मौसी की चूत फाड़ दी

नमस्कार दोस्तों क्या हाल है आप सभी का उम्मीद करता हूं आप सभी ठीक होंगे आज मैं भी आपके लिए अपनी hindi sex story with mosi लेकर आया हूं आप इस mosi sex story में पढ़ेगे कैसे मैंने अपनी मौसी को चुदते देखा अब मैं आपका ज्यादा समय ना लेते हुए mosi sex story शुरू करता हूं

Hindi Sex Story With Mosi

मेरा नाम रवी है और मैं बिहार से हूं मेरी उम्र 20 साल है और मुझे chudai kahani com पर चुदाई की कहानियां पढ़ने और पोर्न देखने की आदत है मैं अभी स्टडी कर रहा हूं ये chudai kahani मेरी मौसी की है जिसमे मौसी की मेरे सामने चुदाई हुई थी

अब मैं अपनी मौसी के बारे में बता दूं उनका नाम नीलम है और उनकी उम्र 43 साल है वो ना तो ज्यादा मोटी है और ना ज्यादा पतली वह ज्यादातर सलवार कमीज़ ही पहनती है मौसी का फिगर 36-30-38 है उनके बूब्स बड़े है जो की हमेशा से ब्रा में से निकलने को बेताब होते है

जब भी मौसी नीचे झुकती तो उनके दो अनमोल रतन दिख जाते है उनकी कमर ज्यादा मोटी नहीं है और उनकी गांड थोड़ी बड़ी है जो कि काफी बाहर निकली हुई है मौसी की एक लड़की है जो की मेरी उम्र की है और एक लड़का है जो मुझसे 2 साल छोटा है

अब मैं सीधे chudai kahani पे आता हूं एक बार जब वेकेशन का टाइम था तब मेरी उम्र 18 साल थी तब मैं मौसी के घर पे रहने गया था तब मौसी ने कोई मन्नत मांगी थी तो उसे चढ़ाने के लिए जाना था

मौसी अकेली जाने वाली थी क्योंकि उनके लड़के और लड़की टूर पे गए थे मौसा के साथ मौसी ने मुझे कहा की बेटा तू चल साथ में तो मैंने सोचा की मैं यहां घर पर अकेले क्या करूंगा और मैं भी रेडी हो गया

मौसी ने उनकी और मेरी सीट बुक करवा ली बस रात को 8 बजे निकलने वाली थी तो हम भी जल्दी काम निपटा के पहुंच गए मौसी ने पीले रंग का सलवार कमीज़ पहना था हर बार की तरह उनके बूब्स कमीज़ से बाहर निकलने के लिए बेताब हो रहे थे

ऐसे लग रहा था कि वो कमीज़ काफी टाइट पहनती है स्लीपर कोच बस थी और हमारी सीट ठीक ड्राइवर की सीट के पीछे थी नीचे वाले स्लीपर में मैं और मौसी चले गए

बस निकलने वाली थी इसलिए ड्राइवर के साथ वाला कंडक्टर सब स्लीपर चेक करने आया तब मौसी पैर सीधे करके बैठी हुई थी और मौसी के बूब्स के बीच की गहराई भी दिख रही थी

मौसी ने उसे देख के स्माइल दी उसने हम से पूछा सब ठीक है ना? तो मौसी ने बोला हांजी फिर बस चल पड़ी मैं और मौसी बस जिस तरफ जा रही थी उसी तरफ बैठे थे मैं विंडो की तरफ था और मौसी मेरी बगल में बैठी थी वो कंडक्टर मौसी को थोड़ी थोड़ी देर में पीछे मुड़ कर देख रहा था और मौसी भी उसे देख रही थी

फिर करीब 3 घंटे के बाद बस एक होटल पे रुकी तब करीब 11 बजे थे वहां पर सब उतरने लगे फ्रेश होने के लिए तो मैं और मौसी भी नीचे उतरे मैं बाथरूम चला गया और मौसी भी चली गई मुझे बाथरूम में काफी भीड़ होने के कारन देर लगी

जब वहां से लौटा तो देखा की मौसी आ चुकी थी और वो उस कंडक्टर के साथ बात कर रही थी तब मौसी ने मुझसे बोला की ये मुकेश अंकल है कोई प्रॉब्लम हो तो बता देना उन्हें मैंने बोला ठीक है हम बस में बैठे और फिर से बस चल पड़ी मुझे नींद नहीं आ रही थी इसीलिए मैं ऐसे ही बैठा था और मेरे बगल में मौसी सो गई थी

