अंधेरे में बेटे से चुद गई- 7

आप ने maa beta sex story के पिछले भाग अंधेरे में बेटे से चुद गई- 6 में पढ़ा मेरे निपल खड़े होकर तन गए अब मैं दीनू की गोद में बैठ गई और अपने तने हुए मम्में दीनू की छाती में गड़ा के फिर से चुम्बन चालू कर दिया अपने शॉर्ट्स के नीचे मुझे दीनू का खड़ा होता लंड चुभता सा महसूस हुआ अब आप maa beta sex story में आगे पढ़े

Mom Hindi Sex Story 7

अब मैंने अपनी चूत को कपड़ों के ऊपर से ही दीनू के लंड के ऊपर रगड़ना शुरू कर दिया मुझे अपनी पैंटी गीली होती महसूस हुई दोनों को बहुत मज़ा आ रहा था तब ही मेरी फ्रेंड रोहनी का फोन आ गया

रोहनी ने फोन रखा नहीं मुझ से किट-पिट करती रही तब तक दीनू का खड़ा होता लंड बैठ गया और मेरे तने निप्पल मुरझा गए

रात में मैं किचन में डिनर की तैयारी कर रही थी दीनू किचन के दरवाजे पर हाथ बांध के खड़ा हो गया और अपने कंधे दरवाजे पर टिका लिए खाना बनाती हुई मुझ को निहारने लगा अपने बेटे को अपनी खूबसूरती निहारते देखकर मैं मन ही मन खुश हुई फिर दीनू की तरफ देखकर बोली

दीनू मैंने तुम्हारे लिए स्पेशल डिनर बनाया है जितना ज्यादा खा सकते हो खा लेना आज रात तुम्हें बहुत एनर्जी की जरुरत पड़ने वाली है

मेरी कामुक बातें सुनकर दीनू का लंड नींद से उठ गया वो मेरे पीछे गांड से चिपक के बाहों में लेते हुए मेरा चुम्बन लेने लगा

तुम्हारे लिए मेरे पास पहले से ही बहुत एनर्जी है मां अगर तुमने मुझे एक्स्ट्रा एनर्जी दे दी तो फिर तुम मुझे झेल नहीं पाओगी और फिर एक हफ्ते तक बेड से उठ नहीं सकोगी और अगर उठ भी गई तो लंगड़ा लंगड़ा के चलोगी जोर से धक्का लगाते हुए दीनू बोला

उसकी इस गुस्ताखी पर मैंने अपने निचले होंठ को दातों में दबाते हुए दीनू के पेट में अपनी कोहनी मार दी मैंने कहा मुझे यह मोटा लंड अपनी चूत की पूरी गहराई में चाहिए पूरा जड़ तक तुझे मैं सिखाऊंगी कि एक्स्ट्रा एनर्जी क्या है और मुझे कैसी चुदाई पसंद है

मुझे जोरदार और निर्मम चुदाई पसंद है कोई दया नहीं वहशी चुदाई अब रुको मत और एक ही बार में बाकी का लंड घुसेड़ दो मेरी चूत में

यह सुनकर दीनू ने एक जोरदार शाट मारा और पूरा का पूरा मूसल मेरी चूत में पेल-पेलकर दिया पर मेरे लिए यह भी पूरा ना पड़ा और अंदर मैं चीखी

फिर तो दीनू ने आव देखा ना ताव और अपने लंड से जबरदस्त पेलाई शुरू कर दी बैठ जा इस पर छिनाल चल साली कुतिया चोद मेरे लंड को अब किस बात का इंतज़ार है मुझे पता है कि मुझसे ज्यादा तू तड़प रही है मेरा लंड अपनी चूत में खाने के लिए बैठ जा अब इस पर रांड चोद अपनी गीली चूत पूरी नीचे तक मेरे लंड की जड़ तक

ये ले साले हरामी मैं बोली और उस मोटे लंड को जकड़ने के लिए उसने अपनी चूत नीचे दबा दी हाय कितना बड़ा और मोटा महसूस हो रहा है विशाल सख्त लंड अपना लंड मेरी चूत में ऊपर को ठूंस चोदू मुझे पूरा लंड देदे मैंने अपनी चूत में कभी कुछ भी इतना बड़ा नहीं लिया ऐसा लग रहा है जैसे ये लंड मेरी चूत को चीर रहा है

मै सच ही बोल रही थी ये अदभुत ठुंसई जो इस समय मेरी चूत में महसूस हो रही थी इसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी मुझे लग रहा था कि मेरी तंग चूत इतनी फैल जायेगी कि फिर पहले जैसी नहीं होगी

