आप ने maa beta sex story के पिछले भाग अंधेरे में बेटे से चुद गई- 1 में पढ़ा मेरी चूत के होंठ खुले और सुपाड़ा धीरे धीरे अंदर सरकने लगा उफ्फफ सुपाड़ा अंदर घुसते घुसते मुझे पसीना आने लगा लंड इतना फूला हुआ था के मेरी चूत को बुरी तरह से फैला रहा था अब आप maa beta sex story में आगे पढ़े
Mom Hindi Sex Story 2
मैंने अपने सूखे होंठो पर जीभ फिराई और फिर से दबाव बढ़ाना शुरु किया मेरी रस से सरोबर चूत में पल पल लंड अंदर धंसता जा रहा था मुझे हलकी हलकी पीड़ा के साथ अत्यधिक चुभन महसूस हो रही थी जिसने मुझे असमंजस में डाल दिया था
मगर मैं कामवासना की चरम सीमा पर थी और उस समय सिर्फ और सिर्फ चुदवाने के बारे में ही सोच रही थी आज तक सिर्फ और सिर्फ मेरे पति ने ही मुझे चोदा है एक इकलौता लंड मेरी चूत में हजारों हजारों दफा गया है
इसलिए मुझे अच्छा खासा एहसास है के वो चूत के अंदर किस सीमा तक घुसता है और आज जब वो लंड उस सीमा से काफी आगे पहुंच चूका था तो मुझे हैरत होने लगी
शायद आज बहुत उत्तेजना की वजह से उनका लंड कुछ अत्यधिक फूल गया था जब मैंने उसे मुठी में भरा था तो मुझे वो बहुत मोटा लगा था अचानक नजाने कयों मुझे अजीब सा लगा और मैं अपना एक हाथ नीचे हम दोनों के बीच ले गई उफ्फ्फ मेरी हैरत की सीमा ना रही लंड तो अभी भी एक इंच से जयादा बाहर था
मैं कुछ समझ पाती उसी समय मेरे पति के दोनों हाथ मेरी कमर पर कस गए और आईईईईई मेरे मुंह से तेज़ सिसकारी निकल गई कमीने ने दोनों हाथों में मेरी कमर जकड़ कर नीचे को दबाया और नीचे से अपनी कमर ऊपर को उछाली और पूरा लंड मेरी चूत में पेल दिया वो कमीना ही था
मेरे पति का लंड इतना लम्बा मोटा नहीं हो सकता था वो कौन था मुझे कोई अंदाज़ा नहीं था और में सोचने की हालात में भी नहीं थी कमीने ने लंड अंदर घुसाते ही धक्के लगाने शुरू कर दिए
मेरी कमर पकड़ वो नीचे से दनादन मेरी चूत में लंड पेलने लगा मेरी कमर को उसने बहुत कस कर पकड़ा हुआ था के कहीं मैं भाग ना जाऊं मगर मैं भागने की स्थिति में तो थी नहीं कामोत्तेजना तो पहले ही मेरे सर चढ़ी हुई थी और चूत में उस भयंकर लंड के ताकतवर धक्को ने मुझे पसत कर दिया
मेरे मुख से सिसकियां निकलने लगी मैं आह उनन्ह उफ्फ्फ करती सिसकती कराहती चुदने लगी सिसकियों के साथ साथ में खुद अपनी कमर हिलती चुदाई में उसका साथ देने लगी
मुझे राजी देखकर उसकी पकड़ धीरे धीरे मेरी कमर पर हलकी पढने लगी जैसे ही मेरी कमर पर उसकी पकड़ ढीली पड़ी मैंने अपने दोनों हाथ उसकी छाती पर रखे और उछाल उछाल कर अपनी चूत उसके लंड पर पटकने लगी
