हैलो दोस्तों मैं हूं कनिका मैंने बहुत सी चुदाई की कहानियां पढ़ी है chudai kahani com पर तो मेरा भी मन किया की मैं भी अपनी sex story baap beti hindi आप लोगों को सुनाऊं की कैसे मेरे डैडी ने मेरी सील तोड़ी थी
Sex Story Baap Beti Hindi 1
ये मेरी बिलकुल सच्ची baap beti sex story है जो मेरे साथ घटी जब मैं बारहवीं क्लास में थी अभी मेरी उम्र 32 है और मैं मैरिड हूं मेरा साइज है 34-30-36 तो चलिए कहानी शुरू करते है
बात तब की है जब मैं बारहवीं कक्षा में पढ़ती थी और 18 साल की थी हम छत्तीसगढ़ में रहते थे मैं मेरे डैडी मेरी मां मेरी बड़ी सिस्टर और मेरा एक छोटा भाई और एक बड़ा भाई मेरे डैडी की उम्र 42 के करीब थी और वो बैंक में जॉब करते हैं और मां की उम्र 40 के करीब थी और वो भी टीचर हैं
हम सब मिलजुल कर बड़ी ही खुशगवार जिंदगी जी रहे थे मेरी बड़ी सिस्टर की एंगेजमेंट हो चुकी थी मेरे बड़े भाई इन्शुरेंस कम्पनी में जॉब करते थे और छोटा भाई ग्यारहवीं में था मां और डैडी सुबह अपनी जॉब पे चले जाते थे और घर सिर्फ दीदी रह जाती थी और मैं और छोटा भाई स्कूल चले जाते थे
तब मुझे सेक्स के बारे मैं कुछ खास पता नहीं था बस मेरी एक दो सहेलियों ने बताया था की सेक्स करने में बहुत मजा आता है हमारा घर डबल स्टोरी था नीचे एक कमरे में मां और डैडी सोते थे और उनके साथ वाला कमरा मेरा था मम्मी डैडी के कमरे का बाथरूम मेरे कमरे से अटैच था
मेरे साथ वाले कमरे में मेरा छोटा भाई सोता था और ऊपर एक कमरे में बड़े भईया और एक में दीदी सोते थे बात दिसंबर की है मेरे मामा जी की बेटी की शादी थी दिसंबर में फ्राइडे का दिन था
मां ने कहा की कल तुम्हारे मामा जी हमे लेने आ रहे हैं आज उनका फोन आया था
ये बात सुनके सब बहुत खुश हुए लेकिन मैं उदास हो गई तो मां ने पूछा
क्या बात है?
तो मैंने बताया की अभी मेरे दो पेपर पड़े हैं एक मंगलवार को है और दूसरा शादी के एक दिन पहले मैं नहीं जा पाऊंगी
छोटे भाई के पेपर खत्म हो चुके थे
तो डैडी ने कहा की मुझे भी बैंक से 2 दिन की ही छुट्टी मिलेगी मैं और कनिका शादी से एक दिन पहले आ जायेंगे तुम सब लोग कल चले जाना
तो वो सब बहुत खुश हो गए थे मेरे मां और डैडी एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं मैंने उन्हें कभी झगड़ते हुए नहीं देखा बात फ्राइडे की है रात की है
करीब 11 बजे मेरी आंख खुली और मैं बाथरूम करने के लिए उठी मैं जब बाथरूम में गई तो मैंने डैडी के कमरे में से कुछ आवाजे आती हुई सुनी तो बिना कोई आहट किया दरवाजे से कान लगा के उनकी बातें सुनने लगी
डैडी मां से कह रहे थे की तुम एक वीक के लिए मुझ से दूर चली जाओगी मैं कैसे रहूंगा तुम्हारे बिना? तुम्हे पता है की मैं जब तक एक बार तुम्हे चोद ना लूं मुझे नींद नहीं आती है
उनकी ये बातें सुनकर मैं सन्न रह गई थी
मां- सिर्फ एक वीक की ही तो बात है फिर आपके पास ही हूं मैं फिर कहां जाना है मुझे आज मुझे जी भर के चोद लीजिए निकाल लीजिए पूरे वीक की कसर लेकिन पहले ये देख कर आइए की आपकी लाड़ली बेटी कनिका सो गई है की अभी जाग रही है
डैडी- मैं अभी तो देख कर आया हूं उसके कमरे में की वो सो रही है
अब मुझे पता चला की मेरी आंख क्यों खुल गई डोर की आहट से मेरी आंख खुली थी
