सविता भाभी की चुदाई- 4

आप ने bhabhi sex story के पिछले भाग सविता भाभी की चुदाई- 3 में पढ़ा मैंने धीरे धीरे उसकी चुदाई शुरु कर दी उसे अभी भी दर्द हो रहा था और वो आहें भर रही थी उसकी चूत बहुत ही ज्यादा कसी थी इस लिए मेरा लंड आसानी से उसकी चूत में अंदर बाहर नहीं हो पा रहा था अब आप bhabhi sex story में आगे पढ़े

Savita Bhabhi Sex Stories 4

मैं उसे चोदता रहा तो वो कुछ देर बाद वो धीरे धीरे शान्त हो गई अब उसे भी कुछ कुछ मज़ा आने लगा था उसने सिसकारियां भरनी शुरु कर दी सविता ने पूछा अब कैसा लग रहा है वो बोली अब तो मज़ा आ रहा है सविता ने कहा पूरा अंदर घुस जाने दे तब तुझे और मज़ा आयेगा यह तो अभी शुरुआत है

मैंने उसे चोदना जारी रखा तो थोड़ी ही देर बाद उसने अपना चूतड़ भी उठाना शुरु कर दिया थोड़ी देर की चुदाई के बाद रजनी झड़ गई उसकी चूत और मेरा लंड अब एक दम गीला हो चुका था मैंने अपनी स्पीड धीरे धीरे बढ़ानी शुरू कर दी रजनी पूरे जोश में आ चुकी थी वो जोर जोर से सिसकारियां भर रही थी

मैंने हर 4-5 धक्के के बाद एक धक्का थोड़ा जोर से लगाना शुरु कर दिया इससे मेरा लंड थोड़ा थोड़ा कर के उसकी चूत में और ज्यादा गहराई तक घुसने लगा जब मैं तेज धक्का लगा देता था तो रजनी केवल एक आह सी भरती थी वो इतने जोश में आ चुकी थी कि उसे अब ज्यादा दर्द महसूस नहीं हो रहा था

मैं इसी तरह से उसे चोदता रहा थोड़ी देर की चुदाई के बाद ही सविता फिर से झड़ गई अब तक मेरा लंड उसकी चूत में 7 इंच अंदर घुस चुका था मैंने अपनी स्पीड बढाते हुए उसकी चुदाई जारी रखी थोड़ी ही देर में मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में समा गया

सविता ने जब देखा कि मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस चुका है तो उसने रजनी से कहा इनका पूरा का पूरा लंड तेरी चूत के अंदर घुस गया है अब तुझे केवल मज़ा आयेगा वो बोली मुझे विश्वास नहीं हो रहा है सविता ने कहा अगर तुझे विशवास नहीं हो रहा है तो हाथ लगा कर देख ले

रजनी ने हाथ लगा कर देखा तो बोली दीदी यह पूरा अंदर कैसे घुस गया? मुझे तो कुछ पता ही नहीं चला सविता ने कहा जब तू थोड़ी देर की चुदाई के बाद पूरे जोश में आ गई थी तब ये बीच बीच में जोर का धक्का लगा देते थे इससे इनका लंड थोड़ा थोड़ा कर के तेरी चूत के अंदर घुसा जाता था तू जोश में थी इस लिये तुझे कुछ पता ही नहीं चला

मैंने अपनी स्पीड और तेज कर दी क्योंकि अब मैं झड़ने वाला था 2 मिनट के अंदर ही मैं झड़ गया तो रजनी भी मेरे साथ ही साथ फिर से झड़ गई मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाल कर रजनी से पूछा चाटोगी? उसने मेरा लंड देखा तो उस पर रस के साथ थोड़ा खून भी लगा हुआ था

वो बोली जीजू इस पर तो खून भी लगा हुआ है मैं अगली बार चाट लूंगी सविता ने कहा तेरी चूत का ही तो खून है और यह पहली पहली बार निकला है चाट ले इसे वो बोली तुम कहते हो तो मैं चाट लेटी हूं उसने मेरा लंड चाट चाट कर साफ कर दिया सविता ने पूछा चुदवाने में मज़ा आया?

