आप ने maa beta sex story के पिछले भाग अंधेरे में बेटे से चुद गई- 7 में पढ़ा जब दीनू को लगा कि मैंने रोना बंद कर दिया था तो उसने मेरा मुंह मुक्त कर मेरे आंसू और नाक से गंदे चेहरे को चाटकर साफ करने लगा दीनू की जीभ मेरी नाक के अंदर समा गई दीनू का लंड अभी भी मेरी गांड के अंदर बाहर जा रहा था अब आप maa beta sex story में आगे पढ़े
Mom Hindi Sex Story 8
मुझे विश्वास नहीं हुआ कि मेरी गांड अब दीनू के लंड को बिना तीव्र पीढ़ा के संभाल रही थी दीनू ने मेरी नाक को अपने मूंह में भर कर जोर से चूसा दीनू ने मेरे दोनों नथुनों में अपने जीभ अंदर डाल कर मुझे हंसा दिया मां अब कितना दर्द हो रहा है? दीनू के चेहरे पर शैतानी भरी मुस्कान थी
मैं शर्मा गई दीनू मेरी गांड में बहुत दर्द हो रहा था तू कितना बेदर्द हैं एक क्षण भी तू ने अपना लंड को मेरी गांड मारने से नहीं रोका
मां ऐसा दर्द तो सिर्फ पहली बार ही होता है मुझे लगा कि जितनी जल्दी आपकी गांड मेरे लंड की आदी हो जाये आपका दर्द
उतनी ही जल्दी कम हो जाएगा दीनू ने प्यार से मेरी नाक की नोक को अपने दांतों से काटा
मैंने दीनू की बांहों पर गहरे खरोंचो को प्यार से चूम कर खून चाट लिया सॉरी दीनू मैंने बाहें खरोंच डाली दीनू ने मुस्कुरा कर मुझे प्यार से चूम लिया
मां ऐसा दर्द तो सिर्फ पहली बार ही होता है मुझे लगा कि जितनी जल्दी आपकी गांड मेरे लंड की आदी हो जाये आपका दर्द उतनी ही जल्दी कम हो जाएगा दीनू ने प्यार से मेरी नाक की नोक को अपने दांतों से काटा
दीनू ने मुझे चूम कर मेरी गांड मारनी शुरू कर दी मेरी गांड अब दीनू के विशाल लंड के अनुकूल रूप से चौड़ी हो गई थी
उसका अमानवीय लंड मेरी गांड के छेद को रगड़ कर अंडर बाहर जा रहा था मेरी गांड मानों सुन्न हो चुकी थी मेरी गांड का दर्द पूरा तो ठीक नहीं हुआ पर मुझे अब उस दर्द से कोई बहुत परेशानी नहीं हो रही थी दीनू अपने बड़े लंड को अविरत मेरी गांड के अंदर बाहर करता रहा दीनू मेरी गांड को अपने लंड से बहुत जल्दी परिचित कराने के लिए उत्सुक था
दीनू ने अपने आकर्षक कसे हुए कूल्हों का इस्तमाल कर अपनी मां की गांड को बेरहमी और निर्ममता से चोदना शुरू कर दिया दीनू अपने बड़े लंड के सुपाड़े को छोड़ कर पूरा बाहर निकालने के बाद एक भीषण धक्के से उसे वापस मेरी गांड में ठूंस रहा था उसके जोरदार धक्कों से मेरा पूरा शरीर हिल रहा था मेरी सिसकियां दीनू के कान में संगीत सा बजा रहीं थी
मैं अपनी गांड में दीनू के लंड के हर धक्के को अपनी सिसकारी से स्वागत कर रही थी दीनू ने मेरी गांड की चुदाई के गति बड़ा दी दीनू अपना लंड सिवाय मोटे सुपाड़े को छोड़ कर पूरा बाहर निकाल कर एक भयंकर ठोकर से मेरी गांड की भीतरी गहराइयों में ठूंस रहा था
कमरे की हवा मेरी गांड की मदहोश सुगंध से भर गई दीनू का लंड मेरी गांड को चौड़ा कर आराम से अंदर बाहर जा रहा था दीनू ने मेरे दोनों मम्मों को मसलना शुरू कर दिया
मेरी सिस्कारियां अब अविरत मेरे मूंह से उबल रहीं थीं दीनू का लंड डेढ़ घंटे से मेरी गांड मार रहा था अचानक मेरी सिसकारी मेरे दर्द भरे यौन चरमोत्कर्ष के तूफान से और भी ऊंची हो गई दीनू का बड़ा लंड अब मेरी गांड में रेल के इंजन की गति से अंदर बाहर हो रहा था
