आप ने maa beta sex story के पिछले भाग अंधेरे में बेटे से चुद गई- 3 में पढ़ा अपने मोटे लंड के ऐसे ताबड़तोड़ धक्के लगाये थे के पूरी चूत सूज गई थी बस कीजिये बस कीजिये वर्ना मेरी हंसी निकल जायेगी मैं हंसते हुए पति को चिढ़ाते हुए बोली तभी मेरा बेटा उठ खड़ा हुआ शायद वो हमारी बातचीत के कारन असहज महसूस करने लगा था अब आप maa beta sex story भाग में आगे पढ़े
Mom Hindi Sex Story 4
उस रात जैसे ही मैं काम खत्म कर अपने कमरे में गई तो पति ने मुझ पर भूखे शेर की तरह झपट पड़े मेरा नाईट सूट झटके से निकल कर कोने में फेंक दिया और फिर मुझे उठाकर बेड पर पटक दिया और फिर अपना पायजामा उतारकर छलांग लगा बेड पर मेरी टांगो के बीच आ गए क्या बात है आज तो बहुत उछल कूद लगा रहे हो? मैं हंसती हुई बोली
तुम्हे मेरी मर्दानगी की बातें सुनकर हंसी आती है अच्छा अब तुम्हे दिखता हूं जानेमन असली मरद क्या होता है ओह तो जो आज तक दिखाया था वो क्या था मेरी बात पूरी ना हो सकी पति की लपलपाती जीभ मेरी चूत के अंदर घुस गई उनके हाथ मेरे मम्मों को बुरी तरह निचोड़ने लगे उफ्फ्फ्फ्फ क्या आनंद था कुछ भी कहूं मेरे पति चूत चाटने में उस्ताद थे
उनकी खुरदरी जीभ जैसे ही मेरे दाने से टकराई मेरे मुंह से तेज़ सिसकारी निकली फिर क्या था घूम घूम कर उनकी जीभ की तीखी नोंक मेरी चूत के दाने को रगड़ने लगी मेरे हाथ खुद बा खुद पति के सर पर पहुँच गए और मैं उनका सर अपनी चूत पर दबाने लगी कुछ ही क्षणों में मैं बुरी तरह कामोत्तेजित हो चुकी थी
चूत से रस बहने लगा था जिसे मेरे पति बड़े प्यार से चाट चूस रहे थे उनके हाथ मेरे तीखे अकड़े निप्पलों का खूब जोरदार मर्दन कर रहे थे उन्होने जोश में मेरी फूली हुई चूत को पूरा मुंह में भर लिया और उसे जोर जोर से चूसने लगे
मैं सिसयाती हुई सर पटकने लगी मेरा बदन ऐंठ रहा था जल्द ही मैं सखलत होने वाली थी के तभी मेरे पति उठकर मेरी छाती पर स्वार हो गए उन्होने मेरा सर पकड़ अपना लंड मेरे होंटो पर दबाया मेरे होंठ खुलते ही उन्होने आधा लंड मेरे मुंह में घुसा दिया अब मेरे पति जरूर चूत चाटने में उस्ताद थे मगर मेरे लंड चूसने के आगे मेरे पति भी फेल थे चूत चाटने में
सुपाड़े को मुंह में दबा जब मैंने अपनी जीभ नरम कोमल तवचा पर रगड़ी तो पति आह आह करने लगे मेरी जीभ की नोंक उनके मूत्र के छेद को कुरेदने लगी मैंने एक हाथ से उनके टट्टे सहलाने शुरू कर दिए और दूसरा हाथ पीछे ले जाकर उनकी गांड में उंगली डालने लगी