मां- फिर भी एक बार देख लीजिए नहीं तो मैं भी सोने लगी हूं
डैडी- ओके बाबा देखता हूं
डैडी बेड से नीचे उतरने लगे तो मैं जल्दी से अपने कमरे में आ गई और सोने का नाटक करने लगी अब मुझे नींद कहां आनी थी क्योंकि अब तो मुझे डैडी को मां को चोदते हुए देखना था की ये सब कैसे होता है
डैडी के जाने के बाद मैं फिर से उठी और बाथरूम में आ गई और डोर के की-होल में नजरें लगा दी कमरे में हलकी रौशनी थी अंदर का नजारा देखकर मैं दंग रह गई
अंदर डैडी और मां बिलकुल नंगे बैठे हुए थे बेड पे डैडी मां के मम्मों को चूस रहे थे और मां डैडी के लंड को जो की 8 इंच लम्बा और 2 इंच मोटा होगा पकड़ कर हाथ से सहला रही थी फिर डैडी ने मां को बेड पे लिटा लिया और उनकी चिकनी चूत को चाटने लगे और मां के मुंह से
आह्ह्ह ओह्ह्ह आह्ह्ह की सिसकियां निकालने लगी
डैडी उसमें अपनी पूरी जीभ घुसा रहे थे ये सब देख कर मुझे पता ही नहीं चला की कब मेरा हाथ मेरी चूत पे चला गया और मैं उसे सहलाने लगी मेरी चूत बिलकुल गीली हो चुकी थी फिर मां ने डैडी के लंड को मुंह में लिया और लगी लॉलीपॉप की तरह चूसने अब डैडी सिसक रहे थे
फिर डैडी और मां 69 के पोज में आ गए और फिर 5 मिनट बाद डैडी ने अपना मोटा लंड मां की चूत के द्वार पे रखा और एक ही झटके में अंडर घुसा दिया डैडी पूरे जोर से धक्के मार रहे थे और मां नीचे चीख रही थी
आह मेरी जान ओह्ह्ह मेरी जान और जोर से लो अपनी रानी की आह ओह्ह्ह और जोर से बहुत मजा आ रहा है हाय मर गई और तेज़ मारो
फिर कोई 15 मिनट बाद दोनों शांत हो गए मीन्स फारिग हो गए ये सब मुझे उस टाइम पता नहीं था की कैसे फारिग होते हैं फिर मां डैडी से बोली
मां- आज बहुत जोर लगा रहे हो क्या बात है
डैडी- तुम जानती हो तुम्हारे बिना 1 वीक निकालना है तो उसकी कसर पूरी कर रहा हूं आज सारी रात तुम्हे सोने नहीं दूंगा ताकि जी भर के तुमसे प्यार कर सकूं
मां- मैं भी आज सोना नहीं चाहती बस आप से चुदवाना चाहती हूं
डैडी- सच्ची?
मां- हां मेरी जान बिलकुल सच्ची और फिर मैंने देखा की मां ने डैडी के लंड को मुंह मैं लिया और फिर चूसने लगी अब की बार मां कोई 20 मिनट तक लंड को चूसती रही और फिर उसमें से वाइट वाइट से कम निकला जिसे मां सारा पी गई और बोली
मां- आपका माल बहुत स्वाद लगता है मुझे
तो डैडी ने कहा की पी लो मेरी जान सारा ही पी लो
फिर मैंने सारी रात में 3 बार उनकी चुदाई का नजारा देखा जिसे देख कर मेरी हालत खराब हो रही थी सुबह के 3 बज गए थे लेकिन मुझसे बाथरूम में से उठा नहीं जा रहा था क्योंकि मेरी टांगों से जैसे जान ही निकाल गई थी
मैं जैसे तैसे उठी और अपने बिस्तर पे आ कर लेट गई और सोचने लगी की क्या सच मैं सेक्स करने से इतना मजा मिलता है और बार बार मेरी आंखों के सामने डैडी का तना हुआ लंड आ जाता था
मेरी चूत थी कि फुल गरम हो चुकी थी मुझे नहीं पता था की उसे कैसे शांत करना है बस मैं तो उसे सहला ही सकती थी फिर मुझे पता ही नहीं चला कब नींद आ गई
अगले दिन सैटरडे था जब मैं उठी तो 12 बजने वाले थे और बाहर आ कर देखा तो मामा जी आ गए थे मां दीदी और छोटे भाई ने साथ जाने के लिए अपना सामान पैक कर लिया था