वो बोली हा मज़ा तो आया लेकिन ज्यादा नहीं सविता ने पूछा क्यों वो बोली जब मुझे ज्यादा मज़ा आना शुरु हुआ तो जीजू झड़ गए सविता ने कहा अगली बार ज्यादा मज़ा आयेगा इस बार तो इनका सारा समय तेरी चूत में रास्ता बनने में ही लग गया

मैं रजनी के बगल में लेट गया वो मेरी पीठ को सहलाते हुए मुझे चूमती रही 10 मिनट में ही मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया मैंने रजनी को डॉगी स्टाईल में कर दिया और उसकी चुदाई शुरु कर दी उसे इस बार चुदवाने में ज्यादा मज़ा आया और मुझे भी उसने इस बार पूरी मस्ती के साथ खूब जम कर चुदवाया

मैंने भी उसे पूरे जोश के साथ बहुत ही जोर जोर के धक्के लगाते हुए खूब जम कर चोदा इस बार मैंने लगभग 35 मिनट तक उसकी चुदाई की रजनी इस दौरान 4 बार झड़ गई थी मैं रजनी के बगल में लेट गया हम सब आपस में बातें करते रहे लगभग 1 घण्टे के बाद सविता ने मुझसे कहा क्यों जी तुम मुझे आज नहीं चोदोगे क्या

साली की कुंवारी चूत का मज़ा पाकर मुझे भूल गए क्या? मैंने कहा भला मैं तुम्हे कैसे भूल सकता हूं तुम तो मेरी बीवी हो मैं रोज रोज घर का ही तो खाना खाता हूं कभी कभी होटल के खाने का मज़ा भी ले लेना चाहिए तुम तो मेरे लिये घर का खाना हो और रजनी होटल का आज मैंने कुंवारी चूत का मज़ा लिया है

इस लिए मैं तुम्हारी चूत को आज हाथ भी नहीं लगाऊगा आज तो मैं तुम्हारी गांड मारूंगा सविता बोली फिर मारो ना रजनी बोली जीजू क्या कह रहे हो? मैंने कहा ठीक ही कह रहा हूं यह कभी कभी मुझसे गांड भी मरवाती है गांड मरवाने में भी खूब मज़ा आता है तुम भी मरवाओगी?

वो बोली पहले आप दीदी की गांड मार लो जरा मैं भी तो देखू कि दीदी आपका इतना लमबा और मोटा लंड अपनी गांड के अंदर कैसे लेती है सविता घोड़ी बन गई तो मैंने विमल की गांड मारनी शुरु कर दी रजनी आंखे फाड़े मेरे लंड को सविता की गांड में अंदर बाहर होते हुए देखती रही

मैं 2 बार रजनी की चुदाई कर चुका था इस लिए मैं जल्दी झड़ नहीं पा रहा था सविता सिसकारियां भरते हुए मुझसे गांड मरवा रही थी रजनी सविता को गांड मरवाते हुए देख रही थी उसकी आंखों में भी जोश की झलक साफ दिख रही थी मैंने रजनी से पूछा कैसा लग रहा है

वो बोली बहुत ही अच्छा लग रहा है जीजू मैंने पूछा गांड मरवाओगी? वो बोली फिर से दर्द होगा मैंने कहा गांड मरवाने में तो बहुत ही ज्यादा दर्द होता है वो बोली ना बाबा ना मैं गांड नहीं मरवाऊंगी सविता ने कहा रजनी पहले तू खूब जम कर इनसे चुदवाने का मज़ा ले ले उसके बाद एक बार गांड भी मरवाने का मज़ा भी ले लेना

मैंने लगभग 45 मिनट तक सविता की गांड मारी और झड़ गया मैंने कई दिनों तक रजनी को खूब जम कर चोदा उसे अब चुदवाने में बहुत मज़ा आने लगा था मुझे भी कुंवारी चूत को चोदने का मज़ा मिल चुका था और मैं अब उसकी एक दम टाईट चूत को चोद रहा था

मैं रजनी की गांड भी मारना चहता था लेकिन उसे मैं खूब तड़पा तड़पा कर उसकी गांड मारना चहता था मैंने कई बार रजनी के सामने सविता की गांड मारी तो एक दिन वो अपने आप को रोक नहीं पाई वो मुझसे कहने लगी जीजू एक बार मेरी भी गांड मार लो मैं भी गांड मरवाने का मज़ा लेना चाहती हूं

मैंने कहा तुझे बहुत ज्यादा तकलीफ होगी वो बोली होने दो मैंने उससे कहा तू नहीं जानती है कि मैंने सविता की गांड पहली पहली बार कैसे मारी थी वो बोली बताओगे तभी तो जानूंगी मैंने कहा तो सुन तूने वो पिल्लर देखा है ना जो आंगन में है वो बोली हा देखा है

