सौतेली मां को गरम किया

हैलो दोस्तो मेरा नाम सौरव है मैं अपनी और मेरी हाईट 5 फीट 7 इंच का और वजन करीब 57-58 किलो है मैं 28 साल का हूं इन दिनों मैं पानीपत में रहता हूं आज मैं आपको अपनी hindi erotic incest stories बताऊंगा कैसे मैंने अपनी सौतेली मां को गरम किया

Hindi Erotic incest Stories

अब मैं अपनी maa beta sex story शुरू करता हूं यह बात आज से करीब 7-8 साल पहले की है जब मेरी उम्र 22 साल की थी और मेरी मां 41 की थीं मेरी जवानी शुरु हुयी थी और उनकी जवानी के शोले भड़कते थे

मेरी मां बहुत सेक्सी और सुंदर है और बहुत ब्यूटीफुल उनका फिगर 36-28-38 है बहुत बड़े बड़े मम्में है उनका सुडौल गोरा बदन बहुत हसीन है वैसे वो मेरी रियल मां नहीं हैं वह मेरे पापा की सेक्रेटरी थी बाद में पापा ने मां से तलाक ले और बाद में उनसे शादी कर ली

मैं पहले उनको नीलम आंटी कहता था पर अब मां ही कहता हूं मैं मां को जब भी देखता तो मुझे उनका सेक्सी फिगर देखकर मन मे गुदगुदी होती थी मैंने उनको एक दो बार पापा के ऑफिस में आधा नंगा जैसे जब वह स्कर्ट पहनती थी तो उनकी थाईज बड़ी जबरदस्त होती थी

तब वो मेरे पापा की सेक्रेटरी थी एक दो बार मैंने मां को पापा के ऑफिस के प्राइवेट रूम में जो चेंजिंग रूम कम रेस्ट रूम था मैं छुप कर कपड़े चेंज करते भी देखा था और मैं उनके मम्में और चड्डी के नीचे के एरिया को छोड़कर पूरा नंगा देख चुका था

मां की बॉडी एकदम संगमरमर की तरह चिकनी थी उनकी जांघें ऐसी लगती थी जैसे दो केले का जोड़ा हो उनके होंठ एकदम गुलाब की पंखुड़ियों की तरह थे और गाल एकदम कश्मीरी सेब जैसे पिंक मां एकदम टाईट फिटिंग के कपड़े पहनती थी

मैं उनको बहुत नज़दीक से देखकर अपनी आंखों को सुकुन दिया करता था मतलब जब से मेरा लंड खड़ा होना शुरू हुआ वो बस नीलम मां को ही तलाशता और सोचता था

मैं उनकी बॉडी को देखकर अपने मन और आंखों की प्यास बुझाया करता था लेकिन पहले जब तक वो नीलम आंटी थी मुझे उनसे नफरत थी और मैं सोचता था कि एक दिन इनको तसल्ली से चोदकर अपनी भड़ास निकलूंगा पर बाद में उनके लिए मेरे पापा के प्यार ने और उनके अच्छे व्यवहार ने मुझे चेंज कर दिया

अब वो हमारे घर पर फर्स्ट फ्लोर में रहती थी पापा और उनका बेडरूम फर्स्ट फ्लोर पर था और हुम लोग ग्राउंड फ्लोर पर रहते है पापा नीलम मां के साथ फर्स्ट फ्लोर पर ही सोते हैं बेड रूम के साथ ही एक और रूम है जिसको सब यूज करते है

धीरे धीरे मैं मां के और करीब आने लगा वह शायद मेरा इरादा नहीं समझ पा रही थी वह मुझको वही बच्चा समझती थी पर अब मैं जवान हो गया था जैसे ही मैंने कॉलेज में एडमिशन लिया तो पापा ने ऑफिस का वर्क भी मुझको सिखाना शुरू कर दिया और मैं भी फ्री टाइम में रोज ऑफिस का काम देखने लगा