मैं बस चलने के कारण थोड़ा हिल रहा था इस वजह से मौसी भी हिल रही ही उनके बूब्स भी हिल रहे थे मौसी अपनी पूरी गांड बाहर निकाल कर सो रही थी वो भी हिल रही थी वो अंकल तो पीछे मुड़ मुड़ के देखे ही जा रहा था ऐसा करीब 4 घंटे चलता रहा फिर से बस हाईवे पर एक होटल पे रुकी तब करीब रात के 3 बजे थे

मैंने मौसी को जगाया फिर हम दोनों बस से उतरे और मैं बाथरूम गया और मौसी ने बोला की मैं बाथरूम जाके तुम्हारे लिए कुछ खाना ले के आती हूं तुम जा के बस में बैठ जाना मैंने बोला ठीक है बाथरूम गया तो बाथरूम काफी छोटा होने की कारण सब लोग बाहर ही मूत रहे थे

तो मैं भी बाहर ही मूतने लगा फिर मैं जब बस के पास जा रहा था तब मैंने मौसी को देखा वो होटल के अंदर जा रही थी और उनके साथ वो मुकेश भी था मुकेश दिखने में थोड़ा काला था हाइट मौसी जितनी ही थी और वो थोड़ा मोटा था उसका पेट बाहर निकला हुआ था मैंने भी सोचा चलो मैं भी मौसी के साथ जा के कुछ खा पी लू

मौसी और मुकेश दोनों होटल के पिछले दरवाजे से बाहर चले गए तो फिर मुझे कुछ गड़बड़ लगी तो मैं भी उनके पीछे चुपके से होटल के पीछे चला गया वहां पर काफी अंधेरा था लेकिन एक लाइट जल रही थी जो की होटल के टेरेस पे थी

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होटल काफी छोटा था इसी लिए काफी उजाला आ रहा था वहां पे मिटटी के काफी सारे ढेर थे जिसके पीछे जा के मैं छुप गया मैंने देखा की मौसी को उसने जल्दी से नीचे बिठा दिया और अपना लंड निकालने लगा

मौसी उसका विरोध करते हुए खड़ी हो रही थी कि उसने मौसी को धक्का दे के बिठा दिया और अपना लंड निकालकर मौसी के होंठ पे लगाने लगा मौसी ने अपना मुंह दूसरी और कर दिया फिर भी वो ना माना और वह मौसी का सर पकड़ के लंड मुंह में डालने की कोशिश कर रहा था

उसका लंड शायद 7 इंच का होगा काले पाइप जैसा लग रहा था मौसी अपना मुंह ही नहीं खोल रही थी तब उसने मौसी जिस हाथ को ज़मीन पे टिका कर बैठी हुई थी उस हाथ पे पैर रख दिया जिससे मौसी के मुंह से चीख निकल गई और उनका मुंह खुल गया ये देख मुकेश ने अपना लंड सीधा मौसी के मुंह में दे दिया

मौसी का मुंह खुला होने के कारन लंड सीधा गले तक उतर गया मौसी के मुंह से ओह्ह्ह और गूं जैसी आवाज़ निकलने लगी और उनकी आंखों में से पानी निकलने लगा वो मौसी के बाल पकड़ के उनके सर को पकड़कर जोर जोर से मुंह में धक्के मार रहा था और मौसी के मुंह को चोद रहा था ये सब 5 या 6 मिनट चला

फिर मुकेश के मुंह से सिसकारियां निकल पड़ी आह्ह्ह और वो मौसी के मुंह में ही झड गया सारा वीर्य मौसी के गले में सीधा उतर गया क्योंकि मुकेश का लंड मौसी के गले तक जा रहा था इसीलिए सीधी पिचकारी उनके गले में ही गई

फिर थोड़ी देर तक ऐसे ही मौसी का मुंह पकड़ के खड़ा रहा और अपना लंड धीरे से मौसी के मुंह से निकाला फिर मौसी उठी तो वह मौसी के होंठ पे होंठ रख कर किस करने लगा

