बबीता मौसी की चूत को खोला

हैलो दोस्तों मैं chudai kahani com पर अपनी सेक्स कहानी लेकर आया हूं मैं आपको बताऊंगा कैसे मैंने मौसी की चुदाई उनके घर पर की आप ये sex story of mosi पढ़कर उत्तेजित हो जायेंगे अब मैं अपनी mosi sex story पर आता हूं

Sex Story of Mosi

मेरा नाम रोहित है मैं मुंबई में रहता हूं ये मेरे साथ घटी हुई सच्ची घटना है जिसे मैं कभी भूल नहीं सकता ये बात तब की है जब मैं कॉलेज में पढ़ता था

मेरे पिता जी और मां दोनों ही जॉब करते है मेरी मां जहा पे जॉब करती है वहां पे बाजू वाले ऑफिस में एक आंटी जॉब करती थी और वो हमारे ही घर के यहां पे रहती थी

तो मां की और उनकी जान पहचान होने लगी मां और वो आंटी बहने बन गई और एक दिन मां ने उस आंटी को हमारे घर पे बुलाया था और वो आंटी शाम को हमारे घर आयी तभी मैं टीवी देख रहा था वो आयी और फिर मेरी मां ने उनके साथ इंट्रो करवाया पहले तो मैंने इतना नोटिस नहीं किया

लेकिन वो बार बार मुझे ही देख रही थी उनका कलर टस्की इंडियन था उनके मम्में 36 के होंगे और गांड होगी कुछ 40 के आस पास मुझे पहले से ही ज्यादा उम्र वाली आंटियां बहुत पसंद है उनकी उम्र करीब 45 साल की होगी

उस दिन मैंने उन्हें आंटी कहके बुलाया लेकिन उन्हें अच्छा नहीं लगा वो मुझसे बोली के मौसी कहके बुलाओगे तो ज्यादा अच्छा लगेगा मुझे तबसे मैं उन्हें मौसी कहके ही बुलाता हूं फिर कुछ दिन ऐसे ही गुजर गए वो जब भी घर आती थी

मेरी और उनकी बातचीत होती रहती थी और मैं चुपके से उनके मम्मों को देखता रहता था और उनको भी ये बात पता थी वो मुझे बाद में पता चला और फिर हमारी बातें बढ़ने लगी अरे मैं तो उनका नाम ही बताना भूल गया उनका नाम था बबीता

उनका डाइवोर्स हुआ था कुछ 5 साल पहले और उनका एक 24 साल का बेटा भी है एक दिन मेरी मां ने कहा

मां- तुम्हे बबीता मौसी ने अपने घर बुलाया है जरा जाके देख के आओ क्या काम है

मैं ठीक मां शाम को जाता हूं और मैं शाम को बबीता मौसी के घर चला गया और उनके दरवाजे की बेल बजायी और उन्होंने दरवाजा खोला मैं तो उन्हें देखके पागल ही हो गया उन्होंने एक ट्रांसपेरेंट नाइटी पहनी हुई थी और उसके अंदर रेड कलर की ब्रा साफ दिख रही थी मुझे तो जैसे होश ही नहीं था तभी उन्होंने कहा

मौसी अरे रोहित तुम आ गए आओ अंदर आओ और फिर मैं अंदर जाके सोफे पे बैठ गया वो भी आके मेरे बाजु में बैठ गई मुझसे चिपक के उनका बेटा उस टाइम काम पे गया था और रात को 10 बजे आता था उस टाइम उनके मम्में मेरे कंधे को टच हो रहे और मेरा लंड धीरे धीरे खड़ा हो रहा था

मौसी बेटा बैठो मैं तुम्हारे लिए चाय और कुछ खाने के लिए लेके आती हूं और इतना बोल के वो किचन में चली गई थोड़ी देर बाद उन्होंने मुझे किचन से आवाज दी॥

मौसी- रोहित बेटा जरा इधर आना

मैं मेरा खड़ा हुआ लंड लेके अंदर चला गया मुझे शर्म आ रही थी और मैंने अपने जेब में हाथ डाले थे जिसके वजह से कुछ पता नहीं चल रहा था और मैं अंदर गया

मैं- हां मौसी बोलिये ना क्या हुआ

मौसी- अरे बेटा वो जरा ऊपर वाला डब्बा निकाल के देना

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अब तो लगा के मौसी को पता चल जायेगा के मेरा लंड खड़ा हुआ है फिर भी मैंने कहा ठीक है और मौसी मेरे सामने खड़ी थी अब तो उन्हें भी दिखने लगा था मेरा लंड और वो भी हलकी सी स्माइल दे रही थी फिर मैंने आगे बढ़के वो डिब्बा निकालना चाहा लेकिन मेरा भी हाथ वहां तक नहीं पहुंच पा रहा था

फिर मौसी एक स्टूल लेके आयी और मैं उसके ऊपर चढ़ गया डिब्बा थोड़ा अंदर था इस लिए थोड़ी देर हो रही थी मौसी का फेस बिलकुल मेरे लंड के करीब और लंड पूरा खड़ा हो चुका था मौसी भी उसे घूर घूर के देख रही थी ऐसा लग रहा था जैसे वो अभी मुंह में लेके चूस डालेगी

मै- मौसी यही डिब्बा आपको चाहिए था ना?