मोस्टली मैं एसोसिएट का काम देखता हूं क्योंकि मैं समवेयर स्टूडेंट था कॉलेज में भी मुझे कोई भी लड़की मां से ज्यादा सेक्सी नहीं लगती थी अब मझे जब मौका मिले मोन्स को टच करके जैसे उनकी जांघों पर हाथ फेर के उनके चूतड़ पर रब करके या कभी जानबुझकर उनके मम्में छू लिया करता

मां पता नहीं जानबूझकर या अनजाने में अनदेखा कर देती थी या वह मेरा उद्देश्य नहीं समझ पाती थी कभी पापा रात को मुझे अपने बेड रूम में बुलाते थे और ऑफिस के बारे में मेरे साथ डिसकस करते क्योंकि मां अक्सर नाइट गाऊन में होती थी

मैं पूरी तसल्ली से उनके बदन का मुआयना करता था उनके मम्में बिल्कुल पके हुये आम जैसे मुझे बड़ा ललचाते थे कई बार मां को भी मेरा इरादा पता चल जाता था पर वो कुछ नहीं कहती थी

अब तो मेरी बेचैनी बढ़ती जा रही थी और मैंने मां की चुदाई का पक्का इरादा कर लिया और मौके की तलाश करने लगा एक दिन जब पापा ने मुझे फर्स्ट फ्लोर पर रात को 11 बजे बुलाया तो मैं ऊपर गया तो पापा ने बताया कि उनको रात 1 बजे की फ्लाइट से 1 सप्ताह के लिए अर्जेट बाहर जाना है

वो मुझे और मां नीलम को जरूरी बातें ब्रीफ करने लगे मां थोड़ा घबरा रही थीं तो पापा ने कहा गीता डार्लिग घबराओ मत तुम और सौरव सब सम्भाल लोगे सौरव तुम्हारी मदद करेगा कोई प्रॉब्लम हो तो मुझे कॉल करना वैसे मुझे पता है तुम सब कुछ अच्छे से संभाल सकते हो

उसके बाद पापा ने मुझसे कहा गीता थोड़ी नर्वस है तुम जरा बाहर जाओ मैं उसको समझाता हूं मैं बाहर आ गया तो पापा ने अंदर से दरवाजा बन्द कर दिया लेकिन मुझको शक हुआ कि पापा मेरी अनुपस्थिति में नीलम मां को क्या समझाते हैं?

ये कहानी भी पढ़े :- अम्मी की सील को तोड़ा

मैं की-होल से चुपके से देखने लगा लोजिकली डोर पर कर्टेन नहीं चढ़ा था और लाईट भी जल रही थी लेकिन मैंने जो देखा तो मैं स्तब्ध रह गया पापा मां को बाहों में लेकर किस कर रहे थे और मां भी कर रही थी फिर पापा ने मां के होंठ अपने होंठों पर लेकर डीप किस लिया तो मां भी जवाब देने लगी

फिर पापा ने मां का गाऊन पीछे से खोल दिया और पीठ पर रब करने लगे मां और पापा अभी भी एक दुसरे को किस कर रहे थे और दोनों लम्बी सांसें ले रहे थे कि मैं सुन सकता था फिर पापा ने मां का गाऊन पीछे से उठाया और उनकी चड्डी भी नीचे करके मां के चूतड़ पर रब करने लगे मां की पीठ दरवाजे के तरफ थी

जिस कारण मुझे मां की गांड और चूतड़ के दर्शन पहली बार करने का मौका मिला मां के चूतड़ एकदम संगमरमर से मुलायम और चिकने नज़र आ रहे थे मां सिसकियां भी ले रही थीं और मस्ती में लम्बी सांसें भी ले रही थी

फिर अचानक पापा ने मां का गाऊन आगे से ऊपर किया और उनकी चूत पर उंगलियां फिराने लगे पर मैं कुछ देख नहीं पाया क्योंकि वो दूसरी साइड थी फिर पापा दूसरी तरफ पलटे तो मां की चूत वाली साइड मेरे तरफ हो गयी और अब मैं मां की चूत थोड़ी बहुत देख सकता था