मौसी ने विरोध किया पर वह मौसी को कस के पकड़ कर किस करता रहा फिर 1 मिनट के बाद तो मौसी भी उसे किस करने में साथ देने लगी दोनों एक दूसरे के होंठों में होंठ डाल कर किस कर रहे थे मुझे भी मजा आ रहा था लेकिन क्या करूं कोई आ जाने के डर से मैं मुठ भी नहीं मार सका

फिर उनका किस का सिलसिला 3-4 मिनट तक चला और वो दोनों बस की और चल पड़े तो मैं भी जल्दी से भाग कर बस में जा कर अपने स्लीपर में जा कर बैठ गया

मौसी मेरे लिए चिप्स और पानी का बोतल ले कर आई थोड़ी देर बाद बस फिरसे चल पड़ी फिर मैं तो सो गया क्योंकि मुझे तो नींद आ रही थी थोड़ी देर के बाद मेरी नींद खुली और मैंने देखा की बस रुकी हुई है और सब लोग बस से बाहर जा रहे है मैंने देखा तो सुबह के तकरीबन 6:30 बजे थे मौसी भी जाग गई

देखा तो बस का टायर पंचर हो गया था और इसीलिए सब नीचे उतर रहे थे तब हम हाईवे पे थे फिर नीचे उतरने के बाद पता चला की बस के टायर का जेक ही नहीं लग रहा है जब तक कोई दूसरी बस नहीं आती तब तक इंतज़ार करना पड़ेगा मुकेश आ के मौसी के पास खड़ा हो गया

फिर सब लोग हाईवे पर मूतने की जगह ढूंढने लगे तो मैं भी थोड़ा सा आगे जा के मूतने लगा फिर मैं आया तो मौसी को भी मूतना था तो वो भी हाईवे से थोड़े अंदर झाड़ियों के पीछे जाने लगी ये देख मुकेश भी उनके पीछे जाने लगा तो मैं भी मौका देख उन दोनों के पीछे चलने लगा

मैंने देखा तो मौसी एक पेड़ के नीचे अपना सलवार उतार रही थी और मुकेश ने भी अपना पैंट खोल कर अपना लंड निकाला और उसने मौसी को पेड़ के साथ खड़ा किया और एक हाथ से सलवार उठाके एक पैर हाथ से उठा के अपने हाथ पे रखा और एक पैर ज़मीन पे और मौसी की चूत में लंड डालने की कोशिश करने लगा

मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा था की ये मेरी मौसी साली रंडी है फिर मौसी ने खुद अपने हाथ से उसका लंड चूत पे लगाया और फिर मुकेश ने एक धक्का मारा तो आधे से ज्यादा लंड चूत में चला गया और मौसी ने हलकी सी सिसकारी भरी आह्ह्ह

फिर मुकेश ने धीरे धीरे अपनी कमर हिलाना शुरू किया मुकेश का पेट बड़ा होने के कारन लंड चूत में ठीक से जा नहीं रहा था क्योंकि उसका पेट बीच में आ जाता था मौसी का भी पेट थोड़ा फुला हुआ था इसीलिए दिक्कत हो रही थी लेकिन फिर भी जैसे तैसे मुकेश ने लंड डाल ही दिया

मौसी भी आह्ह्ह आह्ह्ह जैसी आवाज़े निकाल रही थी

मुकेश भी आह्ह्ह आह्ह्ह कर रहा था

फिर मुकेश ने एक जोर से झटका मारा तो पूरा लंड चूत में चला गया और मौसी चीख पड़ी आह्ह्ह

तो मुकेश ने मौसी के होंठ पे अपने होंठ रख दिए और किस करने लगा मौसी भी उसका साथ दे रही थी और एक तरफ मुकेश तगड़े झटके चूत में मार रहा था थोड़ी देर बाद मुकेश ने मौसी की चूत से लंड निकाला और मौसी को पेट से पकड़ के कमर से झुका के खड़ी किया मौसी का कमीज़ उठा के मुकेश ने मौसी की गांड पे एक दो चमाट मारी

फिर उसने लंड मौसी की चूत में पीछे से डाला और झटके मारने शुरू किया मौसी के मुंह से आह्ह्ह आह्ह्ह मर गईईई आह्ह्ह ऊईईई धीरे आह्ह्ह आह्ह्ह ओह्ह्ह आह्ह्ह प्लीज धीरे करो आ आह्ह्ह जैसी आवाज़े आने लगी

