हैलो दोस्तों आज मैं chudai kahani com पर अपनी jungle maa beta sex story लेकर आया हूं आप इस maa beta sex story में पढ़ेगे कैसे मां बेटे के साथ जंगल में कांड हुआ और मां मुझसे चुद गई अब मैं अपनी jungle maa beta sex story शुरू करता हूं
Jungle Maa Beta Sex Story 1
मेरा नाम मानव है मैं गोवा का रहने वाला हूं मेरे परिवार में मां डैडी और मैं हूं हम एक मिडिल क्लास फॅमिली से है डैडी प्राइवेट कंपनी मैं काम करते है और मां हाउस वाइफ है
ये chudai kahani मेरी और मां के बीच हुई एक घटना के आधार पर है तो चलिए दोस्तों बिना समय बर्बाद किये chudai kahani पे आते है ये मेरी पहली chudai kahani है अगर कुछ गलती हुई तो माफ कर देना
मुझे ट्रैकिंग का बहुत शौक है एक बार मैने डैडी से ट्रैकिंग पे जाने की ज़िद की लेकिन डैडी को काम से कही जाना था तो डैडी बोले मां को ले के जाओ मां तैयार नहीं थी लेकिन डैडी और मेरे काफी मनाने के बाद रेडी हो गई
अगले दिन हम अपना बैग पैक किया और ट्रैकिंग के लिये निकल गये सत्तारी साइड एक वॉटरफॉल है हमने वहां पे ट्रैकिंग करने का प्लान बनाया था लेकिन हम दोनों कभी वहां गये नहीं थे
मां- बेटा तुम्हे रास्ता तो मालूम है ना?
मैं- मां रास्ता मालूम नहीं लेकिन गूगल की हेल्प से हम जायेंगे
मां- जैसे तुम्हे ठीक लगे लेकिन शाम तक घर तो पहुंचेंगे ना? तुम्हे पता है ना मुझे अंधेरे मैं बहुत डर लगता है
मैं- मां हम अंधेरा होने से पहले पहुंच जायेंगे
फिर हम बाते करते करते चलने लगे 1 घंटे तक रास्ता सीधा था तो हमे कोई दिक्कत नहीं हुई लेकिन 1 घंटे बाद 3 रास्ते अलग अलग दिशा मैं थे
मां- बेटा अपना मोबाइल निकालो और चेक करो किस रास्ते से जाना है
मैं- ठीक है मां
मैने अपना मोबाइल निकाला लेकिन ये क्या यहां तो सिग्नल ही नहीं था
मैं- मां यहां तो सिग्नल ही नहीं है
मां- तो अब क्या करे हम किस रास्ते से जायेंगे?
मैं- शायद बीच वाला रास्ता सही होगा
मां- मुझे कुछ ठीक नहीं लगता हम वापस घर चलते है
मैं- मां अब हम इतने दूर आ गये और वापस जायेंगे?
मां- तो फिर क्या करे अगर हम रास्ता खो गये तो इतने बड़े जंगल मैं कहा जायेंगे?
मैं- नहीं मां मुझे वॉटरफॉल देखना है
मां- किसी और दिन आएंगे प्लानिंग करके
मैं- नहीं मां हम इतना तो चलके आये है मुझे वापस नहीं जाना
मां- तो अब क्या करे?