मैंने कहा मैंने सविता को खड़ा करके उसी पिल्लर में कस कर बांध दिया था उसके बाद मैंने इसके मुंह में कपड़ा ठूंस कर इसका मुंह भी बंद कर दिया था जिससे यह ज्यादा चिल्ला ना सके उसके बाद ही मैं सविता की गांड मार पाया था गांड में लंड आसानी से नहीं घुसता है बहुत मेहनत करनी पड़ती है और दर्द भी बहुत होता है

गांड से बहुत ज्यादा खून भी निकलता है वो बोली चाहे जो भी हो आप मेरी गांड मार दो मैं कुछ नहीं जानती मैंने कहा तू कई दिनों तक बिस्तर पर से उठ भी नहीं पायेगी वो बोली जब दीदी ने आप से गांड मरवा लिया तो मैं क्यों नहीं मरवा सकती मैंने कहा सोच ले बहुत दर्द होगा तेरी गांड भी फट सकती है

वो जिद करने लगी मैं कुछ नहीं जानती तुम मेरी गांड मार दो बस मैंने कहा अच्छा कल मैं तेरी गांड मार दूंगा वो बोली नहीं आज ही और अभी मेरी गांड मार दो सविता मेरी बात सुनकर मुस्कुरा रही थी वो जानती थी कि मैं झूठ बोल रहा हूं वो यह भी समझ गई थी मैं उसकी गांड को बहुत ही बुरी तरह से मारना चाहता हूं

सविता ने रजनी से कहा चल आंगन में मैं सविता और रजनी के साथ आंगन में आ गया सविता कुछ कपड़े और रस्सी ले आई उसके बाद मैंने रजनी से कहा तू पिल्लर को जोर से पकड़ कर खड़ी हो जा वो पिल्लर को पकड़ कर खड़ी हो गई

उसके बाद मैंने रस्सी से उसकी कमर को पिल्लर से बांध दिया उसके बाद मैंने दूसरी रस्सी ली और उसके पैर को भी फैला कर पिल्लर से बांध दिया फिर मैंने रजनी के दोनों हाथ भी पिल्लर से बांध दिये वो बोली जीजू आपने तो मुझे ऐसे बांध दिया है कि मैं जरा सा भी इधर उधर नहीं हो सकती

मैंने कहा गांड मारने के लिए ऐसे ही बांधना पड़ता है उसके बाद मैंने रजनी के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और उसके मुंह को बांध दिया मैंने सविता से कहा अब तुम मेरे लंड को थोड़ा सा चूस लो जिस से ये पूरी तरह से सख्त हो जाये

सविता ने मेरे लंड को चूसना शुरु कर दिया तो थोड़ी ही देर में मेरा लंड पूरी तरह से लोहे जैसा हो गया मैंने सविता के मुंह से अपना लंड बाहर निकाला और रजनी के पीछे आ गया मैंने रजनी की गांड के छेद पर अपने लंड का सुपाड़ा रखा और पूरी ताकत के साथ जोर का धक्का मारा

रजनी दर्द के मारे तड़पने लगी वो अपना सिर इधर उधर पटकने लगी उसका मुंह बंधा हुआ था इस लिए उसके मुंह से केवल गूओ गूओ की आवाज़ ही निकल रही थी एक धक्के में ही मेरा लंड उसकी गांड को चीरता हुआ 2 इंच तक घुस गया उसकी गांड से खून निकल आया

मैंने दूसरा धक्का लगाया तो रजनी के मुंह से बहुत जोर जोर से गूऊ गूऊ की आवाज निकलने लगी मेरा लंड 4 इंच अंदर घुस गया रजनी की गांड से और ज्यादा तेजी के साथ खून निकलने लगा मैंने फिर से एक धक्का मरा तो मेरा लंड उसकी गांड में 5 इंच तक घुस गया

उसके बाद मैंने एक ही झटके से अपना लंड उसकी गांड से बाहर खींच लिया पुक की आवाज के साथ मेरा लंड रजनी की गांड से बाहर आ गया रजनी के मुंह से अभी भी जोर जोर से गूओ गूओ की आवाज निकल रही थी

मैंने सविता को अपना लंड दिखाते हुए कहा इसकी गांड तो बहुत ही तंग है देखो कितना खून निकल आया है सविता बोली क्यों तड़पाते हो बेचारी को घुसा दो ना अपना पूरा लंड इसकी गांड में मैंने कहा ठीक है बाबा घुसा देता हूं

