आप ने bhabhi sex story के पिछले भाग सविता भाभी की चुदाई- 2 में पढ़ा मैंने सविता को पुकारा और कहा जरा तेल तो लगा दो वो बोली अभी आती हूं सविता मेरे पास आ गई तो मैंने अपने लंड की तरफ इशारा करते हुए कहा आज तेल नहीं लगाएगी क्या? अब आप bhabhi sex story में आगे पढ़े
Savita Bhabhi Sex Stories 3
सविता समझ गई और बोली लगाऊंगी क्यों नहीं उसने मेरे लंड पर तेल लगा कर मालिश करना शुरु कर दिया रजनी मेरे लंड को देखती रही इस बार वो ज्यादा नहीं शरमा रही थी तेल लगाने के बाद सविता जाने लगी तो मैंने कहा तुम कुछ भूल रही हो सविता ने मेरे लंड को चूम लिया उसके बाद मैंने नाश्ता किया और अपने कमरे में आ गया
10 बजे मैं दुकान पर जाने लगा तो सविता ने कहा रजनी के लिए कुछ नये कपड़े और थोड़ा मेक अप का सामान ले आना मैंने कहा अच्छा ले आऊंगा उसके बाद मैं दुकान चला गया रात के 8 बजे मैं दुकान से वापस आया और मैंने रजनी को पुकारा
रजनी आ गई और उसने मुस्कराते हुये कहा क्या है जीजू? मैंने कहा मैं तेरे लिए कपड़े ले आया हूं और मेक अप का सामान भी देख जरा तुझे पसंद है यां नहीं उसने सारा सामान देखा तो खुश हो गई और बोली बहुत ही अच्छा है मैंने पूछा सविता कहां है? वो बोली फ्रेश होने गई है
मैंने कहा जा मेरे लिए चाय बनाकर ले आ वो चाय बनाने चली गई मैंने अपने कपड़े उतार दिये और लुंगी पहन ली वो चाय ले कर आई तो मैंने चाय पी तभी सविता आ गई उसने पूछा रजनी का सामान ले आए? मैंने कहा हां ले आया और इसे दिखा भी दिया उसे बहुत पसंद भी आया
मैं टीवी देखने लगा सविता रजनी के साथ खाना बनाने चली गई रात के 10 बजे हम सब ने खाना खाया और सोने चले गये आज रजनी बहुत खुश दिख रही थी उसने आज जरा सी भी शरम नहीं की और खुद ही अपने कपड़े उतार दिये और मैक्सी पहन ली हम सब बिस्तर पर लेट गये
सविता ने मुझसे कहा मुझे नींद आ रही है तुम अपना काम कर लो और मुझे सोने दो मैं समझ गया मैंने अपनी लुंगी उतार दी सविता ने भी अपनी मैक्सी खोल दी और पैंटी उतार दी रजनी देख रही थी आज वो कुछ बोल नहीं रही थी केवल चुपचाप लेटी हुई थी मैंने सविता को चोदना शुरु कर दिया मैंने देखा कि रजनी आज ध्यान से हम दोनों को देख रही थी
15-20 मिनट की चुदाई के बाद मैं झड़ गया तो आज मैंने सविता की चूत को चाटना शुरु कर दिया रजनी ने मुझे सविता की चूत को चाटते हुये देखा उसने अपना हाथ अपनी चूत पर रख लिया
मैं समझ गया की अब वो धीरे धीरे रास्ते पर आ रही है सविता की चूत को चाटने के बाद मैंने अपना लंड सविता के मुंह के पास कर दिया तो सविता ने भी मेरा लंड चाट चाट कर साफ कर दिया उसके बाद मैं लेट गया
