आप ने maa beta sex story के पिछले भाग मां बेटे की कामुक कहानी- 4 में पढ़ा सुरेश अपनी बेटी से अपने लंड पर साबुन लगवा कर सफाई भी करवाता था और उस से अपने लंड का मुठ भी मरवाता था उसकी बेटी अपने बाप के लंड का कई बार मुठ मार चुकी थी अब आप maa beta sex story में आगे पढ़े
Maa Beta Hindi Sex Stories 5
यही नहीं जब माला को मासिक शुरू हुआ तो माला ने सबसे पहले अपने बाप को ही अपनी चूत से खून निकलते हुए दिखाया और सुरेश ने ही उसकी चूत की सफाई की थी
जब माला की चूत पर बाल आने शुरू हुए तो सुरेश ने पुष्पा के सामने ही माला की चूत के बाल को साफ किया था और अक्सर उसकी चूत को साफ करता था माला को मुठ मारने का सबसे पहला अनुभव भी सुरेश ने ही दिलाया था जब वो एक दिन नहलाने के दौरान अपनी बेटी के चूत में उंगली कर रहा था
फिर तो अक्सर सुरेश अपनी बेटी कि चूत का मुठ मारता था अक्सर सुरेश खुद नंगा होकर अपनी नंगी बेटी को बिस्तर पर लिटा कर उसकी चुचियों को दबाया करता था
यानी बाप बेटी के बीच कोई पर्दा नहीं था बस कमी थी कि सुरेश ने अपने लंड को आज तक माला की चूत में नहीं डाला था माला ने कई बार अपने बाप सुरेश को पुष्पा की चूत और गांड में माल गिराते देखा था
वो हमेशा अपनी मां से पूछती कि पापा ये क्या कर रहे है उसकी मां कहती- मुझे गुदगुदी होती है इसमें मुझे बड़ा मज़ा आता है उसके लिए चुदाई कोई नई चीज नहीं रह गई थी उसे भी इच्छा होती थी कि पापा उसकी चूत में भी लंड डाल कर गुदगुदी करे जैसे उसकी मां को करते है
माला जब अपने मां बाप के कमरे में आई तो देखा कि बाप उसकी मां की चूत के बाल को साफ कर रहा है वो पलंग पर चढ़ी और अपनी नंगी मां से लिपट कर बोली- क्यों बुलाया मुझे इस वक़्त?
पुष्पा ने उसकी नंगी पीठ को सहलाते हुए कहा- जरा अपनी पैंटी उतार तो
माला ने एक सेकेंड में अपनी पैंटी उतार दी और नंगी खड़ी हो गई उसकी चूत पर हलके बाल उग आये थे
पुष्पा ने कहा- ये बाल क्यों नहीं बनाती तू? इतने बड़े बाल ठीक नहीं होते
माला ने कहा- मुझे नहीं आते बाल बनाने पापा को फुर्सत ही नहीं मिलती मैं क्या करूं? तू बना दे ना
पुष्पा ने कहा- मैंने कभी अपनी चूत के बाल खुद बनाए हैं क्या सब दिन तेरे पापा ही मेरी चूत साफ करते हैं बिलकूल एक्सपर्ट हैं सुरेश जरा माला की चूत के बाल तो साफ कर दो देखो तो कितने बड़े हो गए हैं
सुरेश ने कहा- ठीक है आ इधर आ कर लेट जा
माला के लिए ये कोई नई बात नहीं थी वो आराम से सुरेश के सामने टांग फैला कर लेट गई ताकि चूत खुल के दिखे सुरेश ने माला की चूत पर क्रीम लगाई और उसे घिसने लगा माला को मस्ती चढ़ने लगी उसकी चूत गीली होने लगी
थोड़ी देर में सुरेश माला की चूत पर रेज़र चलाने लगा थोड़ी ही देर में उसके सारे बाल साफ हो गए सुरेश ने जान बुझ कर माला की चूत पर रेज़र थोड़ा कस के दबा दिया जिस से उसकी चूत थोड़ी सी कट गई
पुष्पा ने कहा- हाय ये देख माला की चूत कट गई जल्दी से इसे मुंह ले लो और दबाओ नहीं तो बहुत खून निकल जाएगा
सुरेश झट से माला की चूत को अपने मुंह में चूसने लगा इतने सालों तक पुरानी चूत को चूसने के बाद इतनी जवान चूत चूसने का वो भरपूर आनंद उठा रहा था वो कुत्ते की तरह माला की चूत चाटने लगा माला भी अभी तक अपनी चूत कभी नहीं चटावायी थी
माला की चूत पानी पानी हो रही थी उसे मज़ा आ रहा था सुरेश ने अपनी जीभ माला की चूत में घुसा दी और जीभ से ही उसकी चूत चोदने लगा पुष्पा बगल में बैठकर देख रही थी माला को गुदगुदी सी होने लगी
माला- आह पापा गुदगुदी हो रही है
पुष्पा- कैसा लग रहा है माला?
