धोबी मां बेटा- 7

आप ने maa beta sex story के पिछले भाग धोबी मां बेटा- 6 में पढ़ा मां ने इस पर मेरे सिर को अपनी चूत पर दबाते हुए हल्के से सिसकते हुए कहा बिस्तर पर क्यों पोछ दिया उल्लू यही मां का असली प्यार है जो कि तेरे लंड को देख के चूत के रास्ते छलक कर बाहर आ रहा है इसको चख के देख चूस ले इसको अब आप maa beta sex story में आगे पढ़े

Dhobi Maa Beta Sex Story 7

हां मां मैं तेरी चूत को जरुर चूसूंगा

हां बेटा चूस ले अपनी मां की चूत के सारे रस को दोनों फांको को खोल के उसमे अपनी जीभ डाल दे और चूस और ध्यान से देख तू तो चूत के केवल फांको को देख रहा है देख मैं तुझे दिखाती हूं और मां ने अपने चूत को पूरा फैला दिया और उंगली रख कर बताने लगी देख ये जो छोटा वाला छेद है ना वो मेरे पेशाब करने वाला छेद है

चूत में 2 छेद होते है उपर वाला पेशाब करने के काम आता है और नीचे वाला जो ये बड़ा छेद है वो चुदवाने के काम आता है इसी छेद में से रस निकालता है ताकि मोटे से मोटा लंड आसानी से चूत को छोड़ सके

बेटा ये जो पेशाब वाले छेद के ठीक उपर जो ये नुकीला सा निकला हुआ है वो क्लिंट कहलाता है और ये औरत को गर्म करने का अंतिम हथियार है इसको छूटे ही औरत एकदम गरम हो जाती है समझ में आया?

हां मां आ गया समझ में हाय कितनी सुंदर है ये तुम्हारी चूत मैं चाटू अब इसे मां

हां बेटा अब तू चाटना शुरू कर दे पहले पूरी चूत के उपर अपनी जीभ को फिरा के चाट फिर मैं आगे बताती जाती हूं कि कैसे कैसे करना है

मैंने अपनी जीभ निकाल ली और मां की चूत पर अपनी जीभ को फिरना शुरू कर दिया पूरी चूत के उपर मेरी जीभ चल रही थी और मैं फूली हुई गद्देदार चूत को अपनी खुरदरी जीभ से उपर से नीचे तक चाट रहा था

अपनी जीभ को दोनों फांको के उपर फेरते हुए मैं ठीक चूत के दरार पर अपनी जीभ रखी और धीरे धीरे उपर से नीचे तक पूरे चूत की दरार पर जीभ को फिराने लगा

चूत से रिस रिस कर निकालता हुआ रस जो बाहर आ रहा था उसका नमकीन स्वाद मेरे मुझे मिल रहा था जीभ जब चूत के उपरी भाग में पहुच कर क्लिंट से टकराती थी तो मां की सिसकिया और भी तेज़ हो जाती थी मां ने अपने दोनों हाथो को शुरू में तो कुछ देर तक अपने मम्मों पर रखा था और अपने मम्मों को अपने हाथ से ही दबाती रही

मगर बाद में उसने अपने हाथो को मेरे सिर के पीछे लगा दिया और मेरे बालो को सहलाते हुए मेरे सिर को अपनी चूत पर दबाने लगी मेरी चूत चुसना बदस्तूर जारी थी

अब मुझे इस बात का अंदाजा हो गया था कि मां को सबसे ज्यादा मज़ा अपनी क्लिंट की चूसाने में आ रहा है इसलिए मैंने इस बार अपने जीभ को नुकीला कर के क्लिंट से सटा दिया और केवल क्लिंट पर अपनी जीभ को तेज़ी से चलाने लगा

मैं बहुत तेज़ी के साथ क्लिंट के उपर जीभ चला रहा था और फिर पूरे क्लिंट को अपने होंठो के बीच दबा कर जोर जोर जोर से चूसने लगा

मां ने उत्तेजना में अपने चूतड़ों को उपर उछाल दिया और जोर से सिसकिया लेते हुए बोली है दैया उईईई मां सी सी चूस ले ओह चूस ले मेरे भगनसे को ओह सी क्या खूब चूस रहा है रे तू ओह मैंने तो सोचा भी नहीं था की तेरी जीभ ऐसा कमाल करेगी