बड़े भाई का 2 दिन का टूर था तो उन्होंने कह दिया था कि वो सीधे वहीं पहुंच जायेंगे डैडी भी जल्दी आ गए थे सैटरडे की वजह से मैंने उन्हें चाय दी और फिर उन्होंने मामा जी और मां सब के लिए रिक्शा मंगवा लिया और वो चले गए
अब घर में सिर्फ मैं और डैडी ही रह गए थे फिर मैं भी अपने कमरे में चली गई और डैडी अपने कमरे में चले गए क्योंकी सारी रात मैं भी सोई नहीं थी इसलिए मुझे भी नींद आ रही थी मैंने जैसे ही आंखें बंद की मेरी आंखों के सामने डैडी का तन हुआ लंड घूमने लगा जैसे तैसे करके मुझे नींद आ गई
मैंने एक सपना देखा की मैं बेड पे नंगी लेटी हुई हूं और डैडी मेरी चूत चाट रहे हैं और मुझे बहुत मजा आ रहा है इतने में मेरी आंख खुल गई और फिर मुझे नींद नहीं आई मैंने रात का खाना बनाया और फिर खाना खाने के बाद डैडी अपने कमरे में चले गए और मैं अपने कमरे में आ गई
मुझे नींद नहीं आ रही थी मैं करीब 11 बजे बाथरूम में गई तो देखा डैडी के कमरे में से हल्की रौशनी आ रही थी मैंने की-होल में से देखा तो डैडी बेड पे नंगे बैठे हुए थे और अपने लंड को सहला रहे थे मैं समझ गई की डैडी को मां की याद आ रही है डैडी अपने लंड को अपने हाथों से ऊपर नीचे कर रहे थे
मुझे डैडी पे बहुत तरस आ रहा था की कैसे वो अपने लंड को खुद ऊपर नीचे कर रहे हैं मेरा मन कर रहा था कि मैं भाग के जाऊं और उनके लंड को मुंह में लेकर चूसने लगूं लेकिन मेरी तो टांगें ही हिल नहीं पा रही थी
फिर मैंने देखा की डैडी के लंड ने पानी छोड़ दिया है और वो बेड से नीचे उतरने लगे तो मैं जल्दी से अपने कमरे में आ गई सारी रात मैंने करवटें बदलते हुए निकाल दी बस ये सोचते हुए की क्या मुझे मेरे डैडी का लंड मिल सकता है
लेकिन कैसे ये ही समझ में नहीं आ रहा था मैं चाहती थी की किसी तरह मैं अपने डैडी को पटा लूं और उनसे चुदाई करवाऊं लेकिन कोई प्लान नहीं बन रहा था सुबह करीब 3 बजे थे की मेरे मन में एक आईडिया आ गया और मैंने सोचा की अगर वो सफल हो गया तो बात बन जाएगी
सुबह उठते ही मैंने डैडी के लिए चाय बनाई और खुद भी पी ली और सफाई करने लगी लेकिन जब मैं डैडी के कमरे में गई तो मैंने मां की नाइटी पहनी हुई थी और नीचे ब्रा भी नहीं पहनी थी
तब मेरे मम्में हाथ में आने लायक हो गए थे और बहुत अच्छे से मसले जा सकते थे मां की नाइटी की वजह से जब मैं झुकती थी तो उसका गाला बड़ा होने की वजह से मेरे मम्में साफ नज़र आ जाते थे
डैडी बेड पे बैठे हुए थे उन्होंने पजामा और बनियान पहनी हुई थी मैं जान बूझकर डैडी की तरफ मुंह करके झुक रही थी ताकि डैडी मेरे मम्में एक बार देख लें लेकिन वो तो टीवी देखने मैं मस्त थे इस लिए मैंने झुके झुके ही बिना डैडी की तरफ देखे कहा की डैडी आज क्या खाना है
मैंने चोर नज़र से देखा की इस बार पहली बार डैडी ने मेरी तरफ देखा और उनकी नज़र मेरे मम्मों पे चली गई तो उन्होंने झट से मुंह दूसरी तरफ कर लिया
लेकिन अब वो बार बार चोर नज़र से मेरे नंगे मम्मों को निहारने लगे थे मैं सीधी हुई तो देखा की वो पजामे में अपने तने हुए लंड को दबाने की कोशिश कर रहे थे मैं समझ गई की मेरे मम्में देख कर उनका लंड अकड़ने लगा है
मैं फिर से झुक कर उन्हें अपने मम्में दिखाने लगी और पोछा लगाने लगी मैंने देखा की अब तो उनका लंड फुंकारे मारने लगा था मैं सोच रही थी की कैसे डैडी के लंड को अपने से टच करवाऊं