पर डोर से कुछ नज़र साफ नहीं आ रहा था मां की चूत का मैं अंदाजा लगा सकता था क्योंकि पापा वहां पर उंगलियां फिरा रहे थे और मां के खड़े होने के कारण चूत पूरी नज़र नहीं आ रही थी

वो बस एक छोटी लाइन से दिख रही थी जहां पापा उंगली फिरा रहे थे उसके बाद पापा नीचे झुके और मां की चूत पर अपने होंठ रख दिये यह मुझे साफ नहीं दिख रहा था पर मैं अंदाजा लगा सकता था कि मां अब जोर जोर से सिसकारियां लेकर मजे ले रही थी और पापा भी मस्ती में थे

लेकिन अचानक जाने क्या हुआ कि पापा रुक गये और उन्होंने मां को छोड़ दिया और मां को लिप्स पर किस करते हुये बोले डार्लिग आयी एम सॉरी अब मुझे जाना होगा मैं बहुत लेट हो गया हूं

सौरव बाहर खड़ा है एंड आई एम गेटिंग लेट आई एम वैरी सॉरी मां भी तब तक शांत हो चुकी थी पर वो असन्तुष्ट लग रही थी वो सामान्य होते हुये बोल ओके ठीक है और उन्होंने अपना गाऊन ठीक किया उसके बाद पापा ने मुझको आवाज़ लगाते हुये कहा सौरव तुम बाहर हो बेटा?

मैं चौकन्ना हो गया और अपने को नार्मल करने लगा क्योंकि मेरा लंड एकदम खंभे के माफिक खड़ा हो गया था और मेरी धड़कन भी नार्मल नहीं थी लेकिन जब तक पापा डोर खोलते मैं नार्मल हो गया था

फिर पापा ने दरवाजा खोला और बोले ड्राईवर को बुलाओ और मेरे सामान गाड़ी में रखो रात काफी हो गयी है यू डोंट नीड टू कम एयरपोर्ट आयी विल मैनेज एंड प्लीज सी द ऑफिस एंड फोर वन वीक टेक लीव फ्रॉम दी कॉलेज एंड असिस्ट गीता मैं और मां पापा को ड्रॉप करने जाना चाहते थे पर पापा ने स्ट्रिक्टली मना कर दिया

पापा को हमने गुड बाय कहा और पापा ने हुमको बेस्ट ऑफ लक कहते हुये किस किया जब पापा चले गये तो मां ने मुझसे कहा सौरव आज तुम ऊपर वाले कमरे में ही सो जाओ मुझे कुछ अच्छा नहीं लग रहा है मैं तो ऐसे मौके की तलाश में ही था

मैं एकदम से थोड़ा झिझकने का नाटक करते हुये हां कह दिया मां और मैं फर्स्ट फ्लोर पर आ गये और मां बेडरूम में चली गयी उनहोने मुझे पुछा कि आर यू कोम्फरटेबल ना? मैंने कहा यस वो बोली एक्टचुअली आयी ऍम नॉट फीलिंग वेल इस लिए तुमको परेशान किया

मैंने कहा ओके ਠੀਕ है मां फिर मां अंदर चली गयी और मैं बाहर कॉमन रूम में लाइट ऑफ करके सो गया मां थोड़ा घबरा रही थी इस लिए उनहोने दरवाजा बन्द तो किया पर लॉक नहीं किया और नाइट लैंप ऑफ नहीं किया अब मेरे को तो नींद कहां आनी थी?

