ट्रेन में सास दामाद की चुदाई

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम सरला है आप इस train saas damad sex story में पढ़ेंगे कैसे मैं अपने दामाद के साथ मुंबई ट्रेन से जा रही थी और ट्रेन में अपने दामाद से चुद गयी अब मैं अपनी saas damad sex story शुरू करती हूं उम्मीद है आपको यह मेरी saas sex story पढ़कर मज़ा आयेगा

Train Saas Damad Sex Story

मैं बिलासपुर से हूं और मैं 40 साल की हूं मेरी एक बेटी है सारिका जो की 20 साल की है मैं उसको बहुत प्यार करती हूं मेरे पति नहीं है वो स्पेन में काम करते थे और वो वही एक एक्सीडेंट में गुजर गये जब सारिका 10 साल की थी

मैंने अपनी जिंदगी के 10 साल कैसे बिताये मैं आपको कह नहीं सकती मैंने कैसे कैसे जिल्लत झेले सारिका की शादी पिछले साल ही कर दी मैंने सच पूछिए तो वो खुद से ही की अपने बॉय फ्रेंड के साथ

आप कहेंगे की 20 साल में ही शादी क्यों कर ली तो मैं आपको बता दू की वो शादी के पहले ही उसके पेट में उसके बॉय फ्रेंड नितिन का बच्चा पल रहा था

वो दोनों मुंबई शिफ्ट हो गये मैं अकेले ही रह गयी थी मुझे किसी चीज की कमी नहीं है मेरे पति का दिया हुआ काफी पैसा है पर जो नहीं है वो आपको पता है मुझे जवानी में ही सेक्स का सुख ज्यादा नहीं मिला

मैं अपनी जवानी को जब से पति गये तब से तकिया के सहारे ही जिंदगी काटी सारिका अपने पति के साथ मुंबई सेटल हो गयी पर उसका प्यार मुझे ज्यादा दिन अलग नहीं रख पाया सारिका मुझे अपने पास लाने के लिये नितिन को भेजी

अब मैं भी मुंबई में ही रहती हूं ट्रेन में इतनी भीड़ थी की हम दोनों का टिकट वेटिंग से आर ए सी तक रह गया सेकंड क्लास ऐसी का टिकट थे नीचे बाले सीट हम दोनों को मिला और हमलोग मुंबई के लिए रवाना हो गये

रात को ट्रेन फुल स्पीड पर चल रही थी सब लोग सो रहे थे हम दोनों बैठे थे बात चीत हो रही थी नितिन का पैर मेरे जांघ को छु रहा था

मैं साड़ी पहनी थी और ज्यादा कट का ब्लाउज जो की आगे से ज्यादा खुल था इस वजह से मेरे मम्में बाहर को झांक रही थी दोस्तों मैं हूं तो 40 साल की पर मेरा शारीर किसी 30 साल की औरत की तरह है

अब तो पहले से और भी सुंदर हो गयी थी चेहरा भर गया है मम्में काफी टाइट है मैं योग करती हूं तो शारीर की बनावट काफी अच्छी है नितिन मेरे मम्मों को निहार रहा था

पर उसका निहारना मुझे अछा लग रहा था सच बताऊं दोस्तों मैं तो ये भूल गयी की नितिन मेरा दामाद है और मैंने भी अपनी आंचल थोड़ा खिसका दी

मेरे दोनों बड़े बड़े सुडौल मम्में ब्लाउज में कसे हुये दिखने लगे उसके बाद मैं बाहर शीशे से झांकने लगी ताकि नितिन अपनी नजरों से मेरे मम्मों को अच्छे से निहार ले

थोड़ी देर बाद मैं नितिन को देखा तो वो गहरी एक लम्बी सांस ले रहा था मैंने कहा नितिन मैं बैठती हूं तुम लेट जाओ

पर उसने कहा नहीं नहीं मम्मी जी आप ही लेट जाओ मुझे अभी नींद नहीं आ रही है और मैं लेट गयी नितिन पैर फैलाकर बैठा था

उसका पैर की उंगली मेरे चूतड़ को छूने लगी धीरे धीरे वो अपने पैर से मेरे गांड को सहलाने लगा मैंने सोने का नाटक कर रही थी और वो मजे लूट रहा था

उसके बाद थोड़ी देर बाद मैं सीधा लेट गयी और पैर फैला दी और थोड़ा साड़ी को ऊपर खींच ली और अपना पैर मैं नितिन के लंड के पास ले गयी हे भगवान मोटा लंड खड़ा था

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एक दम टाइट नाग की तरह फनफना रहा था पर मैंने सोने का नाटक करते हुये पैर को नहीं हटाई अब नितिन अपना एक पैर मेरे दोनों पैरो के बीच में रख लिया और धीरे धीरे आगे करके मेरी चूत तक ले गया