वो भी ताल से ताल मिलाता मेरी चूत में लंड पेलने लगा फच फच की आवाज़ कमरे में गूंजने लगी मैंने एक बार भी उस पराये आदमी को रोकने की कोशिश नहीं की थी मेरे दिल में खयाल तक नहीं आया था के मैं अपने पति के साथ धोखा कर रही हूं सुना था भगवान मन की मुराद पूरी कर देता है आज देख भी लिया था
आज शाम से बार बार मन में पराये आदमी से चुदवाने का खयाल आ रहा था और अब हकीकत में एक ताकतवर लंड मेरी चूत को बुरी तरह से रगड़ ररहा था उफ्फ्फ्फ्फ ढ कहीं यह वही तो नहीं जिसने डांस के समय कई बार मेरे मम्मों को मसल दिया था वही होगा पूरी शाम मेरे आगे पीछे घूम रहा था
मैं अभी सोच ही रही थी के उसने मेरी बाहें पकड़ी और मुझे अपने ऊपर गिरा लिया फिर वो मुझे एक तरफ को करके मेरे ऊपर आ गया मेरी टांगे के बीच आकर उसने मेरे पैर पकडे और उठाकर अपने कंधो पर रख लिए मैंने अपनी टांगे आगे कर उसकी गर्दन पर लपेट दी उसने अपना लंड मेरी चूत रखा और एक करारा झटका मारा
कमीने ने पूरा लंड एक ही झटके में जड़ तक पेल दिया था मैं चीख ही पड़ी थी मगर उसने कोई दया ना दिखाई और मेरे कंधे थाम मेरी चूत में फिर से लंड पेलने लगा आअह्ह्ह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह ऊऊऊम्मम्म मेरी सिसकियां तेज़ और तेज़ होने लगी वो और भी जोश में आ गया
उफ्फफ्फफ हाये मेरे मेरे मम्में पकड़ो मेरे मम्में पकड़ो मैंने उसके हाथ कंधो से हटाकर अपने मम्मों पर रख दिए उसने तुरंत मेरे मम्मों को अपने हाथो में कस लिया ऐसे ही मेरे मम्मों को मसल मसल कर मुझे चोदो कस कस कर चोदो मुझे मैं उस अनजान सख़्श से बोली और जैसा मैंने उसे कहा उसने वैसा ही किया
मेरी टांगे कंधो पर जमाये उसने ऐसे ताबड़तोड़ धक्के मेरी चूत में लगाये के में बदहवासी में चीखने लगी उसका मोटा लंड मेरी चूत को इतनी बुरी तरह रगड़ रहा था और मुझे ऐसा असीम आनंद आ रहा था के में उसे उकसाती कमर उछाल उछाल कर चुदवाने लगी
वो भी धमाधम लंड पेले हा रहा था कैसा जबरदस्त आनंद था और वो आनंद पल पल बढ़ता ही जा रहा था आखिरकार मेरा बदन अकड़ने लगा मैं हाथ पांव पटकने लगी उफ्फफ मारो और जोर जोर से मारो हाए चोदो मुझे जितना चाहे चोदो पूरा लंड पेलो आईईई मैं बहुत देर तक टिक ना सकी और मेरी चूत से रस फूटने लगा
वो अजनबी अभी भी मुझे पेले जा रहा था एक एक धक्का खींच खींच कर लगा रहा था और फिर वो भी छूट गया मेरी जलती चूत में उसका गरम गरम रस गिरने लगा हुंगार भरता वो मेरी चूत को भरने लगा वो अभी भी धक्के लगा रहा था आखिरकार उसके धक्के बंद हो गए मगर वो अब भी उसी हालात में था अब भी उसके हाथ मेरे मम्मों को कस कर पकडे हुए थे
अब भी मेरी टांगे उसके कंधो पर थी मेरी सांसे लौट चुकी थी मैंने उस अजनबी के चेहरे को पकड़ अपने चेहरे पर झुकाया और अगले ही पल हमारे होंठ मिल गए मैं उसकी जिव्हा को अपने होंठो में भरकर चूसने लगी वो भी मेरे मुखरस को पीता मेरे होंठो को काटता मुझे चूमने चाटने लगा
