मां ने गुस्से में गांड दी

हैलो दोस्तों कैसे हो आप मैं अपनी maa sex story लेकर आया हूं यह real indian incest stories मेरी और मेरी मां की है इस indian incest sex stories में आप पढ़ेंगे कैसे मेरी मां ने गुस्से में आकर अपनी गांड में मेरा लंड लिया अब मैं अपनी real indian incest stories शुरू करता हूं आप इस maa sex story का पढ़कर मज़ा ले

Real Indian incest Stories

नाम दीपक है मैं कॉलेज में अंतिम वर्ष में पढ़ता हूं मेरी उम्र 23 है मैं बीच की छुट्टियों में मेरे गांव गया गांव में हमारा बड़ा घर है वहां मेरी मां और पापा रहते हैं मेरे पापा एक बिल्डर हैं और मां एक हाउस वाइफ है

हम बहुत अमीर घराने से हैं हमारे घर में नौकर चाकर बहुत हैं मैं मेरे गांव गया दोपहर में मेरे घर पहुंचा खाना हुआ और थोड़ी देर सोया शाम को मां के साथ थोड़ी बातें कीं और गांव घूमने चला गया रात करीब मैं 8:30 पर घर आया और मां का मूड ठीक नहीं था मैंने मां को पूछा मां पापा कहां हैं?

मां ने कुछ जवाब नहीं दिया मेरी मां बहुत गुस्से वाली है मां जब गुस्से में होती है तब वो गन्दी गालियां भी देती है लेकिन वह नौकरों के साथ ऐसा नहीं करती उनको गालियां नहीं देती

मां ने कहा- चल तू खाना खा ले आज अपना बेटा आया फिर भी यह घर नहीं आए तू खा हम बाद में फार्म हाउस पर जायेंगे वहां पर तेरे पापा का काम चल रहा है

मैंने खाना खाया और हम निकले पापा ने मेरी मां को स्कूटी दी थी हमारा फार्म हाउस हमारे घर से एक घन्टे पर ही था मां ने स्कूटी निकाली मैं मां के पीछे बैठ गया हां मेरी मां का नाम रजनी है उसकी उम्र 46 है लेकिन वो सुन्दर है वो एक हाउस वाइफ है सेहत से तन्दरुस्त थोड़ी मोटी सी चलो चलें

मां ने पंजाबी पोशाक पहनी थी मैं मां के पीछे था हम चल दिए मैंने मेरे हाथ से स्कूटी के पीछे टायर को पकड़ रखा था मां बीच बीच में कुछ कह रही थी लेकिन कुछ सुनाई नहीं दे रहा था शायद बहुत ही गुस्से में थी

एक घन्टे में हम फार्म हाउस पर पहुंच गए फार्म हाउस के दरवाज़े पर चौकीदार था उसने मां को टोका और कहा- साहब यहां नहीं हैं वो शहर गए हैं वह हमें दरवाज़े के अंदर जाने से रोक रहा था

मां ने कहा- ठीक है

मां ने स्कूटी चालू की हम थोड़ी ही आगे गए और मां ने स्कूटी रोक दी उसे कुछ शक हुआ उसने मुझसे कहा तू यहीं रुक मैं आती हूं मां फार्म हाउस की तरफ चली गई और चौकीदार का ध्यान बचाकर अंदर चली गई

फार्म हाउस में जाकर खिड़कियों में ताक झांक करने लगी मैंने देखा कि मां क्यों नहीं आ रही है और मैं भी वहां चला गया मैंने देखा- मां बहुत देर तक वहां खड़ी थी और खिड़की से अंदर देख रही थी वह करीब 10-15 मिनट वहीं खड़ी थी मैं थोड़ा आगे गया

मां ने मुझे देखकर कहा- साले तुझे वहीं रुकने को कहा था तो तू यहां क्यों आया? चल वापिस चल हमें घर जाना है मां को इतने गुस्से में मैंने कभी नहीं देखा था मैं फिर से स्कूटी पर बैठ गया रास्ते में बारिश चालू हुई मेरे हाथ पीछे टायर पर थे