तभी रजनी ने कहा दीदी आप दोनों को घिन नहीं आती एक दूसरे का चाटते हुये? सविता ने कहा कैसी घिन मुझे तो मज़ा आता है और तेरे जीजू को भी उसके बाद हम सो गये सुबह मैं नहाने गया तो मैंने रजनी को पुकारा और कहा तौलिया ले आ वो बोली अभी लाई जीजू
वो तौलिया लेकर आ गई मैंने अपने लंड की तरफ इशारा करते हुये कहा थोड़ा रुक जा मैं इसे साफ कर लू मैंने अपने लंड पर साबुन लगाना शुरु कर दिया आज रजनी ने अपना सिर नीचे नहीं किया और मेरे लंड को ध्यान से देखती रही वो अब ज्यादा नहीं शरमा रही थी मैंने अपने लंड को साफ किया और फिर उससे तौलिया ले लिया
वो चली गई मैं बाथरूम से बाहर आया तो सविता ने मेरे लंड पर तेल लगाया और फिर मेरे लंड को चूमा और किचन में चली गई रजनी इस दौरान मेरे लंड को ध्यान से देखती रही मैंने नाश्ता किया और दुकान चला गया
रात के 8 बजे मैं वापस आया तो मैं कुछ मिठाई ले आया था मैंने रजनी को पुकारा रजनी आ गई तो मैंने उसे मिठाई दे दी उसने मिठाई ले ली और कहा आपके लिये अभी ले आऊं?
मैंने कहा हां थोड़ी सी ले आ वो मिठाई लेकर आई तो मैं मिठाई खाने लगा तभी सविता आई उसने मुझे मिठाई खाते हुये देखा तो बोली आज कल साली की बहुत सेवा हो रही है मैंने कहा क्या करू मेरी तो कोई साली ही नहीं थी अब जब मुझे एक साली मिल गई है तो उसकी सेवा तो करूगा ही लेकिन मेरी साली मेरा ज्यादा ख्याल ही नहीं रखती
रजनी बोली जीजू मेरी कोई बहन नहीं है इस लिए मेरा कोई जीजू तो आने वाला नहीं है आप ही मेरे जीजू हो आप हुकुम तो करो मैंने कहा क्या तुम मेरा कहा मानोगी? वो बोली क्यों नहीं मानूंगी
मैंने कहा ठीक है जब मुझे जरूरत होगी तो तुम्हें बता दूंगा अगले 2 दिनों में मैंने रजनी से मज़ाक करना शुरु कर दिया धीरे धीरे वो भी मुझसे मज़ाक करने लगी अब वो मुझसे शरमाती नहीं थी अब रजनी खुद ही तौलिया ले आती थी उस दिन भी जब मैं नहा रहा था तो वो तौलिया ले कर आई और खड़ी हो गई और मेरे लंड को देखने लगी
मैंने कहा साली जी आज तुम ही मेरे लंड पर साबुन लगा दो वो बोली क्या जीजू मुझसे अपने लंड पर साबुन लगवाओगे? मैंने कहा तो क्या हुआ? वो बोली दीदी क्या कहेंगी? मैंने सविता को पुकारा तो वो आ गई और बोली क्या है? मैंने कहा मैं रजनी को अपने लंड पर साबुन लगाने को कहा तो यह कह रही है कि दीदी क्या कहेंगी अब तुम इसे बता दो कि तुम क्या कहोगी