अब मेरा मुंह तेज़ी से उनके लंड पर आगे पीछे हो रहा था और उसका सुपाड़ा फूलता जा रहा था पति ने झटके से मेरा सर नीचे पटका और उठ कर वापस मेरी टांगो के मधय चले गए उन्होने मेरी टांगे अपने कंधो पर रख ली और मेरे मम्मों को दबोच एक तेज़ जोरदार झटका दिया
ऊहह्ह लंड का सुपाड़ा अंदर घुसते ही मैं सिसक उठी पति ने मम्मे भींच तीन चार करारे घस्से मरे और लन्ड पूरा अंदर घुसा दिया उफ्फफ क्या बात है आज तो बड़े पहलवान बन रहे हो तुझे बहुत बातें आने लगी हैं बहुत हंसी आती है मेरी मर्दानगी पर पति हुंकारते हुए धक्के पर धक्का दिए जा रहे थे
ओह तो बदला ले रहे हैं हाए आह मेरे मुंह से तेज़ सिसकारी निकली हाए मर गई कोई भला ऐसे भी बीवी को चोदता है अगर कहीं ऊह्ह्ह्ह मेरी चूत फट गई तो
तेरी गांड है ना वो साली किस दिन काम आएगी पति के धक्के तेज़ होते जा रहे थे चूत रस से इतनी भरी हुई थी के लंड के अंदर बाहर होने का ऊंचा शोर पैदा हो रहा था
ख़बरदार जो मेरी गांड के बारे में सोचा तक भी वो तो हरगिज़ नहीं मिलेगी आप को मैं भी नीचे से गांड उछालने की कोशिश कर रही थे मगर पति ने इस कदर दबोचा हुआ था के मेरे लिए गांड उछलना बहुत मुश्किल था
ऐसे नखरे तो तू शुरू से करती आ रही है मगर गांड तो तेरी मैं फिर भी ले ही लेता हूं
अब नहीं दूंगी अगर ऐसे मारोगे जैसे अब मेरी चूत मार रहे हो तो गांड के बारे में भूल जाओ मेरे पति हमेशा मेरी गांड के पीछे पड़े रहते थे मगर मुझे चूत मरवाने में ज्यादा आनंद आता था आनंद तो गांड मरवाने में भी जरूर था मगर चूत जितना नही और उसमे पीड़ा भी बहुत होती थी
दीनू का जरा ख्याल करा कर मुझे उसकी बहुत टेंशन रहती है मेरे पति अचानक मुझे चोदते हुए बोल उठे
ख्याल तो रखती हूं अब और क्या करूं पति ने भी क्या मौका चुना था बेटे की बाबत बात करने का
अरे मेरा मतलब यार वो इतना जवान है और सारा दिन कमरे में घुसा है इस उम्र में तो लड़के लड़कियो के पीछे घूमते हैं पति ने अचानक से चुदाई रोक दी
अच्छी बात है ना इसमें बुरा क्या है मैं नीचे से अपनी कमर हिलाती बोली
यार तुम बात को समझ करो उसक इस तरह एकांत को पसंद करना ठीक नहीं पति अचानक मेरी आंखों में देखते बोले वो खासा सीरियस थे
क्या मतलब?
इस तरह दुनिया से कट जाना इसके दो ही कारन हो सकते हैं या तो किसी लड़की ने उसका दिल तोड़ दिया है जा फिर जा फिर
या फिर क्या? मैं उत्सुकतावश पूछ बैठी
या फिर कहीं वो गे तो नही है पति के मुंह से वो बात निकलते ही मैं हंसने लगी
आप भी ना गे और वो माय गॉड हंसी से मेरा बुरा हाल हो गया था
इसमें हंसने की कोनसी बात है? मेरे पती ने मेरे कूल्हों पर जोरदार थपड़ लगते हुए कहा और क्या गे हमारा बेटा गे है मैं और भी जोर से हंसने लगी पति भी मुस्करा उठे
तो तुम्हे क्या लगता है?
