आप ने hindi sex story mom के पिछले भाग धार्मिक यात्रा पर मां को नंगी देखा- 6 में पढ़ा फिर उसने अपनी बांहे मेरी पीठ में लपेटकर मुझे अपनी ओर खींचा मैं नीचे आकर मां की चूचियों के निपल को चूसने लगा इससे मां का आनंद कई गुना बढ़ गया अब आप hindi sex story mom में आगे पढ़े
Hindi Sex Story Mom 7
पी लो बेटा काश आज भी मेरे स्तनों में दूध होता
मैंने ज़ोर से निपल को चूसा
आह्ह्ह आह्ह्ह सुरेश मां सिसकी
मां की चुदाई करते हुए दोनों चूचियों को मैंने खूब चूसा ऐसा आनंद मुझे पहले कभी नहीं आया था
अब मां ने अपने हाथ मेरे नितंबों पर रख दिए और उनको कसके पकड़कर वो मुझे अपनी ओर खींचने लगी और हर धक्के के साथ उसकी सिसकारी निकल जा रही थी मुझे अभी भी लगता है काश मैं उस दृश्य को कैमरे में क़ैद कर पाता हालांकि बाद में घर में हमारे संबंधों के दौरान मैंने इच्छा प्रकट की थी
हमारी चुदाई को रिकॉर्ड करने की और वो तैयार हो गई थी और जब उसने रिकॉर्डिग देखी तो फिर जब भी हम चुदाई करते वो हैंडीकैम से रिकॉर्ड करने को कहती
अचानक मां ने अपने नितंबों को ऊपर उछालना शुरू किया मेरे हर धक्के का जवाब वो नीचे से देने लगी हमारे बदन के टकराने की आवाज़ पूरे कमरे तैयार गूंजने लगी
मां इतनी ज़ोर से अपने नितंबों को ऊपर उछाल रही थी की उसका साथ देना मेरे लिए मुश्किल हो गया थप थप की आवाज़ के साथ मां की सिसकारियां कमरे तैयार गूंजने लगी
मुझे ऐसा लगा की अब मां अपने ओर्गास्म के नजदीक है अपनी जांघों के बीच वो मुझे किसी गुड्डे की तरह ऊपर उछाल रही थी
सुरेश आह्ह्ह बेटे तेज करो ऊहह्ह बेटा मैं मझधार में हूं मुझे पार करा दे मेरे बच्चे
मां के कहने का मतलब था मुझे ओर्गास्म आने वाला है तेज धक्के लगाकर मुझे ओर्गास्म दिला दो
मां को ओर्गास्म आने वाला था मां ने मुझे तेज तेज करने को कहा मैं तेज तेज धक्के लगाकर लंड को मां की चूत में गहराई तक पेलने लगा मैंने मां की चूचियों में मुंह लगाया और ज़ोर से दांत गड़ा दिए
आह्ह्ह आह्ह्ह बेटा मां सिसकी
अब मां ऊपर को छोटे छोटे धक्के लगा रही थी मैंने मां का चुंबन लिया और उसकी जीभ को चूसा आईईई आह्ह्ह
मां ने अपनी कमर उठाकर टेडी कर दी और वो सिसकियां लेते हुए झड़ने लगी उसने मेरी पीठ पर नाखुन गड़ा दिए कुछ पल तक ऐसे ही हवा में रुककर मां ने कमर नीचे कर दी
रुक मत बेटा नहीं तो मेरी जान निकल जाएगी मुझे दे दो बेटा मां चिल्लाई
मां ने फिर से अपनी जांघें उठा ली मैं मां की जांघों को पकड़कर चूत में लंबे और जोरदार स्ट्रोक लगाने लगा मुझे मालूम था मां का ओर्गास्म पूरा नहीं हुआ है और पूरा ओर्गास्म निकालने के लिए उसको तेज तेज चुदाई की जरूरत है
हां हां ऐसे ही मेरे बचे बस थोड़ा और थोड़ा और मेरे बच्चे आह्ह्ह आह्ह्ह सुरेशशश मैं गई मुझे संभाल बेटा आह्ह्ह ऊईईई मांअअ
फिर मां ने मुझे अपनी गिरफ़्त में जकड़ लिया मैंने उसकी जांघों को छोड़ दिया और धक्के लगाकर मां की चुदाई करते रहा मां के झड़ने से उसकी चूत से रस बहने लगा चूत के अंदर बाहर लंड जाते समय रस से भीगकर फच फच की आवाज़ करने लगा
अब मां बेड में शांत पड़ गई उसके बदन से पसीना निकल रहा था मां की चूचियों के बीच मुंह रखकर मैं लेट गया
