मां बेटे की कामुक कहानी- 3

आप ने maa beta sex story के पिछले भाग मां बेटे की कामुक कहानी- 2 में पढ़ा उधर सुरेश अपनी मां की चूची को बुरी तरह मसलने और चूसने लगा पुष्पा की आंखें मस्ती से बंद हो रही थी वो अपने हाथ से सुरेश का लंड दबा रही थी वो बोली बेटा तेरा लंड एकदम गरम हो गया है रे अब आप maa beta sex story में आगे पढ़े

Maa Beta Hindi Sex Stories 3

सुरेश- हां मां ये तेरी गोरी चूची को चूस के गरम हो गया साले को ठंडा करना पड़ेगा

पुष्पा- तो आ ना मुठ मार देती हूं क्यों सता रहा है खुद को और अपने लंड को?

सुरेश- ठीक है मां

पुष्पा ने अपने बेटे के लंड को कस के पकड़ा और जोर जोर से मुठ मारने लगी कल रात को तो उसने अंधेरे में अपने बेटे का मुठ मारा था आज लाईट में अपने बेटे का मुंह देख और लंड देखते हुए मुठ मार रही थी

सुरेश अपनी मां से बिना किसी शर्म के जोर जोर से मुठ मरवा रहा था और साथ ही जोर जोर से आह आह की आवाज़ भी निकाल रहा था पुष्पा को अपने बेटे का मुठ मरवाना देख के मस्ती चढ़ रही थी वो भी गर्म हो गई थी लेकिन वो अभी खुलना नहीं चाह रही थी करीब 5 मिनट तक सुरेश मुठ मरवाने के बाद सिसकारी भरने लगा

सुरेश अपने आप को संभाल नहीं पाया और सारा माल अपनी मां के बदन पर ही उगल दिया पुष्पा का पेट और चूची सुरेश के माल से नहा गया

पुष्पा हंसने लगी और बोली- ये क्या किया तुने मेरे लाल देख तो सारा माल मेरे चूची पर गिरा दिया

सुरेश- ओह मैं कंट्रोल नहीं कर पाया

पुष्पा- कोई बात नहीं मेरे लाल मैं साफ कर लुंगी तुझे मज़ा आया न?

सुरेश- हां मां मज़ा तो बहुत आया तुझसे मुठ मरवा कर

सुरेश लेट गया पुष्पा बाथरूम जाकर नहायी और फिर पूरी नंगी ही वापस आई तब तक सुरेश सो गया था लेकिन पुष्पा की आंखों से तो मानों नींद ही उड़ गई हो उसने दूसरी सिगरेट सुलगाई सारी रात उसने सुरेश के लंड और उसके मुठ को याद कर कर के 7-8 बार बिस्तर पर ही मुठ मारते मारते और सिगरेट पीते पीते गुजार दी

रात भर में ही उसने सिगरेट का पूरा पैकेट खतम कर दिया लेकिन उसकी आंखों में नींद की एक झलक तक नहीं आई वो रात भर लाईट जला कर अपने बेटे के लंड को निहारती रही और ये सोचती रही कि अब और ज्यादा देर तक इस लंड को अपनी चूत से जुदा नहीं रख पायेगी अब दोनों के बीच सिर्फ पैंटी की दीवार बची थी

उसने ये फैसला कर लिया था कि कल ही वो अपने बेटे के सामने पूरी नंगी होगी और जल्द ही अपनी चूत को अपने बेटे के लंड से मिलन करवा देगी जिस से दोनों की इच्छा पुरी हो जायेगी और दोनों के ही जीवन में बदलाव आ जाएगा सुबह होने से पहले पुष्पा ने पैंटी पहन लिया

उस रात सुरेश के कारखाने से आने के बाद पुष्पा ने उसे स्वादिष्ट भोजन कराया खाना- पीना खाकर वो सिर्फ पैंटी पहन कर अपने नंगे बेटे के बगल में लेट गई सिगरेट पीती हुई

सुरेश भी सिगरेट पी रहा था उसने एक हाथ अपनी मां की चूची पर रखा और दबाने लगा पुष्पा भी एक हाथ से उसके लंड को सहलाने लगी तभी सुरेश की नजर अपनी मां की पैंटी पर गई आज वो आराम से अपनी मां को पूरी तरह नंगा कर देना चाहता था उसने लपक कर पैंटी पर हाथ लगाया और सहलाने लगा

पुष्पा के होठों पे मुस्कान आ गई अचानक सुरेश ने पैंटी के अन्दर हाथ डाल दिया और उसकी चूत का मुआयना करने लगा पुष्पा की चूत पर घने घने बाल को खींचते हुए सुरेश ने कहा- ये बाल शेव क्यों नहीं करती हो तुम?

