मां बेटे की कामुक कहानी- 2

आप ने maa beta sex story के पिछले भाग मां बेटे की कामुक कहानी- 1 में पढ़ा सुरेश ने आधी रात को अपना गमछा पूरी तरह खोल दिया था और पुष्पा के उठने से ठीक पहले पेशाब लगने की वजह से उठ गया और नंगे ही बाथरूम जा कर वापस आया और अपनी मां के बगल में लेट गया अब आप maa beta sex story में आगे पढ़े

Maa Beta Hindi Sex Stories 2

सुरेश ने देखा कि पुष्पा की छोटी और पतली पैंटी थोड़ी नीचे सरक गई है जिस से पुष्पा की चूत के बाल स्पष्ट दिख रहे थे इस नज़ारे को देख कर सुरेश का लंड तनतना गया और अपने लंड को सहलाने लगा

तभी पुष्पा की नींद खुलने लगी ये देख कर सुरेश झट से अपने लंड को एक हाथ से पकड़े हुए रखा और आंखें बंद कर के सोने का नाटक करने लगा

कुछ ही पल में जैसे ही पुष्पा उठी तो देखती है कि उसके बेटे का लंड तनतनाया हुआ है और एक हाथ से सुरेश उसे धीरे धीरे सहला रहा है पुष्पा का दिमाग फिर से गर्म हो गया

पुष्पा सुरेश के बगल में लेटकर सुरेश के खड़े लंड को निहारते हुए सोचने लगी- हाय अपने बेटे का ही लंड मुझे मिल जाए तो क्या बात है? साले का लंड इतना सुन्दर है कि मन कर रहा है कि अभी मुंह में लेकर चूसने लग जाऊं

5 मिनट तक उसके लंड को निहारने के बाद वो सुरेश से सट कर लेट गई और अपनी चूची को उसके नंगे सीने पर दबाते हुए और प्यार से उसके सीने पर हाथ फेरते हुए सुरेश को जगाया सुरेश तो जगा हुआ था ही वो आंख खोला तो अपनी मां को अपने अपने नंगे बदन से सटा हुआ पाकर उसका लंड और भी कड़क हो गया

पुष्पा का बदन भी लगभग नंगा था और जो थोडा बहुत बचा हुआ था वो भी पुष्पा दिखने से परहेज नहीं कर रही थी उसने अभी तक अपनी पैंटी को ऊपर नहीं किया था और उसकी बड़ी बड़ी और काली झांट बिलकूल खुलेआम दिख रहे थे ये देख कर सुरेश का लंड और टाइट हो गया

पुष्पा ने भी सोच लिया कि सुरेश को अपनी चूत के बाल और चूची दिखा कर गर्म कर दूंगी

सुरेश ने कहा- कल रात भी बहुत गरमी थी ना इसलिए पूरे कपड़े खोल के नंगे ही सो गया था

पुष्पा ने सुरेश के नंगे पेट को सहलाते हुए मुस्कुरा कर कहा- तो क्या हुआ? यहां कौन दुसरा है? मैं क्या तुझे नंगा नहीं देखी हूं? मां के सामने इतनी शर्म कैसी?

सुरेश- वो तो मेरे बचपन में देखी हो अब बात दूसरी है

पुष्पा- क्यों अब क्या दूसरी बात है? दो साल पहले तक तो तू मेरे साथ नंगे ही सोता था मेरे आंखों के सामने ही तेरे लंड पर बाल आये थे लंड पर बड़े बड़े बाल हो गए थे तब भी तू मेरे साथ नंगा ही चिपक कर सोता था

पुष्पा का हाथ थोडा और नीचे गया सुरेश के लंड के बालों को खींचते हुए हुए बोली- पहले और अब में क्या फर्क है? यही ना तेरे बाल अब थोडा बड़े बड़े हो गए हैं और तेरा लंड भी पहले से बड़ा और मोटा हो गया है और क्या? अब मेरा बेटा जवान हो गया है लेकिन मां के सामने शर्माने की जरुरत नहीं

आज से तूझे मेरे सामने कपड़े पहन कर सोने की कोई जरुरत नहीं है मैं तेरे शरीर के हर हिस्से को जानती हूं मुझसे परदा करने की कोई जरुरत नहीं है तुझे मेरे बेटे जा जाकर बाथरूम में पेशाब कर कब से तेरे को पेशाब लगी है

सुरेश- तुझे कैसे पता चला मां मुझे जोरों से पेशाब लगी है?