दीनू ने मेरे दोनों मम्मों को बेदर्दी से मसल कर अपना लंड मेरी गांड में जड़ तक अंदर दबा कर मेरे ऊपर लेट गया मैंने अपनी गुदाज़ गोल जांघें दीनू की कमर के इर्द गिर्द डाल कर अपनी एड़ियां दीनू के विशाल कूल्हों पर कस कर दबा दीं
दीनू ने मेरे मुंह को चूमते हुए मेरी गांड मारना फिर से शुरू कर दिया दीनू का लंड ने मेरी गांड को फिर से मथ कर मेरे दुसरे कामोन्माद को परवान चड़ा दिया दीनू और मैं एक साथ अपने आनंद की पराकाष्ठा पर पहुंच गए
मेरा सारा शरीर कामुकता की मदहोशी में अकड़ गया दीनू का लंड मेरी गांड में झटके मार मार कर स्खलित होने लगा मेरी आंखें मादक चरम आनंद की उन्मत्तता से बंद हो गयीं दीनू और मैं बड़ी देर तक अपने यौन स्खलन के आनंद से एक दुसरे की बांहों में लेटे रहे
आखिरकार दीनू ने अपना मुश्किल से थोड़ा नरम हुए लंड को मेरी अत्यंत चौड़ी हुई गांड में से निकाल कर मेरी गांड चाटने लगे मेरे नथुने मेरी गांड की खुशबू से भर गए दीनू ने प्यार मेरी सूजी गांड को चाट कर साफ किया
दीनू की जीभ मेरी बेदर्दी से चुदी थोड़ी ढीली खुली गांड में आसानी से अंदर चली गई मेरी गांड साफ कर दीनू बोला
मां अब मैं आपकी गांड पीछे से मारूंगा मैं अब गांड मारने के आनंद की कामुकता से प्रभावित हो गई थी
मैं पलट कर घोड़ी की तरह अपने हाथों और घुटनों पर हो गई दीनू का तना हुआ लंड मेरी गांड के मल के लेप से भूरे रंग का हो गया था मैंने जल्दी से दीनू के लंड को अपने मूंह और जीभ से चाट कर साफ किया मुझे अपनी गांड और दीनू के वीर्य का मिला जुला का स्वाद अत्यंत अच्छा लगा
दीनू ने अपना लंड मेरी गांड में पीछे से हौले हौले अंदर डाल दिया मेरी गांड इतनी देर में फिर से तंग हो गई थी
पर मुझे इस बार बहुत थोड़ा दर्द हुआ दीनू ने मेरी गांड शीघ्र तेज़ी से चोदना शुरू कर दिया हमारा कमरा मां बेटे के बीच अवैध गांड चुदाई से उपजी मेरी सिस्कारियों से भर गया
दीनू के हर भीषण धक्के से मेरा शरीर फिर से कांप उठा उसकी बलवान मांसल जांघें हर धक्के के अंत में मेरे कोमल मुलायम भरे भरे चूतड़ों से टकरा रहीं थीं हमारे शरीर के टकराने की आवाज़ कमरे में थप्पड़ की तरह गूंज रही थी
दीनू ने मेरी गांड की चुदाई पहली बार की तरह बेदर्दी से की मुझे पांच बार झाड़ कर दीनू दूसरी बार मेरी गांड में स्खलित हो गया दीनू का गरम गाड़ा वीर्य मेरी गांड की नाजुक दीवारों से टकरा कर मेरी गांड में मल के साथ मिल गया
दीनू मेरी गांड से अभी भी संतुष्ट नहीं हुआ था और एक बार फिर मेरी गांड के मंथन के लिए तैयार हो गया उस रात दीनू के विशाल लंड ने मेरी गांड तीन बार और मारी मैं दीनू के साथ लम्बी रतिक्रिया में बार बार झड़ने की मदहोशी से बेहोशी की अवस्था में पहुंच गई
मैं अपने निरंतर रति-निष्पत्ति की गिनती भी नहीं रख पाई दीनू ने मेरी गांड पांचवी बार अपने गाड़े वीर्य से भर दी मैं बिल्कुल थक कर चूर हो गई थी दीनू मेरी गांड चार घंटों से मार रहा था
मैंने दीनू के मुंह और गालों को प्यार से चूम चूम कर गीला कर दिया दीनू ने अपना लंड मेरी गांड से बाहर निकाल लिया
मैं अभी भी कुतिया की तरह अपनी चूत बाहर निकाले खड़ी थी दीनू ने अपने दोनों हाथो से मेरे मम्मों को पकड़ा और प्यार से उन्हे मसलने लगा
