मां बेटे की कामुक कहानी- 4

आप ने maa beta sex story के पिछले भाग मां बेटे की कामुक कहानी- 3 में पढ़ा पुष्पा भी काफी संतुष्ट लग रही थी वो उठ कर सुरेश के लिए गरमा गरम कॉफी लाई और मुस्कुरा कर उसे दिया काफी पीने के बाद उस रात सुरेश ने दो बार और अपनी मां की चूत की चुदाई की अब आप maa beta sex story में आगे पढ़े

Maa Beta Hindi Sex Stories 4

अगले दो दिन तक कारखाना बंद है इसलिए सुबह सुबह ही सुरेश ब्लू फिल्म की सीडी लाया आज उसकी मां ने बड़े ही चाव से मुर्ग मस्सल्लम बनाया दोनों ने दोपहर के 12 बजे तक खाना पीना खा पी कर बिस्तर पर चले आये

बिस्तर पर आते ही सुरेश ने अपने सभी कपड़े खोले और कहा- आज मैं तुम्हे फिल्म दिखाऊंगा

पुष्पा ने ब्रा और पैंटी खोलते हुए कहा- हिंदी तो मुझे समझ में आती नहीं मैं क्या समझूंगी फिल्म

सुरेश- अरे ये नंगी फिल्म है इसमें समझने वाली कोई बात नहीं है

सुरेश ने ब्लू फिल्म की सीडी चला दी पुष्पा ने भी ब्रा और पैंटी खोल कर नंगी होकर अपने बेटे के बगल में ही लेट गई और फिल्म देखने लगी फिल्म जैसे ही अपने रंग में आने लगी सुरेश का लंड खड़ा होने लगा पुष्पा भी फिल्म देख कर अकड़ने लगी अब वो दोनों एक दूसरे से सट कर बैठ गए और ब्लू फिल्म का आनंद उठाने लगे

सुरेश तो पहले भी कई बार ब्लू फिल्म देख चुका था लेकिन पुष्पा पहली बार ब्लू फिल्म देख रही थी चुदाई के सीन आते ही उसकी चूत इतनी गीली हो गई कि उस से पानी टपकने लगा इधर सुरेश भी अपने लंड को सहला रहा था

उसने पुष्पा के हाथ को पकड़ा और अपने लंड पर रखा और कहा- इसे पकड़ कर फिल्म देख कितना मज़ा आएगा

उसकी मां बड़े ही प्यार से सुरेश का लंड सहलाने लगी सुरेश भी अपनी मां की चूत सहलाने लगा चूत सहल्वाते ही पुष्पा की हालत खराब हो गई उधर सुरेश अपने दुसरे हाथ से उसने अपनी मां की चूची को मसलना चालू किया उधर टीवी पर लड़का एक लडकी की चूत को चूसने लगा ये देख कर पुष्पा बोली- हाय देख तो कैसे चूत चूस रहा है वो

सुरेश- लड़की को चूत चुस्वाने में बहुत मज़ा आता है मेरा बाप भी तो तेरी चूत चूसता होगा

पुष्पा- नहीं रे उसने कभी मेरी चूत नहीं चुसी

सुरेश- अच्छा रुक आज मैं तेरी चूत चूस कर बताता हूं कि लड़की को कितना मज़ा आता है

उसने अपनी मां की दोनों चुचियों को चुसना चालू किया पुष्पा को काफी मज़ा आ रहा था सुरेश ने अपनी मां की चुचियों को जबरदस्त तरीके से चूसा फिर वो धीरे धीरे नीचे की तरफ गया कुछ ही सेकेंड में उसने अपनी मां की चूत के सामने अपनी नजर गड़ाई क्या मस्त चूत थी