मुझे क्या लगता है मैं बताती हूं मगर आप जरा अपने लन्ड को तो हरकत दीजिये आप तो अपनी मर्दानगी दिखाने वाले थे मेरे ताने पर पति ने फिर से धक्के लगाने शुरू कर दिए
अच्छा यह हुई ना बात आपका लंड जब मेरी चूत को यूं रगड़ता है तो मेरा दिमाग बहुत तेज़ चलता है
दिमाग तो मालूम नहीं मगर जब भी तेरी भीगी चूत को चोदता हूं तो ऐसा आनंद आता है के लगता है जन्नत बस तेरी टांगो के बीच ही है मेरे पति अपनी पसंदीदा लाइन बोलते हुए अपना चेहरा झुकाकर मेरे होंठो को चूमते है
हां बहुत चालू हैं आप भी
हां यह हुई ना बात आपका लंड जब मेरी चूत को यूं रगड़ता है तो मेरा दिमाग बहुत तेज़ चलता है
दिमाग तो मालूम नहीं मगर जब भी तेरी भीगी चूत को चोदता हूं तो ऐसा आनंद आता है के लगता है जन्नत बस तेरी टांगो के बीच ही है मेरे पति अपनी पसंदीदा लाइन बोलते हुए अपना चेहरा झुकाकर मेरे होंठो को चूमते है
हां बहुत चालू हैं आप भी
बस डार्लिग तुम्हारी सोहबत का असर है अब जरा मेरे सवाल का भी जवाब दे दो
हां क्या पूछा था आपने वो बेटे के बारे में मुझे लगता है आपकी पहली बात सही है जरूर किसी लड़की ने बेचारे का दिल तोड़ दिया है
मुझे भी यही लगता है मादरचोद मालूम नहीं साली कौन होगी पति गुस्से में अपने धक्कों को तेज़ किए जा रहे थे हम फिर से उत्तेजना के शिखर की और बढ़ने लगे थे
आप उस बेचारी को क्यों गालियां दे रहे हैं आप तो जानते तक नहीं हो उसे
गालियां नहीं दूं तो और क्या करू और तू क्यों उसकी इतनी तरफदारी कर रही है जैसे तू उसे जानती है
मैं कहां तरफदारी कर रही हूं मैं तो कह रही हूं के गलती हमारे बेटे की भी हो सकती है अचानक वो रात का मंज़र मेरी आंखों के सामने घूम गया चूत और भी रस बहाने लगी
गलती? क्या गलती करेगा वो ज्यादा से ज्यादा उसकी चूत ही मार ली होगी ना हरामिन किसी और से भी तो मरवाएगी ही अगर मेरे बेटे ने मार ली तो कोनसा पहाड़ टूट पड़ा पति के मुंह से बेटे के लंड का ज़िक्र सुन मेरी चूत में सनसनी की लहर दौड़ गई मैंने पूरा जोर लगाकर कमर उछालनी शुरू कर दी मुझे कामुकता का दौरा सा पड़ गया
उफ्फ्फ्फ्फ जरा तेज़ तेज़ करिये ना मेरा रस निकलने वाला
मेरा भी पति ने अपने धक्कों की ररफ्तार फुल कर दी
वैसे आप सही कह रहे थे हमारे बेटे ने किसी को चोद भी दिया तो क्या हो गया अब भगवान ने उसे लंड तो चोदने के लिए ही दिया है मैं फिर से उसी समय में पहुंच गई थी मैं फिर से घोड़ी बनी हुई थी और मेरा बेटा मुझे पीछे से ताबड़तोड़ धक्के लगाता चोदे जा रहा था
यही तो कह रहा हूं डार्लिग चूत तो बनी ही चोदने के लिए है मेरे सामने मेरे बेटे का चेहरा था जो मुझ पर झुका हुआ मुझे ठोक रहा