सविता ने कहा मैं तो कहूंगी कि रजनी तुम्हारे लंड पर साबुन लगा दे आखिर वो तुम्हारी साली है मैं भला इसे कैसे मना कर सकती हूं मैंने रजनी से कहा देखा यह तुम्हें कुछ भी नहीं कहेगी रजनी ने कहा फिर मैं साबुन लगा देती हूं
रजनी चली गई सविता ने थोड़ा सा शरमाते हुए मेरे लंड पर साबुन लगाना शुरु कर दिया मुझे खूब मज़ा आने लगा उसकी आंखे भी गुलाबी सी होने लगी थोड़ी देर बाद वो बोली अब बस करू यां और लगाना है मैंने कहा थोड़ा और लगा दे तेरे हाथ से साबुन लगवाना मुझे बहुत अच्छा लग रहा है
वो साबुन लगाती रही थोड़ी ही देर में जब मुझे लगा कि अब मेरा रस निकल जायेगा तो मैंने कहा अब रहने दो उसने अपना हाथ साफ किया और चली गई मैं नहाने के बाद बाहर आया और ड्राईग रूम में सोफे पर बैठ गया मैंने सविता को पुकारा सविता जरा तेल तो लगा दो
रजनी मेरे पास आई और बोली मैं ही लगा दू क्या? मैंने कहा यह तो और अच्छी बात है तुम ही लगा दो रजनी मेरे लंड पर तेल लगा कर बड़े प्यार से मालिश करने लगी तो मैं कुछ ज्यादा ही जोश में आ गया रजनी ठीक मेरे लंड के सामने जमीन पर बैठी थी मेरे लंड से रस की धार निकल पड़ी और सीधे रजनी के मुंह पर जाकर गिरने लगी
रजनी शरमा गई और बोली क्या जीजू तुमने मेरा मुंह गंदा कर दिया मैंने कहा तुम्हारे तेल लगाने से मैं कुछ ज्यादा ही जोश में आ गया और मेरे लंड का रस निकल गया आओ मैं साफ कर देता हूं वो बोली रहने दो मैं खुद ही साफ कर लूंगी रजनी बाथरूम में चली गई सविता किचन से मुझे देख रही थी और मुस्कुरा रही थी सविता ने कहा अब तुम्हारा काम बनने ही वाला है
नाश्ता करने के बाद मैं दुकान पर चला गया रात को मैं रजनी के लिए एक झुमकी ले आया मैंने उसे झुमकी दी तो वो खुशी के उछल पड़ी और सविता को दिखाते हुए बोली देखो दीदी जीजू मेरे लिये क्या लाए है सविता ने कहा तू ही उनकी एक लौती साली है वो तेरे लिए नहीं लाएंगे तो और किसके लिए लाएंगे
रात को खाना खाने के बाद हम सोने के लिए कमरे में आ गये मैंने रजनी से मज़ाक किया क्यों रजनी मेरा लंड तुझे कैसा लगा उसने शरमाते हुए कहा जीजू यह भी कोई पूछने की बात है मैंने कहा तेरी दीदी को तो बहुत पसंद है तुझे कैसा लगा उसने शरमाते हुए कहा मुझे भी बहुत अच्छा लगा
मैंने पूछा तुझे क्यों अच्छा लगा वो बोली इस लिए कि आपका बहुत बड़ा है मैंने पूछा जब मैं तुम्हारी दीदी के साथ करता हूं तब कैसा लगता है? वो बोली तब तो और ज्यादा अच्छा लगता है लेकिन जीजू एक बात मेरी समझ में नहीं आती कि तुम्हारा इतना बड़ा है फिर भी दीदी के अंदर पूरा का पूरा घुस जाता है