फिर भी बोली मुझे पूरा चाहिये बेरहमी से चोद मेरी चूत में ऊपर तक ठूंस दे चीर दे मेरी चूत को इसका भोंसड़ा बना दे गहरे लम्बे धक्कों की ऐसी झड़ी दीनू ने लगाई कि मेरे मुंह से चूं तक ना निकल पाई

मै जब झड़ी तो मुझे लगा कि वो शायद मर चुकी है उसका अपने शरीर पर कोई जोर नहीं है उसकी चमड़ी जैसे जल रही है मेरे मम्मों में जैसे पेन घुसी हुई हों उसकी चूत की तो हालत ही खस्ता थी

दीनू के मोटे लंड की भीषण पेलाई ने जैसे उसे चीर दिया था उसके बाद भी वो मादरचोद लड़का पिला हुआ था उसकी चूत की असीमतम गहराइयों को चूमने के लिए

मैंने अपने होश सम्भालते हुए गुहार की- दे मुझे यह लंड पेल दे पेल दे पेल दे भर दे मेरी चूत भर दे भर दे इसे अपने लंड के पानी से

दीनू अब और ना ठहर सका और भरभरा कर अपनी मां की चूत में झड़ गया मैं अपनी चूत को उसके लंड पर रगड़ती जा रही थी

जब दोनों शांत हुए तो मैं दीनू को चूमते हुए बोली- मेरे शानदार चुदक्कड़ बेटे काश हम लोग भाग सकते होते तो हम कहीं ऐसी जगह चले जाते जहां हम जितनी चाहते चुदाई कर सकते

शाम को दीनू घर लौटा तो मैं घर पर नहीं थी मैं अपने फ्रेंड्स के साथ शॉपिंग करने गई थी जब मैं वापिस आई तो पाया कि दीनू टीवी देख रहा था

मैंने काले रंग की ड्रेस पहनी थी जो मेरी मांसल जांघों के सिर्फ ऊपरी भाग को ढक रही थी दीनू ने उसको देख कर होंठ गोल करके सिटी मारी

मां इस ड्रेस में तुम कितनी सेक्सी लग रही हो ये ड्रेस तुम्हारे बदन से बिलकुल चिपकी हुई है और ढकने के बजाये तुम्हारे खूबसूरत जिस्म के सारे उभारों और कटावों को दिखा रही है

अपनी तारीफ सुनकर मैंने शरारती मुस्कान के साथ दीनू के सामने एक चक्कर गोल घूमकर हर तरफ से उसको ड्रेस में अपना बदन दिखाया फिर दीनू के पास आकर उसको अपनी बाहों में भर लिया और अपने बड़े बड़े मम्में दीनू की छाती में दबा दिए अपने रसीले कामुक होंठ दीनू के होठों पर रख दिये दोनों एक दूसरे का चुम्बन लेने लगे और एक दूसरे के मुंह में जीभ घुमाने लगे

दीनू चुम्बन लेते हुए ही अपने हाथ नीचे ले जाकर मेरी बड़ी लेकिन मक्खन जैसी मुलायम गांड को अपने हाथों में दबाकर मसलने लगा फिर ड्रेस के अंदर हाथ घुसाकर गांड की दरार के बीच से मेरी मखमली चूत के होठों को सहलाने लगा मैं थोड़ा और दीनू से चिपक गई

तुम्हें मालूम है दीनू आज हमारे इस नए रिश्ते को एक महीना पूरा हो गया है

अच्छा तब तो कुछ सेलिब्रेशन होना चाहिए बताओ आज अपने बॉयफ्रेंड को क्या गिफ्ट देने वाली हो

मेरे खूबसूरत चेहरे को अपने दोनों हाथों के बीच प्यार से पकड़कर दीनू बोला

मैं कुछ पल सोचती रही फिर अचानक मैं दीनू से अलग होकर उसकी तरफ पीठ करके कुछ दूर खड़ी हो गई थोड़ा कमर झुकाकर दीनू की तरफ अपनी गांड बाहर को निकालकर धीरे धीरे से अपनी ड्रेस ऊपर को उठाने लगी अंदर उसने मैचिंग कलर की काले रंग की पैंटी पहनी हुई थी जिसमें पीछे से सिर्फ एक पतली डोरी थी और दोनों चूतड़ खुले हुए नंगे थे

फिर मादक मुस्कान बिखेरते हुए बोली आज रात ये तोहफा तुम्हारे लिए दीनू उस मक्खन जैसी मुलायम बड़ी गांड को देखकर दीनू होठों पर जीभ फिराते हुए मुस्कुराया