मौसी- थोड़ी हिल गई और फिर उन्होंने कहा हां यही चाहिए

मैं ठीक है ये लो और मैं उनको वो डिब्बा देकर नीचे उतर गया और बाहर आके बैठ गया फिर मौसी चाय लेके आयी और मेरे बाजु में आके बैठ गई

मैं- मौसी आपका कोई काम था मुझसे जो अपने मुझे बुलाया

मौसी- हां बेटा मुझे थोड़ा काम था तुमसे मुझे थोड़ी शॉपिंग करनी थी तो क्या तुम मेरे साथ आ सकते हो कल सुबह

मैं- हां मौसी चलेगा आ जाऊंगा मैं आपके साथ

मौसी- ठीक है तो तुम मुझे कल कॉलेज छूटने के बाद कॉल करना

मैं ओके मौसी मैं कॉल करूंगा और फिर मैंने चाय पी और मैं निकल गया और घर आके मैं मौसी को सोच सोच के 4 बार मुठ मारा तब जाकर शांत हुआ मेरा लंडफिर दूसरे दिन मैं कॉलेज से छूटने के बाद मौसी को कॉल किया

फिर मौसी रिक्शा लेके आ गई आज उन्होंने स्लीवलेस ड्रेस पहना था क्या दिख रही थी और फिर हम चले गए मॉल में और जाते वक़्त रिक्शा में भी वो मुझसे बहुत चिपके बैठी थी उनके हाथों का स्पर्श पाकर मेरा लंड अपने आकार में आ रहा था

फिर हमने कुछ ड्रेस खरीदी और उनको ब्रा और पैंटी भी लेना था तो हम एक बिकनी शॉप में गए और वो शॉपकीपर ने कुछ डिजाइन वाली ब्रा दिखाई

मौसी- रोहित बेटा देखो ना इसमें से कौनसी अच्छी है

मैं- मुझे नहीं पता मौसी आपको जो अच्छा लगे ले लेना

मौसी- बताओ ना

मै- ये जो रेड और वाइट कलर में है वो अच्छी है

मौसी- अच्छा ठीक है ले लेती हूं और वही कलर की पैंटी भी ले लेती हूं

मैं- ओके मौसी

फिर हम वापस घर आ गए मैं भी उनके साथ उनके घर चला गया

मौसी- बेटा तुम बैठो मैं अभी आती हूं फ्रेश होकर और फिर वो अंदर चली गई

जब वो बाहर आयी मेरे तो होश उड़ गए उन्होने एक ट्रांसपेरेंट नाइटी पहनी थी जिसके अंदर उन्होने अभी खरीदी ब्रा और पैंटी पहनी थी मैं तो उनको पागलो की तरह घूरे जा रहा था फिर वो मेरे सामने आके बैठ गई और कहा

मौसी- बेटा मैं कैसी लग रही हूं?

मैं- मौसी आज तो आप एकदम मस्त लग रही है और ये अंदर आपने जो पहना है वो भी काफी खूबसूरत लग रहा है फिर मुझे होश आया के मैं ये क्या बोल गया

मौसी- अच्छा तो तुम्हे मैंने जो ब्रा और पैंटी पहनी है वो अच्छी लगी और ये बोल के वो सीधे मेरे बाजु में आकर बैठ गई और मुझे अपने पास खिंच लिया और कहा

मौसी- अच्छा बेटा मैंने जो ब्रा और पैंटी पहनी है वो अच्छी दिख रही है

मैं- हां मौसी बहुत अच्छी दिख रही है

मौसी- क्या तुम और करीब से देखना चाहोगे

मैं- हां मौसी जरूर

मौसी- लेकिन बेटा किसी को बताना नहीं की मैंने तुम्हे ये सब दिखाया

मैं- ओके मौसी नहीं बताऊंगा और फिर मौसी ने स्माइल की और खड़ी हो के अपनी नाइटी उतारने लगी मेरा लंड तो अब में पेंट में तूफ़ान उठा रहा था कुछ समझ नहीं आ रहा था की क्या हो रहा है फिर मौसी मेरे सामने आके खड़ी हो गई

मौसी- कैसे लग रही है ये ब्रा और पैंटी?