उसके झुकते ही मुझे मेरे चूतड़ों के बीच कुछ गर्म कठोर चीज महसूस हुआ कि ये उसके सुपारे का स्पर्श था उसने मेरे कंधों को पीछे से पकड़ा और अपनी कमर नीचे कर लिंग से मेरी चूत टटोलने लगा वो कभी लिंग दाएं तो कभी बांए तो कभी ऊपर तो कभी नीचे करके मेरे चूत द्वार को ढूंढने लगा
इधर मेरी व्याकुलता बढ़ती ही जा रही थी सो मैं बोल पड़ी लंड को हाथ से पकड़ कर चूत में घुसाओ ना इस पर उसने उत्तर दिया ऐसे ही घुस जाएगा मां वो फिर प्रयास करने लगा काफी देर प्रयास करने के बाद भी लिंग चूत का मुख स्पर्श करके इधर उधर चला जाता तब मैंने कहा देरी मत करो थूक लगा कर जल्दी घुसाओ
उसने मेरी बात मानी और लंड पर थूक मल कर चिकना किया और फिर पहले की भांति लिंग घुसाने का प्रयास करने लगा थोड़ा प्रयास करने के बाद आखिरकार उसके लंड के सुपारे ने मेरी चूत का द्वार भेद ही दिया
मैं बोल पड़ी हां दीनू घुस गया जल्दी करो
मेरी बात सुनते ही वो भी बोल दिया हां मां अब हो जाएगा आप तैयार रहो
उसने बात खत्म करते ही जोर से धक्का मारा और लंड मेरी चूत की दीवार फैलाकर भीतर चला गया इस धक्के से जहां उसके लंड ने मेरी चूत की दीवारें फैला दी वहीं मेरी चूत की मांसपेशियों के विरुद्ध उसके लिंग की ऊपर की चमड़ी पीछे की ओर खिंचती चली गई जिससे उसका सुपारे से लेकर लंड का कुछ हिस्सा खुल गया था और मैं उसकी नसों को अपनी चूत के भीतर महसूस करने लगी थी
मैं उस धक्के से जोर से कराह उठी और बोल पड़ी ओह मां दीनू इतनी जोर से ना मारो बच्चेदानी तक जा रहा है मेरी बात सुन कर शायद उसे खुशी हुई और उसे भी अपनी मर्दानगी पर गर्व हुआ वो बोल पड़ा मजा आ गया मां
उसने कुछ देर अपने लंड को मेरी चूत में टिकाए हुए हल्के हल्के हिलाता रहा और फिर धीरे धीरे उसने धक्के मारने शुरू किए अब जाकर मेरी जलन शांत होने लगी थी पर अभी तो वासना की आग ने जलना शुरू ही किया था और हम दोनों मध्य तक आ गए थे
दीनू के धक्कों से मैं यह तो समझ गई थी कि उसे बहुत मजा आ रहा और उसका जोश साफ झलक रहा था जिस प्रकार से वो ताकत लगा रहा था
पर उसके मन में मेरा खौफ भी था और इस वजह से वो एक आज्ञाकारी दास की भांति संभोग कर रहा था वो मेरे डर से अपनी मन की नहीं कर पा रहा था वरना मर्दो के जोश के आगे तो हर औरत झुक जाती है
मुझे उसका लंड बहुत सुखदायी लग रहा था और मुझे भीतर से लग रहा था कि उसे अपनी चूत से कस के जकड़ लूं मेरी चूत धक्कों के बढ़ते रफ्तार से और अधिक गीली होती जा रही थी
अब तो फच फच जैसी आवाजें मेरी चूत से निकलनी शुरू हो गई थीं जैसे जैसे संभोग और धक्कों की अवधि बढ़ती जा रही थी वैसे वैसे हम दोनों की सांसें तेज़ और जोश आक्रामक रूप लेती जा रही थीं मुझे ऐसा लग रहा था जैसे वो मुझे ऐसे ही धक्के मारता रहे कभी ना रुके
वो भी शायद यही चाह रहा था कि मैं उसका किसी तरह से कोई विरोध ना करूं उस ठंड में भी अब हम दोनों के पसीने छूटने लगे थे मुझे उसका लिंग मेरी चूत के अंदर तपता हुआ लोहा महसूस हो रहा था जिस प्रकार मैं झुकी हुई थी और वो मुझ पर दोनों टांगें फैला कर चढ़ा हुआ था उससे धक्के बहुत मजेदार लग रहे थे