पुष्पा ने कहा- कभी की नहीं हूं तू ही कर दे ना

सुरेश- हां ठीक है

पुष्पा ने उसके शेविग बॉक्स में से रेजर निकाला और सुरेश को थमा दिया

सुरेश ने कहा- अपनी पैंटी उतार

जिस शब्द को सुनने के लिए पुष्पा इतने दिनों से बेकरार थी आज वो शब्द उसके कानो में पड़ते ही खुशी के मारे बावली हो गई पुष्पा ने बिना किसी हिचक के अपनी पैंटी उतार दी और अपनी टांगों को फैला कर सुरेश के सामने लेट गई जिस से उसकी बाल भरी बड़ी चूत सुरेश के सामने आ गई

सुरेश का लंड भी लोहे की रॉड की तरह सख्त हो गया था उसने अपनी मां की चूत को भरपूर निहारा और चूत के बाल पर हाथ घिसने लगा क्या मस्त चूत हैं बिलकूल फुले हुए डबल रोटी की तरह फिर उसने पानी और शेविंग क्रीम को अपनी मां की चूत पर लगा कर धीरे धीर घिसने लगा

पुष्पा की सांसे उखड़ने लगी वो लम्बी लम्बी सांसे भरने लगी उसकी चूत ने अपने बेटे के हाथ का स्पर्श पाकर पानी छोड़ना चालू कर दिया किसी तरह से सुरेश अपने आप को संभाल कर धीरे धीरे रेज़र से बाल साफ करने लगा चूत साफ करते करते वो अपनी उंगली चूत में भी घुसा दिया

पुष्पा ने सिसकारी भरते हुए कहा- हाय राम ये क्या कर रहे हो मेरे बेटे?

सुरेश ने उसे दबाते हुए कहा- अच्छी तरह से बाल साफ कर देता हूं कितने बाल है तुम्हारी चूत पर मैं ये चेक कर रहा हूं कि चूत के अन्दर भी तो बाल नहीं हैं?

पुष्पा ने अब चुप रहना ही बेहतर समझा वो नहीं चाहती थी कि अधिक टोका टोकी से कहीं उसका बेटा नाराज ना हो जाये और उसे जो मस्ती मिल रही है वो ना मिले उसे अपनी चूत में अपने बेटे की उंगली जाते ही मस्ती छा गई उसकी चूत ने 15 मिनट की उंगली चुदाई के बाद पानी छोड़ दिया

सुरेश ने अपनी मां की चूत से पानी निकलता देख पानी को चूत पर पोछते हुए पूछा- मां क्या तू पेशाब कर रही हो?

पुष्पा ने अपनी आंखें बंद कर के कहा- नहीं रे तुने मेरी चूत में जो उंगली घुसा दी है ना इसलिए चूत से माल निकल रहा है इस से कोई दिक्कत नहीं है तू आराम से बाल साफ कर

एक घंटे तक अपनी मां की चूत के बाल काटने के बहाने सहलाने और चूत में उंगली डालता रहा इस एक घंटे में पुष्पा की चूत ने 5-6 बार पानी छोड़ दिया

इसके बाद सुरेश ने कहा- अब ठीक है अब तेरी चूत एकदम चिकनी हो गई है ला सिगरेट निकाल

पुष्पा ने टेबल पर से सिगरेट का पैकेट उठा कर सुरेश को दिया फिर सुरेश ने अपनी मां को सिगरेट दिया और खुद भी पीने लगा वो लगातार अपनी मां की चूची और चूत को ही देख रहा था और अपने लंड को सहला रहा था

सुरेश ने कहा- अब ठीक है तेरी चूत एकदम टाइट है एक दम कुंवारी लड़की की तरह

पुष्पा- बहुत दिन से चुदाई नहीं हुई हैं ना इसलिए

सुरेश ने अपना खड़े लंड को सहलाते हुए कहा- देखना मां तेरी चूत देखकर मेरा लंड भी खड़ा हो गया है

पुष्पा ने कहा- वो तो तेरा रोज ही खड़ा होता है ला रोज की तरह आज भी तेरी मुठ मार दूं

सुरेश ने हंसते हुए कहा- तेरी चूची को देखकर मैं इतना पागल हो जाता हूं कि बर्दाश्त नहीं होता इसलिए मुठ मारना जरुरी हो जाता है

पुष्पा ने कहा- आजा मेरे लाल मेरे पास आ आज मैं तेरा मुठ अलग तरीके से मारूंगी

पुष्पा कह कर सुरेश के लंड को पकड़ नीचे झूकी और अपने बेटे सुरेश का लंड मुंह में ले ली सुरेश को जब ये अहसास हुआ कि उसकी मां ने उसके लंड को मुंह में ले लिया है तो वो उत्तेजना के मारे पागल होने लगा