पुष्पा ने हौले से सुरेश के लंड को पकड़ा और सहलाते हुए कहा- तेरा लंड इतना टाइट हो गया है इस से मैं समझ गई जा जल्दी जा

सुरेश- मां सिर्फ पेशाब ही नहीं करना है मुझे कुछ और भी करना पड़ता है

पुष्पा ने हंसते हुए कहा- जा ना तो कर ले वो भी मैं सब समझती हूं कि क्या करता है तू आज कल

सुरेश हंसते हुए नंगे ही बाथरूम गया लेकिन वहां उसने सिर्फ पेशाब ही नहीं किया बल्कि अपनी मां की मस्त चूची को याद कर कर के मुठ मारने लगा साथ ही साथ वो जोर जोर से आह्ह्ह आह्ह्ह की आवाजें भी निकाल रहा था ताकि उसकी मां सुन सके

पुष्पा ने सचमुच उसकी आवाज़ सुन ली और वो समझ गई कि उसका बेटा बाथरूम में मुठ मार रहा है सुन के वो फिर मस्त हो गई वो भी किचन में गई और अपनी चूत की मुठ मारने लगी यानी आग इधर भी लग गई थी और उधर भी

सुरेश अब नंगा ही सोने लगा और उधर पुष्पा उसके सामने ही अपनी पैंटी में हाथ डाल कर अपनी चूत को सहलाती रहती थी उसके लंड को याद कर कर के रात को बिस्तर पर ही मुठ मारती रही अगले दो दिन के बाद रात में आधी रात को सुरेश अपने खड़े लंड को मसलने लगा मां की चूत और चूची को याद कर कर के

उसने बिस्तर पर ही मुठ मार दिया सारा माल उसके बदन पर और बिस्तर पर जा गिरा एक बार मुठ मारने से भी सुरेश का मन शांत नहीं हुआ 10 मिनट के बाद उसने फिर से मुठ मारा इस बार मुठ मारने के बाद उसे गहरी नींद आ गई और वो बेसुध हो कर सो गया सुबह होने पर पुष्पा ने देखा कि सुरेश रोज की तरह नंगा सोया है और आज उसके बदन और बिस्तर पर माल भी गिरा है

उसे ये पहचानने में देर नहीं हुई कि ये सुरेश का वीर्य है वो समझ गई कि रात में उसने बिस्तर पर ही मुठ मारा होगा लेकिन वो जरा भी बुरा नहीं मानी वो गौर से अपने बेटे का लंड देखने लगी वो उसके बगल में लेट गई और और उसके सीने पर हाथ फेरते हुए उसे उठाई सुरेश की जैसे ही नींद खुली

पुष्पा ने उसके लंड पर हाथ फेरते हुए कहा- देख तो तुने क्या किया? कल रात को तुने बिस्तर पर ही अपने लंड से माल निकाला था क्या?

सुरेश- हां मां वो बिस्तर पर ही दो बार मार लिया

पुष्पा ने कहा- कोई बात नहीं बेटा जा कर बाथरूम में अपना बदन साफ कर ले मैं चादर साफ कर लुंगी

सुरेश बिना कपड़े पहने ही बाथरूम गया और अपने बदन पर से अपना वीर्य धो पोछ कर वापस आया तब उसने तौलिया लपेटा तब तक पुष्पा ने वीर्य लगे चादर को हटा कर नई चादर को बिछा दिया

फिर उस रात जैसे ही बिस्तर पर दोनों लेटे सुरेश ने मुठ मारना शुरू कर दिया पुष्पा अंधेरे में सुरेश को देख तो नहीं पा रही थी लेकिन वो समझ गई कि सुरेश मुठ मार रहा है वो भी गर्म हो गई उसने भी अपनी पैंटी उतार दी और अपने चूत में उंगली डाला और वो भी शुरू हो गई

अब दोनों ही बिस्तर पर एक साथ मुठ मार रहे थे हालांकि सुरेश नहीं जान पाया कि उसकी मां भी मुठ मार रही है उसने अचानक कहा- मां कोई कपड़ा दे ना माल निकालना है

पुष्पा ने अपनी पैंटी उसके हाथ में थमा दी और बोली- इसमें निकाल ले

सुरेश- क्या है ये?

पुष्पा- जो भी है तू माल निकाल इसी में

सुरेश ने जोरदार आवाज के साथ अपनी पिचकारी छोड़ी और सारा माल अपनी मां की पैंटी में गिरा दिया फिर उसने वो पैंटी अपनी मां को थमा दिया अब पुष्पा ने भी अपना माल उसी पैंटी में गिराया फिर उस पैंटी को पहन ली दोनों अपने अपने माल को निकाल कर निढाल हो कर सो गए लेकिन पुष्पा की आग बढ़ती ही जा रही थी