उसकी मां की मादक सी खुशबू आ रही थी उसने धीरे से अपने होंठ को मां की चूत पर लगाया उसकी मां की तो सिसकारी निकलने लगी पहले सुरेश ने पुष्पा की चूत को जम के चूसा फिर उसने अपनी जीभ को पुष्पा की चूत में अन्दर डालने लगा ऐसा देख कर पुष्पा की आंख मादकता के मारे बंद हो गई

सुरेश ने अपनी पूरी जीभ पुष्पा की चूत में घुसा दी पुष्पा की चूत से पानी निकल रहा था थोड़ी देर तक सुरेश पुष्पा की चूत को जीभ से चोदता रहा पुष्पा को लग रहा था कि अब उसका माल निकल जाएगा

वो कराहते हुए बोली- बेटा अब मेरा माल निकलने वाला है

सुरेश- निकलने दे ना आज इसे पियूंगा जैसे कल तुने मेरा पिया था

इसके पहले कि पुष्पा कुछ और बोल पाती उसकी चूत से उसके माल का फव्वारा निकल पड़ा सुरेश ने अपना मुंह पुष्पा की चूत पर इस तरह से सटा दिया ताकि माल का एक भी बूंद बाहर नहीं गिर पाए

सुरेश अपनी मां की चूत का सारा माल पीने लगा पुष्पा की चूत से बहुत सारा माल निकला पुष्पा की चूत से सुरेश ने सारा माल पी कर चूत को अच्छी तरह से चाट कर साफ किया

उसकी मां तो सातवें आसमान में उड़ रही थी उसकी आंखें बंद थी सुरेश उसके चूत पर से अपना मुंह हटाया और उसकी चूची को अपने मुंह में भर कर चूसने लगा पुष्पा मस्ती के मारे मस्त हुए जा रही थी

थोड़ी देर चूची चूसने के बाद सुरेश ने पुष्पा को कहा- पुष्पा तू कितनी मस्त है है रे

पुष्पा- तू भी कम मस्त नहीं है रे आज तक इतनी मस्ती कभी नहीं आई

सुरेश ने कहा- पुष्पा रानी अभी असली मस्ती तो बांकी है

पुष्पा ने कहा- हां मेरे राजा आजा और अब डाल दे अपने प्यारे लंड को मेरी प्यासी चूत में

सुरेश- नहीं पुष्पा आज चूत नहीं आज अपनी गांड मुझे दे दे

पुष्पा ने मुस्कुराते हुआ कहा- जैसी तुम्हारी इच्छा मेरे लाल राजा

वो झट से उलटे हो कर कुतिया की पोजीशन में आ गई और अपनी गांड को सुरेश के सामने पेश कर दिया सुरेश ने पुष्पा की गांड में थोड़ा क्रीम लगाकर और उंगली डाल के गांड का मुंह खोला गांड का द्वार खुल जाने के बाद इसने अपना लंड जोर लगाकर डालना चालू किया

पुष्पा की तो जैसे जान पे बन आई लेकिन अपने बेटे की इच्छा को उसने हंसते हुए स्वीकार किया और दर्द को दांत से होंठ को दबा कर बर्दाश्त करने लगी

सुरेश ने अपना पूरा लंड पुष्पा की गांड में घुसा दिया थोड़ी देर उसी पोजीशन में रहने के बाद उसने धीरे धीरे अपने लंड को पुष्पा की गांड में आगे पीछे करना शुरू किया पहले तो पुष्पा को काफी दर्द हुआ

लेकिन 3-4 बार आगे पीछे करने के कारण उसकी गांड भी कुछ ढीली हो गई वो भी अब मज़े लेने लगी वो बार बार पीछे मुड़ मुड़ कर अपने बेटे को देख कर मुस्कुरा रही थी

सुरेश ने पुष्पा के बालों को कस के पकड़ा और ऊपर की तरफ खीचने लगा पुष्पा तो दर्द से छटपटाने लगी वो अपने बेटे से रहम की मिन्नतें मांगने लगी

वो कहने लगी- छोड़ दे बेटा हाय राम आज मार ही डालेगा क्या?