माला- अच्छा लग रहा है
पुष्पा- मुझे तो और भी मज़ा आता है जब इसका लंड मेरी चूत में जाकर गुदगुदी करता है
माला- मुझे भी तेरी तरह मज़ा लेना है मम्मी पापा को बोलो ना एक बार उसी तरह से करे जैसे तेरे को छोड़ते हैं बस एक बार प्लीज
पुष्पा ने कहा- सुरेश देखो ना मेरी बेटी कितनी जिद कर रही है मेरी तरह मज़े लेने के लिए इसे भी मज़े दे दो ना प्लीज़
सुरेश ने कहा- अच्छा ठीक है
पुष्पा ने माला की टांग को सुरेश के कंधे पर रखा और सुरेश के लंड पर क्रीम लगाया फिर माला की चूत के छेद में भी क्रीम लगाया और चूत सहलाते हुए माला से कहा- बेटी घबराना नहीं देखना तुझे मज़ा आ जाएगा
सुरेश ने अपने बाएं हाथ से अपना लंड पकड़ा और दाहिने हाथ से माला की चूत के छेद में उंगली करी और धीरे धीरे अपना लंड अपनी बेटी माला की चूत में डालने लगा लंड और चूत में क्रीम लगे होने के कारण आधा लंड माला की चूत में बिना किसी खास दर्द के चला गया सुरेश धीरे धीरे अपनी बेटी की चूत चोदना चालू किया
पहले तो माला को ज्यादा कष्ट नहीं हो रहा था लेकिन जैसे ही सुरेश ने कस के उसकी चूत में धक्का लगाया उसकी चूत की झिल्ली फट गई वो दर्द से बिलबिला गई क्योंकि उसे इस दर्द का अंदाजा नहीं था वो जोर जोर से कराहने लगी लेकिन उसकी मां ने उसे कस के पकड़ रखा था और उसका बाप उसकी जम के चुदाई कर रहा था
पुष्पा बोली- बस बेटी कुछ नहीं हुआ है थोड़ी देर में गुदगुदी होगी तुझे सब ठीक हो जायेगा
सुरेश लगभग 5 मिनट तक अपनी बेटी की चूत चोदता रहा उसके बाद उसके लंड ने माल निकलने का सिग्नल दे दिया वो झट से अपना लंड अपनी बेटी की चूत से निकाला और पुष्पा को बोला- जल्दी से अपने मुंह में ले इसे
पुष्पा ने झट से सुरेश के लंड को अपने मुंह में लिया और चूसने लगी सुरेश के लंड माल का फव्वारा निकल पड़ा पुष्पा सारा माल पी गई इधर माला निढाल सी पड़ी थी और अपनी मां को माल पीते हुए देख रही थी जब पुष्पा ने माल पी लिया तब वो माला के गालों को चूमने लगी और बड़े ही प्यार से पूछा- कैसा लग रहा है बेटी?