आज रात मुझे बहुत मज़ा आने वाला है मां कसम से

मां हम लोग बिस्तर में चलें ? दीनू ने मेरी कामवासना लिप्त चेहरा देखकर शरारत से पूछा

कमरे में पहुंचते ही दीनू ने मुझे प्यार से वस्त्रहीन कर दिया शीघ्र ही मैं निवस्त्र बिस्तर में लेटी दीनू को कपड़े उतारते हुए देख रही थी दीनू भी निवस्त्र होकर मेरे साथ बिस्तर में लेट गया हम दोनों ने एक दुसरे को बांहों में भर कर खुले मुंह से चूमने लगे दीनू ने मेरे गुदाज़ चूतड़ों को मसलते हुए

मेरे मुंह में अपनी जीभ डाल कर मेरे सारे मुंह के अंदर सब तरफ घूमा दी मैंने भी अपने जीभ दीनू की जीभ से भीड़ा कर उनके मीठे मुंह के स्वाद का आनंद लेने लगी

दीनू ने मुझे चित लिटा कर मेरे मुलायम बड़े मम्मों को अपने मूंह से उत्तेजित करने लगा दीनू ने मेरे मम्में अपने मूंह में भर कर उनको पहले धीरे-धीरे फिर जोर से चूस-चूस कर मेरी सिसकारी निकाल दी

दीनू ने मेरे गोल भरे हुए पेट को चूमते हुए मेरी गीली चूत के ऊपर अपना मूंह रख कर मेरी हल्की सुनहरी झांटों को अपने जीभ से भाग कर मेरी चूत के द्वार के अंदर डाल दी मेरी जोर की सिसकारी ने दीनू को भी उत्तेजित कर दिया दीनू ने मेरी चूत को अपनी जीभ और मुंह से सता कर मेरी वासना को चरम सीमा तक पहुंचा दिया

दीनू ने अपनी खुरदुरी जीभ से मेरी चूत के दाने को चाट कर मुझे बिलकुल पागल सा कर दिया उसकी एक उंगली अहिस्ता से मेरी गीली मचलती चूत में फिसल कर अंदर चली गई उसने अपनी उंगली को टेड़ा कर के मेरी चूत के सुरंग के आगे की दीवार को रगड़ने लगा उसकी जीभ और उंगली दोनों ही मुझे एक बराबर का आनंद दे रहीं थीं

अचानक दीनू ने अपने होंठों में मेरी चूत के दाने को भींच कर अपनी उंगली को तेजी से मेरी चूत की दीवार को रगड़ना शुरू कर दिया उसकी अभ्यस्त जीभ और उंगली ने मेरे शरीर को वासना के समुन्द्र में फैंक दिया

मैं जोर से सिसक उठी मैं अब झड़ने के लिए व्याकुल थी यदि दीनू मेरी चूत के दाने को अपने दांतो से चबा भी डालता तो मैं कोई शिकायत नहीं करती

आह दीनू आह्ह्ह्ह ऊम्म्म्म आह आह आ आ आह्ह्ह मेरी चूऊऊत आह्ह मैं आने वाली हूं मेरी सिस्कारियों ने दीनू को मेरे सन्निकट रति-निष्पत्ति की घोषणा कर दी दीनू ने मेरी चूत चूसना रोक दिया दीनू ने मुझे मेरे यौन चरमोत्कर्ष के द्वार से पीछे खींच कर मुझे आश्चर्यचकित कर दिया मैं वासना के अतिरेक से बिलबिला रही थी

दीनू ने मेरी दोनों भरी भरी गोल जांघें उठा कर फैला दी दीनू ने अपना मूंह मेरी गांड के ऊपर रख उसको प्यार से चूमा मेरे मूंह से घुटी घुटी सिसकारी निकल पड़ी दीनू की जीभ शीघ्र ही मेरी गांड के छेद को तड़पाने तरसाने लगी

मेरी गांड का छल्ला बारी बारी से शिथिल और संकुचित होने लगा दीनू ने मेरी गांड के मलद्वार को अपनी जीभ से चूम कर मेरी वासना को और भी उत्तेजित कर दिया दीनू की जीभ की नोक आखिरकार मेरी गांड के अंदर दाखिल हो गई मेरी सिस्कारियों ने दीनू को मेरी गांड को और भी चूसने चूमने का निमंत्रण भेजा

मेरा कुछ देर पहले का सन्निकट चरम आनंद मेरे शरीर को फिर से उमेठने लगा मेरी गांड इस वक्त दीनू के मूंह से चुपकने का प्रयास करने लगी दीनू ने पहले की तरह मेरी चूत को रति निष्पत्ति होने से पहले ही मेरी गांड से अपना मूंह हटा लिया मेरी वासना के अनबुझी आग ने मेरे मस्तिष्क को पागल कर दिया मैं दीनू के सामने गिड़गिड़ाने लगी