मैं- एक काम करते है थोड़ा आगे चलके देखते है अगर लगा की रास्ता खो गये तो वापस आएंगे
मां- ठीक है
हम बीच वाले रास्ते से निकल पड़े लेकिन आगे बहुत सारे रास्ते आ गये और हम चलते रहे 2 घंटे चलने के बाद मां थक गई
मां- मैं थक गई कुछ देर आराम करते है
मैं- ठीक है मां
फिर हमने थोड़ा खाना खाया जो अपने साथ लाये थे और एक पेड़ के नीचे बैठ गये
मां- बेटा मुझे तो लगता है हमे वापस चलना चाहिये अब
मैं- नहीं मां कुछ देर चलते है फिर भी नहीं मिला तो वापस आएंगे
मां- ठीक है
फिर हम आगे बढ़ने लगे चलते चलते कब शाम हो गई पता ही नहीं चला
मां- अब तो शाम हो गई और वॉटरफॉल का कोई अत पता नहीं अब तो घर चलो नहीं तो अंधेरा हो जायेगा
मैं- मुझे भी अब लगता है घर चलना चाहिये रास्ता ही नहीं मिल रहा
फिर हमने सोचा की घर चलना ही ठीक रहेगा कुछ देर मैं अंधेरा हो गया और मां को अंधेरे से डर लगता है हम वापस चलने लगे लेकिन हम बहुत दूर आ गये थे और रास्ता भी झाड़ियों से था और आपको तो पता है जंगल मैं सब रास्ते एक जैसे लगते है हमे चलते चलते अंधेरा हो गया
मां- मैने बोला था ना अब क्या करे अंधेरा भी बहुत हो गया और कुछ ठीक से दिख भी नहीं रहा अब क्या करे?
मैं- मां सब मेरी गलती है हमे आना ही नहीं चाहिये था
मां- मुझे तो बहुत डर लग रहा है अब
मैं- डरो मत मैं हूं ना
मां- लेकिन अब घर कैसे जायेंगे ऐसे अंधेरे में?
मैं- लगता है आज की रात जंगल मैं ही काटनी पड़ेगी
मां- क्या तुम पागल तो नहीं हो गये इस घने जंगल में वो भी बिना सामान के मुझसे नहीं होगा
मैं- मां और कोई रास्ता भी नहीं है
मां- लेकिन हम सोयेंगे कहा?
मैं- टॉवल बिछा के और कुछ कर भी तोह नहीं सकते
मां- कहा फसा दिया तुमने
मैं- सॉरी मां मेरी वजह से तुम्हे बहुत तकलीफ सहनी पड़ रही है आज के बाद कभी किसी चीज़ के लिये ज़िद नहीं करूंगा
मां- तुम बुरा मत मानो मैं आज की रात एडजस्ट कर लुंगी
फिर हमने कुछ खाना बचा था वो खा लिया और 2 टॉवल अलग अलग बिछा के लेट गये
मां- बेटा मुझे डर लग रहा है क्या हम साथ में सो नहीं सकते?
मैं- ठीक है मां
फिर हमने टॉवल एक साथ बिछाये और सो गये मां बहुत डरी हुई थी और मुझसे चिपक कर सो गई मैने कभी मां के बारे में गलत नहीं सोचा था लेकिन पता नहीं क्यों मां के बूब्स टच होने से मुझे कुछ कुछ होने लगा मैं भी मां से चिपक गया
मां- बेटा मुझे बहुत डर लग रहा है
मैं- मैं हूं ना मां
मां- मुझे रात को लाइट चली जाये तो अपने रूम में भी डर लगता है और ये तो जंगल है
मैं- डर लगता है तब क्या करती हो?
मां- तब तुम्हारे डैडी होते है ना वो होते तोह इतना डर नहीं लगता
मैं- लेकिन मैं तो हूं ना फिर इतना क्यों डरती हो?
मां- तुम्हारे और डैडी के होने में फरक है
मैं- कैसा फरक?
मां- कुछ नहीं
मैं- बोलो ना मां
मां- हम वो कर सकते है जिससे मेरा डर कम होगा
मैं- क्या करते है डैडी जिससे आपका डर कम होता है?
मां- वो मैं तुम्हे नहीं बता सकती
मैं- क्यों?
मां- शादी के बाद पता चलेगा
मैं- अभी बताओ ना मां मैं आपका डर काम करूंगा
मां- तुम नहीं कर सकते
मैं- क्यों?