जैसे जैसे मेरी चरम सुख की लालसा बढ़ती जा रही थी वैसे वैसे मैं अपने चूतड़ ऊपर करती जा रही थी मेरे चूतड़ पीछे से पूरी तरह से उठ जाने की वजह से उसका लंड अब हर धक्के पे मेरे गर्भाशय तक जाने लगा मेरी कामोतेजना का अब ठिकाना ही नहीं रहा और मैं कराहने और सिसकने लगी
उत्तेजना में मैंने किसी तरह एक हाथ पीछे ले जाकर उसके चूतड़ को पकड़ना चाहा पर वहां तक मेरा हाथ नहीं पहुंचा तब भी उसकी जांघ को पकड़ कर मैंने अपने नाखून गड़ा दिए इससे दीनू और उत्तेजित हो उठा और एक जोर का झटका दे मारा
फिर गुर्राते हुए मुझे पेलने लगेमुझे ऐसा लगा जैसे उसके लिंग का सुपारा मेरी बच्चेदानी के मुंह से चिपक गया हो मैं उस दर्द में भी आनन्द महसूस करते हुए और जोर से चहक उठी और नाखून और चुभा दिया
एक पल दीनू ने लिंग वहीं चिपकाए रखा और फिर से लिंग थोड़ा बाहर खींच कर धक्के मारने लगा अब दीनू हांफने लगा था और उसने रुक रुक के धक्के देने शुरू कर दिए थे
कोई 20 मिनट के संभोग के बाद दीनू ने मुझसे पूछा मां क्या आप झड़ने वाली हैं अगर हो तो मुझे बता देना
मैंने भी उत्तर दिया हां तेज़ी से धक्के मारते रहो रुकना मत
तब उसने कहा मां क्या आप ऊपर आकर धक्के मारोगी? मैं अब थकने लगा हूं प्लीज
दीनू मेरे पीछे से उठा और बिस्तर पर चित लेट गया मैंने देखा वो ऊपर से नीचे तक पसीना पसीना था यहां तक कि उसकी पगड़ी सिर के पास पूरी भीग चुकी थी
मैं उठकर दोनों टांगें फैला कर दीनू के लंड के ऊपर चढ़ गई उसका लंड एकदम तना हुआ ऊपर की ओर मुंह उठाए हुए था मैं अपने दोनों हाथ दीनू के सीने पर रख घुटने बिस्तर पर टिका लिंग के ऊपर बैठने लगी मेरी चूत इतनी चिकनाई से भर गई थी कि जैसे ही लंड का सुपारा मेरी चूत के छेद पर पड़ा मेरे हल्के से कमर दबाते ही उसका पूरा लिंग सरसराता हुआ मेरे अंदर घुस गया
एक बार बाहर निकल कर फिर से लंड घुसाने का भी अलग आनन्द आता है यह मुझे महसूस हुआ इसी वजह से शायद मर्द बार बार उत्तेजना में लिंग बाहर निकाल कर अंदर घुसाते है खैर जैसे ही मेरी चूत की लाइन में लिंग प्रवेश हुआ मैंने खुद को संतुलित कर हल्के हल्के कमर हिलाते हुए धक्के देने लगी
बस 10-12 धक्के लगाने के बाद दीनू का चेहरा देखने लायक था वो पूरे जोश से भर गया था और उसे बहुत मजा आ रहा था उसकी आंखों में उम्मीद सी थी कि उसे मनचाहे तरीके से संभोग सुख मिल रहा
उसने लंबी लंबी सांस छोड़नी शुरू कर दी और बीच बीच में सिसकारियां भी लेने लगा थोड़ी देर में उसने अपने हाथों से मेरे मम्मों और चूतड़ों को बारी बारी से दबाना सहलाना और मसलना शुरू कर दिया उसकी हरकतों से मैं और जोश में आने लगी और आह्ह्ह उम्मम आह्ह्ह की आवाजें निकालते हुए तेज़ी से धक्के मारने लगी
हम दोनों मस्ती में पूरी तरह खो चुके थे और हम दोनों को बहुत मजा आ रहा था जैसे जैसे संभोग की अवधि बढ़ती गई वैसे वैसे मैं थकती जा रही थी
मगर वही दीनू की मस्ती चरम पर पहुंचने को थी थकान की वजह से अब मेरे मन में ख्याल आने लगा कि या तो अब वो झड़ जाए या मैं झड़ जाऊं इसलिए मैं इस हाल में भी अपने जोश और दम को कम नहीं होने दे रही थी और लगातार उसी ताकत और गति से धक्के मार रही थी
अब तो मेरे पसीने छूटने लगे थे तभी जोश से भरा दीनू उठ बैठा और मुझे चूतड़ से पकड़ लिया उसने हाथों से मेरे चूतड़ पकड़ कर हवा में उछालना शुरू कर दिया वो मेरे स्तनों को मुंह में भर कर मेरा दूध पीने लगा और चूतड़ पकड़ कर मुझे उछालते हुए संभोग में सहारा देने लगा