गांव में रास्ते में लाईट नहीं थी तभी मां की गांड मेरे लंड को लगने लगी मैं थोड़ा पीछे आया लेकिन मां भी थोड़ा पीछे आई और कहा- ऐसे क्यों बैठा है ठीक से मुझे पकड़ कर बैठ मैंने मेरे दोनों हाथ मां के कन्धों पर रखे लेकिन ख़राब रास्ते के कारण हाथ छूट रहे थे

मां ने कहा- अरे पकड़ मेरी कमर को और आराम से बैठ

मैंने मां के कमर पर पकड़ा लेकिन धीरे धीरे मेरा हाथ उसके मम्में पर लगने लगे वाह उसके मम्में क्या नरम नरम मुलायम मखमल की तरह लग रहे थे और मेरा लंड भी 90 डिग्री तक गया वो मेरी मां की गांड से चिपकने लगा मां भी थोड़ी पीछे आई

ऐसा लग रहा था कि मेरा लंड मां की गांड में घुस रहा है हमारा घर नज़दीक आया हम उतर गए करीब रात 11:40 को हम घर आए

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मां ने कहा- तू ऊपर जा मैं आती हूं

मां ऊपर आई वो अभी भी गुस्से में लग रही थी मालूम नहीं वो क्यों बीच बीच में कुछ गालियां भी दे रही थी लेकिन वो सुनाई नहीं दे रहा था

मां ने कहा- आ मैं तुझे बिस्तर लगा दूं

उसने उसकी चुन्नी निकाली और वह मेरे लिए बिस्तर लगाने लगी मैं सामने खड़ा था वह मेरे सामने झुकी और मैं वहीं ढेर हो गया उसके मम्में इतने दिख रहे थे कि मेरी आंखें बाहर आने लगीं उसके वो मम्में देखकर मैं पागल हो उठा

उसने काली ब्रा पहन रखी थी उसकी निप्पल भी आसानी से दिख रही थी तभी मां ने अचानक देखा और कहा तू यहां सो जा लेकिन मेरा ध्यान नहीं था वो सामने झुकी और मेरा ध्यान उसके मम्मों पर था

वो यह बात समझ गई और जोर से चिल्लाई- दीपक मैंने क्या कहा सुनाई नहीं देता क्या? तेरा ध्यान किधर है? साले मेरे मम्में देख रहा है?

यह सुनकर मैं डर गया लेकिन मैं समझ गया कि मां को लड़कों की भाषा मालूम है

उसने बिस्तर लगाया और कहा- मैं आती हूं अभी

वह नीचे गई मैंने देखा उसने हमारे फार्म हाउस के चौकीदार को कुछ कहा और ऊपर मेरे कमरे में आ गई हम दोनों अभी बारिश की वज़ह से गीले थे मां मेरे कमरे में आई दरवाज़े की कड़ी लगाई और उसने अपनी पंजाबी पोशाक की सलवार निकाल कर बिस्तर पर रख दी

मैं मेरी कमीज़ निकाल ही रहा था इतने में मां मेरे सामने खड़ी हो गई मां ने मेरी शर्ट की कॉलर पकड़ी और मुझे घसीट कर मेरे बाथरूम में ले गई मेरे कमरे में ही एक बाथरूम था मां फिर बाहर गई और मेरे कमरे की बत्ती बन्द करके मेरे सामने आ के खड़ी हो गई

उसने मेरी तरफ देखा एक कपड़ा लिया और मेरे बाथरूम की खिड़की के शीशे पर लगा दिया इसके पीछ वजह होगी कि बाथरूम में रोशनी थी और खिड़की से कोई अंदर ना झांक सके

फिर से उसने मेरी ओर देखा वो अभी भी गुस्से में लग रही थी तुरंत ही उसने मेरे गालों पर एक जोर का तमाचा मारा मैं मां की तरफ ही गाल पर हाथ रख कर देख रहा था

लेकिन तुरंत ही उसने मेरे गालों को चूमा और अचानक उसने उसके होंठ मेरे होंठों पर लगा कर मुझे चूमना चालू कर दिया

मैं थोड़ा हैरान था लेकिन मैंने भी मां के वो बड़े बड़े मम्में देखे थे और मां के साथ मेरे विचार गन्दे हो चुके थे चूमते चूमते मां ने फिर से मेरी ओर देखा वो रुक गई