उधर पुष्पा सुरेश के लंड को अपने कंठ तक भर कर चूस रही थी वो अपने बेटे के लंड को इस तरह से चूस रही थी मानो गन्ने चूस रही हो 10 मिनट तक वो सुरेश का लंड चूसती रही थोड़ी ही देर में सुरेश का लंड माल निकलने वाला था

वो बोला- मां- छोड़ दे लंड को माल निकलने वाला है

लेकिन पुष्पा ने उसके लंड को चूसना चालू रखा अचानक सुरेश के लंड ने माल का फव्वारा छोड़ दिया पुष्पा ने सारा माल अपने मुंह में ही भर लिया और सब पी गई अपने बेटे का वीर्य पीने का आनंद ही कुछ और था थोड़ी देर में पुष्पा ने सुरेश के लंड को मुंह से निकाल दिया और वो बाथरूम जाकर कुल्ला कर के आई

तब सुरेश ने कहा- मां तुने तो कमाल कर दिया

पुष्पा ने बेड पर लेटते हुए कहा- तेरे लंड का माल काफी अच्छा है रे

पुष्पा और सुरेश बिस्तर पर लेट गए सुरेश अपनी मां की चूची और चूत को सहला रहा था उसका लंड आधे घंटे के बाद फिर तनतना गया उसने अपने लंड को पुष्पा के हाथ में थमाया और कहा- फिर से मुठ मार ना

पुष्पा ने कहा- इतनी जल्दी?

सुरेश- हां देख ना एकदम गरम हो गया है साला

पुष्पा ने हंसते हुए कहा- हां जवान लंड है तेरा ला इस बार हाथ से करती हूं

सुरेश- नहीं तेरी चूत पर रगड़ रगड़ कर इस बार माल निकालूंगा

पुष्पा- ठीक है जैसी तेरी मर्ज़ी

सुरेश ने झट से अपनी मां को एक हाथ से लपेटा और अपने लंड को उसके नंगी चूत पर दबा दिया वो अपना लंड अपनी मां की चूत पर दबा दबा कर अपने लंड को रगड़ने लगा एक हाथ से वो अपनी मां की चुचीयों को दबा रहा था

उसके होंठ अपनी मां के होंठ पर थे एक हाथ से वो पुष्पा की गांड सहला रहा रहा था इतनी उत्तेजना सुरेश अधिक देर बर्दाश्त नहीं कर पाया और शीघ्र ही उसके लंड ने माल उगल दिया

सुरेश ने सारा माल पुष्पा की चूत पर निकाल दिया पुष्पा भी अपने बेटे की पीठ और चूतड़ को सहला रही थी ताकि उसे कुछ आराम मिल सके उधर सुरेश अपनी मां की चूत पर अपना लंड रगड़ रगड़ कर मज़े से माल निकाल रहा था

पुष्पा आराम से अपने शरीर पर अपने बेटे को लिटा कर अपनी चूत के ऊपर माल निकालने दिया 2 मिनट तक सुरेश के लंड लावा उगलता रहा थोड़ी देर में सुरेश के माल की खुशबु रूम में फैल गई पुष्पा का बदन भी सुरेश के माल से गीला हो गया

थोड़ी देर में सुरेश शांत हो गया और अपनी मां के बदन पर से हट गया लेकिन थोड़ी ही देर में उसने अपनी मां के नंगे शरीर और चूत को अच्छी तरह दबा कर देख चुका था पुष्पा भी गर्म हो चुकी थी

पुष्पा- देख तो बेटा तुने अपना सारा माल मेरी चूत पर ही निकाल दिया तेरा मुठ मारने के बाद मेरा मन भी अपनी चूत का मुठ मारने को कर रहा है

सुरेश- मां तू भी मार ले ना मुठ मैं भी तो देखूं तू कैसे मुठ मारती हो

पुष्पा- तू देखेगा मुझे मुठ मारते हुए?

सुरेश — हां दिखा ना

पुष्पा- अच्छा तू लेट जा

सुरेश लेट गया पुष्पा उसके बगल में उस से सट कर लेट गई और अपने एक पैर को ऊपर किया और अपनी चूत को चौड़ी कर उंगली को चूत में डाला और अन्दर बाहर करने लगी साथ में ही अजीब सी सिसकारी निकाल रही थी

पुष्पा बिस्तर पर अपने बेटे के सामने ही मुठ मारने लगी करीब 3 मिनट तक मुठ मारने के बाद उसकी चूत ने पानी निकालने का सिग्नल दे दिया