मैं- क्या मैं इनको छू के देख सकता हूं?

मौसी- हां जरूर बेटा

फिर मैं भी खड़ा हो गया और मेरा लंड भी दिख रहा था वो मौसी ने देख लिया और मैं आगे बढ़ के मौसी के करीब चला गया आह्ह्ह क्या दिख रही थी मेरी मौसी

उनके मम्में तो फुल कड़क हो गए थे मैं उनके करीब गया और धीरे से उन्होंने मेरा हाथ पकड़ के अपने ब्रा के ऊपर रख दिया अब मैं समझ चुका था कि मौसी भी तड़प रही है फिर मैंने धीरे धीरे उनके मम्मों को प्रेस करने लगा आह्ह्ह उनके मुंह से हलकी से सिसकियां निकलने लगी थी

मैं- मौसी ये तो बहुत अच्छी है और आपकी स्किन भी काफी नरम है

मौसी- हां बेटा तुम छू के देखो ना और भी अच्छा लगेगा तुम्हे

मैं- मौसी आपको ऐसे देखने से और छूने से मुझे कुछ कुछ हो रहा है

मौसी- बेटा पहले कभी किसी को नहीं देखा था ऐसा?

मैं- नहीं मौसी आप ही पहली औरत हो जिसको मैंने ये कपड़ो मैं देखा है

बस इतना कहते ही मौसी ने मुझे अपने गले लगा दिया उनके मम्में मेरे छाती पे दब गए आह्ह्ह आह्ह्ह

मौसी- आह्ह्ह मेरा प्यारा बेटा अपनी मौसी से प्यार करेगा?

मैं- हां मौसी और इतना कहते उन्होंने अपने होंठ मेरे होंठो पे लगा दिए मैं भी उनको पागलों की तरह चुम रहा था वो भी मुझे पागलो की तरह चुम रही थी आह्ह्ह

मौसी- हां बेटा ऐसे ही प्यार कर मुझे बहुत सालो बाद किसी ने मेरा शरीर को छुवा है आह्ह्ह बेटा और वो चूमते ही गई अब मैं भी उनके गर्दन पर किस करते करते उनके मम्मों पे आ गया फिर वो बोली

मौसी- चलो बैडरूम में चलते है

फिर मैं उनको उठाकर बैडरूम में लेके गया और बेड पे डाल दिया और टूट पड़ा उनके ऊपर उनको पुरे बदन पर चूमो की बरसात कर दी फिर उन्होंने मुझे उठाया और मेरा टीशर्ट और जीन्स उतारा और मैं भी अब अंडरवियर में था

फिर वो मेरे ऊपर लेट गई और अब मुझे ऊपर से निचे तक किस करने लगी और इसी बिच मैंने उनका ब्रा निकाल दिया उनके मम्में आज़ाद हो गए

मैं- मौसी मुझे आपके मम्मों से दूध पीना है

मौसी- हां बेटा चुसो ना इसे और इतना बोल के उन्होंने अपना एक बूब मेरे मुंह में डाल दिया और मैं उसे चूसने लगा और मौसी ने मेरी अंडरवियर निचे करके मेरा लंड हाथ में लेकर मसलने लगी और चिल्लाने लगी

आह्ह्ह बेटा चूस और जोर से चूस बहुत मज़ा आ रहा हाए बहुत दिनों बाद ये सुख पा रही हूं और करीब बीस मिनट बाद मैंने उनके दोनों मम्में चूस के अलग हो गया फिर मौसी कहने लगी

मौसी- बेटा तेरा लंड कितना मोटा है ऐसा तो तेरे अंकल का भी नहीं था क्या इसे मैं चूस सकती हूं? मुझे पता था फिर भी मैंने कहा

में- मौसी इसे भी कोई चूस सकता है?

मौसी- हां बेटा बहुत मज़ा आता लंड चूसने में और चुसवाने में और तू भी मेरी चूत को चूस दे जरा सा बहुत सुखी पड़ी है तेरी मौसी की चूत

ऐसे बोलके उन्होंने अपनी पैंटी उतार दी और मैं देखता ही रह गया एक भी बाल नहीं था उनकी चूत पर फिर हम दोनों 69 पोजीशन में आ गए और मैं उनके चूत को धीरे धीरे चूस रहा था मुझे बड़ा ही मज्जा आ रहा था उनकी चूत चूसने में और वो भी मेरे लंड को पूरा मुंह में ले रही थी