मैं तो मां के साथ सपनो की दुनिया सजा रहा था और मेरी नज़र मां की एक्टिविटीज पर थी करीब आधे घंटे बाद मां मेरे कमरे में आयी और जैसे ही उन्होंने लाइट ओन की तो देखा कि मैं भी लेटा हुआ जग रहा हूं मां बोली सौरव लगता है तुमको भी नींद नहीं आ रही है

1:30 बज गये है तुम भी शायद अपने पापा के बारे में और कल ऑफिस के बारे में सोच रहा हो मैंने कहां बात तो आप ठीक कर रही है पर पता नहीं क्यों? मुझे ऐसी कोई चिंता नहीं है पर नींद नहीं आ रही है आप सो जाओ मैं भी सो जाता हूं थोड़ी देर में नींद आ जायेगी

मां बोली ओके सौरव पर मैं थोड़ा कोम्फरटेबल नहीं फील कर रही हूं तुम सो जाओ मैं लाइट ऑफ कर देती हूं तब मैं मां से कहा कि मां अगर आप बुरा ना माने तो ऐसा करते हैं कि अंदर ही मैं भी आपके पास बैठता हूं बातें करते हुये शायद नींद आ जाये

वो बोली गुड आयीडिया चलो अंदर आ जाओ और मैं और मां अंदर बेड रूम में चले गये मैं अंदर चेयर पर बैठ गया और मां बेड पर बैठ गयी फिर मां बोली सौरव ठंड ज्यादा है तुम भी बेड पर ही बैठ जाओ

मैंने मना करने का बहाना बनाया पर मां ने जब दुबारा बोला तो मैं उनके सामने बेड पर बैठ गया और रजाई से आधा कवर कर लिया अब मैं मां को तसल्ली से बात कर रहा था और रजाई के अंदर मैं पाजामे का नाड़ा थोड़ा ढीला कर लिया था फिर मैंने मां से कहा कि ऑफिस की बात नहीं करेंगे कुछ गप शप करतें है

फिर मां बोली ओके तो मैंने कहा मां तुम बुरा ना मानो तो तुमसे एक प्राइवेट बात कहनी थी मां बोली कम ओन डोंट कंफ्यूज खुल कर कहो मैंने कहां मां यू आर मोस्ट ब्यूटीफुल लेडी आयी इवर मेट आयी रियली मीन इट मैं गप शप नहीं कर रहा हूं

मैं आज से नहीं जब से तुमको देखा है तुमको अपनी कल्पना अपना प्यार और सब कुछ मानता हूं यू आर रियली ग्रेट मां एंड आपका फिगर इज मारवलस एंड इवन मोस्ट गॉर्जियस गर्ल ऑफ 16 कांट बीट आपकी ब्यूटी एंड सेंसुअलिटी

मैं यह सब एक ही साथ कह गया कुछ तो मैं कहां कुछ मैं कहता चला गया पता नहीं मुझे क्या हो गया था मां मुझे देखती रही और हंसने लगी बोली तुम पागल हो एक बुढ़िया के दीवाने हो गये हो

मैंने कहां नो मां यू आर मारवलस कोई भी जवान लड़की तुम्हारा मुकबला नहीं कर सकती मां प्लीज अगर तुम मेरी एक बात मान लो तो मैं तुमसे जिन्दगी में कुछ नहीं मांगूंगा

मां बोली अरे बुद्धु कुछ बोलो भी यह शायरों की तरह शायरी मत करो मैं तुम्हारी क्या हेल्प कर सकती हूं? मैंने कहां मां प्लीज बुरा मत मानना पर मैं तुमको सबसे खूबसुरत मानता हूं इस लिए अपनी सबसे खूबसूरत लेडी की खूबसूरती को एक बार पूरी तरह देख लेना चाहता हूं

मां प्लीज मना मत करना नहीं तो मैं सचमुच मर जाऊंगा और अगर जिंदा भी रहा तो मरे जैसा ही समझो मां एकदम चुप हो गयी और सोचने लगी फिर धीरे से बोली सौरव तुम सचमुच दीवाने हो गये हो वह भी अपनी मां के

अगर तुम्हारी यही इच्छा है तो ओके बट प्रॉमिस मेरे साथ कोई शरारत नहीं करना नहीं तो तुम्हारे पापा को बोल दूंगी और आंख मारते हुये बोली तुम्हारी पिटाई भी करूंगी मैंने कहां ओके पर एक शर्त है कि मैं अपने आप देखूंगा आप शांत बैठी रहो मां बोली ओके