हम्मम चूत तो बनी ही है चोदने के लिए लंड लेने के लिए मैं उन आंखों में देखते बोली चोदो मुझे मेरी चूत मारो ऊऊम्मम्मह्ह्ह चोदो मेरी चूत मारो मेरी चूत तो बनी ही चोदने के लिए है मैंने बेटे का चेहरा अपने हाथों में पकड़ उसे खींच कर अपने होंठ उसके होंठो पर दबा दिए मेरी चूत से रस बहने लगा जिस्म अकड़ने लगा पूरी देह की नस नस फड़कने लगी
मेरी आंखें बंद हो गई मैं झड़ती हुई बेटे के लंड का स्वाद लेने लगी कुछ जोरदार धक्को के बाद उसका रस मेरी जलती चूत को शीतल करने लगा मैंने उसकी गर्दन पर अपनी बाहें जकड दी और उसे कस कर सीने से लगा लिया
उफ्फफफ शीतल तुम्हारी चूत उफ्फफ आज भी तुम्हे चोदने में वही मज़ा आता है जैसा तुम्हे सुहागरात को चोद कर आया
मेरा पती भी कितना भोला था वो समझ रहा था उसने मुझे चोदा था उसे क्या मालूम था मुझे उसने नही बल्कि उसके ही बेटे ने चोदा था फिरसे उफ्फफफ अभी भी चूत रस बहा रही थी उसके लंड का स्पर्श चूत की दरो दिवार में समां गया था
अगली सुबह मैं कुछ जल्दी उठी थी पति को 7 दिन के लिए कामकाज के सिलसिले में बाहर जाना था नहाधोकर मैंने नाश्ता बनाया और फिर पति को नाश्ते के लिए बुलाया इसके बाद मैँ ऊपर गई और एक महीने बाद बेटे के दरवाजे पर दस्तक दी वो शायद कमरे में नही था मैं अंदर गई और बाथरूम के बंद दरवाजे पर दस्तक दी अंदर से पानी की गिरती आवाज़ फ़ौरन वंद हो
बेटा नाश्ता तयार है जल्दी से नीचे आ जाओ मैं जितना हो सकता था प्यार भरे स्वर में बोली और फिर वापस नीचे आ गई सीढियां उतरते मेरे होंठो पर जबरदसत मुस्कान थीरात की चुदाई ने मेरी शंकाए दूर कर दी थी अब मुझे फिर से अपने बेटे का लंड चाहिए था अपनी चूत में
शाम को दीनू जान बूझकर काफी देर बाद घर आया उसने देखा में डाइनिंग रूम या किचन में नहीं थी जैसा की मैं अक्सर इस समय होती थी शायद वो दिन भर सोच रहा था कि घर जाकर मेरा सामना कैसे करेगा लेकिन जब उसने पाया कि मैं आज अन्य दिनों की तरह डिनर के लिए उसका इंतज़ार नहीं कर रही है
तो उसने राहत की सांस ली उस ने किचन में झांककर देखा तो पाया कि मैंने उसके लिए खाना पकाकर रख दिया था उसने चुपचाप खाना गरम किया और खाने लगा डिनर के बाद उसने थोड़ी देर वहीं सोफे पर बैठकर टीवी देखा
फिर वो बाथरूम की तरफ चल दिया चुपचाप उसकी ये हरकते अंधेरे में से देख रही थी सुबह मेरे बुलाने पर भी वो नहीं आया तो मेरे दिल में उसके लिए हम दर्दी का ज्वार उमड़ पड़ा था
मुझे बार बार मेरे पति की वो बात याद आ रही थी की उसने किसी लड़की की चूत भी मार ली होगी तो क्या हुआ वो क्या किसी से नहीं चुदवाती होगी में सुबकने लगी दीनू मेरे बेडरूम के दरवाज़े से गुजरते वक्त उसे हलकी हलकी मेरे सुबकने की आवाज़ें सुनाई दीं
अपने कानों में मेरे सुबकने की आवाज़ पड़ने से उसका दिल बैठ गया जो कुछ भी हुआ उसके लिए उसका मन अपने को ही दोषी ठहराने लगा वो सोचने लगा अगर वो उस रात मां के बाद में चुदाई वाले प्रस्ताव को ठुकरा देता तो वो घटना होती ही नहीं उसका दिल अपनी सुबकती हुई मां के पास दिलासा देने के लिए जाने को मचलने लगा