मां- ये सिर्फ तुम्हारे डैडी कर सकते है
मैं- ठीक है मत बताओ
मां- अब सो जाओ
मैं- मुझे नींद नहीं आ रही है
मां- क्यों तुम भी डर लग रहा है?
मैं- नहीं
मां- फिर?
मैं- मां आपके ये टच हो रहे है
मां- ये मतलब?
मैं- वह आपके
मां- मेरे क्या?
मैं- बूब्स
मां- तो?
मैं- मुझे कुछ हो रहा है
मां- क्या हो रहा है?
मैं- पता नहीं
मां- ठीक है फिर मैं दूसरी तरफ मुंह करके सोती हूं
मैं- नहीं मां मेरा मतलब है की मुझे अच्छा लग रहा है मुझे इन्हें छूने का मन हो रहा है
मां- बेटा तुम इन्हें नहीं छू सकते यहां सिर्फ तेरे डैडी ही हाथ लगा सकते है
मै- पर ऐसा क्यों मां?
मां- वो तुम्हें शादी के बाद पता चलेगा अभी चुपचाप सो जा
फिर हम दोनों सो गये सुबह होते ही मां ने मुझे जगाया और बोलि
मां- बेटा जल्दी चलो तुम्हारे डैडी बहुत परेशान होंगे उनको ये भी पता नहीं होगा की हम किस हालत में है
मै- लेकिन मां मुझे वॉटरफॉल देखना है
मां- बेटा समझने की कोशिश करो तुम्हारे डैडी को हमारी चिंता सता रही होंगी उन्हें तो ये भी मालूम नहीं होगा की हम किस हालत में है
मै- मां मैं वॉटरफॉल देखे बिना घर नहीं जाऊंगा तुमहे जाना है तो जाओ
मां- बेटा मैं तुमहे अकेले छोड़ के नहीं जा सकती और मुझे रास्ता भी मालूम नहीं है
मै- फिर चलते है ना वॉटरफॉल के पास
मां- तुम्हारे डैडी बहुत परेशान होंगे प्लीज समझने की कोशिश करो
मै- एक काम करते है यहां आस पास देखते है कही नेटवर्क है तो फिर डैडी को कॉल करेंगे फिर तो कोई परेशानी नहीं है ना आपको
मां- लेकिन यहां नेटवर्क मिलेगा नहीं
मै- ट्राई करते है अगर नेटवर्क नहीं मिला तो फिर हम वापस चलते है घर
मां- ठीक है
15 मिनट भटकने के बाद हमें एक जगह थोड़ा सा नेटवर्क मिला मैंने जल्दी से डैडी को कॉल किया और सारी बात बता दी फिर डैडी बोले कोई बात नहीं तुम दोनों आराम से घूम के आ जाओ
मैं- मां अब तो कोई प्रॉब्लम नहीं है ना? अब डैडी ने भी परमिशन दे दी है
मां- लेकिन हम वहां कैसे जायेंगे? हमे तो रास्ता भी मालूम नहीं कही फिर से भटक गये तो?
मैं- आप मेरे पीछे पीछे चलो जो होगा देख लेंगे
फिर 2 घंटे चलने के बाद हम वॉटरफॉल तक पहुंच गये वॉटरफॉल देख के हम दोनों ख़ुशी से झूम उठे वॉटरफॉल बहुत ही सुंदर था
मैं- मां चलो ना वॉटरफॉल में नहाते है
मां- लेकिन हम और कपड़े नहीं लाये फिर कैसे नहायेंगे?
मैं- मां यहां हम दोनों के आलावा कोई नहीं है क्या हम कपड़े उतारके
मां- पागल हो गये हो क्या? बिना कपड़े मैं नहीं नहा सकती तुमहे नहाना है तो नहा लो
मैं- मां प्लीज चलो ना
मां- मैं तुम्हारे सामने बिना कपड़ो में नहीं नहा सकती समझा करो
मैं- ठीक है अगर आपको मुझसे शर्म आती है तो एक काम करते है मैं अपनी आंखों पे पट्टी लगा लूंगा फिर तो कोई प्रॉब्लम नहीं है ना?