फिर मैं बाहर आ गई और दरवाजे के पीछे छुप के देखने लगी की डैडी क्या करते है तो मैंने देखा की वह अपने लंड को सहला रहे थे फिर मेरे दिमाग में एक और प्लान आ गया तो मैंने सोचा की क्यों ना अभी गरम लोहे पे चोट की जाए
तो मैंने डैडी से कहा की डैडी आज छुट्टी है खाना हम बाद में खाएंगे चलिए आप मुझे अभी स्कूटर सिखाइए
मैं चाहती थी की जब डैडी पीछे बैठे तो उनका लंड मेरे चूतड़ों को स्पर्श करे और अगर एक बार ऐसा हो गया तो शायद डैडी खुद पे कण्ट्रोल ना रख पाएं और मुझे चोद डालें मैंने जल्दी से दूसरे कपड़े पहन लिए थे
तो डैडी बोले की बाद मैं सीखा दूंगा
तो मैंने कहा की नहीं अभी चलिए
तो वो कहने लगे की पैंट तो पहन लूं
तो मैंने कहा की सिर्फ कुरता पहन लीजिए पजामा तो अपने पहना ही है आपको बैंक नहीं जाना जो पैंट पहननी हैं
मैं नहीं चाहती थी की डैडी पैंट पहने क्योंकी पैंट में लंड उतना खुले से नहीं घूम सकता जितने की पजामे में हमारे घर से थोड़ी दुरी पर ही एक ग्राउंड था जहां पे लोग घूमते थे लेकिन दिसंबर की वजह से वो 12 बजे से पहले वहां नहीं आते थे और अभी तो 8 बजे थे सो मैं और डैडी वहां चले गए
तो वहां जा कर डैडी पीछे बैठ गए और मुझे आगे बैठने को कहा तो मैं जान बूझकर उनसे चिपकती हुई बैठ गई मैंने देखा की मुझे उनके लंड ने टच नहीं किया था मीन्स अभी वो शांत था डैडी ने मेरी दोनों बाहों के नीचे से स्कूटर का हेंडल पकड़ा और मुझे भी हेंडल पकड़ने को कहा और फिर मुझे स्कूटर सिखाने लगे
मैं जान बूझकर अपने बाजु दबा देती थी ताकि डैडी के बाजु मेरे मम्मों को टच करने लगें ऐसा करने से मुझे अब महसूस हो रहा था की डैडी का लंड खड़ा होने लगा है मुझे अपनी पीठ पे कोई चीज टच करती महसूस हो रही थी अब मैं डैडी के लंड पे बैठना चाहती थी सो कोई बहाना ढूंढ़ने लगी
मैं थोड़ा बहुत स्कूटर चला लेती थी लेकिन ये डैडी को नहीं पता था मैंने अपनी चप्पल नीचे गिरा दी और स्कूटर रोक कर कहा की डैडी मैं चप्पल ले कर आई जब मैं चपल लेकर आई तो मैंने चोरी से देखा की डैडी का लंड फनफना रहा है
मैं जान बूझ कर डैडी के पेट से घिसती हुई बैठी और इस बार उनका लंड मेरे चूतड़ों के नीचे दब गया तो डैडी बोले कनिका कैसे बैठी हो जरा आगे हो कर बैठो तो मैंने कहा की आगे थोड़ी सी तो जगह है और स्कूटर चलाने लगी डैडी का लंड मेरे चूतड़ों के नीचे ही दबा हुआ फुंकार रहा था मुझे बहुत अच्छा लग रहा था
मेरी चूत गीली हो रही थी लेकिन मैं तो अंजान बनी बैठी थी जैसे कुछ पता ही ना हो की उनका लंड मैं दबा के बैठी हूं मैंने डैडी से कहा की आप हैंडल छोड़ दीजिए मैं चलाती हूं तो मैं धीरे धीर स्कूटर चलाने लगी और डैडी ने दोनों हाथों से मेरी कमर पकड़ ली और अनजाने में ही उनसे मेरे मम्में टच हो गए
तो मुझे लगा की डैडी अपना कण्ट्रोल खो रहे हैं क्योंकि मैंने महसूस किया की उनके हाथ मेरे मम्मों को हल्का हल्का मसल रहे थे
मैं तो चाहती ही यही थी मुझे और क्या चाहिए था डैडी का लंड अभी भी मेरे चूतड़ों के नीचे फनफना रहा था मैंने डैडी से कहा की एक मिनट हेंडल पकड़िए मैं जरा ठीक हो कर बैठ जाऊं और मैं थोड़ा और पीछे को हो कर बैठ गई ताकि उनका लंड मेरे नीचे से निकल ना पाए
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