मां ने मेरे कंधों को पकड़कर मुझे थोड़ा ऊपर उठाया और मेरे चेहरे पर उंगलियां फिराने लगी उसके चेहरे पर मुस्कुराहट थी अब वो कोई दूसरी ही औरत बन चुकी थी उसने अपनी जांघो को उठाया और नितंबों को हिलाकर मुझे चुदाई की याद दिलाई
मैं मां के चेहरे को देखते हुए हल्के हल्के धक्के लगाकर चुदाई करने लगा
ओह्ह्ह सुरेश ऐसा विस्फोटक चरम मैने आज तक अनुभव नहीं किया सिसकियां लेते हुए मां बोली
मैंने मुस्कुराते हुए मां का चुंबन लिया आई लव यू मां
मां ने मेरे चेहरे को पकड़ा और माथे का चुंबन लिया फिर आंखों नाक और होठों का चुंबन लेकर मेरे निचले होंठ को चूसने लगी
अब मैं भी झड़ने के करीब था मैंने लंबे स्ट्रोक लगाने शुरू किए लंड को आधा बाहर निकालकर फिर एक झटके में अंदर घुसाने लगा मां की चूत की गहराई में जड़ तक मैं लंड को घुसा दे रहा था
आह्ह्ह सुरेश भर दो मुझे मेरे बच्चे मां मेरा उत्साह बढ़ाते रही
मुझे एहसास हुआ की हम बिना किसी गर्भ निरोध के ही चुदाई कर रहे हैं मां को गर्भ भी ठहर सकता है मुझे चिंता हुई
सुरेश काश की मैं गर्भ धारण कर सकती तुम्हारे वीर्य से स्थापित गर्भ मेरे बच्चे बेटा अपने वीर्य से मेरी योनि भर दो आह्ह्ह सुरेश भर दो मुझे
अब मां सारे बंधनो से पार जा चुकी थी वो खुलेआम अपनी भावनाओ का इज़हार कर रही थी मां की चूचियों को पकड़कर मैं जोरदार धक्के लगाने लगा
मां मेरी प्यारी मां मेरे वीर्य को ग्रहण करो मेरी मां
भर दो बेटा अपनी मां की योनि को अपने वीर्य से भर दो ना जाने कितने जन्मों से ये योनि तुम्हारे वीर्य के लिए तरसती रही है मेरे बच्चे भर दो मुझे
मैंने मां की चूचियों को छोड़ दिया और उसकी गर्दन के नीचे हाथ डालकर उसे चूमने लगा मेरे वीर्य से मां की चूत भर गई मां ने भी वीर्य को महसूस किया और अपने नितंबों को उठाकर वीर्य को ग्रहण किया मेरे नितंबों को पकड़कर वो मुझे अपनी चूत पर पटकने लगी
आह्ह्ह सुरेशशश मैं फिर से गई मां ज़ोर से चीखी उसको दूसरा ओर्गास्म आ गया
मेरे शरीर से सारा वीर्य निकलकर मां की योनि में चला गया
जबरदस्त चुदाई के बाद हम दोनों बेड पर शांत पड़ गए मैं मां के बदन के ऊपर लेटा हुआ था उसने अपनी बांहों में मुझे जकड़ा हुआ था मां की चूत में अभी भी मेरा लंड घुसा हुआ था मैंने फिर से धक्के लगाने की कोशिश की लेकिन मां ने मुझे रोक दिया और शांत लेटे रहने को कहा
मेरा लंड मुरझाकर मां की चूत से बाहर निकल गया मां मुस्कुराई और मुझसे हटने को कहा मैं उसके ऊपर से सरककर बगल में लेट गया
मां बेड में बैठ गई और अपनी फैली हुई जांघों के बीच देखने लगी सुरेश देखो तुमने क्या किया है
मैं उठकर देखने लगा मां की चूत से वीर्य निकलकर बेड में चादर पर गिर रहा था
मैंने मां को देखा वो मुस्कुराई मुझे दुख है मेरे बच्चे ये तुम्हारा वीर्य बरबाद चला गया शिवांगी के गर्भ में इससे एक सुंदर पुत्र पैदा हो गया होता काश मैं भी गर्भधारण कर पाती
फिर झुककर मां ने मेरे होठों का चुंबन ले लिया मैंने मां की चूत से वीर्य निकालकर उसकी चूचियों पर मल दिया और उसकी चूत में उंगली करने लगा
आह्ह्ह आह्ह्ह सुरेश अब बस करो मैं थक गई हूं इस उमर में कैसे तुम्हारा इतना साथ दे पाई मुझे खुद आश्चर्य हो रहा है कहां से आई मुझ में इतनी शक्ति?