मां- लेकिन मैं तुमको भी बिना कपड़े नहीं देखना चाहती हूं
मैं- मां लेकिन आपने तो मुझे बिना कपड़ो के देखा है ना बचपन में
मां- लेकिन अब तुम बच्चे नहीं रहे
मैं- ठीक है तुमको नहीं नहाना है तो चलते है घर और बहाने मत बनाओ
मां- ठीक है नाराज मत हो मैं नहाने चलती हूं लेकिन तुम अपनी आंखों की पट्टी मत हटाना
मैं- ठीक है मां
फिर मैंने पेड़ के कुछ पत्ते निकाले और मां से कहा की पत्तो से मेरी आंखें बंद करो जिससे कि मैं कुछ देख नहीं सकूँ फिर मैंने अपने सारे कपड़े निकाले और मां के पास दे दिए रखने के लिये मां ने भी सारे कपड़े निकाले और मेरा हाथ पकड़के मुझे वॉटरफॉल के पास लेके जाने लगी
वॉटरफॉल के पास पहुंचते ही ऊपर से तेज पानी की धार सीधे आके मेरे चेहरे पे गिर गई और मेरी आंखों से पत्ते निकल गये हड़बड़ाहट में मैंने आंखें खोली और मुझे एक झटका सा लगा मां मेरे सामने बिलकुल नंगी खड़ी थी पहली बार मैंने किसी औरत को नंगी देखा था
मां को देख के ना चाहते हुवे भी मेरा लंड खड़ा हो गया मां ने मेरी तरफ देखते ही अपना शरीर ढकने की कोशिश की और वहां से भाग के पत्तर के पीछे चुप गई
मां- गुस्से से तुमहे कहा था ना आंखें मत खोलना फिर तुमने आंखें क्यों खोली?
मैं- मां मैंने जान बूझके नहीं खोली आई ऍम सॉरी
मां- मुझे कुछ नहीं सुनना मैं जा रही हूं कपड़े पहनने तुम नहा लो
मां कपड़े लेने के लिये जैसे ही आगे बढ़ी तो वहां पे 1 आदमी हमारा बैग हाथ में पकड़े खड़ा था मां को नंगी देख के वो हसने लगा और बोला
आदमी- वाह क्या मस्त माल है यार आज तो बहुत मजा आने वाला है आजा मेरी रानी
मां उसको देख के बहुत डर गई और मेरी तरफ भाग के आ गई मैं भी बहुत डर गया क्योंकी वो एक बहुत हट्टा कट्टा आदमी था मैंने मां का हाथ पकड़ा और जंगल के रास्ते भागने लगा
आदमी- अबे साले बिना कपड़े कहा भाग रहे हो और हमारा पीछा करने लगा
हम दो-तीन किलोमीटर नंगे ही भाग गये फिर हम बहुत थक गये लेकिन वो आदमी अभी भी हमारा पीछा कर रहा था
मां- बेटा मैं और नहीं भाग सकती
मैं- मैं भी थक गया हूं लेकिन हम रुक गये तो वो सांड पता नहीं क्या करेगा तुम्हारे साथ फिर कुछ देर और भागने के बाद हमे घनी झड़ियों में एक जगह मिली छुपने के लिये
मैं- मां यहां छुपते है
मां- लेकिन ये जगह तो बहुत छोटी है मुश्किल से एक आदमी जा पायेगा
मैं- हम दोनों थक गये है और भागने लगे तो वो हमे पकड़ लेगा इससे अच्छा यहीं छुपते है तुम नीचे लेट जाओ और मैं तुम्हारे ऊपर लेट जाऊंगा
मां- लेकिन हमने कपड़े नहीं पहने है और ऐसी हालत में एक दूसरे के ऊपर
मैं- मां सोचने का टाइम नहीं है जल्दी छुप जाओ वो आदमी आता ही होगा