धेरे धीरे उसके हाथ मेरे मम्मों पर फिर से चलने लगे कभी मैं उसके होंठो को चूमती चुस्ती तो कभी वो हमारी सांसे फूलने लगी जब हम दोनों के चेहरे अलग हुए तो हम हांफ रहे थे सांसे संभालते ही हमारे होंठ फिर से जुड़ गए
मेरी टांगो में दर्द हो रहा है इस बार जब हमारे होंठ जुदा हुए तो मैंने उसे धीमे से कहा उसने तुरंत मेरे मम्मों से हाथ हटाए और आराम से मेरी टांगे अपने कंधो से उतार दी और फिर वो मेरे ऊपर से हट गया कुछ देर बाद वो उठा और अंधेरे में अपने कपड़े ढूंढने लगा
दरवाजे के दायीं और स्विच है मैंने उसे बताया मगर उसने स्विच ओन नहीं किया और वहीं अंधेरे में हाथ चलता रहा मुझे उस पर हैरत हो रही थी वो अभी अभी मुझे चोद कर हटा था और मेरा चेहरा देखने में उसे डर लग रहा था
जबके एक औरत होने के नाते डरना मुझे चाहिए था खैर उसे अपनी पैंट मिल गई और वो पहनने लगा मुझे उसका इस तरह से अचानक चला जाना अच्छा नहीं लगा सुनो दरवाजे के हैंडल को पकडे वो वहीं पर रुक गया तुमने अभी अभी मुझे चोदा है कम से कम मुझे अपना नाम तो बताकर जाओ
मगर वो कुछ नहीं बोला और उसने दरवाजे का हैंडल घुमाया मुझसे रहा नहीं गया तुम डर क्यों रहे हो? तुमने चोरी से मेरे रूम में घुसकर जबरदस्ती मेरी चुदाई की है मगर मैंने तुम्हे कुछ नहीं कहा बल्कि तुम्हारा पूरा साथ दिया है फिर इस तरह घबरा कर भाग क्यों रहे हो
वो फिर भी कुछ नहीं बोला शायद वो मन में हालात का जायजा वे रहा था मैं उसे अभी जाने नहीं देना चाहती थी और उसे रोकने के लिए उसे विस्वास दिलाना जरूरी था के मैं उसका पकड़वाने वाली नहीं थी देखो अगर मैंने तुम्हे पकड़वाना होता तो में तुम्हे कब की पकड़वा चुकी होती तुम्हे खुद इस बात बात का एहसास होना चाहिए तुम बेकार में डर रहे हो
वो कुछ पल खड़ा अंधेरे में सोचता रहा और फिर जैसे उसने फैसला कर लिया उसने हैंडल घुमाया मैं बेड से नीचे उतरी कैसा गधा है यह मैं इसे निमत्रण दे रही हूं और यह भाग रहा है देखो रुको जाने से पहले मेरी बात सुनलो उसके हाथ वहीं रुक गए अब आखिरी मौका था उसे रोकने का देखो मुझे लगता है तुम जानते हो के मैं कौन हूं और तुम मुझे पहचानते हो
लेकिन मुझे नहीं मालूम तुम कौन हो नाही मैं तुम्हे पहचानती हूं और अगर तुम बताना नहीं चाहते तो मुझे कोई एतराज नहीं है मैं तुमसे नहीं पूछूंगी इस बार मेरे शब्दों ने असर दिखाया और उसने हैंडल छोड़ दिया और वो मेरी तरफ घूम गया जो सुख जो आनंद आज तुमने मुझे दिया है मेरे पति ने आज तक मुझे नहीं दिया इतना मज़ा इतना मज़ा पहले कभी नहीं आया