सुरेश- चुप कर कुतिया आज मैं तेरी गांड का रांड ना बना दिया तो मेरा नाम सुरेश नहीं यह कह कर उसने अपनी मां के नंगे चूतड़ पर कस के चपत लगाई पहले तो पुष्पा अपने बेटे का ये रौद्र रूप देख कर डर गई लेकिन उसे भी गांड मरवाने में इतना मज़ा आ रहा था कि वो सारा दर्द बर्दाश्त कर रही थी

फिर सुरेश ने पुष्पा की कमर को कस के पकड़ा और पूरी तरह से ऊपर कर दिया अब पुष्पा की गांड ऊपर और सिर जमीन पर था सुरेश धपाधप धकाधक पूरे जोर से अपना लंड अपनी मां की गांड में आगे पीछे कर रहा था उधर पुष्पा की तो मानो आधी जान निकल रही थी

वो चिल्ला के बोली- मादरचोद तेरे बाप ने भी कभी मेरी चुदाई इतनी बेरहमी से नहीं की तू इतना ज़ालिम कैसे हो गया रे कुत्ता? आदमी का लंड है कि गधे का? कुछ तो रहम कर सूअर

सुरेश- चुप रह कमीनी बुढिया साली रंडी आज तेरी चूत और गांड की आग बुझा ना दिया तो मेरे मुंह पे तू मूत देना और वो बेरहम की तरह अपनी मां की परवाह किये बगैर अपनी मां की गांड मारता रहा 5-6 मिनट में पुष्पा भी मस्त हो गई उसे भी गांड मरवाने में परम आनंद आने लगा

फिर वो बोली- शाबाश मेरे शेर आखिर मेरा दूध पिया है तू ही है जो मुझे मज़ा दे सकता है आज सचमुच मेरी गांड की चुदाई भरपूर हुई है

10 मिनट तक सुरेश ने जम के अपनी मां की गांड मारी उसके बाद जब सुरेश हो अहसास हुआ कि उसके लंड का माल निकालने वाला है तो उसने अपनी मां की गांड में से लंड निकाल कर अपनी मां को सीधा लिटाया पुष्पा समझ गई कि सुरेश का माल निकलने वाला है उसने झट से अपनी टांगे फैलाई और चूत को चौड़ा कर के सुरेश के सामने पेश कर दिया

सुरेश ने काफी तेज़ी दिखाते हुए पुष्पा की चूत में लंड घुसा दिया और सारा वीर्य चूत में ही गिरा दिया उसने अपना लंड मां की चूत में ही पड़े रहने दिया

सुरेश- पुष्पा मैंने तुझे गालिया दी इसका बुरा मत मानना मेरी रानी

पुष्पा- नहीं मेरे बाबू आज तुने मुझे तृप्त कर दिया मुझे पता नहीं था कि तू इतना शक्तीशाली है

सुरेश- अभी तो तेरी चूत की चुदाई बाकी है ना मेरी जान?

पुष्पा- हां मेरी जान शुरू कर ना

लगभग 10 मिनट के बाद सुरेश ला लंड फिर से अपनी मां की ही चूत में खड़ा हो गया इस बार पुष्पा की चूत भी कुछ फैल गई थी वो दोनों दुबारा चालू हो गए इस बार लगभग 30 मिनट तक पुष्पा की चूत की चुदाई चली इस बार उसकी चूत से 6-7 बार पानी निकला मगर अब उसकी चूत में पहले जितना दर्द नहीं हो रहा था

अब वो अपने बेटे से अपनी चूत की चुदाई का आनंद उठा रही थी उसे अपने बेटे की मर्दानगी पर गर्व हो रहा था 30 मिनट के बाद सुरेश का लंड जवाब दे दिया और पहले से भी अधिक माल अपनी मां की चूत में छोड़ दिया