दूसरी तरफ ये बात भी थी कि दीनू को भी उस रात जब तक उसे ये पता नहीं चला था की वो अपनी मां को चोद रहा हे वो अजनबी औरत अच्छी लगी थी उस औरत ने बिना नखरे दिखाये दीनू के साथ खुलकर सेक्स किया था
ये बात दीनू को बहुत पसंद आई थी लेकिन जब रोशनी में असलियत से उसका सामना हुआ और उस औरत से मुलाकात हुई तो वो उसकी अपनी ही मां निकली जिससे सेक्स सम्बन्ध बनाने की वो कल्पना भी नहीं कर सकता था
वैसे तो हम दोनों ही मां बेटे आपस में बिलकुल ही खुले हुए थे अक्सर ही में घर में टी-शर्ट और शॉर्ट्स में अपनी खुली टांगों में घूमती रहती थी जब दीनू हमारे साथ आकर रहने लगा था तब भी मैंने अपने तौर तरीकों में कोई बदलाव नहीं किया था क्योंकि दोनों के दिल में एक दूसरे के लिए कोई बुरे विचार या वासना की भावना नहीं थी
लेकिन एक बार हम दोनों मां बेटे के बीच जिस्मानी सम्बन्ध बन जाने के बाद अब सारे हालत बदल चुके
मां उसने दरवाज़े के बाहर से मेरे को आवाज़ दी
जाओ यहां से में सुबकते सुबकते ही बोली
मां प्लीज मुझे अंदर आने दो मैं तुमसे बात करना चाहता हूं
दीनू तुम मुझसे दूर रहो मुझे अकेला छोड़ दो प्लीज
दीनू मेरा दुख और बढ़ाना नहीं चाहता था इसलिए उसने ज्यादा जोर नहीं दिया और चुपचाप अपने बेडरूम में आ गया बेड में लेटे हुए उसे महसूस हुआ कि उसने अपनी प्यारी मां को खो दिया है
उसे लगा कि उन दोनों के बीच जो लाड भरा रिश्ता मां बेटे का था और जो उसके लिए बहुत मायने रखता था क्योंकि वो अपनी मां से बहुत प्यार करता था और उम्र में थोड़ा छोटा होने के बावजूद एक रक्षात्मक बेटे की तरह उसकी केयर करता था वो रिश्ता अब हमेशा के लिए खत्म हो चुका है हम दोनों ही मां बेटे के लिए वो रात बहुत लम्बी गुजरी
दोनों ही अपनी अपनी मानसिक पीड़ा को भोगते हुए बिस्तर में इधर से उधर करवटें बदलते रहे आखिर थककर नींद ने हमें अपने आगोश में ले लिया
दूसरे दिन घर में मेरा मन नहीं लगा मेरे मन में वही सब ख्याल आते रहे उस रात में दीनू के सीने से लगने पर हुई उत्तेजना के दृश्य उसकी आंखों के सामने घूमते रहे जिस अजनबी को वो इतना चाहने लगी थी वो अब अजनबी नहीं उसका बेटा दीनू था फिर भी मेरी चाहत कम नहीं हो रही थी
मैंने अपने दिल को समझाना चाहा कि ये सिर्फ छिछोरापन है दीनू उसका बेटा है और वो उसकी मां आखिर दुनिया में कौन मां अपने बेटे की तरफ इस तरह आकर्षित होती है कि उससे सेक्स संबंध बनाने की इच्छा हो?
जो भी हुआ वो किस्मत की एक गलती थी और अगर अब भी मैं दीनू की तरफ आकर्षित हो रही हूं तो ये बहुत ही गलत बात है जो संसार के नियम बंधनों के हिसाब से पाप है
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