मैंने रजनी की गांड के छेद पर फिर से अपने लंड का सुपाड़ा रख दिया उसकी गांड खून से भीगी हुई थी मैंने बहुत ही जोर का एक धक्का लगाया तो मेरा लंड उसकी गांड में 5 इंच तक घुस गया उसके बाद मैंने 2 धक्के और लगाए तो मेरा लंड उसकी गांड में 7 इंच तक अंदर घुस गया

रजनी का सारा बदन पसीने से भीग गया था वो अपना सिर पिल्लर पर पटक रही थी उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे मुझे खूब मज़ा आ रहा था मैं रजनी की गांड इसी तरह से मारना चाहता था मेरी तमन्ना पूरी हो रही थी सविता आंखे फाड़े मुझे देख रही थी उसने कहा रहम करो इस बेचारी पर क्यों तड़पा रहे हो इसे

मैंने 2 बहुत ही जोरदार धक्के और लगाए तो मेरा पूरा का पूरा लंड रजनी की गांड में समा गया पूरा लंड घुसा देने के बाद भी मैं रुका नहीं मैंने तेजी के साथ रजनी की गांड मारनी शुरु कर दी रजनी के मुंह से गूओ गूओ की आवाज़ निकल रही थी उसकी गांड बहुत ही ज्यादा टाईट थी इस लिए मेरा लंड उसकी गांड में आसानी से पूरा अंदर बाहर नहीं हो पा रहा था

मैं पूरी ताकत के साथ धक्के लगा रहा था 10 मिनट के बाद मेरा लंड थोड़ा आसानी से अंदर बाहर होने लगा रजनी के मुंह से भी ज्यादा आवाज नहीं निकल रही थी मैंने रजनी से पूछा मुंह खोल दू उसने अपना सिर हां में हिला दिया मैंने पूछा चिलाओगी तो नहीं उसने अपना सिर ना में हिला दिया

मैंने रजनी का मुंह खोल दिया और उसके मुंह से कपड़ा बाहर निकाल लिया वो रोते हुये बोली जीजू आपने तो मुझे मार ही डाला क्या इसी तरह से गांड मारी जाती है मैंने कहा हां गांड इसी तरह से मारी जाती है अगर मैंने तुम्हारा मुंह बांधा नहीं होता तो तुम कितनी जोर जोर से चिलाती यह तुम अब समझ गई होगी

वो बोली आप सही कह रहे हो तब तो मैं बहुत चिलाती मैंने कहा अगर मैंने तुम्हें पिल्लर से ना बांधा होता तो अब तक कई बार अपना चूतड़ इधर उधर करती और मैं तुम्हारी गांड में अपना लंड नहीं घुसा पाता वो बोली जीजू आप एकदम सही कह रहे हो मैंने तो आप को धकेल ही दिया होता

मैंने कहा अब तुम ही बताओ मैंने सही किया या नहीं? वो बोली आपने बिलकुल ठीक किया ऐसे ही करना चाहिए था अब तो मुझे पिल्लर से खोल दो मैंने कहा पहले मैं तुम्हारी गांड तो मार लू फिर खोल दूंगा वो बोली तो मारो ना मैंने पूछा कुछ मज़ा आ रहा है

वो बोली अभी तो बहुत ही कम मज़ा आ रहा है मैंने रजनी की गांड मारनी शुरु कर दी मैं पूरी ताकत के साथ जोर जोर के धक्के लगा रहा था रजनी को भी अब मज़ा आ रहा था उसके मुंह से सिसकारियां निकल रही थी 10 मिनट तक उसकी गांड मारने के बाद मैं झड़ गया

मैंने अपना लंड रजनी की गांड से बाहर निकाला और रजनी को दिखाते हुए कहा देखो कितना खून निकला है तुम्हारी गांड से वो आंखे फाड़े मेरे लंड को देखने लगी वो बोली जीजू अब तो खोल दो मुझे मैंने कहा एक बार तुम्हारी गांड और चोद लू फिर खोल दूंगा

वो बोली कमरे में मार लेना मैंने कहा तुम फिर से चिलाओगी वो बोली मैं अपना मुंह बंद रखने की कोशिश करुंगी मैंने सविता से कहा खोल दो रजनी को सविता ने रजनी के हाथ पैर खोल दिए रजनी बाथरूम जाना चाहती थी लेकिन वो बिल्कुल भी चल फिर नहीं पा रही थी सविता उसे सहारा देकर बाथरूम में ले गई