मौसी की गांड के साथ मुकेश की जांघे टकरा रही थी जिससे थप थप हर एक झटके पे आवाज़ आ रही थी मैं ये सब खड़े खड़े देख रहा था और अपना लंड निकाल कर मुठ मार रहा था

करीब 6-7 मिनट ये चला और मैंने देखा की मुकेश के पीछे से बस का ड्राइवर आ गया और उसने मुकेश के कंधे पे हाथ रख दिया मैं पेड़ के पीछे था इसीलिए वो मुझे नहीं देख पाया और मुकेश चौक गया और एक दम से झटके मारना बंद कर दिया और ड्राइवर ने उसे इशारा किया कि चुप रहे मौसी इसी पोजीशन में झुक कर खड़ी हुई थी

मौसी ने ड्राइवर को नहीं देखा था क्योंकि वो पीछे से आया था और ड्राइवर ने अपना लंड निकाला और मुकेश को लंड निकालने को बोला तो मुकेश ने चुपचाप अपना लंड निकाला और मौसी की गांड को पकड़ के थोड़ा साइड हो के खड़ा हो गया

फिर ड्राइवर ने अपना काला लंड जो की 8 इंच का होगा बड़ा सा फूला हुआ टोपा ड्राईवर ने अपने लंड को मौसी की चूत पे रखा और एक जोर का झटका मारा

मौसी की चीख निकल गई आह्ह्ह आह्ह्ह तो तुरंत ड्राइवर ने मौसी की कमर को पकड़ के जोर से झटके मारने शुरू कर दिए और मौसी चीख रही थी क्योंकि ड्राइवर का लंड मुकेश से बड़ा था और वो हट्टा कट्टा इंसान था

मौसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था की हो क्या रहा है वो तो बस चिल्ला रही थी आह्ह्ह मां ओह्ह्ह प्लीज निकालो प्लीज आह्ह्ह मुकेश ने जल्दी से आगे जा कर मौसी के मुंह में लंड दे दिया क्योंकि मौसी का मुंह चीख के कारण खुला था और मौसी के मुंह को चोदने लगा वह गले तक लंड डाल रहा था और उधर ड्राइवर जोर जोर से धक्के मार रहा था

मौसी चौक गई के दो लंड कहा से आ गये पर कुछ कर नहीं पाई ड्राइवर का लंड मौसी की चूत में पूरा अंदर जा रहा था मौसी की चूत का भोसड़ा बन गया था ऐसा लगता था की मौसी को उसका लंड मौसी की नाभि तक फील हो रहा है मौसी की आंख बंद थी वो धक्के पे धक्का मार रहा था और वो दोनों भी आह्ह्ह आह्ह्ह कर रहे थे

फिर 6-7 मिनट के बाद मुकेश झड़ गया और सारा वीर्य फिर से मौसी के मुंह से सीधा गले में उतर गया और थोड़ी देर वैसे ही खड़ा रहा और उधर ड्राइवर चोदे जा रहा था मौसी को जोर जोर से चूत मार रहा था फिर वो भी अचानक से जोर से आह्ह्ह करने लगा

लगता था वो भी झड़ गया मौसी की चूत में और सारा वीर्य मौसी की चूत में डाल दिया और वो भी थोड़ी देर खड़ा रहा और फिर मौसी ने सीधी खड़ी हो के पीछे मुड़ देखा तो ड्राइवर को देख कर दंग रह गई

फिर ड्राइवर ने और मुकेश ने अपना लंड पैंट में डाला और वहां से जाने लगे मौसी ने भी अपना सलवार पहना और बस की और आने लगी लेकिन मौसी ठीक से चल नहीं पा रही थी लड़खड़ा कर चल रही थी

फिर ड्राइवर ने और मुकेश ने दूसरी बस को खड़ी रख के उसका जेक लगा कर बस का टायर बदला और बस चल पड़ी मौसी स्लीपर में आकर सीधी सो ही गई फिर हम 10 बजे वहां पहुंचे जहां मौसी ने मन्नत मांगी थी और होटल के रूम में जाकर हम नहाने लगे

कैसी लगी आपको यह मेरी hindi sex story with mosi और mosi sex story पढ़ने के लिए आप chudai kahani com पर आते रहे यहां पर आपको बहुत सारी mosi sex story पढ़ने को मिलेगी