आप ने bhai behan sex story के पिछले भाग बहन की ब्रा और पैंटी ने उत्तेजित किया- 4 में पढ़ा थोड़ी देर के बाद दीदी का शरीर अकड़ गया कुछ ही देर के बाद दीदी शांत हो कर सीट पर बैठ गई अब दीदी की चूत में से ढेर सारा पानी निकलने लगा चूत की पानी से मेरा पूरा हाथ गीला हो गया अब आप bhai behan sex story में आगे पढ़े
Real Bhai Behan Sex Story 5
मैं थोड़ी देर रुक कर फिर से दीदी की चूत में अपनी उंगली चलाने लगा थोड़ी देर के बाद दीदी दोबारा झड़ी फिर मुझे जब लगा कि सिनेमा अब खत्म होने वाला है तो मैंने अपना हाथ दीदी की चूत पर से हटा लिया
जैसे ही सिनेमा खत्म हुआ मैं और दीदी उठ कर बाहर निकल आए बाहर आने के बाद मैंने दीदी से कहा अगले शो में जो भी उस सीट पर बैठेगा उसका पैंट या उसकी साड़ी भीग जाएगी दीदी मेरे बातों को सुन कर बहुत शर्मा गई और मुझसे नज़र हटा ली
दीदी टॉयलेट चलीं गई हो सकता था कि अपनी चूत और जांघों को धोकर साफ करने के लिए और अपनी पैंटी फिर से पहनने के लिए गई हों अभी सिर्फ तीन बजे थे और मैंने दीदी से बोला बहुत टाइम है और मां भी घर पर सो रही होंगी क्या तुम अभी घर जाना चाहती हो?
वैसे मुझे कुछ प्राइवेट में चलने का इच्छा हैं क्या तुम मेरे साथ चलोगी?
दीदी मेरी आंखों में झांकती हुई बोलीं प्राइवेट में चलने की क्या बात हैं?
वैसे मैं भी अभी घर नहीं जाना चाहती मैं बोला प्राइवेट का मतलब है कि किसी होटल में जाना हैं?
दीदी बोलीं सिर्फ होटल? या और कुछ?
मैं दीदी से बोला सिर्फ होटल या और कुछ मतलब?
दीदी बोलीं तेरा मतलब होटल के कमरे से है?
हां मेरा मतलब होटल के कमरे से ही है मैंने कहा
दीदी ने तब मुझसे फिर पूछा होटल के कमरे में ही क्यों?
मैंने दीदी की बातों को सुन कर यह समझा कि दीदी ने अभी भी होटल चलने के लिए ना नहीं किया हैं मैंने दीदी की आंखों में झांकते हुए बोला अभी तक मैंने कई बार तुम्हारी चूची को छुआ दबाया मसला और चूसा है फिर मैंने तुम्हारी चूत को भी छुआ और उसके अंदर अपनी उंगली भी डालीं और तुमने कभी भी मना नहीं किया
मैं आगे बढ़ने से रुका तो इस बात से कि हमारे पास पूरी प्राइवेसी नहीं थीं इस बात के डर से कि कोई आ ना जाए या हमें देख ना ले इस लिए मैं चाहता हूं कि अब होटल के कमरे में जाकर हम लोगों को पूरी प्राइवेसी मिले
मैं इतना कह कर रुक गया और दीदी की तरफ देखने लगा कि अब दीदी भी कुछ बोले जब दीदी कुछ नहीं बोलीं तो मैंने फिर उनसे कहा तुम क्या चाहती हो?
दीदी मुझसे बोलीं मतलब यह हुआ कि तुम इसलिए मेरे साथ होटल जाना चाहते हो ताकि वहां जा कर तू मुझे अच्छी तरफ से छू सके मेरे दूध को चूस सके और मेरे पैरों के बीच अपना हाथ डाल कर मजा ले सके?
