैंने पूछा मुकेश क्या मिल रहा है इसमें इसमें से तो कुछ भी नहीं निकलेगा मुकेश ने कहा दीदी जब लड़की की चूची को पियों को अमृत दूध से नहीं चूत से निकलने लगती है देखो हाथ लगा के अपने चूत पे अमृत निकल रहा होगा
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मैंने अपने सलवार का नाड़ा ढीला किया और चूत पे हाथ लगा के देखा तो चूत गरम हो चुका था और लस लसीला पदार्थ निकल रहा था मैंने कहा हां मुकेश सही कर रहे हो चूत से तो अमृत निकल रहा है पर तुम ऊपर क्या कर रहे हो पीना है तो अमृत पियो
वो चूची को छोड़कर नीचे बैठ गया और मैंने दोनों पैर फैला दी बीच में आके मेरे चूत को चाटने लगा मैं बेचैन होने लगी में उसके बाल को पकड़ के उसका मुंह चूत में सटाये जा रही थी मैंने कहा बस मुकेश अब चोद दो मुझे पूरा कर लो अपनी हसरत
मैं तुम्हारी हूं आज रात के लिए जो मर्ज़ी कर लो मेरे साथ मैं तुम्हारी हूं डियर आई लव यू माय ब्रदर वो मुझे गोद में उठा लिया और पलंग पे लिटा दिया मेरी चूत में खुजली हो रही थी लग रहा था जल्दी से लंड का मज़ा ले लू
तभी मुकेश मेरे पैर के पास बैठ गया और मेरे दोनों पैर को फैला दी और अपना लंड को चूत के ऊपर से गांड के छेद तक सटाया ऐसा उसने चार पांच बार किया मैं तो उसकी लंड की रगड़न से काफी परेशान हो रही थी और उसने वो कर दिया जिसका मुझे इंतज़ार था
पूरा की पूरा लंड मेरे चूत में पेल दिया मैं दर्द से कराह रही थी उसका लंड मेरे चूत में सेट हो चुका था मेरे आंख में आंसू आ गए थे क्यों की ये मेरी पहली चुदाई थी वो फिर धीरे-धीरे निकाला और फिर से एक झटका दिया मैंने तो पहले समझ रही थी
उसका लंड पूरा चला गया पर मैं गलत थी उसका लंड आधा ही अंदर गया था अब दो इंच और गया तीसरे झटके में पूरा लंड मेरे चूत से होते हुए पेट तक जा रहा था दर्द का एहसास हो रहा था पर ये एहसास अच्छा था फिर वो मुझे जोर जोर से चोदने लगा
मैंने भी गांड उठा उठा के चुदवा रही थी वो फिर कई तरह से मुझे चोदा मैंने पूछा मुकेश तुम्हरे इतने सारे पोज कैसे आता था तो वो बोला हमलोग एडल्ट मूवी देखते है इसलिए मुझे पता है चुदाई का पोजीशन
रात भर चोदने के बाद मेरा चूत सूज गया था दर्द के मारे चला नहीं जा रहा था सुबह के करीब चार बजे मुकेश वापस अपने बंगले में सोने चला गया और मैं भी सो गयी उस रात का चुदाई का एहसास गजब का था इस साल मेरी शादी होने बाली है
देखो उतना मज़ा मिलता है की नहीं जितना मुकेश ने दिया था वो अपनी प्रोमिस को नहीं निभा पाया वो मुझे कई बार चोदा जब भी उसका मन किया मुझे भी लग रहा था ये गलत प्रोमिस मैंने करवाया था उसके साथ क्यों की मुझे भी अपने भाई से चुदना अच्छा लगता था
कैसी लगी ये sex story hindi bhai behan आपको उम्मीद है ये bhai behan sex story पढ़कर आपको मजा आया होगा और bhai behan sex story पढ़ने के लिए आप chudai kahani com पर आते रहे यहां पर आपको बहुत सारी sex story hindi bhai behan पढ़ने को मिलेगी