हाय रे बेटा तू तो कमाल का निकला ओह ऐसे ही चूस अपने होंठो के बीच में भगनसे को भर के इसी तरह से चूस ले ओह बेटा चूसो चूसो बेटा मां के उत्साह बढ़ने पर मेरी उत्तेजना अब दुगुनी हो चुकी थी और मैं दुगुने जोश के साथ एक कुत्ते की तरह से लॅप लॅप करते हुए पूरे चूत को चाटे जा रहा था

अब मैं चूत के भगनसे के साथ साथ पूरे चूत के मांस को अपने मुंह में भर कर चूस रहा था और मां की मोटी फूली हुई चूत झाटों समेत मेरे मुंह में थी पूरी चूत को एक बार रसगुल्ले की तरह से मुंह में भर कर चूसने के बाद मैंने अपने होंठो को खूल कर चूत के चोदने वाले छेद के सामने टिका दिया और चूत के होंठो से अपने होंठो को मिला कर मैंने खूब जोर जोर से चूसना शुरू कर दिया

चूत का नशीला रस रिस रिस कर निकल रहा था और सीधा मेरे मुंह में जा रहा था मैंने कभी सोचा भी नहीं था की मैं चूत को ऐसे चुसूंगा या फिर चूत की चूसाई ऐसे की जाती है पर शायद चूत सामने देख कर चूसने की कला अपने आप आ जाती है चूत और जीभ की लड़ाई अपने आप में ही इतनी मजेदार होती है कि इसे सीखने और सीखाने की जरूरत नहीं पड़ती

बस जीभ को चूत दिखा दो बाकी का काम जीभ अपने आप कर लेती है मां की सिसकिया और शाबाशी और तेज हो चुकी थी मैंने अपने सिर को हल्का सा उठा के मां को देखते हुए अपने चूत के रस से भीगे होंठो से मां से पुछा कैसा लग रहा है मां तुझे अच्छा लग रहा है? मां ने सिसकते हुए कहा हाय बेटा मत पुछ बहुत अच्छा लग रहा है मेरे लाल इसी मज़े के लिए तो तेरी मां तरस रही थी

चूस ले मेरी चूत को और जोर से चुस्स्स्स सारा रस पी लीई मेरे सैय्या तू तो जादूगर है रीईईई तुझे तो कुछ बताने की भी जरूरत नहीं है मेरी चूत के फांको के बीच में अपनी जीभ डाल के चूस बेटा और उसमे अपने जीभ को लिबलिबते हुए अपनी जीभ को मेरी चूत के अंदर तक घुमा दे हाय घुमा दे राजा बेटा घुमा दे

मां के बताए हुए रास्ते पर चलना तो बेटे फर्ज़ बनता है और उस फर्ज़ को निभाते हुए मैंने चूत के दोनों फांको को फैला दिया और अपनी जीभ को उसके चूत में पेल दिया बर के अंदर जीभ घुसा कर पहले तो मैंने अपनी जीभ और उपरी होंठ के सहारे चूत के एक फांक को फाड़ कर के खूब चूसा फिर दूसरी फांक के साथ भी ऐसा ही किया

फिर चूत को जितना निचोड़ सकता था उतना निचोड़ कर अपने जीभ को चूत के बीच में डाल कर उसके रस को चटकारे ले कर चाटने लगा चूत का रस बहुत नशीला था और मां की चूत कामो उत्तेजना के कारण खूब रस छोड़ रही थी हल्का चिपचिपा रस पीने में मुझे बहुत आनंद आ रहा था

मां धीमी आवाज़ में चीखते हुए बोल पड़ी ओह चाटो ऐसे ही चाटो मेरे राजा चाट चाट के मेरे सारे रस को पी जाओ हाय रे मेरा बेटा देखो कैसे कुत्ते की तरह से अपनी मां की चूत को चाट रहा है ओह चाट ना ऐसे ही चाट मेरे कुत्ते बेटे अपनी कुतिया मां की चूत को चाट और उसके चूत के अंदर अपने जीभ को हिलाते हुए मुझे अपनी जीभ से चोद डाल

मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ कि एक तो मां मुझे कुत्ता कह रही है फिर खुद को भी कुतिया कह रही है पर मेरे दिलो दिमाग में तो अभी केवल मां की रसीली चूत की चटाई घुसी हुई थी इसलिए मैंने इस तरफ से ध्यान नहीं दिया मां की आज्ञा का पालन किया और जैसा उसने बताया था उसी तरह से अपने जीभ से ही उसकी चूत को चोदना शुरू कर दिया