मैं चलते चलत्ते उसके पास पहुच गई थी हम दोनों आमने सामने थे मैं तुम्हारा सुक्रिया अदा करना चाहती थी तुम्हारा नाम इसलिए पूछ रही थी के अगर बाद में कभी कभी भी मेरा मतलब है अगर कभी फिर से तुम्हारा दिल करे तो मुझे कोई एतराज नहीं है मैं सिसकती आवाज़ में बोली अब वो मेरी बात सुन रहा था और वहां से जाने के बारे में भूल चूका था
मैंने अपना हाथ आगे बढाकर उसके सीने पर रखा और फिर उसे नीचे की और ले जाने लगी उसकी सांसो की रफ्तार तेज़ हो रही थी शायद वो भी अभी वहां से जाने का इच्छुक नहीं था मगर अपना भेद खुलने से डर रहा था मेरा हाथ जब पैंट की जिपर पर गया तो वहां पर हलकी सी हलचल देख कर मेरे होंठो पर मुस्कान आ गई
मैंने धीरे से पैंट की जिप नीचे खींच दी और उसके जांघिये में हाथ डालकर उसका कड़क होता लंड पकड़ लिया मेरा हाथ लगते ही वो सिसक उठा तुम्हारा यह बहुत बड़ा है बहुत मोटा है लंबा भी खूब है मुझे नहीं मालूम था यह इतना बड़ा भी हो सकता है मैं लंड को मसलते बोली जो अभी भी मेरी चूत के रस से भीग हुआ था
लंड तेज़ी से अकड़ता जा रहा था उफ्फफ यकीन नहीं होता इतना मोटा लंड मेरी चूत के अंदर था बहुत जोर से ठोका है तुमने मुझे मेरी चूत में चीस उठ रही है में आग में घी डालते बोली उसकी सांसो की रफ्तार मुझे बता रही थी के वो कितना उत्तेजित है
वो धीरे धीरे मेरे हाथों मैं अपना लंड ठेल रहा था सुनो मेरे पति आज रात आने वाले नहीं है अगर तुम कुछ देर और रुकना चाहो तो वो कुछ नहीं बोला
मैंने उसके लंड से हाथ हटाए और उसके हाथ पकड़ अपने मम्मों पर रख दिए वो मेरे निप्पलों को मसलने लगा और में उसकी पैंट की बेल्ट खोलने लगी उसकी पैंट और जांघिया खुलते ही उसने अपना चेहरा झुकाया और मेरे निपल को होंठो में भरकर चूसने लगा
मैं फिर से उसका लंड मसलने लगी वो मेरे मम्मों को चूस्ता चाटता उन्हें दांतो से काट रहा था और में उसे रोक नहीं रही थी कुछ देर उससे मम्में चुसवा कर मैंने उसका चेहरा अपने सीने से हटाया और उसके पैरों के पास घुटनो के बल बैठ गई
मैं जीभ निकाल उसके लंड को चाटने लगी उसकी सिसकारियां गूंजने लगी अब वो मेरे बस में था सुपाड़े को अपनी जिव्हा से रगर रगड़ कर लाल करने के बाद मैंने उसे अपने मुंह में भर लिया और उसे चूसने लगी में अपना मुख हिलाती लंड को खूब मज़े से चुसक रही थी
अब उसका लंड फिर से अपने भयन्कर रूप को धारण कर चूका था मुझसे इंतज़ार नहीं हो रहा था और उस अजनबी से भी नहीं उसने मेरे कंधे पकड़ मुझे उठाया मैं खड़ी हो गई और हमारे होंठ मिल गए
मुझे चूमते हुए उसने मेरी एक टांग उठा ली और मेरी चूत पर लंड दबाने लगा मैंने लंड को हाथ से पकड़ रास्ता दिखाया अगले ही लंड का सुपाड़ा चूत में था में उत्तेजना में उसके होंठ काटने लगी