ठीक कह रही हो दीदी मैं जब भी तुम्हें छूता हूं तो हम लोगों के पास प्राइवेसी ना होने की वजह से रुकना पड़ता है जैसे आज सिनेमा हॉल में ही देख लो मैंने दीदी से कहा
तो तू मुझे ठीक से और बिना डर के छूना चाहता है मेरी चूची पीना चाहता है और मेरी टांगो के बीच हाथ डाल कर अपनी उंगली चूत में डाल कर देखना चाहता है?
दीदी ने मुझसे पूछा मैंने तब थोड़ा शर्मा कर दीदी से कहा तुम बिल्कुल सही कह रही हो और मुझे लगता है कि तुम भी यही चाहती हो दीदी कुछ नहीं बोलीं और मैं उनकी चुप्पी को उनकी हां समझ रहा था
फिर दीदी थोड़ी देर तक सोचने के बाद बोलीं कमरे में जाने का मतलब होता है कि हम वो सब भी?
मैंने तब दीदी को समझाते हुए कहा लेकिन तुम चाहोगी तभी नहीं तो कुछ नहीं दीदी फिर भी बोलीं पता नहीं अमित यह बहुत बड़ा कदम है मैंने तब फिर से दीदी को समझाते हुए बोला बाबा अगर तुम नहीं चाहोगी तो वो सब काम नहीं होगा और वही होगा जो जो तुम चाहोगी
लेकिन मुझे तुम्हारी दोनों मुसम्मियां बिना किसी के डर के साथ पीना है बस मैं समझ रहा था कि दीदी मन ही मन चाह तो रही थीं कि मैं उनकी चूची को बिना किसी डर के चूसूं और उनकी चूत से खेलूं
दीदी बोलीं बात कुछ समझ में नहीं आ रही है लेकिन यह बात तो तय है कि मैं अभी घर नहीं जाना चाहती हूं इसका मतलब साफ था कि दीदी मेरे साथ होटल में और होटल के कमरे में जाना चाहती हैं
इसलिए मैंने पूछा तो होटल चलें?
दीदी मेरे साथ चल पडीं मैं बहुत खुश हो गया दीदी मेरे साथ होटल में चलने के लिए राजी हो गई है मैं खुशी खुशी होटल की तरफ चल पड़ा मैं इतना समझ गया था कि शायद दीदी मुझे खुल कर अपनी चूची और चूत मुझसे छुआना चाहती है और हो सकता हैं कि वो बाद में मुझसे अपनी चूत भी चुदवाना भी चाहती हों
यह सब सोच सोच कर मेरा लंड खड़ा होने लगा मैं सोच रहा था कि आज मैं अपनी दीदी को जरूर चोदूंगा मैं बहुत खुश था और गर्म हो रहा था मुझे यह मालूम था कि उस सिनेमा हॉल के पास दो तीन ऐसे होटल हैं जहां पर कमरे घंटे के हिसाब से मिलते हैं मैं एक दो बार उन होटलों में अपने गर्लफ्रैंड के साथ आ चुका हूं
मैं वैसे ही एक होटल में अपनी दीदी को लेकर गया और वहां बात करके एक कमरा तय किया और कमरे का किराया भी दे दिया होटल का वेटर हम लोगों को एक कमरे में ले गया जैसे ही वेटर वापस गया मैंने कमरे के दरवाज़े को अच्छी तरह से बंद किया
मैंने कमरे की खिड़की को भी चेक किया और उनमें पर्दा डाल दिया तब तक दीदी कमरे में घुस कर कमरे के बीच में खड़ी हो गई दीदी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था और वो चुपचाप खड़ी थीं