मैं अपनी जीभ को तेज़ी के साथ चूत में से अंदर बाहर कर रहा था और साथ ही साथ चूत में जीभ को घुमाते हुए चूत के गुलाबी छेद से अपने होंठो को मिला के अपने मुंह को चूत पर रगड़ भी रहा था मेरी नाक बार बार चूत के भगनसे से टकरा रही थी और शायद वो भी मां के आनंद का एक कारण बन रही थी

मेरे दोनों हाथ मां के मोटे गुदज जांघों से खेल रहे थे तभी मां ने तेज़ी के साथ अपने चूतडों को हिलाना शुरू कर दिया और जोर जोर से हांफते हुए बोलने लगी ओह निकल जाएगा ऐसे ही चूत में जीभ चलते रहना बेटा ओह सी सी सीईई साली बहुत खुजली करती थी आज निकल दे इसका सारा पानी और अब मां दांत पीस कर लग भर चीखते हुए बोलने लगी

ओह हूऊओ सीईईईई साले कुत्ते मेरे प्यारे बेटे मेरे लाल है रे चूस और जोर से चूस अपनी मां के चूत को जीभ से चोद दे अभी सीईईईई आह्ह्ह छोड़ना नहीं कुत्ते हरामजादे और जोर से चोद साले चोद डाल अपनी मां को निकाल रे मेरा तो निकल गया

ओह मेरे चुदक्कड़ बेटे ने निकाल दिया रे तूने तो अपनी मां को अपने जीभ से चोद डाला कहते हुए मां ने अपने चूतडों को पहले तो खूब जोर जोर से उपर की तरफ उछाला फिर अपनी आंखों को बंद कर के चूतडों को धीरे धीरे फुदकते हुए झरने लगी ओह गई मैं मेरे राजा मेरा निकल गया मेरे सैय्या हाय

तूने मुझे जन्नत की सैर करवा दी रे है मेरे बेटे ओह ओह मैं गई मां की चूत मेरे मुंह पर खुल बंद हो रही थी चूत के दोनों फांको से रस अब भी रिस रहा था पर मां अब थोड़ी ठंडी पड़ चुकी थी और उसकी आंखे बंद थी उसने दोनों पैर फैला दिए थे और सुस्त सी होकर लंबी लंबी सांसे छोडती हुई लेट गई

मैंने अपनी जीभ से चोद चोद कर अपनी मां को झार दिया था मैंने चूत पर से अपने मुंह को हटा दिया और अपने सिर को मां की जांघों पर रख कर लेट गया कुछ देर तक ऐसे ही लेटे रहने के बाद मैंने जब सिर उठा के देखा तो पाया कि मां अब भी अपने आंखों को बंद किए बेसुध होकर लेटी हुई है

मैं चुपचाप उसके पैरो के बीच से उठा और उसकी बगल में जा कर लेट गया मेरा लंड फिर से खड़ा हो चुका था पर मैंने चुपचाप लेटना ही बेहतर समझा और मां की ओर करवट लेट कर मैंने अपने सिर को उसके मम्मों से सटा दिया और एक हाथ पेट पर रख कर लेट गया

मैं भी थोड़ी बहुत थकावट महसूस कर रहा था हालांकि लंड पूरा खड़ा था और चोदने की इच्छा बाकी थी मैं अपने हाथो से मां के पेट नाभि और जांघों को सहला रहा था मैं धीरे धीरे ये सारा काम कर रहा था और कोशिश कर रहा था की मां ना जागे मुझे लग रहा था कि अब तो मां सो गई और मुझे शायद मूठ मार कर ही संतोष करना पड़ेगा

इसलिए मैं चाह रहा था कि सोते हुए थोड़ा सा मां के बदन से खेल लूं और फिर मूठ मार लूंगा मुझे मां के जांघ बड़े अच्छे लगे और मेरे दिल कर रहा था की मैं उन्हे चूमू और चाटूं इसलिए मैं चुप चाप धीरे से उठा और फिर मां के पैरो के पास बैठ गया मां ने अपना एक पैर फैला रखा था और दूसरे पैर को घुटनो के पास से मोड़ कर रखा हुआ था

इस अवस्था में वो बरी खूबसूरत लग रही थी उसके बाल थोड़े बिखरे हुए थे एक हाथ आंखों पर और दूसरा बगल में पैरो के इस तरह से फैले होने से उसकी चूत और गांड दोनों का छेद स्पष्ट रूप से दिख रहा था धीरे धीरे मैंने अपने होंठो को उसके जांघों पर फेरने लगा और हल्की हल्की चुम्मिया उसके रानों से शुरू कर के उसके घुटनो तक देने लगा