अब मैं थक चुकी थी और मुझसे दम नहीं लग रहा था तब मैं बोली दीनू अब ऊपर आकर करो और जल्दी झड़ जाओ सुबह होने को है
तब उसने मुझे छोड़ा और मैंने बिस्तर पर लेट कर आसन ले लिया
मैंने एक तकिया अपने चूतड़ों के नीचे रख लिया ताकि ज्यादा आसानी हो और अपनी मांसल मोटी जांघें फैला कर चूत को दीनू के सामने कर दिया
दीनू भी बिना देरी के मेरी जांघों के बीच आकर मेरे ऊपर झुक गया उसका लंड पूरे उफान पर था और किसी गुस्सैल नाग की भांति फनफना रहा था
उसने अपनी कमर नीचे की और मैंने अपने चूतड़ थोड़े उठाए और जैसे ही दीनू को मेरी चूत के छेद का स्पर्श हुआ उसने जोर से लंड धकेल दिया उसका लंड बिना किसी प्रकार के मदद के सर्र से मेरी चूत की गहराई में उतरता चला गया
फिर क्या था दीनू तो वैसे ही बहुत गर्म था उसने एक सांस में धक्के मारने शुरू कर दिया मैं बस उसे पकड़ कर कसमसाती हुई अपनी टांगें ऊपर उठा कर कराहने लगी मैं मस्ती के सागर में पूरी तरह डूब चुकी थी और अब किनारे तक जाना चाहती थी
मैं बोली ऊहह्ह आह्ह्ह आह्ह्ह हाय आह्ह्ह ओह्ह्ह दीनू और जोर से चोदो मुझे मैं झड़ने वाली हूं
फिर क्या था मेरी ऐसी बातें उसके कानों में किसी वियाग्रा की गोली की तरह काम कर गई उसने फिर जोरदार और अपनी पूरी ताकत से मुझे धक्के मारने शुरू किए मैं भी धक्कों की मार से बकरी की तरह मिमियाने लगी और फिर मेरी नाभि में झनझनाहट सी शुरू हो गई
अभी 5-10 धक्के उसने और मारे कि उस झनझनाहट की लहर मेरी नाभि से उतरता हुआ चूत तक चला गया
मैं और जोरों से सिसियाने और कराहते हुए अपने चूतड़ उछालने लगी मैंने उसे पूरी ताकत से पकड़ लिया और मेरे मुंह से आह ओह्ह इह जैसी आवाजें निकलने लगीं मेरी चूत से मुझे लगा कुछ तेज़ पिचकारी सी छूटने को है और मेरा बदन मेरे बस में नहीं रहा
मैं झड़ने लगी और मेरी चूत से पानी की धार तेज़ी से रिसने लगी मुझे ऐसे देख और मेरी हरकतें और चरम सुख की प्राप्ति की कामुक आवाज सुन दीनू भी खुद को ज्यादा देर ना रोक सका
वो भी गुर्राते और हांफते हुए तेजी से चूत की झांटों पे झटके मारता हुआ एक के बाद एक पिचकारी मारने लगा उसके लिंग से 4 बार तेज़ वीर्य की पिचकारी मैंने मेरी बच्चेदानी में महसूस की जो कि आग की तरह गर्म थी उसके धक्कों के आगे मैं भी पूरी तरह झड़ कर शांत होने के लिए उसे कस कर पकड़ चिपकी रही
पर दीनू तब तक नहीं रुका जब तक उसने वीर्य की आखिरी बूंद मेरी चूत की गहराई में ना उतार दी उस एक बूंद के गिरते ही वो मेरे स्तनों के ऊपर गिर पड़ा और हांफते हुए सुस्ताने लगा उसने मेरी चूत को अपने वीर्य से लबालब भर दिया था
यह थी maa beta sex story मैं और मेरा बेटा आज भी चुदाई करते है मुझे उसके लंड से चुदने का बहुत मजा आता है जब मेरे पति कही बाहर जाते है हम मां बेटा कमरा बंद करके चुदाई करते है
जब कभी मेरे पति रात भर कही काम की वजह से बाहर रहते है तो हमारी खुशी का कोई टिकाना नहीं होता और हम मां बेटा पूरी रात यौन संबंध बनाते है हमे जब भी मौका मिलता है हम संभोग करते है
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