फिर अपनी पूरी ताकत लगा कर उसने अपनी ही ड्रेस फाड़ डाली फिर तुरंत उसने मेरी कमीज़ भी खोल दी जब उसने अपनी ड्रेस फाड़ी आह आह आह्ह्ह ऊईईई मांअअ उफ्फफ मैं तो सोच भी नहीं सकता था कि मां के मम्में इतने बड़े होंगे

वो तो उसकी ब्रा से बाहर आने के लिए आतुर दिख रहीं थीं फिर वो मुझे चूमने चाटने लगी उसने मुझे चड्डी उतारने को कहा साले अपनी चड्डी तो उतार

मैंने अपनी चड्डी उतार दी और मैं अपनी मां पर चढ़ गया मैं भी उसके मम्मों को चाटने लगा चूमने लगा और जोरो से दबाने लगा मैंने भी मां की ब्रा फाड़ डाली मैं भी एकदम पागलों की तरह मां के मम्में दबाने लगा

मां के मुंह से आहें निकलने लगीं आह आह आह्ह्ह ऊईईई मांअअ उफ्फफ आह्ह्ह ओह्ह्ह

इतने में उसने मुझे धक्का दिया और एक कोने में छोटी बोतल पड़ी थी उसमें उसने साबुन का पानी बनाया और शावर चालू किया और कहा- मैं जैसा बोलती हूं वैसा ही कर

वह पूरी तरह से जमीन पर झुकी और दोनों हाथों से अपनी गांड को फैलाया और कहा वो पानी मेरी गांड में डाल

मैंने वैसा ही किया साबुन का पानी मां की गांड में डाला मां उठी और मेरे लंड को पकड़ा और साबुन लगाया दीवार की तरफ मुंह करके खड़ी हुई और कहा साले मांदर चोद चल तेरा लंड अब मेरी गांड में घुसा

जैसा आप पहले पढ़ चुके हैं कि मेरी मां कभी कभी गालियां बहुत देती है मैंने मेरा लंड मां की गांड पर रखा और जोर का झटका मार दिया

मां चिल्लाई- आह आह आह्ह्ह मांअआ आह्ह्ह साले मांदर चोद बता तो सही तू डाल रहा है साबुन की वज़ह से मेरा लंड पहले ही आधे से अधिक घुस गया और मैं भी मां को जोरो के झटके देने लगा

मां चिल्लाई साले मांदर चोद आह आह आह्ह्ह ऊईईई मांअअ आह्ह्ह मैं भी थोड़ा रुक गया

मां बोली- दर्द होता है इसका मतलब यह नहीं कि मजा नहीं आताआआआ मार और जोर से मार बहुत मजा आता है मांदर चोद बहुत सालों के बाद मैं आज चुदाई के मज़े ले रही हूं आह आह आह्ह्ह ऊईईई मांअअ आह्ह्ह मार मार मार आआआ

वो भी जोरो से कमर हिला कर मुझे साथ दे रही थी और मेरे झटके एकदम तूफ़ानी हो रहे थे मेरा कद 5 फीट 5 इंच है और मां का 5 फीट 3 इंच है हम खड़े खड़े ही चोद रहे थे उसकी गांड मेरी तरफ मैं उसकी गांड मार रहा था

उसका मुंह उस तरफ और हाथ दीवार पर थे मैं एक हाथ की उंगली उसकी चूत में डाल रहा था और दूसरी ओर दूसरे हाथ से उसके मम्में दबा रहा था

तभी उसने मेरी तरफ मुंह किया और एक हाथ से मेरे गाल पकड़े और मेरे होंठों पर उसके होंठ लगाए हम कामसूत्र के एक आसन में खड़े थे वह भी मेरे होंठों को चूम कर बोली तू थोड़ी देर पहले मेरे मम्में देख रहा था ना मादरचोओओओद हाय रे तू

मैं अभी तुझे पूरा मादरचोद बनाऊंगीईईईई आह्ह्ह तभी मैं मां को बोला आज इतने गुस्से में क्यों हो? मां बोली साले सब मर्द एक जैसे ही होते हैं आआईईई उउओओओउऊऊ जानता है

जब हम फार्म हाऊस पर गए ओओईईईई मैंने क्या देखा खिड़कीईईईई ईईई सेएएए मैं एक तरफ झटके दे रहा था इसलिए मां बीच बीच में ऐसी आवाज़ें निकालती हुई बात कर रही थी

मैंने पूछा क्या देखा तूने?