एकदम मक्खन जैसी गोरी चिकनी जांघों को अपने हाथो से पकर कर हल्के हल्के मसल भी रहा था मेरा ये काम थोड़ी देर तक चलता रहा तभी मां ने अपनी आंखे खोली और मुझे अपने जांघों के पास देख कर वो एकदम से चौंक कर उठ गई और प्यार से मुझे अपने जांघों के पास से उठाते हुए बोली

क्या कर रहा है बेटे जरा आंख लग गई थी देख ना इतने दिनों के बाद इतने अच्छे से पहली बार मैंने वासना का आनंद उठाया है इस तरह पिछली बार कब झड़ी थी मुझे तो ये भी याद नहीं इसीलिए सयद संतुष्टि और थकान के कारण आंख लग गई कोई बात नहीं मां तुम सो जाओ

तभी मां की नज़र मेरे 85 इंच के लंड की तरफ गई और वो चौंक के बोली अरे ऐसे कैसे सो जाऊं? और मेरा लंड अपने हाथ में पकड़ लिया बोली- मेरे लाल का लंड खड़ा हो के बार बार मुझे पुकार रहा है और मैं सो जाऊं?

मां इसको तो मैं हाथ से ढीला कर लूंगा तुम सो जाओ

नहीं मेरे लाल आजा जरा सा मां के पास लेट जा थोरा दम ले लूं फिर तुझे असली चीज़ का मज़ा दूंगी

मैं उठ कर मां के बगल में लेट गया अब हम दोनों मां बेटे एक दूसरे की ओर करवट लेते हुए एक दूसरे से बाते करने लगे मां ने अपना एक पैर उठाया और अपनी मोटी जांघों को मेरे कमर पर डाल दिया फिर एक हाथ से मेरे खड़े लंड को पकड़ के उसके सुपारे के साथ धीरे धीरे खेलने लगी

मैं भी मां की एक मम्में को अपने हाथो में पकड़ कर धीरे धीरे सहलाने लगा और अपने होंठो को मां के होंठो के पास ले जा कर एक चुंबन लिया मां ने अपने होंठो को खोल दिया चूमा चाटी ख़तम होने के बाद मां ने पुछा और बेटे कैसा लगा मां की चूत का स्वाद अच्छा लगा या नहीं?

हां मान बहुत स्वादिष्ट था सच में मज़ा आ गया अच्छा चलो मेरे बेटे को अच्छा लगा इस से बढ़ कर मेरे लिए कोई बात नहीं

मां तुम सच में बहुत सुंदर हो तुम्हारे मम्में कितने खूबसूरत है मैं मैं क्या बोलू मां तुम्हारा तो पूरा बदन खूबसूरत है

कितनी बार बोलेगा ये बात तू मेरे से मैं तेरी आंखे नहीं पढ़ सकती क्या जिनमे मेरे लिए इतना पायर छलकता है मैं मां से फिर पूरा चिपक गया उसके मम्में मेरी छाती में चुभ रहे थे और मेरा लंड अब सीधा उसकी चूत पर ठोकर मार रहा था

हम दोनों एक दूसरे की आगोश में कुछ देर तक ऐसे ही खोए रहे फिर मैंने अपने आप को अलग किया और मसलते मसलते मेरी नज़र मां के सिकुड़ते- फैलते हुए गांड के छेद पर पड़ी मेरे मन मैं आया कि क्यों ना इसका स्वाद भी चखा जाए देखने से तो मां की गांड वैसे भी काफ़ी खूबसूरत लग रही थी जैसे गुलाब का फूल हो

मैंने अपनी लपलपाति हुई जीभ को उसकी गांड की छेद पर लगा दिया और धीरे धीरे उपर ही उपर लपलपते हुए चाटने लगा गांड पर मेरी जीभ का स्पर्श पा कर मां पूरी तरह से हिल उठी

ओह ये क्या कर रहा है ओह बड़ा अच्छा लग रहा है कहा से सीखा ये तू तो बड़ा कलाकार है रे हाय राम देखो कैसे मेरी चूत को चाटने के बाद मेरी गांड को चाट रहा है तुझे मेरी गांड इतनी अच्छी लग रही है कि इसको भी चाट रहा है ओह बेटा सच में गजब का मज़ा आ रहा है चाट ले चाट ले पूरे गांड को चाट ले ओह ओह उम्मम

बाकी कहानी maa beta sex story के अगले भाग धोबी मां बेटा- 8 में पढ़े