दीनू मुझे इतना क्यों तरसा रहा हैं ? मेरी चूत झाड़ दे प्लीज़

मैं अपने चूतड़ पलंग से उठा कर अपनी गांड और चूत दीनू के मुंह के पास ले जाने का प्रयास कर रही थी

दीनू ने अपने तने हुए लंड से मेरी चूत रगड़ और मेरे ऊपर नीचे गिरते उठते पेट पर को अपने हाथ से मसल कर बोला मां मुझे आपकी गांड मारनी है

दीनू मुझे बहुत दर्द होगा ? दीनू ने गौर किया हां मां थोड़ा होगा मैंने मना नहीं किया इस वक्त मैं दीनू की हर शर्त मान लेती मेरी वासना की संतुष्टी की चाभी दीनू का बहुत बड़ा मोटा लंड था

मेरी छोटी सी गांड के अंदर दीनू के विकराल लंड के जाने के विचार से ही मैं डर गई

दीनू ने आश्वासन दिया मां दर्द तो होगा दर्द तो चूत मरवाने में भी हुआ था पर अब आप चूत मरवाने से कितने खुश हैं

दीनू मेरे दोनों मम्मों को हलके हलके सहलाने लगा

मैंने अपना निचला होंठ वासना के उबलते ज्वार को नियंत्रित करने के प्रयास करते हुए अपने दांतों के बीच में भींच लिया

दीनू ने अपने विशाल लंड को मोटे डंडे की तरह मेरी चूत के द्वार के उपर रगड़ने लगा मेरा जलता हुआ शरीर चर्मॉनन्द की खोज में भभक उठा दीनू का रेशम जैसा चिकना पर लोहे जैसा सख्त वृहत लंड मेरे भाग शिश्न को रगड़ कर मेरी काम वासना की प्रज्जवलित अग्नि को और भी भड़काने लगा

मां जब तक आप खुद हमसे अपनी गांड मारने को नहीं कहेंगी में तब तक कुछ भी नहीं करूंगा दीनू के मर्दाने हाथ मेरे मम्मों को प्यार भरा अमरदान कर रहे थे

मेरा मस्तिष्क दीनू के विकराल लंड से गांड मरवाने के विचार से डर के मारे कांप रहा था पर मेरा विश्वासघाती सम्भोग कामना से कम्पित शरीर दीनू के अविश्वसनीय अमानवीय लंड से गांड मरवाने के लिए उत्सुक हो उठा था मेरे शरीर में जलती आग भुजाने का यंत्र दीनू की जांघों के बीच में मोटे खम्बे की तरह फड़क रहा था

मेरे शरीर की वासना और उसकी संतुष्टि की कामना ने मेरे मस्तिष्क के भीतर भरे भय के उपर विजय पा ली

मैंने कम्पित स्वर में दीनू की वासना भरे प्यार से चमकती हल्की भूरी आंखों में देख कर हलके से कहा दीनू मेरी गांड मार ले पर प्लीज़ मुझे बहुत दर्द नहीं करना

दीनू ने निर्ममता से उत्तर दिया मां दर्द तो होगा और उसे आपको सेहना पड़ेगा पर मुझसे जितना हो सकेगा उतना प्रयास मैं जरूर करूंगा

मेरा भय और वासना से कम्पित शरीर अब दीनू की कृपा के उपर निर्भर था

दीनू ने अपने लंड को मेरी गीली चूत में डाल कर मेरे यौन रस से लेप लिया दीनू ने अपना मुंह को थूक से भर मेरी गांड पर रख कर अपनी लार गांड पर डाल दी

दीनू ने अपने विशाल लंड को मेरी गांड के छोटे तंग छल्ले के ऊपर रख कर दबाया मां अपनी गांड पूरी ढीली छोड़ दो

जब मैं अपना लंड अंदर की तरफ डालूं तो आप अपनी गांड को मेरे लंड के ऊपर नीचे की तरफ जोर लगायें

मैंने वासना में जलते अपने शरीर से परेशान हो कर दीनू के सुझाव को ठीक से समझे बिना अपना सर हिला कर समर्थन दे दिया

दीनू ने मुझे अपने बड़े हाथों से जकड़ कर मुझे बिस्तर पर दबा दिया दीनू ने अपने विशाल लंड के विकराल सुपाड़े को मेरी नन्ही सी गांड के छेद पर दबाना शुरू कर दिया