मां आपकी सही सही उमर क्या है? मैंने पूछा
बेटा 18 बरस की उमर में मेरी शादी हो गई थी और एक साल से पहले ही तुम हो गए थे मां मुस्कुराते हुए बोली और बेड से उठने लगी
मैंने उसका हाथ पकड़ा इसका मतलब आप
मां ने अपना हाथ छुड़ाया और बाथरूम में भाग गई
बाथरूम के दरवाज़े से बोली तुम मेरी उमर का हिसाब लगाते रहो लेकिन कुछ खाने का भी ऑर्डर दे दो मुझे भूख लगी है अपने प्यारे बच्चे का ख्याल रखने के लिए मुझे ताक़त की जरूरत है मां शरारत भरी मुस्कान से मुझे आंख मारते हुए बोली और फिर बाथरूम का दरवाज़ा बंद कर दिया
मैंने घड़ी में देखा 11:45 का टाइम हुआ था हे ईश्वर 4 घंटे 4 घंटे तक हमारा लंबा प्यार चला था मैं मुस्कुराने लगा
फिर मैंने खाने का ऑर्डर दिया और मां की उमर का हिसाब लगाने लगा जो मां ने बताया था उसके हिसाब से मां की उमर 52 या 53 वर्ष थी
हम चारो भाई बहिनो में मैं सबसे बड़ा था और सबसे छोटी बहन मुझसे 7 साल छोटी थी इसका मतलब 30 वर्ष की उमर तक मां चार बच्चों की मां बन चुकी थी शायद उस समय मां जितनी सुंदर रही होगी उसके हिसाब से पिताजी को मां से दूर रहना मुश्किल लगता होगा
तभी मां ने बाथरूम से मुझे आवाज़ दी बाथरूम का दरवाज़ा थोड़ा खुला हुआ था मैं बाथरूम के अंदर चला गया मां बाथटब में खड़ी थी
आओ सुरेश तुमको नहला दूं मां मुस्कुराते हुए बोली
मैं बाथटब में गया और मां का चुंबन लिया और दूसरे हाथ से मां की चूचियां दबाने लगा मां ने मेरा चुंबन लिया और फिर मुझे धकेलते हुए बोली पहले नहा लो बेटा
एक अच्छे बच्चे की तरह मैं मां के सामने खड़ा हो गया मां ने मुझे घुमा दिया और मेरी पीठ पर साबुन लगाने लगी
फिर नीचे को साबुन लगाते हुए उसका हाथ आगे मेरे लंड पर लगा हे भगवान तुम तो फिर से तैयार हो मेरा ऐसा हाल नहीं था ये तो आपके छूने से हो गया मैंने मुस्कुराकर जवाब दिया
मां ने मुझे सीधा घुमाकर शावर चला दिया फिर नहलाने के बाद तौलिए से मेरा बदन पोछने लगी मैं चुपचाप खड़ा रहा और मां को निहारते रहा ऊपर का बदन पोछकर मां नीचे को पोछने लगी मैं दीवार से टेक लगाकर खड़ा हो गया कुछ पल के लिए मैंने अपनी आंखे बंद कर ली
तभी मेरे लंड पर गर्मी महसूस हुई मैंने आंखे खोलकर देखा तो मां ने लंड को मुंह में लिया हुआ था वो भी क्या दृश्य था मेरे मुंह से आह्ह्ह निकली मां ने हाथ से मेरे लंड को पकड़ा और चूसने लगी दूसरे हाथ से वो मेरी गोलियों को सहला रही थी मैंने फिर से आंखे बंद कर ली
मां ने मुझसे टांगें फैलाने को कहा और मेरे नितंबों को पकड़ लिया मेरा ओर्गास्म बनने लगा तभी मां ने अचानक मेरी गांड के छेद में उंगली डाल दी और आगे पीछे करने लगी शुरू में मुझे कुछ अजीब लगा लेकिन फिर मेरे आनंद में कई गुना बढ़ोतरी हो गई
मां मैं झड़ने वाला हूं और फिर मैंने मां को हटाने की कोशिश की मां ने हाथ के इशारे से मुझे मना किया और लंड चूसते रही
मेरे लंड से वीर्य की धार निकली और सीधे मां के मुंह में गिरी मां लंड चूसते रही वीर्य से उसका मुंह भर गया खांसते हुए मुंह में हाथ लगाकर बड़ी मुश्किल से उसने वीर्य निगल लिया
मैंने मां को कंधे से पकड़कर उठाया मां आपने थूक क्यूं नहीं दिया?
अपने भक्त पुत्र के वीर्य को कैसे बहा दूं तेरा वीर्य अमूल्य है मेरे लिए धीरे धीरे आदत पड़ जाएगी तब आसानी से पी सकूंगी मां मुस्कुराते हुए बोली और मेरे होठों का चुंबन ले लिया
मां के होठों से मुझे अपने ही वीर्य का स्वाद आया मैंने मां को कसकर आलिंगन कर लिया उसकी बड़ी चूचियां मेरी छाती से दब गई
मैंने मां की चूत को चूसकर उसे सुख देने की कोशिश की लेकिन उसने मुझे रोक दिया चलो बेटा कमरे में चलो और कपड़े पहन लो बहुत सी बातें करनी हैं हमने अपने बदन नंगे करके एक दूसरे को दिखा दिए
अब हमें अपनी आत्मा को भी ऐसे ही खोलकर दिखाना है एक पुरुष की तरह तुम्हें जानना है समझना है और तुम भी एक स्त्री की तरह मुझे समझो मुझे जानो अच्छा या बुरा लेकिन हमें बहुत सी बातें करनी हैं मैंने हामी भरी और हम दोनों बाथरूम से बाहर आ गए
कैसी लगी आपको यह hindi sex story mom जरूर बताना और maa beta sex story पढ़ने के लिए आप chudai kahani com पर आते रहे