अगली रात पुष्पा ने सिर्फ ब्रा और पैंटी पहना था जबकि सुरेश बिलकूल नंगा सोया था सुरेश और पुष्पा रोज की तरह एक ही बिस्तर पर आस पास ही सोये हुए थे आधी रात को सुरेश ने अपना एक हाथ पुष्पा की चूची के ऊपर रख दिया पुष्पा उसकी तरफ पीठ कर के सोयी थी सुरेश ने जैसे ही उसके ऊपर हाथ रखा वो जाग गई लेकिन उसने कुछ नहीं कहा

सुरेश धीरे धीरे पुष्पा के बदन से सट गया और उसकी चुचियों और जांघ पर हाथ फेरने लगा हालांकि उसे पता चल गया था कि उसकी मां जाग गई है वो अपने लंड को पुष्पा की गांड के ऊपर सहलाने लगा पुष्पा को मस्ती चढ़ रही थी उसे भी अपने बेटे का लंड अपनी गांड पर चुभना काफी अच्छा लग रहा था

अचानक वो सीधे हो के लेट गई अब सुरेश उसकी दोनों चुचियों को आराम से बारी बारी से दबा रहा था सुरेश धीरे धीरे अपनी मां से पूरी तरह सट गया अब सुरेश को ज्यादा बर्दाश्त नहीं हुआ सुरेश ने अपनी एक टांग पुष्पा के ऊपर चढ़ाई फिर धीरे धीरे उसके बदन पर पूरा चढ़ गया पुष्पा सिर्फ गरम गरम सांसे फेंक रही थी

सुरेश का लंड पुष्पा की पैंटी के ऊपर था और ऐसा लग रहा था की उसकी पैंटी को फाड़ कर पुष्पा की चूत की चुदाई कर देगा सुरेश ने अपने होठों को पुष्पा के होठों से सटाया पुष्पा ने अपना मुंह खोला और उसके होठों को चूमने लगी फिर चूसने लगी

पुष्पा ने अपने दोनों हाथ को सुरेश की पीठ पर लाया और धीरे से कहा- क्या चाहिए बेटे?

सुरेश- मुझे तेरी चूत पर माल निकालना है

पुष्पा- तो निकाल ले ना

सुरेश- आज तू मार दे ना मेरी मुठ

पुष्पा- ठीक है आ जा मेरे ऊपर दे अपना लंड मेरे हाथ में

सुरेश पुष्पा के बदन पर चढ़ गया और पुष्पा ने उसके लंड को अपने हाथ में लेकर उसका मुठ मारने लगी आज पुष्पा अपने जवान बेटे के लंड के साथ खेल रही थी थोड़ी ही देर में उसके लंड ने माल निकालना शुरू कर दिया सुरेश ने अपने लंड को अपनी मां की चूत के पैंटी के ऊपर सटा दिया और सारा माल पुष्पा की पैंटी पर गिरा दिया

पुष्पा चुप चाप उसके गर्म गर्म वीर्य से अपनी पैंटी को भींगते रहने का अहसास करती रही और मन ही मन खुश होती रही कि अब उसका बेटा ही उसकी प्यास शांत करने के लिए तैयार हो रहा है

सुरेश मुठ मरवाने के बाद निढाल होकर अपनी मां के बदन पर से हट गया और सो गया पुष्पा ने भी अपनी पैंटी उतार कर मुठ मारा और पैंटी को वापस पहन कर सो गई

सुबह तक वो उसी पैंटी में थी वो सुरेश के बगल में सट कर बड़े ही प्रेम से सुरेश को जगाया सुरेश जागा तो पुष्पा ने उसके लंड के बाल में अपनी उंगली फिराते हुए कहा- कल रात तुने कहां माल निकाल दिया तुझे पता है? देख तो मेरी पैंटी का क्या हाल हो गया है? पूरी भींग गई है रात भर मैं इसी तरह सोयी रही तू भी एकदम पगला है

सुरेश — अभी भी भीगी है क्या?

पुष्पा- हां छू के देख ले

सुरेश ने अपनी मां की पैंटी के ऊपर हाथ फेरा और देखा कि सचमुच अभी तक भीगी है वो मुस्कुरा के बोला- इसे उतार दे ना

पुष्पा- तेरे सामने?

सुरेश- अरे नहीं मेरे कहने का मतलब है इसे उतार कर दूसरी पहन ले

पुष्पा- अच्छा ठीक है वो कर लुंगी मुझे कल ही पता चला तेरा लंड काफी बड़ा है रे मेरा बेटा अब जवान जो हो गया है चल उठ तैयार हो जा तुझे कारखाना भी तो जाना है न?

सुरेश उस दिन काफी खुश था और काम खत्म होते ही वो वापस घर आया और अपनी मां को फिल्म दिखाने ले गया रात को बाहर से खाना लेते हुए वापस घर आए और खाना खाते ही अपने सारे कपड़े खोल कर नंगा हो गया फिर मां के सामने ही लंड को सहलाने लगा और सिगरेट पीने लगा

पुष्पा ब्रा और पैंटी पहन कर उसके बगल में लेटी हुई थी सुरेश ने उसे पकड़ कर उसकी चूची ब्रा के ऊपर से दबाने लगा पुष्पा भी सुरेश के लंड को सहलाने लगी

अचानक सुरेश ने कहा- मां तू सिगरेट पीयेगी?