आह्ह्ह आह्ह्ह आह्ह्ह कितना अच्छा लग रहा था वो भी कह रही थी

मौसी- आह्ह्ह आह्ह्ह बेटा बहुत मज़ा आ रहा है कितना अच्छा चूसता है तू और चूस और चूस अपनी मौसी की चूत कैसी लगी तुझे

मैं- आह्ह्ह मौसी बहुत ही टेस्टी है आपकी चूत एकदम रस मलाई है और फिर कुछ देर बाद मौसी ने कहा

मौसी- बेटा अब डाल दे अपना लंड मेरी चूत में अब नहीं रहा जाता मुझसे

जल्दी से मैं भी खड़ा हो गया और अपना लंड उनकी चूत पर रख रगड़ने लगा फिर

मौसी- आह्ह्ह बेटा अब और मत तड़पा डाल दे अंदर आह्ह्ह

फिर मैंने एक झटका मारा और मेरा आधा लंड अंदर चला गया लेकिन मौसी बहुत जोर चिल्लाई और कहा

मौसी- आह्ह्ह बेटा जरा धीरे करो बहुत दिनों बाद चुद रही हूं आह्ह्ह थोड़ी टाइट हो गई है आह्ह्ह मैं उनकी बात सुनी और फिर पहले धीरे धीरे शॉट लगाने लगा फिर मुझसे कण्ट्रोल नहीं और मैं उन्हें जोर जोर से चोदने लगा और उनके मम्में दबाने लगा

मौसी- आह्ह्ह आह्ह्ह बेटा कितना मज़ा आ रहा है आज तेरे अंकल भी कभी ऐसी चुदाई नहीं करते थे मेरी आह्ह्ह और जोर से जोर मेरे जानू और जोर से आह्ह्ह आह्ह्ह आह्ह्ह जब से मैंने तुझे देखा था तभी मुझे तेरे से चुदवाने की इच्छा थी

आह्ह्ह आह्ह्ह और आज जाकर पूरी हुई आह्ह्ह मेरे बेटे चोद अपनी मौसी की चूत को कितना अच्छा चोदता है तू

मैं- हां मौसी मुझे भी आपकी चुदाई करने की बहुत इच्छा थी आह्ह्ह आह्ह्ह आह्ह्ह आपके मम्में देख के मेरा लंड हमेशा खड़ा रहता था लेकिन कभी मौका नहीं मिला आज तो आपकी जमके चुदाई करूंगा आह्ह्ह लो मौसी अपने बेटे का लंड अपनी चूत में आह्ह्ह आह्ह्ह

मौसी- हां बेटा और जोर से चोद आह्ह्ह आह्ह्ह आह्ह्ह आह्ह्ह मैं झड़ने वाली हूं आह्ह्ह आह्ह्ह आह्ह्ह और वो झड़ गई लेकिन मेरा अभी बाकी था मैं शॉट लगा रहा था

आह्ह्ह आह्ह्ह मौसी कितना मज़ा आ रहा है आपकी चूत में लंड घुसाने को आह्ह्ह आह्ह्ह और कुछ 10-15 मिनट बाद मैंने कहा

मैं- आह्ह्ह मौसी मैं झड़ने वाला हूं कहा निकलूं अपना माल आह्ह्ह

मौसी- अंदर ही डाल दे बेटा मेरी पीरियड बंद हो चुकी है कोई प्रॉब्लम नहीं होगा आह्ह्ह मैं भी फिर से झड़ने वाली हूं आह्ह्ह आह्ह्ह और फिर हम दोनों साथ में ही झड़ गए आह्ह्ह और कुछ देर वही एक दूसरे के ऊपर लेटे रहे

फिर मौसी उठी और फ्रेश हो के आयी और फिर मैंने भी उठके फ्रेश हो के कपड़े पहन लिए फिर मौसी चाय और बिस्कुट लेके आई और हम सोफे पे बैठ गए मौसी मुझसे चिपक के ही बैठी थी और कहने लगी

मौसी- बेटा तूने जो सुख आज मुझे दिया है वो मैं कभी नहीं भूलूंगी अब तुम्हे जब भी मन करे मेरी चुदाई करने आ जाना

मैं- हां मौसी और आपने जो मुझे ये सब सिखाया मैं भी नहीं भूलूंगा फिर हम एक दूसरे को किस करने लगे फिर मैंने कहा

मैं- ओके मौसी मैं चलता हूं देर हो गई है कल मिलते है और मैं घर आ गया

अब मैं मौसी की जब मन करता है तब चुदाई करता हूं मौसी के घर जाकर जब मेरे घर पर कोई नहीं होता तो मौसी मेरे घर पर आ जाती तो हम चुदाई का मज़ा लेते

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