रजनी ने अपनी गांड और चूत को साबुन से साफ किया फिर सविता उसे कमरे में ले आई मैं कमरे में आया तो रजनी बैड पर लेटी थी मैं उसके बगल में लेट गया 1 घन्टे के बाद मैंने फिर से रजनी की गांड मारनी शुरु की वो थोड़ी देर तक चिलाई फिर शान्त हो गई उसके बाद उसे खूब मज़ा आया और मुझे भी उसने मुझसे खूब जम कर गांड मरवाई

धीरे धीरे 6 महीने गुजर गये रजनी मुझसे खूब जम कर चुदवाती रही और गांड मरवाती रही मुझे भी रजनी की चुदाई करने में और उसकी गांड मारने में खूब मज़ा आता था एक दिन मैंने दुकान के नौकर रामू को कुछ फाईल लाने के लिए घर भेजा उसने घर पर रजनी को देखा तो रजनी उसे बहुत पसंद आ गई

रामू की उमर भी 20 साल की थी और वो अभी कुंवारा ही था उसने मुझसे रजनी के बारे में पूछा तो मैंने उसे बता दिया कि वो सविता के गांव की रहने वाली है उसने मुझसे कहा कि वो रजनी से शादी करना चहता है मैंने कहा ठीक है मैं रजनी से पूछ लू फिर बता दूंगा

रात में जब मैं घर आया तो मैंने रजनी से बात की तो वो तैयार हो गई उसे भी रामू पसंद आ गया था उसने मुझसे कहा जीजू एक दिक्कत है मैंने पूछा वो क्या? वो बोली आप मुझे बहुत ही अच्छी तरह से चोदते हैं और मेरी गांड भी मारते है अगर मैं शादी कर लूंगी तब मैं आप से मज़ा कैसे ले पाऊंगी?

मैंने कहा पगली तू अपनी दीदी से मिलने के बहाने आ जाया करना मैं तेरी चुदाई कर दूंगा और तेरी गांड भी मार दूंगा सारी जिंदगी तू कुंवारी तो नहीं रही सकती वो बोली फिर ठीक है मैंने रजनी के माता पिता से बात की तो वो भी तैयार हो गये कुछ दिनों के बाद रजनी की शादी रामू से हो गई

रविवार को दुकान की छुट्टी रहती है रजनी हर रविवार के दिन सविता से मिलने आती है और मैं सारा दिन खूब जम कर उसकी चुदाई करता हूं और उसकी गांड भी मारता हूं एक दिन जब मैं रात को दुकान से घर आया तो रजनी घर पर आई हुई थी उसके साथ एक औरत और थी वो भी बहुत ही खूबसुरत थी लेकिन थी थोड़ी मोटी थी

उसकी उमर भी 20 साल के लगभग रही होगी मैंने रजनी से कहा आज तो रविवार नहीं है फिर आज कैसे और यह तेरे साथ कौन है? वो बोली यह मीना है मेरी भाभी आपसे चुदवाने आई है मैंने कहा तू क्या कह रही है? वो बोली जीजू भोले मत बनो आप इतनी अच्छी तरह से मेरी चुदाई करते हैं और मेरी गांड मारते हैं मैं क्या कभी भूल सकती हूं

भाभी मेरे बारे में सब जानती हैं क्योंकि यह मेरी सहेली की तरह हैं और मैंने इन्हें सब कुछ बता दिया है मैं इन से कुछ भी नहीं छुपाती हूं इनकी शादी हुए 3 साल गुजर गये हैं और यह अभी तक मां नहीं बन पाई है मैंने इनसे कह दिया था कि मैं तुझे अपने जीजू से चुदवा दूंगी तुझे चुदाई का पूरा मज़ा भी मिल जायेगा और तू मां भी बन जायेगी यह तैयार हो गई

उसके बाद मैंने भईया से कहा कि भाभी को मेरे पास 1 महीने के लिए भेज दो मैं इसका इलाज बहुत ही अच्छे डाक्टर से करा दूंगी भईया ने इसे मेरे पास भेज दिया और मैं इसे आप के पास ले आई हूं अब आप इसका इलाज बहुत ही अच्छी तरह से कर दो आप को फिर से एक कुंवारी चूत को चोदने का मौका मिल जयेगा