मैंने कहा तेरी दीदी को इसकी आदत पड़ गई है वो बोली लेकिन पहली बार जब आपने घुसाया होगा तो दीदी दर्द के मारे बहुत चिल्लाई होगी? मैंने कहा दर्द तो पहली पहली बार सब औरतों को होता है इसे भी हुआ था और यह खूब चिल्लाई भी थी लेकिन रजनी बाद में मज़ा भी तो खूब आता है तुम चाहो तो अपनी दीदी से पूछ लो
रजनी ने सविता से पूछा क्यों दीदी क्या जीजू सही कह रहे है? सविता ने कहा हां रजनी तभी तो मैं इनसे रोज रोज करवाती हूं बिना करवाये मुझे नींद ही नहीं आती तुम भी एक बार इनका अंदर ले लो कसम से इतना मज़ा आयेगा कि तुम भी रोज रोज करने को कहोगी
रजनी बोली ना बाबा ना मुझे बहुत दर्द होगा क्योंकि मेरा तो अभी बहुत छोटा है सविता ने कहा छोटा तो सभी का होता है रजनी बोली मुझे दर्द भी तो बहुत होगा सविता ने कहा पगली एक बार ही तो दर्द होगा उसके बाद इतना मज़ा आयेगा कि तू सारा दर्द भूल जायेगी तूने देखा है ना कि कैसे इनका मेरी चूत में सटासट अंदर बाहर होता है
वो बोली हां देखा तो है सविता बोली फिर एक बार तू भी अंदर लेकर देख ले अगर तुझे मज़ा नहीं आयेगा तो फिर कभी मत करवाना वो बोली बाद में करवा लूंगी सविता ने कहा आज क्यों नहीं वो बोली मैं कहीं भागी थोड़े ही जा रही हूं
सविता ने कहा तो फिर आज तू इसे मुंह में लेकर चूस ले जब तेरा मन कहेगा तभी इसे अंदर लेना वो बोली ठीक है मैं मुंह में लेकर चूस लेती हूं सविता ने मुझसे कहा तुम रजनी के बगल में आ जाओ
मैं रजनी के बगल में आ गया रजनी ने मेरी लुंगी हटा दी और अपना हाथ मेरे लंड पर रख दिया उसके हाथ लगाने से मेरा लंड फनफनता हुआ खड़ा हो गया रजनी उसे सहलाने लगी मुझे मज़ा आने लगा मैंने कहा अब इसे मुंह में ले लो वो बोली जरूर लूंगी पहले थोड़ा सहलाने दो ना
मैंने कहा ठीक है थोड़ी देर तक सहलाने के बाद रजनी उठ कर बैठ गई उसने शरमाते हुए मेरे लंड का सुपाड़ा अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी सविता ने मुस्कराते हुए पूछा क्यों रजनी कैसा लग रहा है?
वो बोली दीदी बहुत अच्छा लग रहा है सविता ने कहा मेरी बात मान जा और इसे अपनी चूत के अंदर भी ले ले फिर और ज्यादा अच्छा लगेगा वो बोली बहुत दर्द होगा सविता ने कहा तू इतना डरती क्यों है मैं हूं ना तेरे पास उसने कहा अच्छा मुझे पहले थोड़ी देर चूस लेने दो फिर मैं भी अंदर लेने की कोशिश करुंगी
रजनी मेरा लंड चूसती रही मैंने अपना हाथ बढ़ा कर उसकी चूत पर रख दिया लेकिन वो कुछ नहीं बोली मैंने पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को सहलाना शुरु कर दिया तो वो सिसकारियां भरने लगी थोड़ी देर में ही उसकी चूत गीली हो गई तो मैंने पूछा कैसा लगा?