मैं तब बाथरूम में गया और बाथरूम की लाइट को जला करके बाथरूम का दरवाज़ा आधा बंद कर दिया जिससे कि कमरे में बाथरूम से थोड़ी बहुत रोशनी आती रहे फिर मैंने कमरे की रोशनी को बंद कर दिया दीदी आराम से बिस्तर के एक किनारे पर बैठ गई कमरे में रोशनी बहुत कम थीं लेकिन हम लोग एक दूसरे को देख पा रहे थे
मैं अपनी शर्ट के बटन खोलने लगा और दीदी से बोला तुम भी अपने कपड़े उतार दो दीदी ने भी कपड़े उतारने शुरू कर दिए जैसे ही अपना पैंट खोला तो मैंने देखा की दीदी भी अपनी ब्रा और पैंटी उतार रही हैं अब दीदी मेरे सामने बिल्कुल नंगी हो चुकी थीं मैं समझ गया कि दीदी भी आज अपनी चूत चुदवाना चाहती हैं
अब मैं धीरे धीरे बिस्तर की तरफ बढ़ा और जा कर दीदी के बगल में बैठ गया पलंग पर बैठ कर मैंने दीदी को अपनी बाहों में भर लिया और उनको अपने पैरों के बीच खड़ा कर दिया कमरे की हल्की रोशनी में भी मुझे अपनी दीदी की नंगी जवानी और मादक बदन साफ साफ दिख रहा था और मुझे उनकी नंगी चूचियों को पहली बार देख कर मजा आ रहा था
मैंने अब तक दीदी को सिर्फ़ कपड़ों के ऊपर से देखा था और मुझे पता था की दीदी का बदन बहुत सुडौल और भरा हुआ होगा लेकिन इतनी अच्छी फिगर होगी यह नहीं पता था दीदी की गोल संतरे सी चूची पतली सी कमर और गोल गोल सुंदर से चूतड़ों को देख कर मैं तो जैसे पागल ही हो गया
मैं धीरे से अपने हाथों में दीदी की चूचियों को लेकर के धीरे धीरे बड़े प्यार से दबाने लगा दीदी तुम्हारी चूचियां बहुत प्यारी हैं बहुत ही सुंदर और ठोस हैं मैंने दीदी से कहा और दीदी ने मुस्कुरा कर अपने हाथ मेरे कंधों पर रख दिए मैंने झुक कर अपने होंठ उनकी चूचियों पर रख दिए
मैं दीदी की चूचियों के निप्पलों को चूसने लगा और दीदी सिहर उठीं मैं अपने मुंह को और खोल करके दीदी की एक चूची को मेरे मुंह में भर लिया और चूसने लगा
मेरा दूसरा हाथ दीदी की दूसरी चूची पर था और उसको धीरे धीरे दबा रहा था फिर मैं अपना मुंह जितना खोल सकता खोल करके दीदी की चूची को अपने मुंह में भर लिया और चूसने लगा अपने दूसरे हाथ को मैं धीरे से नीचे लाकर के दीदी चूत को पहले सहलाया और फिर धीरे से अपनी एक उंगली चूत के अंदर कर घुसेड़ दी
मैं कुछ देर तक अपने मुंह से दीदी की मुसम्मी चूसता रहा और अपने दूसरे हाथ की उंगली दीदी की चूत के अंदर बाहर करता रहा मुझे लगा रहा था कि दीदी आज अपनी चूत मुझसे ज़रूर चुदवायेंगी
थोड़ी देर के बाद मैंने अपना मुंह दीदी की चूची पर से हटा कर दीदी को इशारे से पलंग पर लेटने के लिए बोला दीदी चुपचाप पलंग पर लेट गई और मैं भी उनके पास लेट गया
फिर मैं दीदी को अपने बाहों में भर कर उनकी होठों को चूमने और फिर चूसने लगा मेरा हाथ फिर से दीदी की चूचियों पर चला गया और दीदी की बड़ी बड़ी चूचियों को अपने हाथों ले कर बड़े आराम से मसलने लगा इस वक़्त दीदी की चूचियों को मसलने में मुझे किसी का डर नहीं था और बड़े आराम से दीदी की चूचियों को मसल रहा था