मैं मां के नजदीक गया और मां का गाऊन के पीछे का बटन खोलकर गाऊन को डाउन कर दिया फिर उसको उनकी कमर से नीचे लाया इसके बाद मैंने रजाई हटाई अब मां मेरे सामने ऊपर से सेमी न्यूड हो गयी थी उनके ऊपर केवल ब्रा ही रह गयी थी

मां बिल्कुल बुत की तरह शांत थी मैं नहीं समझ पा रहा था कि उनको क्या हुआ है मुझे लगता है कि वह बड़े कन्फ्जयून में थी पर? मैं बड़ा खुश था और एक्साईटमेंट में मेरी खुशी को और बढ़ा दिया था

फिर मैंने मां का गाऊन उनकी टांगों से होते हुये अलग कर दिया अब मां केवल पैंटी और ब्रा में बेड पर लेटी थी फिर मैंने मां की ब्रा का हुक खोल दिया

मां की एक चीख सी निकली पर फिर वो चुप हो गयी फिर मैं मां की ब्रा को उनके शरीर से अलग कर दिया उनके मम्में देखकर मैं पागल हो गया और एक्साईटमेंट में मैंने उनके मम्में को चूम लिया मां की सिसकारी निकल गयी पर नेक्स्ट मोमेन्ट वो क्रीटिसाईट होती हुयी बोली सौरव बिहेव योरसेल्फ तुमने वादा किया था?

मैंने कहां मां तुम इतनी मस्त चीज़ हो कि मैं अपना वादा भूल गया फिर मैं मां की पैन्टी को निकालने लगा और मां ने भी इसमें मेरी मदद की पर वो एक बूत सी बनी थी उनकी इस हरकत से मैं भी थोड़ा नर्वस हो गया पर मैंने अपना काम नहीं रोका और पैंटी के निकलते ही मेरे कल्पनाएं साकार हो गयी थी

मैंने मां की चूत पहली बार देखी थी एक दम चिकनी मखमल जैसी और एक दम बन्द ऐसे लगती थी जैसे संतरे की दो फांकें हों मैंने ब्लू फिल्मों में बहुत सी चूतें देखी थी वो एकदम चौड़ी और मरकस वाली होती हैं पर मां की चूत को देखकर यह लगता ही नहीं था कि वो एक 41 साल की औरत की चूत है

सबसे बड़ी बात यह थी कि उनकी चूत एक दम क्लीन शेवड थी और गोरी ऐसी कि ताज महल का टुकड़ा अब मेरे सामने एक 41 साल की औरत नंगी लेटी थी आप खुद सोचो ऐसे में एक 22 साल के लड़के का क्या हाल हो रहा होगा?

फिर मैंने कहां मां प्लीज मैं एक बार तुम्हारी बॉडी को महसूस करना चाहता हूं कि एक औरत की बॉडी के रियल टच का क्या एहसास होता है?

मां बोली तुम अपना वादा याद रखो सोच लो वादा खिलाफी नहीं होनी चाहिए मैं उनका सही मतलब नहीं समझ पाया पर उनकी नंगी काया देखकर मैं पहले ही बेशुध हो चुका था अगर कोई कमी थी तो मां के रिस्पोंस की और मेरे पहले एक्स्पेक्ट की वजह से झिझकी

फिर मैं मां के ल्पिस का एक डीप किस लिया और उनको उनकी पीठ से बाहों में ले लिया और उनकी पीठ पर रब करने लगा मां का कोई रिस्पोंस नहीं आया पर उनके मम्मों का टच मुझे पागल कर रहा था ऐसा टच मुझे पहली बार हुआ था

मैं समझ नहीं पा रहा था कि वो मम्में थे या मार्बल और वेल्लेट का मिक्स आहह फ्रेंडस सच में असली ग्रेट फीलिंग उसके बाद मैंने मां को पलटा और अब उनकी पीठ पर किस करने लगा और उनके मम्मों को मसलने लगा ऊहह आह मैं सातवें आसमान पर था फ्रेंड्स मैं आपको बता नही सकता क्या मजा आ रहा था