उस दिन शाम 5 बजे तक में सुरेश ने अपनी मां के साथ 5 बार चुदाई की जिसमे 2 बार उसकी गांड की चुदाई भी शामिल थी फिर रात भर दोनों चुदाई का नया नया गेम खेलते रहे

उसी रात से सुरेश ने अपनी मां को मां नहीं कह कर पुष्पा कह कर बुलाना चालू कर दिया पुष्पा ने अभी तक परिवार नियोजन का आपरेशन नहीं करवाया था

20-22 दिन के लगातार जम के चुदाई के बाद पुष्पा को अहसास हुआ कि वो पेट से हो गई है उसने सुरेश को ये बात बताई सुरेश उसे लेकर डाक्टर के पास गया वहां उसने अपना परिचय पुष्पा के पति के रूप में दिया

डाक्टर ने कहा- पुष्पा मां बनने वाली है

घर वापस आते ही पुष्पा ने फैसला किया कि वो इस बच्चे को जन्म नहीं देगी लेकिन सुरेश ने मना किया

पुष्पा बोली- कौन होगा इस बच्चे का बाप?

सुरेश ने कहा- यूं तो ये मेरा खून है लेकिन इस बच्चे का बाप मेरा बाप बनेगा

पुष्पा- मैं कुछ समझी नहीं

सुरेश- देख पुष्पा हम लोग किसी और जगह किराय पर मकान ले लेंगे और लोगों को कहेंगे कि मेरा बाप आज से 20-22 दिन पहले ही मरा है बस मैं यही कहूंगा कि उसने मरने से पहले तुझे पेट से कर दिया था फिर इस दिल्ली में किसे किसकी परवाह है? और हम दोनों अगले कई साल तक पति पत्नी के रूप में रहेंगे और ये बच्चा मेरे भाई या बहन के रूप में रहेगा

इस बच्चे के जन्म के बाद तू अपनी नस बंदी करवा लेना ताकि हमारे बीच कोई और ना आ सके इतना सुनने के बाद पुष्पा ने सुरेश को अपनी चूची से सटा लिया उस दिन रात भर सुरेश अपनी मां मतलब अपनी नई पत्नी को चोदता रहा

2 दिन बाद ही सुरेश ने अपने लिए दुसरे मोहल्ले में किराय पर मकान खोज लिया और पुष्पा को लेकर वहां चला गया थोड़े ही दिन में उसे बगल की ही फैक्ट्री में पहले से भी अच्छी जॉब लग गई आस पास के लोगों को उसने बताया कि जैसे ही उसके बाप का निधन हुआ तब ही पता चला कि उसकी मां पेट से है

थोड़े ही दिन में लोग यही समझने लगे कि सुरेश की मां को उसके पति ने पेट से कर के दुनिया से चल बसा और सारी जिम्मेदारी सुरेश पर छोड़ दी ठीक समय पर पुष्पा ने अपने बेटे सुरेश की बेटी को अपनी कोख से जन्म दिया इस प्रकार वो बच्ची हकीकत में सुरेश की बेटी थी लेकिन दुनिया की नजर में वो सुरेश की बहन थी

अगले 5-6 सालों तक सुरेश और पुष्पा जमाने से छुप छुप कर पति पत्नी के समबन्धों को कायम रखते हुए जिस्मानी सम्बन्ध बनाए रखा उसके बाद सुरेश ने लोक लाज की भय तथा बड़ी होती बेटी के सवालों से बचने के लिए अपनी मां को लेकर मुंबई चला गया और वहां अपनी मां को अपनी पत्नी बता कर सामान्य तरीके से जीवन गुजारने लगा

पुष्पा भी अपने बेटे को अपना पति मान कर आराम से जीवन गुजारने लगी अब पुष्पा का पति खुद उसका बेटा सुरेश ही था जो उस से 15 साल छोटा था मुंबई आने के 7-8 सालों बाद सुरेश की उम्र 30 साल की हो गई थी तथा उसकी मां की उम्र 45-46 साल की हो गई थी उन दोनों की बेटी की उम्र 14 साल की हो गई थी