साड़ी तो घुटने तक थी ही अंदर कंबल में उसके बाद नितिन धीरे धीरे साड़ी को ऊपर कर दिया और मेरे चूत को अपने पैर से ही सहलाने लगा मेरी चूत गीली हो जाने की वजह से मेरा पैंटी भी गीली हो चुकी थी

नितिन को समझ आ गया था की मां जगी है पर मैंने आंख नहीं खोली वो धीरे धीरे साइड से अपना उंगली चूत के अंदर डालने की कोशिश करने लगा

पर मेरी चूत में बाल थे इस वजह से मुझे दर्द होने लगा मैंने अपनी आंख खोल और नितिन को देखी नितिन का चेहरा लाल हो गया था

मैंने उसको देखते हुये अपने ब्लाउज का ऊपर का सारे हुक खोल दिये और थोड़ा सा उचककर मैंने ब्रा का हुक खोल दिया नितिन मेरे होठ के पास आ गया उसकी सांसे तेज चल रही थी और आंखों में वासना की चमक था

उसके बाद वो मेरे पे टूट पड़ा वो मेरे होठ को चूसने लगा और मम्मों को दबाने लगा और फिर तो क्या बताऊं दोस्तों मेरा मन तो पागल होने लगा

मुझे अब नितिन का लंड चाहिये अपनी चूत में मैंने नितिन को अपनी बाहों में भर ली और सहलाने लगी उसने मेरे चूत में उंगली करने लगा और फिर पैंटी उतार दिया मैंने कहा सारा कपड़ा मत उतारो हम ट्रेन में है

फिर उसने बीच में बैठ कर अपना लंड मेरे चूत के छेद पे लगाया और जोर जोर से पेलने लगा मैं दस साल बाद चुद रही थी मानो मेरा सुहागरात हो रहा हो वो झटके पे झटके दे रहा था और मैंने स्वर्ग का आनंद ले रही थी

मेरे मुंह से आह्ह आह्ह ओह्ह्ह ऊईईईई ऊह्ह्ह उफ्फ उफ्फ आह्ह की आवाज आ रही थी और वो भी मुझे गालिया दे रहा था और चोद रहा था

उसके बाद उसने कहा मम्मी जी मुझे गांड मारना बहुत अछा लगता है मैं तो सारिका की चूत से ज्यादा गांड ही मारता हूं

मैंने कहा आज तू चूत ही मार ले क्योंकि गांड में दर्द होगा तो मैं चिल्लाऊंगी और लोगो को पता चल जायेगा इसलिए तुम मुझे मुंबई में जिस तरह से चोदना हो या गांड मारना हो मार लेना अब तो मैं तुम्हारी हो गयी हूं

इतना कहते ही वो जोर जोर से तेजी से चोदने लगा मैंने भी गांड उठा उठा के चुदवाने लगी फिर तो ट्रेन की रफ़्तार के साथ साथ हम दोनों की रफ़्तार भी बढ़ गयी और फिर हमलोग मथुरा आते आते करीब तीन से चार बार झड़ चुके थे

हम मुंबई घर पहुंचे और खाना पीना खाये फिर हम लोग बेखबर सो गये क्योंकि रात की चुदाई हो रही थी शाम को एक रजिस्ट्री आयी जिसमे जब का ट्रेनिंग लेटर था और उसकी जॉब लग गयी थी बैंक में उसको जाना था

सारिका अकेली ही दूसरे दिन दिल्ली चली गयी फिर तो क्या बताऊं दोस्तों नितिन और मेरा रिश्ता पति पत्नी से बढ़कर हो गया

सारिका के जाते ही मेरे दामाद ने मुझे घोड़ी बनाकर मेरी गांड मारी और मैं दर्द से बहुत चिल्लाई मेरे चीखे कमरे में ही दबकर रह गयी और मेरे दामाद ने मेरी गांड बहुत जबरदस्त तरीके से मारी मेरी तो जान ही निकाल दी

अब हम दोनों अपनी जिंदगी में बहुत प्यार से चुदाई का मज़ा ले रहे है इसी बीच मुझे नितिन ने प्रेगनेंट कर दिया पर क्या करूं मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था अगर सारिका को पता चल गया तो क्या कहेगी

इस लिये मैंने और मेरे दामाद ने यह फैसला किया कि हम ये बचा नहीं रखेंगे और हम सिर्फ चुदाई का मज़ा लिया करेंगे जब मेरी बेटी सारिका मुंबई में नहीं होती तो हम दोनों सास दामाद पति पत्नी की तरह रहते

मेरा दामाद मेरी गांड चाट चाट कर मेरी गांड की चुदाई करता उस ने मेरी गांड मार मार कर खोल दी है और मेरी गांड पहले से भी बड़ी हो गयी है मेरा दामाद मेरी गांड का दीवाना हो गया है

यह थी train saas damad sex story कैसी लगी आपको और saas sex story पढ़ने के लिये आप chudai kahani com पर आते रहे