पुष्पा- नहीं रे

सुरेश- अरे पी ले ये बिलकूल गांव के हुक्के की तरह ही है वहां तो तू हुक्का पीती थी कभी कभी ये ले पी सिगरेट

कहते हुए अपनी सिगरेट मां को दे दिया और खुद दुसरा सिगरेट जला लिया पुष्पा ने सिगरेट से जैसे ही कश लगाया वो थोड़ी खांसी

सुरेश ने कहा- आराम से मां धीरे धीरे पी पहले सिर्फ मुंह में ले धुंआ अन्दर मत ले पुष्पा ने वैसा ही किया 3-4 कश के बाद वो सिगरेट पीना जान गई आज वो बहुत खुश थी

सुरेश- मां एक बात कहूं

पुष्पा- हां बोल

सुरेश- तेरी चूची दबाने में बड़ा मज़ा आता है

पुष्पा- सच कहूं तो मुझे भी कल तेरा मुठ मारने में बड़ा मज़ा आया था अब जब भी मन हो मेरी चूची दबा लिया करना इसमें क्या जाता है तुने इस से दूध पिया है इस पर तेरा हक है

सुरेश ने अपना हाथ पुष्पा की चूची पर रख दिया और कहा- इसे खोल ना आज मैं तेरी ब्रा खोल कर तेरी चूची को दबाना चाहता हूं

पुष्पा- तो अभी मेरी ब्रा उतार दे और जितनी मर्जी दबा ले

सुरेश ने पुष्पा की ब्रा उतार दी दरअसल वो भी अब मस्त होना चाहती थी वो तो अब पैंटी उतारने के लिए भी तैयार थी वो भी चाहती थी कि उसका बेटा उसके बदन को अच्छी तरह से देखे

पुष्पा अब सिर्फ पैंटी में थी उसकी चूची खुली हवा में विशाल रसगुल्ले की तरह दिख रही थी पुष्पा को सिर्फ पैंटी में और विशाल चूची को यूं नंगी देख सुरेश का माथा खराब हो गया

सुरेश कभी सोच भी नहीं सकता था कि उसकी मां इतनी जवान है उसका मन किया कि वो लपक कर अपनी मां की गोरी गोरी चुचियों को मुंह में ले के चूसने लगा लेकिन उसने अपने आप पे कंट्रोल रखा लेकिन उसका लंड खड़ा हो गया

पुष्पा उसके बगल में लेट कर सिगरेट के कश ले रही थी

सुरेश ने अपनी मां की चुचियों को दबाते हुए बोला- हाय तेरी चूची बड़ी ही गोरी है एकदम मस्त चूची है तेरी

पुष्पा थोड़ा हंसते हुए बोली- हां वो तो है

सुरेश- तेरी चूची अभी भी गोल और सख्त ही हैं लगता है कि किसी लड़की की चूची है

पुष्पा- अच्छा? लेकिन मुझे तो नहीं लगता

सुरेश ने कहा- मां अपनी दूधू पिलाओ ना

पुष्पा ने कहा- अब इसमें दूध थोड़े ही है?

सुरेश ने लाड करते हुए कहा- नहीं मुझे फिर भी पीना है

पुष्पा- अच्छा मेरे बेटे ले पी ले

कह कर पुष्पा सीधी लेट गई सुरेश पुष्पा के नंगे बदन पर चढ़ गया और उसकी चूची को अपने मुंह ले लेकर चूसने लगा पुष्पा तो मस्ती से पागल हुए जा रही थी वो एक हाथ से सुरेश की गांड पर हाथ फेर रही थी दुसरे हाथ से सुरेश के सर को अपनी चूची की तरफ जोर जोर से दबा रही थी पुष्पा ने एक हाथ से सुरेश का लंड पकड़ा और सहलाने लगी

पुष्पा- हाय मेरा बेटा कितना बड़ा हो गया है रे तू? तेरा लंड तो तेरे बाप के लंड से भी ज्यादा बड़ा है रे

उधर सुरेश अपनी मां की चूची को बुरी तरह मसलने और चूसने लगा पुष्पा की आंखें मस्ती से बंद हो रही थी
वो अपने हाथ से सुरेश का लंड दबा रही थी वो बोली- बेटा तेरा लंड एकदम गरम हो गया है रे

बाकी कहानी maa beta sex story के अगले भाग मां बेटे की कामुक कहानी- 3 में पढ़े