मेरी तंग कसी गांड का छल्ला दीनू के लंड के प्रविष्टी के रास्ते में था मेरी गांड की कसी हुई वलय ने दीनू के भीमकाय लिंग के आक्रमण को पीछे धकेलने का निरर्थक प्रयास किया

दीनू के विशाल लंड का सुपाड़ा मेरी गांड के छोटे से छेद को खोलने के लिए बेचैन था

दीनू ने खीचकर एक जोर से धक्का लगाया दीनू के बड़े लंड के सुपाड़े ने मेरी गांड के छोटे से छेद को बेदर्दी से चौड़ा कर दिया मेरे गले से निकली दर्द भरी चीख से कमरा गूंज उठा

दीनू ने मौका देख कर अपने लोहे जैसे सख्त मोटे लंड की तीन इंच मेरी गांड में बलपूर्वक ठूंस दीं मैं दर्द से बिलबिला कर चीख पड़ी

मेरे नाखून दीनू की बांहों में गड़ गए मैंने दीनू की बांहों की खाल से अपने नाखूनों से खरोंच कर खून निकाल दिया दीनू ने एक बार भी उफ तक नहीं की

मेरी चीख रोने में बदल गई मेरी आंखों से आंसू बहने लगे मुझे ऐसा लगा जैसे किसी ने मेरी गांड के ऊपर चाकू चला दिया हो मैं सिसक सिसक कर रो रही थी दीनू बेदर्दी से मेरी गांड में अपने अमानवीय विशाल लंड की एक इंच के बाद दूसरी इंच मेरी दर्द से बिलखती गांड की गहराइयों में डालते रहा जब तक उसका पेड़ के तने जितना मोटा लंड जड़ तक मेरी गांड में नहीं समा गया

मेरी गांड में उठे भयंकर दर्द से से बिलबिला उठी मेरा शरीर पानी से बाहर निकली मछली के समान तड़प रहा था दीनू के विशाल शरीर ने मेरे थर थराते हुए शरीर को अपने नीचे कस दबा लिया मैं सुबकियां और हिचकी मार मार कर रो रही थी

नहीं नहीं दीनू मेरी गांड फट गईई अपना लंड बाहर निक आ ल आ आ ये मैं मर जाऊंगी दीनू

मैं सुबक सुबक कर हिचकियों के बीच में से बड़ी मुश्किल से बोल पा रही थी मुझे हुंह नहीं आह नहीं मरवानी अपनी गांड

दीनू ने अपने मुंह से मेरा मुंह दबोच लिया दीनू ने बेदर्दी से मेरे रोने की उपेक्षा कर मेरी गांड अपने लंड से मारने लगा

मेरी घुटी घुटी चीखों और सिस्कारियां कमरे की दीवारों से टकरा कर मेरे कानों में गूंज रहीं थी दीनू ने अपने विशाल लंड की आधी लम्बाई अंदर बाहर कर मेरी गांड की चुदाई शुरू कर दी

दीनू की बेरहमी ने मुझे दर्द से व्याकुल कर दिया मेरे आंसूओं ने मेरे चेहरे को बिलकुल भिगो दिया

मुझे पता नहीं की कितनी देर तक मैं रो रो कर अपनी गांड फटने की दुहाई देती रही पर दीनू का विशाल लंड मेरी मेरी गांड को निरंतर चोदता रहा

मेरे आंसूओं ने मेरा चेहरा गीला कर दिया थोड़ी देर में मेरी नाक बहने लगी मेरी सुबकिया मेरे दर्द की कहानी सुना रहीं थीं दीनू ने मेरा मुंह अभी भी अपने मुंह से दबा रखा था

दीनू ने मेरी गांड मारना एक क्षण के लिए भी बंद नहीं किया मैं ना जाने कितनी देर तक दर्द से बिलबिलाती हुई दीनू के विशाल शरीर के नीचे दबी सुबकती रही मुझे लगा कि एक जनम जितने समय के बाद मेरी सुबकियां थोड़ी हल्की होने लगीं मुझे बड़ी देर लगी समझने में कि मैंने रोना बंद कर दिया था मेरा हिचकियां लेकर सुबकना भी बंद हो गया था

जब दीनू को लगा कि मैंने रोना बंद कर दिया था तो उसने मेरा मुंह मुक्त कर मेरे आंसू और नाक से गंदे चेहरे को चाटकर साफ करने लगा दीनू की जीभ मेरी नाक के अंदर समा गई दीनू का लंड अभी भी मेरी गांड के अंदर बाहर जा रहा था

बाकी कहानी maa beta sex story के अगले भाग अंधेरे में बेटे से चुद गई- 8 में पढ़े