चूची मसलते हुए मैंने दीदी से बोला तुम्हारी चूचियों का जवाब नही बड़ी मस्त मुस्म्मियां हैं मन करता है कि मैं इन्हें खा जाऊं मैंने अपना मुंह नीचे करके दीदी की चूची के एक निप्पल को अपने मुंह में भर कर धीरे धीरे चूसने लगा
थोड़ी देर के बाद मैंने अपना एक हाथ नीचे करके दीदी की चूत पर ले गया और उनकी चूत से खेलने लगा और थोड़ी देर के बाद अपनी एक उंगली चूत में घुसेड़ कर अंदर बाहर करने लगा
दीदी के मुंह से मादक सिसकारियां निकलने लगीं थोड़ी देर के बाद दीदी की चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया मैं समझ गया कि दीदी अब चुदवाने के लिए तैयार हैं मैं भी दीदी के ऊपर चढ़ कर उनको चोदने के लिए बेताब हो रहा था थोड़ी देर तक मैं दीदी की चूची और चूत से खेलता रहा और फिर उनसे सट गया
मैंने दीदी के ऊपर झुकते हुए दीदी से पूछा तुम तैयार हो? बोलो ना दीदी क्या तुम अपने छोटे भाई का लंड अपनी चूत के अंदर लेने के लिए तैयार हो?
उस समय मैं मन ही मन जानता था कि दीदी की चूत मेरा लंड खाने के लिए बिल्कुल तैयार है और दीदी मुझे चोदने से ना नहीं करेंगी दीदी तब मेरी आंखों में झांकते हुए बोलीं अमित क्या मैं इस वक़्त ना कर सकती हूं? इस समय तू मेरे ऊपर चढ़ा हुआ है और हम दोनों नंगे हैं
दीदी ने अपना हाथ बढ़ा कर मेरे लंड को पकड़ लिया और उसे सहलाने लगीं तब मैंने अपने लंड को अपने हाथ में लेकर दीदी की चूत से भिड़ा दिया चूत पर लंड लगते ही दीदी आह्ह्ह ओह्ह्ह आह्ह्ह करने लगीं
मैंने हल्के से अपने कमर हिला कर दीदी की चूत में अपने लंड का सुपाड़ा फंसा दिया दीदी की चूत बहुत टाइट थीं लेकिन वो इतना रस छोड़ रही थीं कि चूत का रास्ता बिल्कुल चिकना हो चुका था
जैसे ही मेरा लंड का सुपाड़ा दीदी की चूत में घुसा दीदी उछल पड़ीं और चीखने लगीं मेरीई चूऊत फटीईईए जा रहीईई है ऊईईई निकाल अपना लंड मेरी चूऊऊत से आईईई हाय मैं मर गईईई मेरीईई चूऊऊओत फआआट गईईई
मैंने दीदी के होठों को चूमते हुए बोला दीदी बस हो गया और थोड़ी देर तक तकलीफ होगी और फिर मजा ही मजा है लेकिन दीदी फिर भी गिड़गिड़ाती रही
मैंने दीदी की कोई बात नहीं सुनी और उनकी चूचियों को अपने हाथों से मजबूती से पकड़ते हुए एक और ज़ोरदार धक्का मारा और मेरा पूरा का पूरा लंड दीदी की चूत की में घुस गया दीदी की चूत से खून की कुछ बूंद निकल पड़ी
मैं अपना पूरा लंड डालने के बाद चुपचाप दीदी के ऊपर लेटा रहा और दीदी की चूचियों को मसलता रहा थोड़ी देर के बाद दीदी ने मेरे नीचे से अपनी कमर उठाना शुरू कर दी
मैं समझ गया कि दीदी की चूत का दर्द खत्म हो गया है और वो अब मुझसे खुल कर चुदवाना चाहती हैं मैंने भी धीरे से अपना लंड थोड़ा सा बाहर खींचा और उसे फिर दीदी की चूत में हल्के झटके के साथ घुसेड़ दिया दीदी की चूत ने मेरा लंड कस कर पकड़ रखा था और मुझे लंड को अंदर बाहर करने में थोड़ी सी मेहनत करनी पड़ रही थीं