उसका नाम माला था वो सुरेश को अपना बाप और पुष्पा को अपनी मां मानती थी इधर सुरेश अब और अधिक चुदाई चाहने लगा था जबकी उसकी मां पुष्पा की जवानी ढल चुकी थी

पुष्पा किसी तरह से सुरेश का साथ देती थी लेकिन सुरेश को पुष्पा का ये रवैया पसंद नहीं आ रहा था वो उसे रोज़ चोदने के लिए बेताब रहता था लेकिन पुष्पा की हिम्मत जवाब दे रही थी

एक रात सुरेश पुष्पा को नंगा कर उसकी चूत चाट रहा था मगर पुष्पा को काफी नींद आ रही थी वो सुरेश का साथ नहीं दे पा रही थी

सुरेश ने कहा- तेरे चक्कर में मैंने अपनी जवानी बर्बाद कर दी और तू सो रही है अगर आज मैं किसी जवान बीबी का पति होता तो क्या मुझे वो मज़ा नहीं देती?

पुष्पा ने उदास आवाज़ में कहा- मैं क्या करूं? अब मेरी उम्र नहीं रह गई है तेरी गरम जवानी का जवाब देने के लिए अब रोज़ रोज़ की चुदाई मेरे वश की बात नहीं रह गई है मैं मानती हूं कि मैं तेरी जवानी बर्बाद करने की दोषी हूं लेकिन उपाय ही क्या है?

सुरेश ने कहा- देख मेरी जवानी तेरे कारण ही खराब हो रही है और इसका हर्जाना भी तुझे ही देना होगा

पुष्पा ने कहा- हां मैं मानती हूं कि तेरी जवानी खराब होने का पाप मेरे सर पर ही है बोल क्या करूं मैं तेरे लिए ताकि मेरे पापों का प्रायश्चित हो सके

सुरेश- तेरे पापों का प्रायश्चित तेरी बेटी माला को करना होगा उसे चोद कर ही मेरी जवानी को संतुष्टि मिलेगी

एक पल के लिए तो पुष्पा हक्की बक्की रह गई लेकिन जब उसने महसूस किया कि जब एक मां अपने बेटे के साथ चुदाई कर सकती है तो एक बेटी अपने बाप के साथ क्यों नहीं

उसने कहा- ठीक है मैं तुम्हे माला को चोदने की इजाज़त देती हूं कह कर उसने अपनी बेटी माला को आवाज़ दी और आने को कहा माला बगल वाले कमरे में सो रही थी

सोते समय वो सिर्फ पैंटी पहनती थी हालांकि उसके सीने पर भी नीम्बू के आकार का स्तन आकार ले रहा था लेकिन वो अपने बाप से पर्दा नहीं करती थी क्योंकि उसका बाप उसके सामने ही पुष्पा की चुदाई किया करता था

इसलिए उसने कई बार अपने बाप को नंगा देखा था और तो और सुरेश और पुष्पा दोनों बाथरूम में नंगे होकर नहाते समय अपनी बेटी को भी नंगी कर नहलाते थे और नहलाने के दौरान ही कई बार सुरेश अपनी बेटी की चूत में उंगली डाल देता था और कहता था अच्छी तरह सफाई कर देता हूं पुष्पा कभी भी इसका विरोध नहीं करती थी

सुरेश अपनी बेटी से अपने लंड पर साबुन लगवा कर सफाई भी करवाता था और उस से अपने लंड का मुठ भी मरवाता था उसकी बेटी अपने बाप के लंड का कई बार मुठ मार चुकी थी

बाकी कहानी maa beta sex story के अगले भाग मां बेटे की कामुक कहानी- 5 में पढ़े