मैंने कहा यह कुंवारी थोड़े ही है रजनी बोली इसने मुझे बताया था कि भईया का लंड केवल 4 इंच का ही है और आपका लंड तो बहुत लम्बा और मोटा है आपके लंड के लिए इसकी चूत कुवांरी जैसी ही है मैंने कहा ठीक है मैं इसका इलाज कर दूंगा लेकिन जैसे मैंने तेरी गांड मारी थी ठीक उसी तरह मैं पहले इसकी गांड मारुंगा

उसके बाद ही मैं इसकी चूत को हाथ लगाऊंगा तभी मीना बोल पड़ी जीजू मुझे तो केवल मां बनना है और आप से चुदवाने का खूब मज़ा लेना है आप जो भी चाहो मेरे साथ करो बस मुझे मां बना दो और मुझे चुदाई का पूरा मज़ा दे दो मैंने रजनी से कहा जब मैं इसे चोद दूंगा तो इसकी चूत एकदम चौड़ी हो जायेगी

उसके बाद जब यह तेरे भईया से चुदवायेगी तो उनको इसकी चूत एकदम ढीली लगेगी तो वो क्या कहेंगे रजनी बोली वो कुछ भी नहीं कह पायेगे मैं वही बहाना बना दूंगी जो मैंने रामू से बनाया था मैंने पूछा तूने रामू से क्या कहा था?

रजनी बोली जीजू रामू को जब मेरी चूत चुदी हुई लगी थी तो मैंने रामू से कहा था की मेरी चूत में कुछ दिक्कत थी डॉक्टर ने मेरी चूत में एक औजार डाला था जिस से मेरी चूत का मुंह एकदम चौड़ा हो गया मैंने कहा तू तो बड़ी चालाक निकली रजनी मुस्कुराने लगी

मैंने रजनी और सविता से कहा तुम दोनों इसे भी आंगन में ले जाओ और पिल्लर से बांध दो रजनी और सविता उसे लेकर आंगन में चले गए थोड़ी देर बाद रजनी मेरे पास आई और बोली जीजू आपका खाना तैयार है चल कर खा लो मैं समझ गया कि रजनी क्या कह रही है मैंने कहा चलो

मैं रजनी के साथ आंगन में आ गया मैंने जैसे रजनी की गांड मारी थी ठीक उसी तरह उसकी भाभी की गांड भी मारी मुझे मीना की गांड मरने में ज्यादा मज़ा आया क्योंकि मोटी होने की वजह से उसकी गांड गद्देदार थी उसे भी बहुत दर्द हुआ और उसकी गांड से भी ढेर सारा खून निकला उसके बाद रजनी और सविता उसे कमरे में ले आए

मैंने सारी रात कमरे में ही खूब जम कर उसकी गांड मारी 2 बार जब मैं उसकी गांड मार चुका तो उसके बाद उसे भी गांड मरवाने में खूब मज़ा आने लगा दूसरे दिन से मैंने उसकी चुदाई शुरु की उसकी चूत भी गद्देदार थी पहली पहली बार वो बहुत चीखी और चिल्लाई लेकिन बाद में उसे खूब मज़ा आने लगा मुझे उसकी चूत की चुदाई करने में कुछ ज्यादा ही मज़ा आया

उसे भी मेरा लंड बहुत पसंद आ गया उसकी चूत मेरे लंड के लिए किसी कुंवारी चूत से कम नहीं थी 1 महीने तक मैंने उसकी तरह तरह के स्टाईल में खूब जम कर चुदाई की और उसकी गांड मारी वो मुझसे अभी चुदवाना चाहती थी उसने रजनी से अपने मन की बात बता दी

रजनी के भईया आए तो रजनी ने उनसे कहा की अभी इलाज पूरा नहीं हुआ है डाक्टर ने 2 महीने और रुकने को कहा है वो खुशी खुशी वापस गांव चले गए 15 दिनों के बाद जब मीना को महीना नहीं हुआ तो रजनी और सविता उसे डाक्टर के पास ले गए डाक्टर ने बताया कि वो मां बनने वाली है मीना बहुत खुश हो गई

उसने मुझे और ज्यादा जम कर चुदवाना शुरु कर दिया मुझे मीना की गद्देदार चूत ज्यादा पसंद आ गई थी इस लिए मैंने ज्यादातर उसकी चूत की ही चुदाई की मैंने अगले 1-2 महीने तक मीना को खूब जम कर चोदा और उसकी गांड भी मारता रहा उसके बाद वो गांव चली गई अब मैं केवल सविता और रजनी को ही चोदता हूं सविता भी अब मां बनने वाली है

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