वो बोली बहुत अच्छा रजनी अब तक पूरे जोश में आ चुकी थी मैंने कहा जब तू मेरा लंड अपनी चूत के अंदर लेगी तो तुझे और ज्यादा अच्छा लगेगा वो बोली ठीक है जीजू घुसा दो लेकिन बहुत धीरे धीरे घुसाना मैंने कहा थोड़ा दर्द होगा ज्यादा चिल्लाना मत वो बोली मैं अपना मुंह बंद रखने की कोशिश करुंगी
मैंने कहा ठीक है तू पहले अपने कपड़े उतार दे वो बोली मैंने कपड़े ही कहा पहन रखे हैं मैंने उसकी ब्रा और पैंटी की तरफ इशारा करते हुए कहा फिर यह क्या है? वो बोली क्या इसे भी उतारना पड़ेगा मैंने कहा हां तभी तो मज़ा आएगा
उसने कहा ठीक है उतार देती हूं इतना कह कर रजनी खड़ी हो गई और उसने अपने सारे कपड़े उतार दिये सविता मुझे देख कर मुसकुराने लगी तो मैं भी मुसकुरा दिया रजनी बेड पर लेट गई तो मैं रजनी के पैरों के बीच आ गया मैंने उसके पैरों को एकदम दूर दूर फैला दिया उसके बाद मैंने अपने लंड के सुपाड़े को उसकी चूत पर रगड़ना शुरु कर दिया
वो जोश के मारे पागल सी होने लगी और जोर जोर की सिसकारियां भरते हुए बोली जीजू बहुत मज़ा आ रहा है और जोर से रगड़ो मैंने और ज्यादा तेजी के साथ रगड़ना शुरु कर दिया तो 2-3 मिनट में ही रजनी जोर जोर की सिसकारियां भरने लगी और झड़ गई
रजनी की चूत अब एकदम गीली हो चुकी थी इस लिए मैंने अब ज्यादा देर करना ठीक नहीं समझा मैंने उसकी चूत के होंठ को फैला कर अपने लंड का सुपाड़ा बीच में रख दिया उसके बाद जैसे ही मैंने थोड़ा सा जोर लगाया तो वो चीख उठी और बोली जीजू बहुत दर्द हो रहा है बाहर निकाल लो
मैंने कहा बस थोड़ा सा बरदाश्त करो मेरे लंड का सुपाड़ा उसकी चूत में घुस चुका था मैंने फिर से थोड़ा सा जोर लगाया तो इस बार वो जोर जोर से चीखने लगी उसने रोना शुरु कर दिया तो सविता ने उसे चुप कराते हुए कहा दर्द को बरदाश्त कर तभी तो तू मज़ा ले पायेगी
वो बोली बहुत तेज दर्द हो रहा है दीदी सविता उसका सिर सहलाने लगी तो थोड़ी ही देर में वो शान्त हो गई मेरा लंड इस उसकी चूत में 2 इंच तक घुस चुका था जब रजनी चुप हो गई तो मैंने फिर से जोर लगाया तो मेरा लंड थोड़ा सा और घुस गया और उसकी सील मेरे लंड के रास्ते में आ गई वो फिर से चीखने लगी और बोली जीजू बाहर निकल लो
मैं मर जाऊंगी बहुत दर्द हो रहा है मेरी चूत फट जायेगी मैंने उसकी चूचियों को मसलते हुए कहा बस थोड़ा सा ही और है थोड़ी देर तक मैं उसकी चूचियों को मसलता रहा और उसे चूमता रहा तो वो शान्त हो गई मुझे अब उसकी सील को तोड़ना था
मैंने रजनी की कमर को जोर से पकड़ लिया पूरी ताकत के साथ बहुत ही जोर का धक्का मारा उसकी चूत से खून निकलाने लगा मेरा लंड उसकी सील को तोड़ते हुए 4 इंच से थोड़ा ज्यादा अंदर घुस गया
रजनी इस बार कुछ ज्यादा ही जोर जोर से चिल्लाने लगी तो सविता ने उसे चुप कराते हुए कहा बस हो गया अब रो मत अब दर्द नहीं होगा केवल मज़ा आयेगा वो बोली क्या पूरा अंदर घुस गया? सविता ने कहा अभी कहा अभी तो आधा ही घुसा है वो बोली जब जीजू बाकी का घुसायेंगे तो मुझे फिर से दर्द होगा
सविता ने कहा नहीं अब दर्द नहीं होगा अब तुझे मज़ा आयेगा रजनी जब शान्त हो गई तो मैंने धीरे धीरे उसकी चुदाई शुरु कर दी उसे अभी भी दर्द हो रहा था और वो आहें भर रही थी उसकी चूत बहुत ही ज्यादा कसी थी इस लिए मेरा लंड आसानी से उसकी चूत में अंदर बाहर नहीं हो पा रहा था
बाकी कहानी bhabhi sex story के अगले भाग सविता भाभी की चुदाई- 4 में पढ़े