माला ने कहा- थोड़ी गुदगुदी तो हुई लेकिन थोडा सा दर्द भी हो रहा है क्या तुझे भी दर्द होता है जब पापा तुझे चोदते हैं
पुष्पा- नहीं बेटा तेरी चूत अभी छोटी है ना इसलिए थोडा दर्द हो रहा है तुझे लेकिन मुझे अब नहीं होता है तुझे भी नहीं होगा जब तू रोज़ चुद्वायेगी ना अपने पापा से
माला- हां क्यों नहीं इसमें कौन से बड़ी बात है
पुष्पा बोली- शाबाश मेरी बच्ची
पुष्पा ने सुरेश की तरफ होकर कहा- ये लो जी अब तो तुम खुश हो ना अब मेरे पापों का प्रायश्चित हो गया ना?
सुरेश ने कहा- हां लेकिन अभी पूरी तरह से नहीं
पुष्पा ने कहा- क्या मतलब है तुम्हारा?
सुरेश ने कहा- अगर इसकी शादी किसी और से हो गई तो?
पुष्पा ने कुछ सोचते हुए कहा- नहीं तुम ही इसके साथ शादी कर लो क्यों मेरी बच्ची? करेगी ना अपने पापा से शादी?
माला ने अपने स्तन सहलाते हुए कहा- अपने पापा से शादी?
पुष्पा ने उदास आवाज़ में कहा- हां बेटी जैसा कि जानती है तेरी इस विधवा मां को इसी ने सहारा दिया इसने अपनी जवानी मेरे नाम कर दी ताकि मेरी और तेरी जिन्दगी संवर सके लेकिन खुद इसकी जवानी खराब हो रही है तेरा ये फर्ज़ बनता है कि अब तू इसके अहसानों का बदला चुकाए और तुझे अपनी जवानी इसके नाम कर देनी चाहिए
माला ने अपनी चूत में उंगली डालते हुए कहा- ठीक है मां मुझे भी कोई ऐतराज नहीं है वैसे भी जिसके माल से मेरा जन्म हुआ है जिसने मुझे खाना पीना दिया है उसका मेरे शरीर पर सबसे पहला हक है मेरे पापा चाहे मेरे साथ कुछ भी करें मुझे कूई ऐतराज नहीं है
सुरेश ने अपने लंड को खड़ा करते हुए कहा- शाबाश मेरी बच्ची इसी बात पर एक बार और चुदाई का मज़ा ले ले
माला ने मुस्कुराते हुए कहा- हां पापा क्यों नहीं
पुष्पा ने कहा- आज से ये तेरा पापा नहीं तेरा पति है आज से तू इसे पापा नहीं सुरेश कह
सुरेश ने हंसते हुए माला की होंठ को अपने होठो में लिया और अपने लंड को माला की चूत में डाल दिया इस बार माला ने पत्नी की तरह सुरेश को मज़े दिए
कुछ ही दिनों में सुरेश माला और पुष्पा को लेकर कलकत्ता चला गया जहां उसने माला को अपनी बीवी का दर्जा दिया और पुष्पा को अपनी सासू मां का दर्जा दिया लेकिन वो दोनों के ही एक साथ मज़े लुटता रहा पुष्पा कभी सुरेश की मां बनी कभी उसकी पत्नी और अब उसकी सासू मां
माला को आज तक पता नहीं चला कि पुष्पा ही सुरेश की असली मां भी है वो हमेशा यही सोचती रही कि उसकी मां ने विधवा होने के बाद अपने से काफी छोटे उम्र के व्यक्ति के साथ शादी रचायी और सुरेश की जवानी बर्बाद ना हो जाए इसलिए उसकी मां ने अपनी ही बेटी की अपने पति के साथ शादी करा दी
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