लेकिन मैं भी नहीं रुका और धीरे धीरे अपनी स्पीड बढ़ाना शुरू कर दी दीदी भी मेरे साथ साथ अपनी कमर उठा उठा कर मेरे हर धक्कों का जबाब बदस्तूर दे रही थीं मैं जान गया कि दीदी की चूत रगड़ रगड़ कर लंड खाना चाहती है
मैंने भी दीदी को अपनी बाहों में भर कर उनकी चूचियों को अपने मुंह में भर कर धीरे धीरे लंड उठा उठा करके धक्के मारना शुरू किया अब मेरा लंड आसानी से दीदी की चूत में आ जा रहा था
दीदी भी अब मुझे अपने बाहों में भर करके चूमते हुए अपनी कमर उचका रही थीं और बोल रही थीं भाई बहुत अच्छा लग रहा है और जोर जोर से चोदो मुझे मेरी चूत में कुछ चींटियां सी रेंग रही है अपने लंड की रगड़ से मेरी खाज दूर कर दो चोदो और जोर जोर से चोदो मुझे
मैं अब अपना लंड दीदी की चूत के अंदर डाल कर कुछ सुस्ताने लगा दीदी तब मुझे चूमते हुए बोलीं क्या हुआ तू रुक क्यों गया?
अब मेरी चूत की चुदाई पूरी कर और मुझे रगड़ रगड़ कर चोद कर मेरी चूत की प्यास बुझा मेरे जालिम भाई मैं बोला चोदता हूं दीदी थोड़ा मुझे आपकी चूत में फंसे लंड का आनंद तो उठा लेने दो अभी मैं तुम्हारी चूत चोद चोद कर फाड़ता हूं
मेरी दीदी बोलीं साले तुझे मजा लेने की पड़ी है अभी तो तू मुझे जल्दी जल्दी चोद मैं मरी जा रही हूं
मैं उनकी बात सुन कर जोर जोर से धक्के लगाने लगा और दीदी भी मुझे अपने हाथों और पैरों से जकड़ कर अपने चूतड़ उछाल उछाल कर अपनी चूत चुदवाने लगीं
मैंने थोड़ी देर तक दीदी की चूत में अपना लंड पेलने के बाद दीदी से पूछा कैसा लग रहा है अपने छोटे भाई का लंड अपनी चूत में डलवा कर? मैं अब दीदी से बिल्कुल खुल कर बातें कर रहा था और उन्हें अपने लंड से छेड़ रहा था
यह काम हम लोगों ने बहुत ही बुरा किया लेकिन मुझे अब बहुत अच्छा लग रहा है दीदी मुझे अपने सीने से चिपकाते हुए बोलीं थोड़ी देर के बाद मैं फिर से दीदी की चूत में अपना लंड तेज़ी से पेलने लगा
कुछ देर के बाद मुझे लग रहा था कि मैं अब झड़ने वाला हूं इस लिए मैंने अपना लंड दीदी की चूत से निकाल कर अपने हाथ से पकड़ लिया और पकड़े रखा
मैंने दीदी से कहा अपने मुंह में लोगी? दीदी ने पहले कुछ सोचा फिर अपना मुंह खोल दिया मैंने लंड उनके मुंह में दे दिया और अपना वीर्य उनके मुंह में छोड़ दिया दीदी ने मेरा माल अपने मुंह में भर लिया और उसको गटक लिया दीदी ने आसक्त भाव से मेरी तरफ देखा और मैंने अपने होंठ उनके होंठों से लगा दिए
भाई बहन की इस चुदाई ने भले ही समाज की मर्यादाओं को भंग कर दिया हो पर मेरी और मेरी दीदी की कामनाओं को तृप्त कर दिया था
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