मैंने अपनी टांग उसकी कमर पर लपेट दी और अपनी बाहें उसके गले में डाल दी उसने एक हाथ से मेरी टांग को उठाया और दूसरे को मेरी पीठ पर लपेट मेरी चूत में लंड पेलने लगा वो मुझे ठोकने लगा
मैं फिर से ठुकने लगी हम दोनों एक दूसरे के मुंह में सिसक रहे थे दोनों चुदाई में एक दूसरे की सहायता कर रहे थे उसका मोटा लंड मेरी चूत में खचाखच खचाखच अंदर बाहर हो रहा था
कहीं तुम वहीं तो नहीं जो डांस के समय बार बार मेरे मम्मों को मसल रहा था और मेरी गांड में उंगली डाल रहा था मगर उसने कोई जवाब नहीं दीया वो बस लगातार मुझे चोदे जा रहा था जेसे उसे यह मौका दुबारा नहीं मिलने वाला था मैंने उसे दुबारा नहीं पूछा कहीं वो डर कर चुदाई बंद ना कर दे
मुझे भी ऐसा कड़क लंड शायद दुबारा नहीं मिलने वाला था इसीलिए मैंने भी मौके का पूरा फायदा उठाने की सोची और मस्ती में खुल कर चुदवाने लगी हर धक्के का जवाब में भी बराबर जोर लगा कर दे रही थी पूरी मस्ती में ठुकवा रही थी
ओह्ह्ह गॉडडडडड उफ्फफ्फफ पेलो कस कस कर अपना लंड पेलो उफ्फफ्फफ ऐसे ही चुदवाने के लिए में तड़फती थी और जोर से और जोर से हाये ऊऊहह्ह मेरी चूत मेरी चूत चोदो मुझे मेरी बातें उसके जोश को दुगना चुगना कर रही थी फिर एक दम वो रुक गया और मुझसे अलग हो गया शायद वो पोजिशन बदलना चाहता था
उसने मुझे घुमाया और मेरे सर को नीचे की और दबाने लगा मुझे समझने में देर ना लगी और मैं तरुन्त बेड के किनारे को पकड़ झुक कर घोड़ी बन गई उसने पीछे से मेरी कमर को पकड़ा और अपना लंड पूरे जोर से मेरी चूत में घुसेड़ दीया
आईईई ऊहह्ह हाए बेदर्द ऊहह्ह उफ्फ्फ चोद मुझे ऐसे ही कस कस कर पेल अपना लंड मेरी चूत में मैं घोड़ी बनी चीखती अपनी चूत उसके लंड पर धकेल रही थी वो भी पूरा जोर लगा रहा था एक एक धक्का खींच खींच कर लगा रहा था पूरा लंड चूत को चीरता जड़ तक अंदर बाहर अंदर बाहर हो रहा था
इस तेरह पीछे खड़े होकर मेरी कमर को पकड़ कर उसे धक्के लगाने में आसानी हो रही थी और वो मज़े में अपना पूरा जोर लगाता मुझे पे लेजा रहा था और मैं सिसकती कराहती बेशर्मी से उसे उकसा रही थी
मेरे अति अश्लील शब्द सुन कर जोश में वो मेरी चूत की ऐसी तैसी कर रहा था उस कमीने की उस जालिम चुदाई में इतना आनंद था के मैं बहुत देर तक रुक ना सकी और फिर से मेरी चूत झड़ने लगी
बेड की चादर को मुट्ठियों में भींच मैं चीख रही थी और वो दे दनादन मेरी चूत में लंड पेले जा रहा था कुछ देर बाद वो भी ऊंची ऊंची सिसकने लगा धक्को की रफ्तार बहुत बढ़ गई थी
अब किसी भी पल उसका छूटने वाला था मैं अपनी चूत में उसके रस की बौछार का इंतज़ार कर रही थी के अचानक कानो में बहुत ऊंची बाहर से शोर सुनाई दिया हम दोनों रुक गए
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