मां ने कहा- तेरा बाप किसी और औरत को चोद रहा था उईईईई ओह्ह्ह्ह आह्ह्ह मैं हमेशा इंतजार करती थी अब मुझे समझ आया वो बाहर चोद लेता है आह आह आह्ह्ह ऊईईई मांअअ मैं रुक गया वह बोली तू रुक मत चोद मुझे मांदर चोद अपनी मां को चोद

आज से तेरी मां हमेशा के लिए तेरी हो गई है अब मैंने चोदना चालू कर दिया

मां कहती रही- आह आह ऊईईई मांआआ तू ही मेरा सामान है आह आह आह्ह्ह उईईईई आह्ह्ह अच्छा लग रहा है तभी मैंने मां की गांड में ओर जोर का झटका मारा

वो भी उसकी गांड जोरो से आगे पीछे हिला रही थी आखिर में मैंने जोर का झटका दिया और मेरे लंड का पानी मां की गांड में डाल दिया

मां चिल्लाई आह आह आह्ह्ह ऊईईई मांअअ कितना पानी है तेरे में खत्म ही नहीं हो रहा है आआउउऊऊ क्या मस्त लग रहा है साआआआला मादरचोद सही चोदा तूने मुझे

थोड़ी देर हम एक दूसरे से ऐसे ही चिपके रहे और फिर पलंग पर चले गए और सो गए थोड़ी देर के बाद मेरी नींद खुली मां मेरे पास ही सोई थी हम दोनों अभी भी नंगे ही थे मैं मां की चूत में उंगली देने लगा

तभी मां की नींद खुली और वो बोली- क्या फिर से चोदेगा?

मैंने कहा- मुझे तेरी चूत चाहिए तेरी गांड तो मिल गई लेकिन तेरी चूत चाहिए और फिर से उसकी चूत में उंगली डालने लगा उसे सहलाने लगा

मुझसे सब्र नहीं हुआ मैंने मां की दोनों टांगें ऊपर की और मेरा लंड मां की चूत पर रखा और जोर से धक्का मारने लगा मैंने झटके देना चालू किया तभी मां भी कमर हिला कर मुझे साथ देने लगी

मेरे झटके बढ़ने लगे मां चिल्लाने लगी आह आह आह्ह्ह चोद और चोद फाड़ डाल मेरी चूत तेरे बाप ने तो कभी चोदा नहीं लेकिन तू चोद और चोद मज़े ले मेरीईईई चूत के आह आह आह्ह्ह ऊईईई और तेज़ और तेज आह आह आह्ह्ह ऊईईई ओओओ आह आह

मां भी जोरो से कमर हिलाने लगी और मैं मां के मम्में और जोरो से दबा रहा था मां बोली चोद रे मांदर चोद और चोद दबा मेरे मम्में और दबा और चाट और काट मेरे मम्मों को और उन्हें बड़े कर दे ताकि वे मेरी ब्लाऊज़ से बाहर आ जायें

दबा और दबा चल डाल पानी अब भर डाल अपनी मां की चूत पानी से आह्ह्ह तेरे गरम पानी से आह्ह्ह तभी मैंने जोर का झटका दिया और मेरे लंड का पानी मां की चूत में डाल दिया

मां चिल्लाई आह आह आह्ह्ह ऊईईई क्याअआ गरम पानी है जैसे असली जवानी आज से तू मेरा बेटा नहीं मेरा ठोकया है आज से तू मुझे ठोकेगा आह आह आह्ह्ह क्या पानी है सालों बाद मिलाआ आज के बाद अच्छी हो गई

तेरे पापा उस रंडी के साथ गए लेकिन उनकी ही वज़ह से मुझे मेरा चोदू बेटा मिल गया आज से तू ही मुझे चोदेगा थोड़े दिनों के बाद मैं शहर चला गया और मेरे कॉलेज में पढ़ाई करने लग गया मां और मैं छुट्टियों की प्रतीक्षा करते और मौका मिलते ही हम एक दूसरे के साथ चुदाई करते

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