मां जल्दी से उन झड़ियों में लेट गई मैं भी बिना कुछ सोचे मां के ऊपर लेट गया कुछ ही देर में उस आदमी कि वहां से दौड़ने की आवाज आई
मां- लगता है वो चला गया हमे अभी जाना चाहिये
मैं- अभी नहीं मां अगर वो आदमी फिर से लौट के आया तो हमे कुछ देर और रुकना होगा
मां- हां शायद तुम ठीक कह रहे हो
छुपने के समय हम दोनों घबराहट में थे इसलिए कुछ सोच नहीं पाए लेकिन अब हम दोनों को शर्म आने लगी एक मां बेटा वो भी बिलकुल नंगे एक दूसरे के ऊपर लेटे हुवे थे
मां के नंगे जिस्म पे टच करने के कारण मेरा लंड खड़ा हो गया था और शायद मां को चुभ रहा था लेकिन मां कुछ बोल नहीं पाई कल रात मां के जिस बूब्स को मैं टच करना चाहता था आज वही बूब्स पे मेरा सर था
मैं- मां आई एम सॉरी
मां- क्यों
मैं- वो मेरा आपको चुभ रहा होगा सॉरी मां मेरे मन में आपके बारे में कुछ गलत नहीं है लेकिन
मां- कोई बात नहीं बेटा तुम्हारी उम्र में हो जाता है ऐसा और तुम तो मेरा बेटा है मुझे मालूम है तू मेरे बारे में कभी गलत नहीं सोच सकता
मैं- मां अब हम इस हालत में घर कैसे जाएंगे?
मां- वो बाद में सोचेंगे पहले इस मुसीबत से निपटते है वो आदमी इतनी आसानी से नहीं जायेगा
मां के ऊपर लेटे मुझे 10 मिनट ही हुवे थे की हमे किसी के पैरो की आवाज सुनाई दी हम बहुत डर गये हमें लगा वो आदमी फिर से आ गया हम वैसे ही चुपचाप बिना हिले डुले लेटे रहे तभी हमे एक लड़की की आवाज सुनाई दी
लड़की जानू सच मे यहां कोई आता जाता नहीं है ना? मुझे तो बहुत डर लग रहा है अगर हमे किसी ने देख लिया तो बहुत प्रॉब्लम होगी
तभी एक लड़के की आवाज आई लड़का डार्लिंग डरो मत यहां इतने घने जंगल में कौन आयेगा
लड़की- फिर भी अगर रूम पे जाते तो ज्यादा अच्छा रहता
लड़का- आजकल रूम पे सेफ नहीं रहता वहां हिडन कैमरा भी रहते है अगर हमारा वीडियो रिकॉर्ड किया तो क्या करते? ऊपर से पुलिस की रेड का भी डर रहता है
लड़की- हां ये बात भी सही है लेकिन यहां जंगल में भी तो सेफ नहीं है ना?
लड़का- रूम से ज्यादा तो यही सेफ है
लड़की- लेकिन फिर भी मुझे डर लग रहा है
लड़का- तुम लड़कियों के ना हजार नखरे होते है अब कॉलेज बंक करके इतने दूर आये है और बिना कुछ किये ही जाना है क्या?
लड़की- ठीक है करते है अब गुस्सा मत हो
फिर हमे उन दोनों की आवाज नहीं सुनाई दी मैंने झड़ियों में से थोड़ा झांककर देखा हमारी कुछ ही दूरी पे वो दोनों खड़े हुवे थे और एक दूसरे को किसिंग कर रहे थे
मैंने धीरे से मां को इशारा किया मां भी उस तरफ देखने लगी कुछ देर किसिंग करने के बाद लड़के ने लड़की का टॉप उतार दिया और पीछे हाथ करके उसकी ब्रा के हुक खोल दिए
बाकी कहानी maa beta sex story के अगले भाग मां बेटा जंगल में- 2 में पढ़े