मां भी अब कोई विरोध नहीं कर रही थी पर उनका रिस्पोंस बहुत पॉजिटिव नही था पर मुझे अब इस बात का कोई एहसास नहीं था कि मां क्या सोच रही है? मैं तो सचमुच जन्नत के दरवाजे की तरफ बढ़ रहा था और मां की बॉडी का टेस्ट ले रहा था

मां के मम्मों का रस सचमुच बड़ा रसीला था मैंने अब उनके निप्पल्स पर दांतों से काटना शुरू किया तो मां पहली बार चीखी और बोली अरे काट डालेगा क्या? आराम से कर हरामी मैं समझ गया कि अब मां भी मस्त हो चुकी है मैंने अपना पायजामा उतार दिया और बनियान भी उतार दी

अब मैं केवल अंडरवियर में था कुछ देर मां के मम्में चूसने के बाद मैंने मां की नेवेल पर किस करना शुरू कर दिया तो मां बेड पर उछलने लगीं और सिसकारियां लेने लगी मैं हाथों से उनके मम्में दबा रहा था और होंठों से उनकी नाभि को चूम रहा था

फिर मैं और नीचे गया और मां के पेट के पास और नाभि पर किस करने लगा दोस्तों मैं बता नहीं सकता और आप भी केवल महसूस कर सकते हैं कि क्या मजा आ रहा था?

इसके बाद मैंने मां की टांगों पर भी हाथ फिराना शुरु कर दिया उनकी टांगें बड़ी मुलायम और स्मूथ थी मुझे लगता है कि मां अपनी बॉडी का बहुत ख्याल रखती हैं और पापा भी तो उनकी इस लाजवाब बॉडी के गुलाम हो गये थे बट शी इज ग्रेट लेडी रियली इन आल रिस्पेक्ट और इस टाइम तो वो मेरी क्लिओपेट्रा बनी हुयी थी

अब मैं मां की टांगों और जांघों पर अपना कमाल दिखाना शुरु कर दिया और मैं कभी उनको चूमता कभी दबाता और कभी रब करता मां भी अब तक मस्त हो चुकी थी और मेरा पूरा साथ दे रही थी पर मैंने अब तक एन्ट्री गेट पर दस्तक नहीं दी थी

मैं मां को पूरा मस्त कर देना चाहता था और मैंने अपने लंड को फुल कन्ट्रोल में रखा था मैं मां की बॉडी को अभी भी अपने होंठों और उंगलियों और हाथों से ही रौंद रहा था अब तो मां भी पूरी तरह गरम हो चुकी थी और वादे वाली बात भुलकर मस्ती में पूरे जोर से मेरा साथ दे रही थी

मां चीखने लगी अरे सौरव अब आ भी जा यार प्लीज मत तड़पा जालिम जल्दी से मेरे ऊपर आ जा मैंने कहां बस मां जस्ट वेट मैं तैयार हो रहा हूं बस एक मिनट रूक जाओ मैं भी आता हूं तभी मां ने मेरा अंडरवियर नीचे खिसका दिया और वो बोली अबे मादरचोद अपनी मां की बात नहीं मानेगा?

इतना कहकर उन्होंने अब मेरा लंड पकड़ कर जोर से दबा दिया मेरी तो चीख निकल गयी और अब तक जो मेरा लंड तैयार था बिल्कुल बेताब हो गया मैंने मां की दोनों टांगों को दूर करते हुये उनकी राईट थाई पर बैठ गया और उनके चूतड़ को दोनों हाथों से धकेलते हुये अपना लंड उनकी चूत के पास ले गया

पूरे जोर का धक्का दिया तो मेरा आधा लंड उनके चूत में समा गया मेरी तो चीख निकल गयी लेकिन मां को कुछ तसल्ली हुयी और वो मेरे अगले एक्शन का इंतज़ार करने लगी मैंने एक और जोरदार धक्का लगाया तो पूरा लंड अंदर चला गया