पुष्पा झट से सुरेश के बदन पर इस प्रकार से लेट गई कि अपनी चूत से सुरेश के लंड को दबाने लगी अपनी भारी भरकम चूची को अपने बेटे के सीने में दबाने लगी और उसकी चूत ने माल निकालना चालू कर दिया

पुष्पा तड़प कर सिसकारी भरने लगी जब तक उसकी चूत ने माल निकालना जारी रखा तब तक पुष्पा अपने बेटे के बदन से अपने बदन को कस कर लपेटे रखा और उसके गाल और गले को पागलों की तरह चूमती रही

उसने अपना माल निकाल कर अनोखी शांती पायी और थोड़ी देर के बाद अलग होकर शांत होकर लेट गई दोनों नंगे ही बिस्तर पर लेटे हुए थे आधे घंटे के बाद अब सुरेश अपनी मां को चोदना चाहता था उसने अपनी टांग को पीछे से अपनी मां की जांघ पर रखा उसकी मां उसकी तरफ पीठ करके लेटी थी

वो अपनी टांगो से अपनी मां के चिकने जांघों को घिसने लगा उसका लंड खड़ा हो रहा था सुरेश ने अपनी मां को पीछे से पकड़ कर अपने लंड को अपनी मां की गांड में सटाने लगा उसका तना हुआ लंड पुष्पा की नंगी गांड में चुभने लगा पुष्पा को भी मज़ा आ रहा था उसकी भी सांसे गरम होने लगी थी

पुष्पा- क्या हुआ मेरे बेटे? नींद नहीं आ रही है क्या?

कह कर वो सुरेश के सीने से लिपट गई और अपनी चूची को सुरेश के सीने पर दबाने लगी सुरेश भी कम नहीं था वो उसकी चूची को दबाने लगा उसका लंड फिर खड़ा हो गया पुष्पा भी गर्म थी

सुरेश- मां मैं तुझे चोदना चाहता हूं

पुष्पा- हां मेरे लाल अगर तू मुझे चोदना चाहता है तो जरूर चोद मेरी चूत है ही किस लिए अपने बेटे की खुशी में ही मेरी खुशी है वैसे जब से मैंने तेरे लंड को देखा है मैं भी यही चाहती हूं

सुरेश- मां जब से मैंने तेरी चूची को देखा है तब से ही मैं भी तेरा दीवाना हो गया हूं तुझे देख देख कर कितनी बार मैंने मुठ मारी अब देर ना कर मेरी रानी

पुष्पा ने अपनी टांग को ऊपर किया और अपनी चिकनी चूत को सुरेश के सामने फैला कर कहा- बेटा मेरी चूत में अपना लंड डाल आजा मेरी प्यासी चूत का उद्धार कर दे मेरे लाल मुझ पर बड़ी कृपा होगी तेरी

अब समय आ गया था कि शर्मो हया को पीछे छोड़ पुरुष और औरत के बीच वास्तविक रिश्ते को कायम करने की सुरेश ने अपनी मां की टांगो को फैलाया अपने लंड को एक हाथ से पकड़ा और अपनी मां की चूत में डाल दिया उसकी मां बिना किसी प्रतिरोध के अपने बेटे को सीने से लगाया और आंखों आंखों में ही अपनी चूत चोदने का स्वीकृती प्रदान कर दी

सुरेश के लंड ने पुष्पा की चूत की जम के चुदाई की कई साल पहले इसी चूत से सुरेश निकला था आज उसी चूत में सुरेश का लंड समाया हुआ था लेकिन पुष्पा की हालत सुरेश के लंड ने खराब कर दी

पुष्पा को यकीन नहीं हो रहा था कि जिस चूत में से उसने सुरेश को कभी निकाला था आज उसी चूत में उसी सुरेश का लंड वो नहीं झेल पा रही थी वो इस तरह से तड़प रही थी मानो आज उसकी पहली चुदाई थी

उसकी आंखों से खुशी के आंसू निकलने लगे 10 मिनट में उसने तीन बार पानी छोड़ा 10 मिनट तक दमदार शॉट मारने के बाद सुरेश के लंड ने माल निकाल दिया उसने सारा माल अपनी मां की चूत में ही डाल दिया वो अपनी मां के बदन पर ही गहरी सांस लेकर सुस्ताने लगा थोड़ी देर सुस्ताने के बाद उसने अपनी मां की चूत से लंड निकाला

पुष्पा भी काफी संतुष्ट लग रही थी वो उठ कर सुरेश के लिए गरमा गरम कॉफी लाई और मुस्कुरा कर उसे दिया काफी पीने के बाद उस रात सुरेश ने दो बार और अपनी मां की चूत की चुदाई की

बाकी कहानी maa beta sex story के अगले भाग मां बेटे की कामुक कहानी- 4 में पढ़े