अब मैंने धीरे धीरे अंदर बाहर करना शुरू किया और मां की दूसरी जांघ को अपने कंधे की तरफ रख दिया राईट थाई पर बैठ कर अपना चुदाई कार्यक्रम शुरू कर दिया अब तो मां पूरे मज़े में आ गयी और मेरा पूरा सहयोग करने लगी पूरे कमरे में मेरे और मां के चुदाई प्रोग्राम का म्यूजिक शुरू हो गया

मां भी उफ्फफ आह्ह्ह करने लगीं और बोली अंदर तक घुसेड़ दे अपना लंड मैं भी जोर से अंदर बाहर करने लगा बोली मस्ती आ रही है तुझे भी मज़ा आ गया आज बहुत दिन बाद जवानी का मज़ा पाया है कसम से आज तूने मुझे अपनी जवानी के दिन याद दिला दिये आईईई ईस्स मैं भी बहुत जोश के साथ चुदाई कर रहा था

मैं बोला आज तेरी चूत की धज्जियां उड़ा दूंगा अब तू पापा से चुदवाना भूल जायेगी हर वक्त मेरा ही लंड अपनी चूत मे डलवाने को तड़पा करेगी मां आह्ह्ह आईईई क्या मज़ा आ रहा है फक मी हार्डर सौरव कम ऑन और फर्स्ट यू आर माई डार्लिग

मैं भी बोला यस माई फेयर लेडी स्योर मां बोली मुझको नीलम के नाम से बुलाओ कहो नीलम मेरी जान मैंने कहां ओके नीलम डार्लिग यह ले मजा आ रहा है ना आज मैं भी अपने लंड से तेरी चूत को फाड़ के रख देता हूं वह चिल्ला रही थी

आह्ह्ह आह्ह्ह गुड ममम आह्ह्ह ऊहह्ह ममम फिर अचानक जब मुझे कुछ दबाव सा महसूस होने लगा तो मां बोली सौरव अब बस एक बार अब धीरे धीरे कर दे मेरा तो पानी निकाल दिया तूने

मैंने स्पीड थोड़ी कम कर दी और अब मां और मैं थकने भी लगे थे अचानक मेरा सारा दबाव मेरे लंड के रास्ते मां की चूत की घाटी में समा गया और मां भी शांत हो गयी और हम दोनों एक दूसरे से चिपक कर लेट गये मेरा लंड मां की चूत के अंदर ही था

एक दूसरे से बिना कुछ बोले ही हम दोनों वैसे ही सो गये सुबह जब नींद खुली तो 6 बज गये थे और मेरा लंड मां की चूत में वैसे पड़ा था मैंने मां को जगाया तो वह शरमाने सा लगीं फिर बोली सौरव तुम तो एकदम जवान हो गये हो तुमने आज इस 41 साल की बुढ़िया को 20 साल की गुड़िया बना दिया

तब मैंने कहां अब तू मुझे बुलाएगी क्या बोल? उसने मुझे अलग करके दूर करते हुये कहां जरुर मेरी जान मां ने अपने उपर लिटाया मुझे किस किया मैंने भी फिर से मां के माथे पर मम्मों पर नाभि पर किस कर बगल में ही लेट गया और सुबह तक एक साथ लिपट कर चिपक कर सोए रहे

6 बजे मां ने उठाया और मुस्कुराई बोली याद रखना इस बात को सबसे छुपाकर ही रखना मैं भी बोला ऐसे ही इनटरटेनमेंट करते रहना अब मैं मां की चूत और गांड भी मारता हूं जब पापा किसी काम से बाहर जाते है कभी कभी तो पापा के होते भी सेक्स कर लेता था मां से

यह थी मेरी hindi erotic incest stories कैसी लगी आपको और maa beta sex story पढ़ने के लिये आप chudai kahani com पर आते रहे यहां पर आपको बहुत सारी hindi erotic incest stories पढ़ने को मिलेगी